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जल है, हरियाली है, तभी जीवन है। हम सबको इसके प्रति संवेदनशील तथा तत्पर रहना होगा

November 05, 2024
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05.11.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : सूचना भवन, बिहार, पटना के सभागार में मंत्री सूचना एवं जन संपर्क विभाग, बिहार सरकार, महेश्वर हजारी के अध्यक्षता में जल-जीवन-हरियाली अभियान को लेकर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुरुआत किया गया। इस अवसर पर मंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा की जलवायु परिवर्तन को देखते हुए 13 जुलाई 2019 को राज्य सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक में लिये गये निर्णय के उपरांत बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान का शुभारंभ किया गया।

इस अभियान के अन्तर्गत 11 अवयवों को शामिल किया गया है, जिनमें सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त करना, सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं को चिन्हित कर जीर्णोद्धार करना, सार्वजनिक कुओं के चिन्हित कर उनका जीर्णोद्धार करना, सार्वजनिक कुओं/ चापाकल के किनारे सोख्ता का निर्माण करना, छोटी-छोटी नदियों/नालों में एवं पहाड़ी क्षेत्रों के जल संग्रहण क्षेत्रों में चेक डैम का निर्माण करना, नए जल स्रोतों का सृजन, नदी जल क्षेत्र से जल की कमी वाले क्षेत्र में जल ले जाना, भवनों में छत वर्षा जल संचयन की संरचनाओं का निर्माण, पौधशाला सृजन एवं सघन वृक्षारोपण, वैकल्पिक फसलों, टपकन सिंचाई, जैविक खेती एवं तकनीकों का उपयोग, सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन एवं ऊर्जा की बचत एवं गयारहवाँ अवयव है।

उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली जागरूकता अभियान है, जिसे सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार सरकार प्रचार प्रसार करा रही है। उन्होंने कहा की सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जल-जीवन-हरियाली अभियान के साथ साथ बिहार सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं को आम जनमानस के लाभ हेतु व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करती है। निदेशक, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार सरकार ने संबोधित करते हुए कहा की जल-जीवन-हरियाली अभियान एक बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है, इसमें सभी विभागों के कार्यों को समरूपता प्रदान करते हुए एक दिशा प्रदान की गई है ताकि जलवायु परिवर्तन से हम लोग लड़ सके। उन्होंने कहा की पूरे देश में बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है, जहाँ पर जलवायु परिवर्तन में होने वाले विभिन्न खतरे को बेहतर तरीके से समझा है। बहुत अच्छे माध्यम से रणनीति तैयार कर मिशन के माध्यम से जल-जीवन-हरियाली योजना को चलाई जा रही है।

हमारे आज के जेनरेशन एवं आने वाले पीढ़ी जलवायु परिवर्तन के कुप्रभावों से बच सके। उन्होंने कहा की इस अभियान में 15 विभाग शामिल हैं- जिनमें ग्रामीण विकास विभाग, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जल संसाधन विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, कृषि विभाग, भवन निर्माण विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग शामिल है। उन्होंने कहा की सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान का गहन प्रचार-प्रसार कराया जाता रहा है।

सभी जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार फेसबुक लाइव के माध्यम से कराया जा रहा है। मिशन निदेशक जल-जीवन-हरियाली प्रतिभा रानी द्वारा जल-जीवन-हरियाली योजना के संबंध में विस्तृत रूप से बताया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वरीय पदाधिकारी ने भी जल-जीवन-हरियाली अभियान से संबंधित अपनी बातों को रखा। बिहार की पारिस्थितिकीय चुनौतियों एवं पर्यावरण में परिवर्तन को देखते हुए सरकार द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरूआत की गई। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। जल है, हरियाली है, तभी जीवन है। हम सबको इसके प्रति संवेदनशील तथा तत्पर रहना होगा। सभी क्रियान्वयन विभागों को अपने-अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन करना होगा। जलवायु परिवर्तन एवं उसके बढ़ते दुष्परिणामों को रोकने के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान के सभी अवयवों के प्रति हम सबको प्रतिबद्ध रहना पड़ेगा।

