December 29, 2024
26.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : महिला एवं बाल विकास निगम, दरभंगा एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में बाल रक्षा भारत सेव द चिल्ड्रेन द्वारा संचालित उड़ान परियोजना के अंतर्गत समाहरणालय परिसर अवस्थित अम्बेडकर सभागार में बाल संरक्षण उन्मुखीकरण सह PCPNDT से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी चांदनी सिंह ने बाल विवाह के दुष्परिणाम के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने सभी उपस्थित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को अपने क्षेत्र अंतर्गत संचालित अल्ट्रासाउंड केन्द्रों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी ताकि प्रसवपूर्व लिंग प्रशिक्षण को रोका जा सके, साथ ही सभी लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया I कार्यशाला में नाज़िस अहमद ने कहा कि बाल विवाह के प्रति समाज को जागरूक होने की जरुरत है। उन्होंने आगे कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम और बाल व्यापार के रोकथाम हेतु जिला स्तरीय ठोस समन्वय की जरूरत है, ताकि बाल संरक्षण पद्धति को मजबूत एवं सुदृढ़ किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह के उन्मूलन के लिए उचित प्रचार प्रसार किया जाए। इस जागरूकता को व्यापक ढंग से सुदूर गांव के अंतिम व्यक्ति तक ले जाया जाए। जिला मिशन समन्वयक ऋषि कुमार ने बताया कि बाल विवाह के रोकथाम में समुदाय और अभिभावक की भागीदारी होती है तभी बाल विवाह को रोका जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि महिलाओं से जुड़े किसी भी सहायता एवं शिकायत के लिए 181 हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 एवं जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वीमेन कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।
केंद्र प्रशासक अजमतुन निशा ने पोक्सो एक्ट, मानसिक स्वास्थ्य एवं मनो सामाजिक सहायता, बाल एवं किशोर श्रम कानून के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की एंव बाल विवाह, बाल श्रम सम्बन्धित मुद्दों शिकायत पर अधिकारियों के साथ फौलो अप बाल तस्करी के सम्बन्ध में बाल संरक्षण समिति की भुमिका बच्चों के पुर्नवास पर चर्चा हुई। बाल संरक्षण इकाई के कोऑर्डिनेटर सुभान ने प्रायोजन एवं परवरिश योजना के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।उक्त कार्यशाला में पिरामल स्वास्थ्य के संजीव कुमार, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, लेडी सुपरवाइजर, हब के लैंगिक विशेषज्ञ गोविन्द कुमार, वन स्टाप सेन्टर की पैनल अधिवक्ता बेबी सरोज, उड़ान परियोजना के प्रखंड समन्वयक समेत अन्य कर्मी उपस्थित थे।
December 29, 2024
26.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : दरभंगा में पटना हाई कोर्ट की बेंच की स्थापना किया जाना जरूरी है। बिहार के भौगोलिक स्थिति को देखते हुए आमजनों की सुविधा के लिए इसके स्थापना हो जाने से लोगो को आर्थिक रूप से बचत के साथ साथ समय और अन्य संसाधनों की काफी बचत होगी। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस पर शीघ्र पहल करने का आश्वासन दिया है जिसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है।
सांसद डा. गोपाल जी ठाकुर ने पटना स्थित एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में सीएम नीतीश कुमार से मिलने के बाद उपरोक्त बातें कही हैं। सांसद डा. ठाकुर ने सीएम नीतीश कुमार जी के मिथिला क्षेत्र में दिए गए योगदानों की चर्चा करते हुए कहा कि दरभंगा सहित पूरे मिथिला में विकास की गंगा बह रही है। एयरपोर्ट, एम्स, दरभंगा शहर के आर ओ बी, जैसे मुद्दों पर हो रहे विकास कार्यों के बदौलत दरभंगा और मिथिला का विकास देश के मानचित्र पर स्थापित किया जा रहा है।
