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एकाग्रता की शक्ति को कैसे विकसित करें

February 27, 2023
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23.02.2023 (दरभंगा) : इंटरनल मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ० ए० के० गुप्ता ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उद्देश्य अथवा लक्ष्य तक पहुंचाने में एकाग्रता की अहम भूमिका है। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्थापना दिवस के अवसर पर "एकाग्रता की शक्ति को कैसे विकसित करें" विषय पर आयोजित व्याख्यान को संबोधित करते हुए दरभंगा मेडिकल कॉलेज के इंटरनल मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ० ए० के० गुप्ता ने एकाग्रता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आम समझ है कि केवल छात्रों को ही जीवन में सफल होने के लिए एकाग्रता की जरूरत है। वास्तव में ऐसा नहीं है। छात्रों के अलावा प्रायः हर पेशे के लोगों चाहे वे डॉक्टर हों, इंजीनियर हों, वकील हों, वैज्ञानिक हो या ड्राइवर हों, सबों को इसकी आवश्यकता है।

उन्हें उनके उद्देश्य अथवा लक्ष्य तक पहुंचाने में एकाग्रता की अहम भूमिका है। वास्तव में देखा जाए तो दुनिया में जितने भी महत्वपूर्ण अनुसंधान हुए हैं उन सब के पीछे वैज्ञानिकों की एकाग्रता ही मुख्य कारण रही है। उन्होंने अपने संबोधन में एकाग्रता प्राप्त करने की जरूरत क्यों है, एकाग्रता विकसित करने में कौन-कौन सी बाधाएं अथवा चुनौतियां सामने आती हैं और इन चुनौतियों से कैसे मुक्ति पाई जा सकती है – इस बात का बखूबी उल्लेख किया। स्वामी विवेकानंद के हवाले से डॉ० गुप्ता ने कहा कि जीवन में सफलता और असफलता एकाग्रता का ही परिणाम है। जो व्यक्ति जीवन में जितना एकाग्र होता है उसे सफलता उतनी ही ज्यादा मिलती हैं।

अपेक्षाकृत कम एकाग्रता वाले लोगों को जीवन में वांछित सफलता नहीं मिल पाती हैं। हमारे जीवन में जिस ढंग से भोजन और ऑक्सीजन की जरूरत होती है ठीक उसी तरह एकाग्रता को विकसित करना भी उतना ही जरूरी होता है। एकाग्रता की परिभाषा देते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति के अंदर किसी वस्तु, विषय या विचार पर केंद्रित करने की क्षमता को ही एकाग्रता कहते हैं। इससे थोड़ा इतर स्वामी विवेकानंद का कहना था कि यह योग्यता विकसित करना एक अलग चीज है लेकिन इसके साथ साथ जीवन में नकारात्मकता से अपने आप को अलग करना भी एकाग्रता का ही हिस्सा है। जब कोई व्यक्ति अपने उद्देश्यों के प्रति सकारात्मक सोच और जीवन की गलत आदतों से दूरी बनाने में सफल हो जाता है तब जाकर वह मुकम्मल एकाग्रता की स्थिति को प्राप्त करता है।

उन्होंने कहा कि एकाग्रता विकसित करने में आज के समय में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग सबसे ज्यादा बाधक है। इसके अलावा एक साथ कई काम करने की प्रवृत्ति भी एकाग्रता के लिए चुनौती है। आज के सामाजिक परिवेश में व्यक्ति एक ही साथ टीवी भी देखता है, खाना भी खाता है और कभी-कभी पढ़ाई भी करता रहता है। यह सही नहीं है। ऐसे में एकाग्रता प्राप्त करना संभव नहीं है। इसलिए एक समय में एक ही काम को करना श्रेयस्कर है। इसके अलावा अल्कोहल का इस्तेमाल और वांछित से कम नींद भी एकाग्रता स्थापित करने में बाधक है। भूखे रहने की स्थिति अथवा कभी किसी दुर्घटना या मारपीट में सिर में जख्म होने की स्थिति भी एकाग्रचित्त होने में बाधक हैं। बच्चों में अटेंशन डिफिसिट हाइपर एक्टिविटी नामक रोग भी उन्हें एकाग्र नहीं होने देता। डिप्रेशन, डिमेंशिया अथवा इकलेप्सी से पीड़ित लोगों को भी एकाग्रचित्त होने में परेशानी होती है।