अपने संबोधन में कहा की इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संबंधित विभागों के पदाधिकारी लक्ष्य के बाद अनुरूप उपलब्धि हासिल करने हेतु सतत प्रयत्नशील रहें। उक्त कार्यशाला में दरभंगा एन.आई.सी से वरीय समाहर्ता निशांत कुमार, जिला मिशन प्रबंधक, जल-जीवन-हरियाली ऋतुराज, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, सिविल सर्जन के प्रतिनिधि, जीविका के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित उपस्थित थे।

छठ पूजा के शुभ अवसर ट्रैफिक प्लान निर्धारित किया गया है

November 05, 2024
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04.11.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : आस्था का महापर्व छठ पूजा के शुभ अवसर पर दरभंगा शहरी क्षेत्र,लहेरियासराय एवं विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत छठ घाटों पर काफी भीड़-भाड़ होने की संभावना रहती है। उक्त अवसर पर दरभंगा शहर के निवासियों की सुविधा हेतु शहरी क्षेत्र अंतर्गत भीड़-भाड़ एवं जाम की समस्या से निजात हेतु दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों के लिए रूट एवं ट्रैफिक प्लान निर्धारित किया गया है।

विकास कुमार अनुमंडल पदाधिकारी ने 06 एवं 07 नवम्बर 2024 को प्रतिबंधित मार्गों के बारे में बताया की चट्टी चौक से लहेरियासराय आने वाले वाले मार्ग पूर्णतः बंद रहेंगे। पण्डासराय रेलवे गुमटी से लोहिया चौक आने वाले मार्ग पुर्णतः बंद रहेंगे। एकमी घाट से लोहिया चौक आने वाले मार्ग पूर्णतः बंद रहेंगे। लोहिया चौक से बाकरगंज एवं पण्डासराय की ओर मात्र पुजा से सम्बंधित वाहन को ही जाने की अनुमति है।

दारू भट्ठी चौक से बाकरगंज की ओर केवल पुजा से सम्बंधित वाहन को ही जाने की अनुमति है। अन्य वाहन जी०एन० गंज से कॉमर्शियल चौक की ओर स्वतः मुड़ जाएँगे। नाका नं0-06 से जिला स्कूल की ओर मात्र पुजा से सम्बंधित वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी। बेला मोड़ से भण्डार चौक की ओर जाने वाले मार्ग में पूजा से सम्बंधित दो पहिया वाहनो के अतिरिक्त अन्य वाहनों का परिगमण पुर्णतः बाधित रहेगा। भण्डार चौक से ओवर ब्रीज की ओर जाने वाले मार्ग पर कॉर्मशियल वाहन पूर्णतः बाधित रहेंगें। रेलवे स्टेशन से हराही पोखर/विद्या मन्दिर की ओर जाने वाले मार्ग पूर्णतः बाधित रहेंगे। रेलवे स्टेशन से मिर्जापुर चौक होते हुए वाहनों की निकासी की जाएगी।

डेनवी रोड से हराही पोखर जाने वाले मार्ग पूर्णतः बाधित रहेंगे। कर्बला से हराही पोखर जाने वाले मार्ग पूर्णतः बाधित रहेंगे। दिल्ली मोड़ से शहर की ओर आने वाले रास्तों पर भारी वाहनों का परिगमण पूर्णतः बाधित रहेगा।

नोट-उपरोक्त रूट/ट्रैफिक प्लान 07.11.2024 को 12:30 बजे से आरम्भ होकर दिनांक 08.11.2024 के 10:00 बजे पुर्वाह्न तक के लिए निर्धारित है।

छठ पूजा के शुभ अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु डीएम व एसएसपी ने दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

November 05, 2024
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03.11.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : महापर्व छठ पूजा के शुभ अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु डीएम राजीव रौशन एवं एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी द्वारा संयुक्तादेश जारी किया गया है। इस वर्ष छठ पूजा 05 नवम्बर से 08 नवम्बर 2024 तक मनाया जायेगा। 05 नवम्बर 2024 को नहाय खाय, 06 नवम्बर को खरना, 07 नवम्बर को पहला अर्घ्य एवं 08 नवम्बर को प्रातः में दूसरा अर्घ्य तथा पारण निर्धारित है।