इन विकास कार्यों के लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार के योगदानों की जितनी चर्चा की जाय वह कम है। वास्तविक रूप से बिहार के सीएम नीतीश कुमार विकास कार्यों के लिए पर्यायवाची शब्द बन चुके हैं। सासंद डा ठाकुर ने सीएम नीतीश कुमार से भेंट के दौरान उनके प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि दरभंगा में एम्स निर्माण तथा एयरपोर्ट के लिए जमीन का अधिग्रहण कर देश के यशश्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हाथों शिलान्यास होने में सीएम नीतीश कुमार की महती भूमिका रही है जिसके लिए साढ़े करोड़ मिथिलावासियों के ह्रदय में सीएम सदैव जीवंत रहेंगे।
सीएम से भेंट के दौरान सांसद डा ठाकुर ने विभिन्न मुद्दों पर उनका ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि दरभंगा में आईआईटी, एनआईटी, निफ्ट, सैनिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, जैसे मुद्दों के लिए शीघ्र पहल शुरू करने का आग्रह करते हुए कहा कि दरभंगा मिथिला क्षेत्र की अघोषित राजधानी मानी जाती है इसलिए अब यहां इस तरह की उच्चतर संस्थानों का होना जरूरी है।
सांसद डा ठाकुर ने सीएम श्री नीतीश से डा. कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा तथा मिथिला संस्कृत शोध संस्थान के कायाकल्प करने का आग्रह करते हुए कहा कि इन मुद्दो के समाधान करने के लिए आश्वस्त किया है।
सांसद डा ठाकुर ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त भुभौल गाँव तथा वहां मची तबाही से भविष्य में इस तरह की विनाश से बचने के लिए समाधान का आग्रह करते हुए कहा कि कोशी नदी में गाद के भर जाने के कारण पश्चिम कोशी तटबंध को ऊंचा किए जाने को आवश्यक बताते हुए कहा कि इस तटबंध को ऊंचा कर गंडोल तक टू लेन सड़क बनाया जाना अति आवश्यक है। सांसद डा ठाकुर ने बताया कि सीएम श्री नीतीश कुमार ने उनके द्वारा चर्चा किए गए हर मुद्दे पर यथाशीघ्र पहल करने का आश्वासन दिया है।
December 29, 2024
26.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : देश और प्रदेश स्तर पर एनडीए की सरकार सुशासन का प्रतीक बन चुकी है। लालू राबड़ी के कथित जंगलराज से मुक्ति दिलाकर सूबे की नीतीश सरकार ने बिहार में जिस तरह से विश्वास का का वातावरण बनाया है वह प्रशंसनीय है। दरभंगा सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डा. गोपाल जी ठाकुर ने पटना में बिहार के डीजीपी विनय कुमार से औपचारिक भेंट करने के बाद उपरोक्त बातें कही।
सांसद डा ठाकुर ने दरभंगा संसदीय क्षेत्र सहित पूरे जिला में अपराधिक घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी से डीजीपी को अवगत कराते हुए कहा कि बंद पड़े घरों में चोरी सड़कों पर राहगीरों से हो रही लूट जैसी घटनाओं के कारण लोगों के मन में व्याप्त भय के वातावरण को दूर करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सांसद डा. ठाकुर ने डीजीपी से जिले की कानून व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि जिले के सुदूर देहाती क्षेत्रों में जहां से थाना की दूरी 20 किलोमिटर से ज्यादा की दूरी है ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां नए पुलिस ओपी खोलने सीमावर्ती क्षेत्रों के पुलिस ओपी को थाना में अपग्रेड करने पूरे जिले में रात्रि गश्त को नियमित करने जैसे मुद्दों को आवश्यक बताते हुए कहा कि सुशासन के माहौल को जीवंत रखने के लिए आवश्यक है। सांसद डा. ठाकुर ने डीजीपी को इनके सफल कार्यकाल की शुभकामना देते हुए कहा कि इनके कार्यकाल में पुलिस प्रशासन आमजनों की विश्वसनीयता पर खड़ी उतरेगी।
December 22, 2024
22.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : लहेरियासराय स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में प्रथम विश्व ध्यान दिवस के शुभ अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कल्याण मंत्री मदन सहनी ने अपने उद्बबोधन में कहा की आज समाज में मानसिक शांति की बहुत आवश्यकता है । संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा जो आज के दिन को विश्व ध्यान दिवस के रूप में घोषित किया गया है इससे समाज को मेडिटेशन के महत्व को जानने में एवं उसके लाभ उठाने में मदद मिलेगा।
