January 23, 2025
21.01.2025 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में सांसद गोपालजी ठाकुर की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती धर्मशिला गुप्ता, नगर विधायक संजय सरावगी, अपर समाहर्ता आपदा विधि व्यवस्था राकेश रंजन, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर अमित कुमार एवं अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा क्रिया-कलापों की निगरानी, सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की निगरानी, सड़क दुर्घटना के कारणों को पहचानना और उसका अध्ययन, राष्ट्रीय/ राज्यों सड़क सुरक्षा परिषद को सुझाव प्रदान करना, प्रोटोकॉल के अनुसार ब्लैक स्पॉटों की पहचान तथा सुधार से संबंधित कार्य की समीक्षा और निगरानी तथा सभी सड़क इंजीनियरिंग , सड़क सुरक्षा मानकों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना, दुर्घटना/घातकता में कमी लाने के लिए विशिष्ट लक्ष्यों के साथ जिले के लिए सड़क सुरक्षा कार्य योजना तैयार करना तथा उसका क्रियान्वयन करना, 4 ई के कार्य अर्थात शिक्षा, प्रवर्त्तन, आपातकालीन देखभाल और इंजीनियरिंग के क्रियान्वयन पर चर्चा करना और उन्हें कारगर बनाना, गति सीमा और यातायात को सुचारू बनाने के उपायों की समीक्षा करना, जिले में नेक व्यक्तियों को प्रेरित करने के लिए कार्य-नीतियां बनाना, नगर / शहर तथा जिले में ग्राम पंचायत में यातायात पार्क-सह-प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना, जिले में सड़क सुरक्षा अभियान को बढ़ावा देना, सड़क सुरक्षा से संबंधित किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा करना आदि बिंदुओं पर समीक्षा की गई। बैठक में सांसद ने सड़क सुरक्षा को लेकर पथ निर्माण विभाग के अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि शहर के सभी सड़कों के किनारे उजली पट्टी लगावें तथा डिवाइडर को दुरुस्त करें। सड़क के दोनों ओर कैट्स आई लगवाया जाए।
दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अवश्य प्रयोग करें, साथ ही साथ चार पहिया वाहन चलाते समय शिल्ट बेल्ट का प्रयोग तथा यातायात के नियमों का अनुपालन अवश्य करें। बैठक में बताया गया कि सड़क किनारे साइनेज की संख्या बढ़ाई गई है, ब्लैक स्पॉट जगह चिन्हित किया गया है। सांसद ने कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग को पथ का निर्माण कराते समय ब्रेकर न दे, नियम के अनुसार पथ का निर्माण करायें। एनएचएआई के अभियंता द्वारा बताया गया कि दिल्ली लाईन होटल, शोभन चौक, सिमरी चौक, जीवछ घाट आदि जगह दुर्घटना होती है।
ब्लैक स्पॉट हेतु चिन्हित किया गया है। इस अवसर पर सांसद के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने तीन जागरूकता रथ को झंडी दिखाकर क्षेत्रों के लिए रवाना किया। बैठक में सांसद ने विश्व स्तर पर सड़क दुर्घटना की लगातार बढ़ रही संख्या और विश्व स्तर पर भारत में सबसे ज्यादा दुर्घटना के आंकड़ों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिला परिवहन पदाधिकारी, एमभीआई सहित जिला प्रशासन को अपने स्तर पर दो चक्का वाहन पर चालक के साथ हर सवारी के लिए हेमलेट तथा चार चक्का वाहनों के लिए शीटबेल्ट लगाने के नियम को सख्ती से पालने करने का निर्देश दिया। सांसद ने एनएच, एसएच तथा पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग के सड़कों पर अधिक दुर्घटना होने वाले जगहों को चिन्हित कर ब्लैक स्पॉट घोषित करने तथा वहां हर समय ट्रैफिक पुलिस के द्वारा निरीक्षण का निर्देश देते हुए कहा कि एनएच के अधिकारी सड़को पर एम्बुलेंस तथा तत्काल चिकित्सा की व्यवस्था मुस्तैदी से करे तथा दुर्घटना के पीड़ितों को अस्पताल लाने वाले लोगों को पुरस्कृत करे।