संयुक्ताआदेश में लहेरियासराय, कोतवानी ओ.पी., विश्वविद्यालय, सदर, बहादुरपुर, सिमरी, सिंहवाड़ा, जाले, कमतौल, केवटी, बिरौल, बहेड़ा, मनीगाछी, अलीनगर आदि थाना अध्यक्ष को विशेष रूप से निगरानी करने का सख्त निर्देश दिया गया है। बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों में गुण्डा तत्वों, असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए काफी संख्या में पुलिस वालों की तैनाती की गई है। जिला संयुक्तादेश में वर्ष 2007 से विभिन्न प्रखण्डों में घटित संप्रदायिक विवाद का उल्लेख करते हुए, वैसे स्थलों पर विशेष निगरानी एवं सतर्कता बरतने का निर्देश सभी संबंधित थाने को दिया है। सभी थानाध्यक्ष, यातायात दरभंगा संयुक्ता आदेश निर्गत के तिथि से ही छठ पूजा की समाप्ति तक सभी चौक-चौराहों एवं छठ घाट जाने वाले मार्गों तथा भीड़-भाड़ वाले चौक-चौराहों पर प्रातः 06ः00 बजे से रात्रि 12ः00 बजे तक यातायात पुलिस की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है।

सभी प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी स्वंय भ्रमणशील रहकर इसका अनुश्रवण करते हुए यातायात व्यवस्था एवं विधि-व्यवस्था संधारित करेगे। पर्व के अवसर पर असामाजिक तत्वों/गुण्डा तत्वों एवं साम्प्रदायिक तत्वों के विरूद्ध पूर्व में ही निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इसलिए सभी थानाध्यक्ष/ओ.पी. अध्यक्ष ऐसे तत्वों के विरूद्ध कार्रवाई करेंगे, ताकि किसी प्रकार की अशांति अथवा तनाव होने पर ऐसे तत्वों की गिरफ्तारी कर कठोर कार्रवाई करने से नहीं हिचकेंगे। डीएम ने सभी थानाध्यक्ष/ओ.पी. अध्यक्ष को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत शांति समिति की बैठक कर लेने का निर्देश दिया तथा शांति समिति की बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों का निश्चित रूप से नाम एवं मोबाईल नम्बर का संधारण कर लेने को कहा है। इसके साथ ही सभी थानाध्यक्ष को अपने थानान्तर्गत महत्वपूर्ण छठ घाटों पर वाच टावर एवं सी.सी.टी.वी. कैमरा एवं अफवाह फैलाये जाने से उत्पन्न आकस्मिक भगदड़ की घटनाओं की रोकथाम हेतु ध्वनि विस्तारक यंत्र के साथ-साथ पुलिस पदाधिकारी एवं बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

इसके साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि छठ घाट के आस-पास बड़ी एवं छोटी वाहन का परिचालन एवं पार्किग नहीं रहे। उन्होंने कहा की छठ घाटों एवं इसके इर्द-गिर्द पटाखा बेचने एवं छठ घाटों पर पटाख छोड़ने पर रोक लगाया गया है। इसलिए सभी थानाध्यक्ष, पुलिस निरीक्षक, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी एवं अनुमण्डल पदाधिकारी इसका अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने छठ पूजा के अवसर पर विधि व्यवस्था संधारित रखने हेतु जिले के सभी संवेदनशील स्थलों सहित 736 स्थलों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अतिरिक्त यदि किसी स्थानों पर बल की प्रतिनियुक्ति की आवश्यकता हो, तो थानाध्यक्ष अपने स्तर से पुलिस बल एवं ग्रामीण पुलिस की प्रतिनियुक्ति करेंगे। उन्होंने कहा की उक्त पर्व के अवसर पर 05 नवम्बर से 08 नवम्बर 2024 तक दरभंगा, समाहरणालय में जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी हैं, जिसका दूरभाष नम्बर - 06272-240600 है। जिला नियंत्रण कक्ष के वरीय प्रभार में उप विकास आयुक्त रहेंगे। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र के 03 महत्वपूर्ण छठ घाट यथा - गंगासागर पोखर छठ घाट, हराही पोखर छठ घाट एवं किलाघाट पुल नदी छठ घाट पर सहायक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। इन सभी घाटों पर एनडीआरएफ की टीम तैनात रहेगी।