मानसिक बीमारी जैसे साइजोंफ्रेनिया अथवा बाइपोलर डिसऑर्डर भी इसका एक कारण है। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या काफी कम है। ऐसे में निष्कर्ष निष्कर्ष के तौर पर हम कह सकते हैं कि जीवन में तीन चीजें – सोशल मीडिया, अल्कोहल और बिखराव युक्त जीवन शैली एकाग्रता विकसित करने के रास्ते में सबसे बड़ी बाधक हैं। एकाग्रता की शक्ति को विकसित करने के विभिन्न उपायों की चर्चा करते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि एक बार जब स्वामी विवेकानंद से पूछा गया कि एकाग्रता की शक्ति को कैसे विकसित करें तो उन्होंने कहा था – शक्तिशाली बनो और संघर्ष करो। उनके इस वाक्य में एकाग्रता को प्राप्त करने के लिए जरूरी तमाम तथ्य छिपे हुए हैं। शक्तिशाली बनने से स्वामी विवेकानंद का अभिप्राय था – शारीरिक शक्ति, मानसिक शक्ति और आध्यात्मिक शक्ति का विकास। इसी तरह संघर्ष से उनका अभिप्राय था कि आपके अंदर जो बुराइयां हैं उनको दूर करने के लिए आप संघर्ष करें तो एकाग्रता को निश्चित रूप से प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जीवन में नकारात्मकता को आप जैसे - जैसे समाप्त करते जाएंगे उसी अनुपात में आपकी एकाग्रता की शक्ति बढ़ती चली जाएगी। सोशल मीडिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग 8 से 10 घंटे मोबाइल पर बिताते हैं। हालांकि इस बात से नकारा नहीं जा सकता कि सोशल मीडिया से हमें देश दुनिया की अद्यतन जानकारी मिलती है। लोगों से विचारों का आदान-प्रदान भी होता है। अनुसंधान की भी बात होती है। लेकिन इसका अत्यधिक इस्तेमाल कहीं से भी वाजिब नहीं है। सोशल मीडिया वास्तव में दोधारी तलवार है।

जीवन में इसे खत्म तो नहीं किया जा सकता लेकिन इसके उपयोग की सीमाएं तय की जा सकती हैं। एकाग्रता को विकसित करने में शरीर का स्वस्थ होना भी जरूरी है। स्वामी विवेकानंद कहा करते थे कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का वास होता है। प्रायः देखा गया है कि हरी हरी सब्जियों, फल और मैग्नीशियम का प्रचुर मात्रा में सेवन करने से एकाग्रता की स्थिति बढ़ती है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवन शैली कई तरह की परेशानियां पैदा कर रही हैं। इसलिए लोगों को इसमें बदलाव लाना चाहिए। आज युवा वर्ग में देर रात तक सोना और फिर सुबह में देर से उठना एक फैशन बनता जा रहा है। इसे रोकना होगा।

बेहतर यह होगा कि वे रात में 10 बजे के लगभग में सो जाएं और सुबह 4 से 5 के बीच में उठकर प्रकृति के करीब पहुंचने का काम करें। पढ़ाई लिखाई के लिए भी अहले सुबह का समय सर्वोत्तम है। ऑफिस में लगातार सात-आठ घंटे कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए उन्होंने सलाह दी कि वह हर एक घंटे पर 5-10 मिनट के लिए काम को ब्रेक दें। इस ब्रेक के दौरान वे या तो कार्यालय में ही या लौंन में टहल कर अपनी एकाग्रता को विकसित कर सकते हैं। ऐसे लोग 5 से 10 मिनट का मेडिटेशन भी कार्यालय के अंदर ही कर वे तरोताजा हो सकते हैं। इससे उनके एकाग्रता के स्तर में काफी वृद्धि हो सकती है।

डीएमसी का 98वां स्थापना दिवस हर्षोल्लाष के साथ मनाया जायेगा, सभी डेलीगेट को प्रवेश के लिए ऑई डी बैच और आधिकारिक कूपन आवश्यक