उन्होंने पदाधिकारीयों से दरभंगा में शिवधारा, बेला, बाघमोर जैसे भारी ट्रैफिक वाले जगहों पर सतर्कता बरतने का निर्देश देते हुए कहा इसके साथ ही महिंद्रा एजेंसी से एनएच 57 पर बंद पड़े अंडरपास को चालू करने से लोगो की यात्रा को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने जागरूकता अभियान रथ को हरी झंडा दिखाकर रवाना करते हुए कहा कि परिवहन विभाग जिले के हर पंचायत में लोगों के बीच जागरूकता के संदेश को फैलाए, साथ ही अधिकारियो से जागरूकता अभियान कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि दुर्घटना रोकने के लिए एक मजबूत योगदान दे सकते हैं। उन्होंने निजी तथा सरकारी विद्यालयों में छात्र छात्राओं के बीच जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।
शहर से गुजरने वाली सड़कों के जंक्शन पॉइंट पर आवश्यकता अनुसार संकेतक, साइनेज लगवाने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। उन्होंने शिक्षा पदाधिकारी को सभी सरकारी विद्यालय एवं निजी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा के संबंध में स्कूली बच्चे को जानकारी देने को कहा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की अहम भूमिका होती है। बैठक में राज्यसभा सांसद ने कहा कि बच्चों को सड़क दुर्घटना के संबंध में जानकारी दें ताकि बच्चा अपने अभिभावक, परिजन, माता-पिता को हेलमेट, सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करेंगे और बच्चों को भी जागरूक करने को कहा।
बैठक में नगर विधायक द्वारा बताया गया कि शिव धारा चौक बाजार समिति के पास दुर्घटना की काफी संभावना रहती है, उन्होंने फ्लाई ओवर एवं ट्रैफिक पुलिस बल प्रतिनियुक्त हेतु सुझाव दिया। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि हिट एंड रन से हुई मृत्यु के मामले में परिवहन विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है और मुआवजा जिला परिवहन कार्यालय से प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि जहां ब्लैक स्पॉट है जहां पर प्रायः दुर्घटना होती है उन स्थलों को चिन्हित किया जाए।
January 20, 2025
20.01.2025 (DarbhangaOnline) (पटना) : डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभागार में बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत गठित जिला-स्तरीय कोचिंग निबंधन समिति की बैठक हुई। इसमें उप विकास आयुक्त, पटना समीर सौरभ, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पटना संजय कुमार, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा), पटना एवं समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। समिति के सदस्य-सचिव जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा एजेंडावार प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
समिति के सदस्यों के संज्ञान में लाया गया कि जिलान्तर्गत कोचिंग के निबंधन के लिए कुल 816 आवेदन प्राप्त हुआ था। इसमें से 413 आवेदनों का पूर्व में ही निष्पादन करते हुए 413 कोचिंग का निबंधन पूर्व में ही हो चुका है। 29 कोचिंग संस्थानों का निबंधन वर्ष 2024 में किया गया। 72 कोचिंग संस्थान निबंधन योग्य पाये गये हैं एवं इसके निबंधन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। फायर एनओसी प्राप्त होने के उपरांत 25 अन्य कोचिंग संस्थान भी निबंधन के लिए पात्र हो जाएंगे। 