सिविल सर्जन, दरभंगा को निर्देश दिया कि छठ पर्व के दौरान जिला नियंत्रण कक्ष के साथ-साथ सभी प्रमुख छठ घाटों पर वे अपने स्तर से एक एम्बुलेंस एवं आवश्यक दवाओ के साथ मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित करेंगे। अग्नि शाम पदाधिकारी, दरभंगा को निर्देश दिया की अग्नि शाम वाहन की प्रतिनियुक्ति सभी सुविधाओं के साथ जिला नियंत्रण कक्ष में करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही पर्यवेक्षक, भी.एच.एफ, दरभंगा को छठ पर्व के अवसर पर भी.एच.एफ कन्ट्रोल सहित जिला के सभी थाना के वितन्तु सेट खुला रखने का निर्देश दिया गया एवं उक्त पर्व के अवसर पर लगातार खैरियत प्रतिवेदन देना सुनिश्चित करेंगे। कार्यपालक अभियंता, शहरी विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल, दरभंगा एवं बेनीपुर को निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्रान्तर्गत छठ घाटों पर पूजा समितियों द्वारा लगाये गये विद्युत आपूर्ति की जाँच सुरक्षा के दृष्टिगत पूर्व में ही करना सुनिश्चित करेंगे, यदि विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार की त्रुटि हो तो पूजा समितियों से समन्वय कर उसे ठीक करना सुनिश्चत करेंगे। सभी अंचलाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत नदी एवं खतरनाक तालाब घाटों पर मोटर/नाव एवं नाविक को महाजाल, रस्सा, गोताखोर इत्यादि के साथ प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन, दरभंगा से समन्वय कर लाईप जैकेट इत्यादि की व्यवस्था भी पूर्व से ही कर लेंगे। इसके साथ ही सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष, ओ.पी. अध्यक्ष को उक्त पर्व को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने नगर आयुक्त, दरभंगा नगर निगम के साथ-साथ् सभी नगर परिषद्/नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी तथा सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकरी, अंचलाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत सभी छठ घाटों की साफ-सफाई करवाने का निर्देश दिया तथा छठ घाटों पर खतरनाक भाग एवं गहरे पानी से पहले बाँस-बल्ला से घेरा बनाकर उस पर लाल झण्डी लगवाने का निर्देश दिया। संयुक्ता आदेश में बताया गया है कि किसी भी स्तर से बरती गयी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता माना जायेगा तथा उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी तथा बल को निर्देश दिया गया की वे 06 नवम्बर के पूर्वाह्न 10:00 बजे में ही अपने कर्तव्य स्थल पर योगदान देंगे तथा छठ पर्व की समाप्ति के बाद निर्देशानुसार अपने कर्त्तव्य स्थल को छोड़ेगे। सभी प्रखण्ड के वरीय प्रभारी पदाधिकारी को अपने-अपने प्रखण्ड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष से समन्वय करते हुए उक्त पर्व को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही यदि कोई घटना होने की सूचना प्राप्त होती है, तो तुरंत उस स्थल पर पहुँचकर उसे नियंत्रित करते हुए पर्व को शांतिपूर्वक सम्पन्न करायेंगे। नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता सदर अनुमण्डल के एवं जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बेनीपुर अनुमण्डल के तथा अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) शालीम अख्तर बिरौल अनुमण्डल के सम्पूर्ण वरीय प्रभार में रहेंगे। वे संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी से अनुश्रवण एवं समन्वय कर उक्त पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराना सुनिश्चित करेंगे।

संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी,और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी से समन्वय एवं क्षेत्र भ्रमण कर उक्त पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराना सुनिश्चित करेंगे। जिला प्रशासन जिले वासियों से अपील करता है की अफवाहों पर ध्यान ना दें और अफवाह ना फैलाएं, अफवाहों की सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को अवश्य दें। छठ घाटों पर बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें। गहरे पानी में नहीं जाएं, छठ घाटों के बैरिकेडिंग के पार नहीं करें। सजग तथा सावधान रहें। किसी प्रकार की सूचना और सुझाव जिला नियंत्रण कक्ष की दूरभाष संख्या 06272 -240 600 पर दी जा सकती है।

जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत रहेगा इसके लिए तीन शिफ्ट में दंडाधिकारी पुलिस अधिकारी तथा काफी संख्या में पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। डीएम श्री रौशन ने बताया की छठ पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं के भीड़ एवं छठ घाटों पर सतत् निगरानी रखने हेतु तथा शहरी क्षेत्रान्तर्गत विधि-व्यवस्था संधारण हेतु 06 नवम्बर से 08 नवम्बर (छठ पूजा प्रतिमा विसर्जन तक के लिए) तक 11 सेक्टर में विभाजित किया गया है जिसके लिए काफी संख्या में दंडाधिकारी पुलिस अधिकारी एवं पुलिस वालों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

भगवान चित्रगुप्त यमलोक में रखते हैं प्राणियों के पाप-पुण्य का लेखा- जोखा

November 03, 2024
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02.11.2024 (DarbhangaOnline) (पटना) (जितेन्द्र कुमार सिन्हा) : संसार के सभी प्राणियों का पाप और पुण्य का लेखा-जोखा रखने के लिए भगवान चित्रगुप्त यमलोक में विराजमान हैं। महाराज यमराज मृत्यु के उपरांत प्राणियों के कर्मों के अनुसार, दण्ड निर्धारित करते हैं और उसके बाद हीं, उसके लिए स्वर्ग-नर्क का दरवाजा खोला जाता है। प्राणियों को मृत्यु के उपरांत यह दंड महाराज चित्रगुप्त के लेखा-जोखा के आधार पर दिया जाता है।

भगवान चित्रगुप्त प्रमुख हिन्दू देवताओं में एक हैं। वेदों और पुराणों के अनुसार धर्मराज श्री चित्रगुप्त जी महाराज अपने दरबार में प्राणियों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा करके महाराज यमराज को बताते हैं और उसी के अनुसार न्याय होता हैं। आधुनिक विज्ञान ने यह सिद्ध किया है की हमारे मन में जो भी विचार आते हैं वे सभी चित्रों के रुप में होते हैं। भगवान चित्रगुप्त इन सभी विचारों के चित्रों को गुप्त रूप से संचित करके रखते हैं और अंत समय में ये सभी चित्र दृष्टिपटल पर रखे जाते हैं और इन्हीं के आधार पर जीवों के पारलोक व पुनर्जन्म का निर्णय सृष्टि के “प्रथम न्यायाधीश” भगवान चित्रगुप्त ही करते हैं। विज्ञान ने यह भी यह सिद्ध किया है कि मृत्यु के पश्चात जीव का मस्तिष्क कुछ समय तक कार्य करता रहता है और इस दौरान जीवन में घटित प्रत्येक घटना के चित्र मस्तिष्क में चलते रहते हैं।