February 21, 2023
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21.02.2023 (दरभंगा) : डीएमसी का 98वां स्थापना दिवस हर्षोल्लाष के साथ मनाया जायेगा। इस सम्बन्ध में प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी गयी। डीएमसी बिहार के पुरातन मेडिकल कॉलेज में से एक है। यह पूरे मिथिलांचल, पूर्वोत्तर सीमावर्ती बिहार, यूपी और पश्चिम बंगाल के साथ नेपाल राष्ट्र को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए ख्याति प्राप्त है।

यहां के चिकित्सक भारत और विश्व में अपनी उत्कृष्ट सेवा के कारण परचम लहरा चुके हैं। इस वर्ष यह अपना 98 वां स्थापना दिवस मना रहा है। यहां के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों के साथ-साथ पूर्ववर्ती छात्रों के लिए यह उत्सव का अवसर होता है। कोरोना के भयावाह वातावरण से मुक्ति और डीएमसीएच की जमीन से एम्स को उचित स्थान पर ले जाने के कारण अपनी अस्मिता लौटने की खुशी के माहौल में दरभंगा मेडिकल कॉलेज स्थापना दिवस एवं पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह ज्यादा ही उत्साह से मनाया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम के शुरू होने से दस दिन पहले से कैंपस में उत्सव का माहौल है। छात्र-छात्राओं के अलग-अलग इनडोर और आउटडोर गेम्स स्पोर्ट्स की गतिविधियां जारी है।

इस दौरान लड़कों के फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी खेल के साथ लड़कियों की कैरम बोर्ड, मेहंदी, रंगोली, कुकिंग कंपटीशन होते रहे। दरभंगा मेडिकल कॉलेज लिटरेरी सोसायटी ने अनेक साहित्यिक एवं कलात्मक गतिविधियां 'हटके बातें' के तहत आयोजित की। क्वीज, डिबेट, अभिव्यक्ति, पेंटिंग और नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम के तहत आयोजित किए गए। सीएफडी के दौरान पहली बार भव्य सीएमइ और इंटरनेशनल मेडिकल कॉन्फ्रेंस का आयोजन 22 फरवरी 2023 को किया जा रहा है। 27 ओरल प्रेजेंटेशन पीजी के और 3 यूजी के होंगे और इससे ज्यादा ही पोस्टर ऑडिटोरियम के बाहर की गैलरी में प्रदर्शित किए जाएंगे। इस दौरान पीजी और फैकल्टी अपने-अपने पेपर प्रस्तुत करेंगे। सेवानिवृत्त शिक्षकों को "सुदिर्घ सेवा सम्मान" समारोह 22 फरवरी 2023 को अपराह्न 3 बजे से ऑडिटोरियम में दिया जायगा। इस दौरान 31 जनवरी 2023 तक सेवानिवृत्त हुए दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के 12 चिकित्सकों का सम्मान के साथ भेंट और मोमेंटो प्रदान किए जाएंगे। अपराह्न 4 बजे से "प्राइज एंड एकोलेड" कार्यक्रम होगा जिसमें यूजी और पीजी छात्रों को अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। सप्ताह भर चले विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी इसी दौरान मेडल, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। 1978 बैच के पूर्ववर्ती छात्रों का मीट इसी दिन होगा।

मुख्य समारोह 23 फरवरी 2023 को होगा। सुबह 8:00 बजे से ही बैंड वादको द्वारा सभी छात्रावासों में उत्सव का माहौल बनाया जाएगा। पुराने भवन में सुबह 8:30 पर दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग से सेवानिवृत्त प्राध्यापक डा के एन पी सिन्हा ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। पुराने भवन में स्थित राजा रामेश्वर सिंह की प्रतिमा पर सभी पूर्वर्ती एवं वर्तमान छात्र माल्यार्पण करेंगे। इसके उपरांत प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों के नेतृत्व में सभी छात्र-छात्राएं और शिक्षक मार्च पास्ट करते हुए ए डी ब्लॉक जाएंगे। गायनी विभागाध्यक्ष डॉ सीमा के नेतृत्व में कल उनके विभाग के सारे चिकित्सकों ने मार्च पास्ट का मॉक ड्रिल किया जायेगा। मार्च पास्ट के दौरान बैंड बाजों की धुन पर थिरकते हुए चिकित्सक ए डी ब्लॉक पहुंचेंगे जहां पर जमकर मस्ती करेंगे। अल्पाहार के बाद 10:00 बजे से ऑडिटोरियम में साइंटिफिक सेशन होगा।