19 कोचिंग संस्थान निबंधन के लिए अयोग्य पाये गये हैं। साथ ही 247 कोचिंग संस्थान बंद पाए गए हैं। इनके अतिरिक्त 11 नया आवेदन दिसम्बर, 2024 तक प्राप्त हुआ है। इसपर विधिवत कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है। डीएम ने निबंधन योग्य पाए गए 72 कोचिंग संस्थानों एवं फायर एनओसी प्राप्त करते हुए 25 कोचिंग संस्थानों अर्थात कुल 97 कोचिंग संस्थानों का निबंधन अतिशीघ्र पूर्ण करने का निदेश दिया। साथ ही डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को प्रावधानों के अनुसार जिला-स्तरीय कोचिंग निबंधन समिति की नियमित तौर पर बैठक का आयोजन करने एवं कोचिंग संस्थानों के निबंधन हेतु ऑनलाईन पोर्टल विकसित करने के लिए तत्परता से कार्य करने का निदेश दिया गया।
डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को इन 19 अस्वीकृत आवेदनों तथा 247 बंद पाए गए कोचिंग संस्थानों की सूची अनुमंडलवार अलग-अलग कर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निदेश दिया। अनुमंडल पदाधिकारियों को यह जाँच करने का निदेश दिया गया है कि निबंधन के लिए अयोग्य पाए गए इन कोचिंग संस्थानों का अवैध ढ़ंग से संचालन तो नहीं हो रहा है। यदि अवैध ढ़ंग से संचालन हो रहा हो तो अनुमंडल पदाधिकारियों को विधि-सम्मत कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। बंद पाए गए कोचिंग संस्थानों के बारे में भी अनुमंडल पदाधिकारियों को यह जाँच करने का निदेश दिया गया कि अवैध रूप से इसका संचालन तो नहीं हो रहा है।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन, पटना द्वारा पूर्व में 07 टीम का गठन कर लगभग 600 से अधिक कोचिंग संस्थानों में सुरक्षात्मक मानकों के अनुपालन की जाँच कराई गई थी। सभी अनुमंडलों में अनुमंडल पदाधिकारियों की अध्यक्षता में तथा पटना मुख्यालय के शहरी क्षेत्रों में अपर जिला दण्डाधिकारी (आपदा प्रबंधन), पटना की अध्यक्षता में टीम गठित कर कोचिंग संस्थानों की जाँच करायी गयी थी। डीएम ने कहा कि प्रशासन के लिए विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वाेपरि है। यह सभी स्टेकहोल्डर्स यथा कोचिंग संचालकों, प्रशासन तथा अभिभावकों की सम्मिलित जिम्मेदारी है। कोचिंग के संचालन में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः अनुपालन अनिवार्य है।
बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 के प्रावधानों के अनुसार कोचिंग का संचालन किया जाए। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को यह निदेश दिया गया है कि वे सुरक्षात्मक मानकों के अनुपालन की जाँच एवं जाँचोपरांत कृत कार्रवाई के संबंध में विहित प्रपत्र में प्रतिवेदन दें। इसमें जाँच की गई कोचिंग संस्थानों की संख्या, कमी/त्रुटि पायी गयी कोचिंग की संख्या, कितने कोचिंग संस्थानों को नोटिस निर्गत किया गया, कितने से स्पष्टीकरण किया गया तथा कितने कोचिंग संस्थानों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु अनुशंसा की गई, इसका रिपोर्ट देने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों के विधिवत रूप से संचालन हेतु जाँच करने के लिए प्राधिकृत हैं।
सुरक्षात्मक मानकों के उल्लंघन की स्थिति में वे कार्रवाई की अनुशंसा कर सकते है। डीएम ने कहा कि बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कोचिंग संस्थानों की स्थापना, निबंधन एवं संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निदेश दिया गया है। इसके अनुसार अन्य बिन्दुओं के साथ निम्मलिखित तीन मानकों पर समुचित ध्यान देना अनिवार्य है।