इसे हजारों वर्षों पूर्व हमारे वेदों में लिखा गया है। शनि देव जिस प्रकार सृष्टि के प्रथम दण्डाधिकारी हैं, उसी प्रकार भगवान चित्रगुप्त सृष्टि के प्रथम न्यायाधीश है। मनुष्यों की मृत्यु के पश्चात, पृथ्वी पर उनके द्वारा किए गये कार्यों के आधार पर उनके लिए स्वर्ग या नरक का निर्णय लेने का अधिकार भगवान चित्रगुप्त के पास है, अर्थात किसे स्वर्ग मिलेगा और किसे नरक। भगवान चित्रगुप्त भारत [आर्यावर्त] के कायस्थ वंश के जनक देवता हैं। कायस्थ भगवान चित्रगुप्त के वंशज है। भगवान कायस्थ धर्मराज श्री चित्रगुप्त जी महाराज द्वारा पाप-पुण्य के निर्णय के अनुसार ही, न्यायकर्ता महाराज यमराज भी, पालन करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान ब्रह्मा की कई संताने हुई थी, जिनमें ऋषि वशिष्ठ, नारद और अत्री जो उनके मन से पैदा हुए थे और उनके शरीर से पैदा होने वाले पुत्र में, धर्म, भ्रम, वासना, मृत्यु और भरत सर्व विदित है, लेकिन भगवान चित्रगुप्त के जन्म अवतरण की कहानी भगवान ब्रह्मा जी के अन्य बच्चों से कुछ भिन्न है।

भगवान चित्रगुप्त का जन्म भगवान ब्रह्मा जी के काया (शरीर) से हुआ है, इसलिये भगवान चित्रगुप्त को कायस्थ जाति की संज्ञा से नामित किया गया है।भगवान चित्रगुप्त के 12 पुत्र थे। भगवान चित्रगुप्त की दो पत्नी थी। पहली पत्नी देवी शोभावती थी, जिससे 8 पुत्र और दूसरी पत्नी देवी नंदिनी थी, जिससे 4 पुत्र हुए थे। इस प्रकार भगवान चित्रगुप्त के कुल 12 पुत्र है। इन पुत्रों को भानु (श्रीवास्तव), विभानु (सूरजध्वज), विश्वभानु (निगम), वीर्यभानु (कुलश्रेष्ठ), चारु (माथुर), सुचारु (गौद), चित्र (चित्राख्य/भटनागर), मतिभान (हस्तीवर्ण/सक्सेना), हिमवान (हिमवर्ण/अम्बष्ट), चित्रचारु (कर्ण), चित्रचरण/चारुस्त (अष्टाना) और अतीन्द्रिय (जितेंद्रिय/बाल्मिकी) नाम से नामित किया गया है। भगवान चित्रगुप्त के इन 12 पुत्रों का विवाह नागराज वासुकी की 12 कन्याओं से हुआ था जिससे कायस्थों की ननिहाल नागवंशी है। माता दक्षिणा नंदिनी के 4 पुत्र भानु (श्रीवास्तव), विभानु (सूरजध्वज), विश्वभानु (निगम), वीर्यभानु (कुलश्रेष्ठ) कश्मीर में जाकर बसे तथा ऐरावती शोभावती के 8 पुत्र गौड़ देश के आसपास बिहार, ओडिशा तथा बंगाल में जा बसे। बंगाल उस समय गौड़ देश कहलाता था।

भारत के कश्मीर में दुर्लभ बर्धन कायस्थ वंश, काबुल और पंजाब में जयपाल कायस्थ वंश, गुजरात में बल्लभी कायस्थ राजवंश, दक्षिण में चालुक्य कायस्थ राजवंश, उत्तर भारत में देवपाल गौड़ कायस्थ राजवंश तथा मध्यभारत में सतवाहन और परिहार कायस्थ राजवंश सत्ता में रहे थे।भाईदूज के दिन भगवान चित्रगुप्त की जयंती मनाया जाता है। इस दिन कलम- दवात की पूजा (कलम, स्याही और तलवार पूजा) की जाती है। कायस्थ लोग 24 घंटे के लिए कलम-दवात का उपयोग नहीं करते हैं, क्योंकि इसके पीछे भी कहानी है कि जब भगवान राम के राजतिलक में भगवान चित्रगुप्त का निमंत्रण छुट गया था, जिसके कारण भगवान् चित्रगुप्त ने नाराज होकर कलम रख दी थी। उस समय परेवा काल शुरू हो चुका था। इसलिए परेवा के दिन कायस्थ समाज कलम का इस्तेमाल नहीं करते हैं यानि किसी भी तरह का का हिसाब–किताब, लेखा-जोखा नही करते है।

