12.11.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : तीन दिवसीय मिथिला विभूति पर्व समारोह का शुभारंभ कल पूर्वाह्न 10 बजे विद्यापति चौक स्थित महाकवि कोकिल विद्यापति की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ होगा। महाकवि विद्यापति की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने उपरांत मिथिला के पारंपरिक परिधान में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें शोभायात्रा प्रभारी विनोद कुमार झा एवं प्रो. विजय कांत झा के नेतृत्व में मिथिला के गौरवशाली परंपरा को बयां करती आकर्षक झांकियों के साथ विद्यापति चौक से प्रस्थान करेगी और यह शहर के आम व खास लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगी।
उक्त जानकारी देते हुए विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने बताया की मनोहारी झांकियों के साथ निकलने वाली यह शोभा यात्रा विद्यापति चौक से आकाशवाणी रोड होते हुए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर, कामेश्वर सिंह दरभंगा विश्वविद्यालय परिसर, केंद्रीय पुस्तकालय होते हुए श्यामा मंदिर पहुंचेगी। इस क्रम में इस मार्ग में पड़ने वाले मिथिला विभूतियों क्रमशः आचार्य सुरेंद्र झा 'सुमन', पूर्व सांसद स्व भोगेन्द्र झा, महाराज महेश ठाकुर, महाराज रमेश्वर सिंह, ललित नारायण मिश्र, डा भीमराव अम्बेडकर, महाराज कामेश्वर सिंह, महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह, बाबा नागार्जुन आदि की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शोभा यात्रा में मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के अभियानी भी शामिल होंगे। अभियानी अपने हाथ में मिथिलाक्षर में लिखी तख्ती रखेंगे, ताकि आम लोगों को मिथिलाक्षर सीखने के प्रति जागरुक किया जा सके।
शोभायात्रा में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह, कामेश्वर सिंह दरभंगा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय, संस्थान के अध्यक्ष सह कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो शशिनाथ झा, दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर, नगर विधायक संजय सरावगी, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा. मदन मोहन झा, पूर्व विधान पार्षद डा दिलीप कुमार चौधरी, दरभंगा की पूर्व मेयर वैजयन्ती खेड़िया आदि भी शामिल होंगे। प्रथम दिन के संध्याकालीन कार्यक्रम की शुरुआत विद्यापति संगीत की पारंपरिक प्रस्तुति के साथ होगी।
तदुपरांत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के आधार पर चयनित विशिष्ट व्यक्तियों को मिथिला विभूति सम्मान से सम्मानित किया जाएगा और इसके बाद भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और महेंद्र मलंगिया रचित मैथिली नाटक 'मालिक सभ चलि गेलाह' का मंचन होगा, जिसमें मैथिली नाट्य मंच के स्थापित कलाकार अपनी प्रतिभा का जादू बिखेरेंगे।समारोह के दूसरे दिन 'मिथिलाक गाम' विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। साथ ही राइजिंग स्टार मैथिली ठाकुर एवं रंजना झा की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र बनेगी। सेमिनार प्रभारी मणिकांत झा ने बताया कि सेमिनार के लिए प्रस्तावित विषय पर चार दर्जन से अधिक आलेख प्राप्त हुए हैं, जिन्हें पुस्तकाकार किए जाने का कार्य अंतिम चरण में है और समारोह के दूसरे दिन संस्थान के प्रधान कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस पुस्तक का लोकार्पण किया जाएगा। कवि सम्मेलन के बारे में जानकारी देते हुए आयोजन समिति के कवि-गोष्ठी संयोजक लेखक रमेश ने बताया कि समारोह के दूसरे दिन संध्या बेला में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चार दर्जन से अधिक कवि एवं कवयित्री अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। इसमें भाग लेने वाले कवियों में उदय चंद्र झा विनोद, बुद्धिनाथ झा, ताराचंद वियोगी, डा जयप्रकाश चौधरी जनक, अर्जुन कविराज, डा अशोक कुमार मेहता, डा चंद्रमणि, वैद्यनाथ मिश्र विमल, फूलचंद झा प्रवीण, सतीश साजन, रामकुमार झा, मणिकांत झा, रामसेवक ठाकुर, अजित आजाद, आनंद मोहन झा, सदरे आलम गौहर, रघुनाथ मुखिया, आभा झा, सोनी चौधरी, मालती मिश्र , रूपम झा, निक्की प्रियदर्शिनी आदि ने अपने आगमन की स्वीकृति दे दी है। डा. बैजू ने बताया कि यह साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महाकुंभ यादगार होगा। इसमें आम मिथिला वासी से लेकर भारी संख्या में पड़ोसी देश नेपाल एवं प्रवासी मैथिल भाग लेंगे। मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने बताया कि मिथिला लोक-चित्रकला प्रतियोगिता 2024 के परिणाम की घोषणा 15 नवम्बर को दिन में होगी। जबकि पुरस्कार वितरण मुख्य समारोह में इसी दिन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि समारोह के अंतिम दिन इस बार मिथिला व्यंजन मेला का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोग मिथिला के पारंपरिक लजीज व्यंजन के स्वाद का लुत्फ़ उठा सकेंगे। उन्होंने ने बताया कि समारोह के दूसरे दिन के कार्यक्रम के दौरान विद्यापति सेवा संस्थान की मुख्य पत्रिका 'अर्पण' के साथ संस्थान के महासचिव डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित वरिष्ठ साहित्यकार डा. महेंद्र नारायण राम एवं प्रवीण कुमार झा की लिखी पुस्तक 'मिथिलाक संघर्ष दूत डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू', मैथिली पुत्र प्रदीप की कालजयी रचनाओं के संग्रह सहित 1990 में संस्थान द्वारा वरिष्ठ कवि एवं गजलकार सियाराम झा सरस के प्रधान संपादन में प्रकाशित गजल संग्रह 'लोकवेद आ लालकिला' के नये तेवर एवं कलेवर में प्रकाशित दूसरे संस्करण का लोकार्पण किया जाएगा।