(1) कोई भी कोचिंग संस्थान बिना वैध निबंधन प्रमाण-पत्र प्राप्त किए न तो स्थापित किया जाएगा और न चलाया जाएगा। कोचिंग संस्था की आधारभूत संरचना के अधीन वर्ग कक्ष का न्यूनतम क्षेत्र प्रति छात्र न्यूनतम 1 वर्ग मीटर होगा। (2) वर्ग कक्ष में प्रवेश एवं निकास अवरोधमुक्त होना चाहिए। बिल्डिंग बायलॉज का अनुपालन सुनिश्चित होना चाहिए। (3) अग्नि सुरक्षा के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित होना चाहिए।
डीएम ने कहा कि उपर्युक्त तीन मानकों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। सुरक्षात्मक मानकों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 की धारा 6 (2) में दंड का प्रावधान किया गया है। अधिनियम के किसी प्रावधान का उल्लंघन करने पर प्रथम अपराध के लिए 25,000/- (पच्चीस हजार) रूपये तथा द्वितीय अपराध के लिए 1,00,000/-(एक लाख) रूपये के दंड का प्रावधान है।
द्वितीय अपराध के बाद निबंधन रद्द किए जाने का भी प्रावधान है। डीएम ने कहा कि कुछ माह पूर्व कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई थी तथा उनका पक्ष भी सुना गया था। उनकी माँग के अनुसार उन्हें समय दिया गया था। कोचिंग संस्थानों का संचालन मानक प्रक्रिया के अनुसार सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।
January 20, 2025
20.01.2025 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी द्वारा आगामी सरस्वती पूजा की तैयारी को लेकर अपने कार्यालय कक्ष में समीक्षात्मक बैठक किया गया। सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने हेतु दरभंगा जिला के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष के साथ समीक्षात्मक बैठक की गई।
बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान एसएसपी श्री रेड्डी ने कई निर्देश दिए। उन्होंने सरस्वती पूजा के आलोक में BNNS की धारा 126 के तहत बंधपत्र की कारवाई का निर्देश दिया। उन्होंने सभी SHO को अपने-अपने थाना क्षेत्र अंतर्गत शांति समिति की बैठक करने का निर्देश दिया तथा आसूचना का संकलन करने को कहा।
श्री रेड्डी ने फ्लैग मार्च एवं एरिया डोमिनेशन, संवेदनशील एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिग करने का निर्देश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया की भूमिका, असामाजिक तत्वों पर नजर एवं कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए अन्य कतिपय बिंदुओं पर दिशा निर्देश दिए।
January 20, 2025
20.01.2025 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : समस्तीपुर मंडल रेलवे संसदीय समिति की बैठक आज सोमवार को रेलवे के महाप्रबंधक छत्रशाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमे समस्तीपुर रेल मंडल के सभी अधिकारी तथा इस मंडल क्षेत्र सभी लोकसभा और राज्यसभा से निर्वाचित सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में महाप्रबंधक के द्वारा सांसद डा. गोपाल जी ठाकुर को शॉल एवं बुके देकर सम्मानित किया गया।
सांसद डा ठाकुर ने बैठक में अपने संबोधन में 389 करोड़ से बने कंकरघट्टी बाईपास रेल लाइन को पूरा होने पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री तथा रेलवे अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट किया। सांसद डा ठाकुर ने बैठक में मिथिला के केंद्र बिंदु में अवस्थित दरभंगा जक्शन की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि समस्तीपुर मंडल अन्तर्गत सबसे अधिक राजस्व प्रदान करने वाली अतिमहत्वपूर्ण स्टेशन है इसलिए दरभंगा से भाया सीतामढ़ी अयोध्या धाम होते हुए नई दिल्ली तक एवं दरभंगा से कोलकाता तक वंदे भारत एवं दरभंगा से मुंबई, लहेरियासराय से सहरसा एवं दरभंगा से मुजफ्फरपुर नई रेल लाइन को स्वीकृति प्रदान कर कार्य यथाशीघ्र प्रारंभ किए जाने को अनिवार्य बताते हुए कहा कि भौगोलिक दृष्टि से यह दोनों नई रेल लाइन मिथिला के लिए वरदान साबित होगा।