उन्होंने कहा की भले ही हर कोई मंदिर व इस तरह की संस्था में नहीं जा पाते हैं वो घर में भी इस तरह अभ्यास कर सकते हैं। लेकिन जगह व वातावरण का अपना प्रभाव है और यदि उस जगह का हम लाभ लेते हैं तो इससे हमें काफी शांति व सुकून मिलता है। आज जितनी दुख, अशांति व बीमारियां फैल रही है उसमें ब्रह्माकुमारीज में सिखाए जाने वाली यह ध्यान व मेडिटेशन बहुत ही मदद करेगी। आप सभी इसका जरूर लाभ ले, मैं भी इसका लाभ लेता रहता हूं। अपने उद्बोधन में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ राजयोग शिक्षक बी. के सुधाकर भाई ने कहा की ब्रह्माकुमारीज एवं अन्य संस्थाओं के कोशिश से 21 दिसंबर के दिन को वर्ल्ड मेडिटेशन डे अर्थात विश्व ध्यान दिवस के रूप में मान्यता मिली है।
हम सभी जानते हैं की मेडिटेशन आज हमारे जीवन का अभिन्न अंग हो गया है। समाज में जिस तरह की नकारात्मकता, ईर्ष्या,द्वेष, घृणा, इच्छाएं, बदले की भावना फैल रही है इससे मानव के जीवन में सच्ची सुख शांति नहीं मिल सकती है, और जब तक जीवन में सच्ची सुख शांति नहीं मिलेगी हमारा शरीर सिर्फ संतुलित भोजन व दवाई के बल पर नहीं चल सकता। हम सब जानते हैं मेडिटेशन एक सकारात्मक सोचने की कला है। ब्रह्माकुमारीज में सिखाई जाने वाली मेडिटेशन व आध्यात्मिक ज्ञान हमें सोचने की कला सिखाती है कि कैसे हम सकारात्मक सोच से अपने मन, बुद्धि को शक्तिशाली एवं मस्तिष्क को स्वस्थ रख सकें। उन्होंने एक सुंदर उदाहरण देते हुए कहे की जब एक बोतल में फिल्टर जल को दो लोगों ने देखा एक मेडिटेशन करने वाले संत ने और दूसरे नकारात्मक सोचने वाले अपराधी ने तो दोनों जल के रंग व रूप में परिवर्तन हो गया क्योंकि दोनों उसके सोच से प्रभावित हुए जो उन लोगों ने जल के प्रति सोचा व संकल्प किया।
इसी तरह से यदि हम भी कुछ समय निकालकर विशेष कर सुबह जब हम उठते हैं और रात में सोते समय यदि 10 से 15 मिनट समय निकालकर मेडिटेशन का अभ्यास करें तो इससे हमारा मन शक्तिशाली होगा, मन का सीधा प्रभाव मस्तिष्क और शरीर पर पड़ता है। उन्होंने कहा की ब्रह्माकुमारीज से जुड़े प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर मोहित गुप्ता ने अपने एक रोगी का अनुभव सुनाते हुए कहा की एक 22 वर्षीय व्यक्ति जिसको गंभीर हार्ट अटैक हुआ था उसमें कोई भी लक्षण नहीं थे। जांच में कोई प्रकार का गड़बड़ी नहीं पाया गया फिर भी हार्ट अटैक हुआ क्योंकि वह मानसिक रूप से बहुत परेशान व चिंतित था। इन सभी बातों से यह सिद्ध होता है कि बीमारी का एक बहुत बड़ा कारण हमारा मन का चिंता, तनाव और अवसाद है।
आज इस पर रिसर्च भी हुए हैं और कहा जाता है कि 80% बीमारी साइकोसोमेटिक है। अतः हमें अपने अंदर झांकना चाहिए और मेडिटेशन यानी राजयोग का नित्य अभ्यास करना चाहिए। अपने उद्बोधन में दरभंगा जिला के मुख्य संचालिका आरती बहन जी ने कही की आज हम सभी को बहुत खुशी है कि मेडिटेशन को वैश्विक मान्यता मिली है। आज यह समय की पुकार है कि मेडिटेशन का हम सभी लाभ लें और अपने जीवन को श्रेष्ठ, सुखमय, बीमारियों से मुक्त बनायें। उन्होंने कहा की ब्रह्माकुमारी में निःशुल्क मेडिटेशन की शिक्षाएं दी जाती है आप सभी इसका लाभ ले सकते हैं।
अपने उद्बोधन में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में दरभंगा मेडिकल कॉलेज के फिजियोलॉजी डिपार्टमेंट की एच ओ डी डॉ. शीला साहू ने अपने जीवन और मेडिकल लाइफ का कई अनुभव साझा किये ओर बताएं कि मेडिटेशन और आध्यात्मिक ज्ञान कई बार उन्हें मदद किया और आज रोगियों को बेहतर इलाज दे पा रही है इसमें हमारा मेडिटेशन और ब्रह्माकुमारी के राजयोग का बहुत बड़ा प्रभाव है। सम्माननीय अतिथि के रूप में प्रसिद्ध व्यवसायी एवं समाजसेवी रमेश चावला ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों से मैं भी इस मैडिटेशन और आध्यात्मिक ज्ञान का अभ्यास कर रहा हूं इससे मुझे अपने जीवन में बहुत परिवर्तन आया है और आज मैं किसी भी बात से ना डिस्टर्ब होता हूं ना किसी को डिस्टर्ब करता हूं।