किवदंतियां यह भी है कि जब भगवान राम, दशानन रावण को मार कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके खडाऊं को राजसिंहासन पर रखकर राज्य चला रहे राजा भरत ने गुरु वशिष्ठ को भगवान राम के राजतिलक के लिए सभी देवी देवताओं को सन्देश भेजने की व्यवस्था करने को कहा। गुरु वशिष्ठ ने ये काम अपने शिष्यों को सौंप कर राजतिलक की तैयारी शुरू कर दी। राजतिलक में सभी देवी देवता आ गए, लेकिन भगवान चित्रगुप्त दिखाई नहीं दिए, तब भगवान राम ने अपने अनुज भरत से पूछा भगवान चित्रगुप्त नहीं दिखाई दे रहे है, तब पता चला की गुरु वशिष्ठ के शिष्यों ने भगवान चित्रगुप्त को निमत्रण पहुंचाया ही नहीं था, जिसके चलते भगवान चित्रगुप्त नहीं आये।

इधर भगवान चित्रगुप्त सब जान चुके थे और इसे प्रभु राम की महिमा समझ रहे थे। फलस्वरूप उन्होंने गुरु वशिष्ठ की इस भूल को अक्षम्य मानते हुए यमलोक में सभी प्राणियों का लेखा-जोखा लिखने वाली कलम को उठा कर किनारे रख दिया। सभी देवी देवता जैसे ही राजतिलक से लौटे, तो पाया की स्वर्ग और नरक के सारे काम रुक गये हैं, प्राणियों का लेखा-जोखा ना लिखे जाने के चलते ये तय कर पाना मुश्किल हो रहा था की किसको कहाँ भेजे। तब गुरु वशिष्ठ की इस गलती को समझते हुए भगवान राम ने अयोध्या में भगवान् विष्णु द्वारा स्थापित भगवान चित्रगुप्त के मंदिर (श्री अयोध्या महात्मय में भी इसे श्री धर्म हरि मंदिर कहा गया है।

धार्मिक मान्यता है कि अयोध्या आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को अनिवार्यत: श्री धर्म-हरि जी के दर्शन करना चाहिये, अन्यथा उसे इस तीर्थ यात्रा का पुण्यफल प्राप्त नहीं होता) में गुरु वशिष्ठ के साथ जाकर भगवान चित्रगुप्त की स्तुति की और गुरु वशिष्ठ की गलती के लिए क्षमायाचना की, जिसके बाद भगवान राम के आग्रह मानकर भगवान चित्रगुप्त ने लगभग चार पहर (24 घंटे बाद ) पुन: कलम- दवात की पूजा करने के पश्चात उसको उठाया और प्राणियों का लेखा-जोखा लिखने का कार्य आरम्भ किया। तभी से, कायस्थ ब्राह्मणों के लिए भी पूजनीय हुए और इस घटना के पश्चात मिले वरदान के फलस्वरूप सबसे दान लेने वाले ब्राह्मणों से दान लेने का हक़ सिर्फ कायस्थों को ही है।

भ्रातृद्वितीया गीत

November 03, 2024
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03.11.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) (मणिकांत झा) : अंगना निपायल भैया अरिपन पारल, चौमुख दीप बारि लेल यौ।

पान सुपारी गोटा केरावक अंकुरी, कुमहर फूल तोरि लेल यौ।

बाट जोहय छी भैया भरदुतिया आइ, नोतक बेर बीति गेल यौ।

केहन बेदरदी अहाँ भेलिए सहोदरा, बहिनिक सुधि नहि लेल यौ।

माइ बाबू जँ आइ सोझा रहितथि, किन्नहुँ ने होइत अभेल यौ।

आइ लागैए भैया मनुआँ हेहरु, सुख सपना भ’ गेल यौ।

एतबा वचन सुनि जुमलनि भैया, बहिनोक ठोर बिहुसल यौ।

मणिकांत कहथि सिनेहक पाबनि, यम के यमुना नोतल यौ।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
Dbg

04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।