सांसद ने कमिटी की बैठक में दरभंगा से गुवाहाटी भाया- सरायगढ़, कटिहार नई सुपरफास्ट ट्रेन अविलंब चलाने, लहेरियासराय स्टेशन पर दो अतिरिक्त प्लेटफार्म का निर्माण करवाये जाने, जयनगर, लौकहा, रक्सौल, हरिनगर रेलखंड पर चलने वाली सभी पैसेंजर ट्रेन को लहेरियासराय स्टेशन से ही खोलने, दरभंगा से मुम्बई के लिए दैनिक सुपरस्टार ट्रेन का परिचालन प्रारंभ किया जाने, दरभंगा होकर चलने वाली सभी डेमू ट्रेनों को मेमू रैक में बदलने, दरभंगा से राँची बन्देभारत ट्रेन का परिचालन शुरू करने, दरभंगा अन्तर्गत शीशो स्टेशन के पास रेलवे की पर्याप्त खाली भूमि को ध्यान में रखते हुए 10 प्लेटफार्म के साथ न्यू दरभंगा टर्मिनल स्टेशन बनाए जाने, दरभंगा से कोटा एक नई ट्रेन का परिचालन प्रारंभ किया जाने का सुझाव देते हुए कहा कि इन सुझावों पर जनहित में पहल करने की जरूरत है।
सांसद डा ठाकुर ने बैठक में अपनी बातें रखते हुए कहा कि समस्तीपुर मंडल अन्तर्गत रेलवे लाइन के किनारे अथवा रेलवे की खाली भूमि जो लो लैंड है उक्त भूमि का आकलन कर उसमें मखाना की खेती हेतु किसानों को आवंटित किए जाने से रेलवे को राजस्व की प्राप्ति होगी तथा रोजगार सृजन कर बेरोजगारी भी दूर की जा सकती हैं। सांसद डा ठाकुर ने सकरी गुमती संख्या 39, बिजुली गुमती एवं बलहा गुमती स्टेटहाइवे-56 बेनीपुर में अविलंब आरओबी का निर्माण सुनिश्चित किए जाने का भी सुझाव दिया। सांसद डा ठाकुर ने दरभंगा के अशोक पेपर मील की खाली परी जमीन तथा रेलवे की बेकार पड़ी जमीन पर रेल का चक्का फैक्ट्री, अमृत भारत ट्रेन का कोच फैक्टरी तथा मेट्रो से जुड़ी परियोजनाओं के निर्माण सामग्री की फैक्टरी की पहल का आग्रह किया।
January 20, 2025
20.01.2025 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन के आदेश के आलोक में दरभंगा जिलान्तर्गत सभी प्रखण्डों के लाभुकों के लिए दरभंगा, समाहरणालय परिसर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र/यू.डी.आई.डी. कार्ड बनाने हेतु 06 दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन 20 जनवरी से 25 जनवरी तक पूर्वाह्न 10ः30 बजे से 04ः30 बजे तक किया गया है।
नेहा कुमारी सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषाग ने कहा कि 01 अप्रैल 2021 से ऑफलाईन दिव्यांगता प्रमाण पत्र मान्य नहीं है, इसलिए 01 अप्रैल 2021 के उपरान्त से केवल ऑनलाईन सत्यापित दिव्यांगता प्रमाण पत्र ही मान्य है। उन्होंने कहा कि जनगणना - 2011 के अनुसार दरभंगा जिला में 70 हजार 465 दिव्यांगजनों की संख्या है, जिसमें 58 हजार 280 दिव्यांगता प्रमाणीकृत दिव्यांगजन है। इन प्रमाणीकृत दिव्यांगजनों में 15,964 दिव्यांगजनों का यू.डी.आई.डी. कार्ड बनाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यू.डी.आई.डी. के पोर्टल पर लंबित आवेदन के साथ-साथ शत् प्रतिशत दिव्यांगजनों को यू.डी.आई.डी. कार्ड प्रदान करने हेतु जिला को लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
उन्होंने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि शिविर की पूर्व सूचना सभी जन-प्रतिनिधि, विकास मित्र, पंचायत सचिव, आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका, आशा कार्यकर्ता को अपने स्तर से देना सुनिश्चित करेंगे, ताकि उनके क्षेत्र के दिव्यांग लाभुकों को शिविर स्थल के संबंध में जानकारी प्राप्त हो सके। इस विशेष शिविर में ऑर्थो - डॉ अरबू प्रकाश, सर्जरी - डॉ संजय सिंह, मेडिसिन - डॉ कीर्ति रंजन, नेत्र - सीपी प्रिया, इ एन टी - डॉ प्रियंका ने जांच किया।