उक्त कार्यक्रम में नृत्य कुमारी श्रेया एवं कुमारी मनीषा ने प्रस्तुत किये। कादिराबाद सेवा केंद्र की प्रभारी बी. के. पूजा बहन जी ने उपस्थित लोगों को राजयोग मेडिटेशन की गहन अनुभूति कराई जिससे लोगों को बहुत सुख, शांति का अनुभव हुआ। बी. के. रूपाली बहन जो भागलपुर से आई थी उन्होंने मंच का कुशल संचालन किया।
December 22, 2024
22.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : मिथिला क्षेत्र में मखाना की खेती को रोजगार सृजन का श्रोत बनाया जाएगा। इस खेती के लिए मिथिला क्षेत्र के 25 जिले में आम किसानों को परंपरागत तथा आधुनिक रूप से इसके पैदावार तथा इसके मार्केटिंग के लिए ठोस नीति पर पहल की जाएगी। इस चमत्कारिक जलीय फसल में उत्तर बिहार की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में क्रांति ला देने की पूरी क्षमता है तथा अब मखाना की खेती तथा इसके ग्लोबिंग मार्केटिंग के माध्यम से करोड़ों लोगों को रोज़गार मुहैय्या होगी। जिसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
दरभंगा सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डा गोपाल जी ठाकुर ने डा ठाकुर ने इस विषय पर दूरभाष पर कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से बात करने के बाद उपरोक्त बातें कही हैं। सांसद डॉ ठाकुर ने बताया कि लोकसभा का शीतकालीन सत्र अब खत्म हो चुका है तथा वे शीघ्र ही दरभंगा पहुंचकर मखाना अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर तथा मखाना अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक एवं अन्य अधिकारियों के एवं किसानों के साथ मखाना अनुसंधान केंद्र दरभंगा कार्यालय में एक समीक्षात्मक बैठक के माध्यम से वृहत चर्चा करेंगी तथा जागरूकता के लिए ठोस नीति तैयार की जाएगी। सांसद डा. ठाकुर ने बताया कि मखाना एवं मखाना आधारित उत्पादों की बढती राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मांग उत्तर बिहार की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित हो सकती है।
विश्व के कुल मखाना उत्पादन में बिहार का योगदान लगभग 80 प्रतिशत है। मखाना की खेती एवं प्रसंस्करण में किसानों व् उद्यमियों की बढती रूचि, बेहतर आमदनी की सम्भावना, सकारात्मक नीतियाँ, एवं राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र दरभंगा के शोध एवं प्रसार प्रयासों के कारण पिछले पाँच वर्षों में मखाने की खेती का विस्तार तेजी से हुआ है। पांच वर्ष पहले तक मखाने की खेती लगभग 15 हज़ार हेक्टेयर में होती थी जो अब 30 से 35 हजार हेक्टेयर में होती है। इसकी उत्पादकता इस दौरान 14-16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 20-25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ गई है। प्रति हेक्टेयर आमदनी 50-60 हजार रुपये से बढ़कर 1.5 से दो लाख तक अनुमानित है।
मखाना किसानों और उद्यमियों की संख्या भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। सासंद डा. ठाकुर ने मखाना की खेती को रोजगार सृजन का मज़बूत श्रोत बताते हुए कहा कि बिहार के दरभंगा जिले में मखाना की खेती से 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक की आमदनी देखी गई है। दरभंगा स्थित मखाना अनुसंधान केंद्र को राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त होने के साथ ही संस्थान में शोध के लिए जरूर आधारभूत संरचनाओं का विकास तेज हो गया है। विकासात्मक कार्यों के लिए फण्ड की उपलब्धता बढ़ी है साथ ही वैज्ञानिकों की संख्या भी बढ़ी है। मिथिला के किसानों व् उद्यमियों के साथ साथ पूरे देश में मखाने के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।