इस कार्यक्रम में ख्यातिप्राप्त ह्रदय रोग चिकित्सक डॉ अशोक कुमार गुप्ता, मेडिको लीगल केस के राष्ट्रीय स्तर के विद्वान और डीएमसी के एल्यूमिनी डॉक्टर मधुकर भट्ट, सेवानिवृत्त सर्जरी विभागाध्यक्ष, राजेन्द्र इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज, रांची एवं दरभंगा मेडिकल कॉलेज के एलुमनी और नेपालगंज मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त डॉक्टर एस एम मिश्रा अपना व्याख्यान देंगे। इसके उपरांत ऑडिटोरियम में नए और पूर्ववर्ती छात्र "मीट एंड ग्रीट" के दौरान अपने अपने मजेदार अनुभव एक दूसरे से साझा करेंगे। लंच के उपरांत उद्घाटन सत्र में बिहार राज्य के उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव वर्चुअल मोड में उद्घाटन करेंगे। मानद अतिथि के रूप में डॉक्टर समरेंद्र प्रताप सिंह, डॉक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह एवं डॉक्टर सुरेंद्रनाथ सिन्हा जो क्रमश ललित नारायण मिथिला एवं आर्यभट्ट के सेवानिवृत्त कुलपति, एल एन मिथिला यूनिवर्सिटी के वर्तमान कुलपति जो अभी आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी के कुलपति के भार में भी हैं और बिहार यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज के कुलपति हैं।

इस समारोह में डीएमसी एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ मधुकर भट्ट और सचिव डॉक्टर रमन कुमार वर्मा की उपस्थिति उल्लेखनीय है। इस कार्यक्रम के दौरान डॉ एस पी सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया जाएगा। पांच ग्रैंड मास्टर का फेलिसिटेशन भी इसी समारोह के दौरान होगा। इस बार के ग्रैंडमास्टर हैं डॉ राजेंद्र मिश्रा, डॉक्टर महेंद्र प्रसाद झा, डॉ सचिंद्र मोहन मिश्रा, डॉ गगन देव नारायण सिंह और डॉ शशि शेखर नारायण ओझा। कार्यक्रम के दौरान एक सौ से ज्यादा पृष्ठों की स्मारिका का भी विमोचन सारे अतिथि करेंगे, जिसका संपादन डॉ ओम प्रकाश डॉ सुशील कुमार, डॉ प्रभात कुमार लाल एवं डॉ प्रवीण प्रभास ने काफी परिश्रम से किया है। उद्घाटन सत्र के उपरांत एलुमनी एसोसिएशन की जनरल बॉडी की मीटिंग होगी, इसमें अगले साल के लिए पदाधिकारियों का चुनाव भी किया जाएगा।

सारे कार्यक्रम के आकर्षण के केंद्र में रहने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम 6:00 बजे से शुरू होगा। पिछले 10 दिन चले रिहर्सल का, जिसका सुपर विजन डॉ शीला कुमारी, डॉक्टर गौरी शंकर झा, डॉक्टर रमन कुमार वर्मा ने काफी परिश्रम से किया है, सबका दिल लुभायेगा। इस बार एक ट्रेड फेयर का भी आयोजन किया गया है जिसमें एक दर्जन के करीब संस्थाएं अपना स्टाल लगाएंगी। अधीक्षक डॉ हरिशंकर मिश्रा, डॉ हरी दामोदर सिंह, डॉक्टर विजेंद्र कुमार मिश्रा और डॉ संजय कुमार झा के देखरेख में ग्रैंड डिनर का आयोजन किया गया है। इस बार के कार्यक्रम में काफी संख्या में पूर्ववर्ती छात्र भी शामिल हुए हैं जिनमें 78 बैच के 3 दर्जन से ज्यादा पूर्ववर्ती छात्र शामिल हैं। डेढ़ हजार के आसपास प्रतिभागियों की संख्या को देखते हुए किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए इस बार सभी डेलीगेट को प्रवेश के लिए ऑई डी बैच और आधिकारिक कूपन आवश्यक कर दिया गया है।

दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने के लिए सभी प्रक्रिया पूर्ण - सांसद

February 21, 2023
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21.02.2023 (दरभंगा) : दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने हेतु सभी प्रक्रिया पूर्ण हुई। उक्त बातें रेलवे संबंधी स्थायी समिति एवं रेल मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति सदस्य सह दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कही। वे नई दिल्ली में आयोजित रेलवे स्टैंडिंग कमिटी के बैठक में सम्मिलित हुए। उन्होंने अनिल कुमार लोहाटी को रेलवे बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त होने पर बधाई दी । बैठक के दौरान उन्होंने क्षेत्र से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। बैठक के पश्चात सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की आगामी वित्तीय वर्ष में रेलवे द्वारा नई रेल लाइन निर्माण पर 31850 करोड़, आमान परिवर्तन पर 4600 करोड़, दोहरीकरण पर 30749, यातायात सुविधा पर 6715 करोड़, विद्युतीकरण परियोजना पर 8070 करोड़, पीएसयू/जेवी/एसपीवी में निवेश पर 34354 करोड़, एमटीपी पर 5000 करोड़ रुपया अनुमानित खर्च किया जाना है।

इसके अलावा संरक्षा संबंधी कार्य जिसमे सड़क संरक्षा कार्य समपार पर 700 करोड़, सड़क संरक्षा कार्य ऊपरी पुल/निचला सड़क पुल पर 7400 करोड़, रेल पथ नवीकरण पर 17297 करोड़, पुल संबंधी कार्य पर 1255 करोड़, सिग्नल एवं दूरसंचार पर 4198 करोड़, अन्य विद्युत कार्य पर 1650 करोड़ खर्च का अनुमान है। इसके अलावा रेल संपर्कता के माध्यम से देश में अवसंरचनात्मक विकास और सुधार के लिए थीम आधारित अंब्रेला कार्य पर 497000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा की ग्राहक सुविधा, चल स्टॉक एवं निवेश, अन्य, पूंजीगत व्यय (पीपीपी को छोड़कर) , ईबीआर पर लगभग 260200 करोड़ का अनुमानित बजट है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में कुल 1275 स्टेशनों को चिन्हित किया गया है और चरणबद्ध कार्यान्वयन हेतु मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

इसके तहत स्टेशनों पर यातायात परिपथन में सुधार और परिपथन क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, पर्याप्त आकर का एंट्रेंस, स्टेशन भवन में सुधार, शौचालय में सुधार, बेहतर रोशनी और अच्छी गुणवत्ता वाले फर्नीचर, आवश्यकतानुसार उच्च स्तरीय प्लेटफार्म और कवर प्लेटफार्म, रैंप, लिफ्ट, एक्सक्लेटर, यात्रियों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले संकेतक, दिव्यानजंग के अनुकूल उपयोगकर्ता सुविधा, सीसीटीवी, जल संचयन, सौर ऊर्जा, स्थानीय कला और संस्कृति पर फोकस, एक स्टेशन एक उत्पाद स्थानीय उत्पाद सहित कई चीजों को विकसित किया जाएगा। सांसद डॉ ठाकुर ने रेल संबंधी स्थायी समिति के चेयरमैन सह सांसद राधा मोहन सिंह एवं रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अनिल लोहती को दरभंगा-अजमेर बंद ट्रेन को पुनः चालू करवाने, वन्दे भारत एक्सप्रेस दरभंगा से पटना एवं दरभंगा से नई दिल्ली चलाने, मुजफ्फरपुर-हरिद्वार चलने वाली ट्रेन को विस्तारीकरण करके दरभंगा तक चलाने, सकरी स्टेशन पर कोच इंडिकेटर सिस्टम लगाने, सकरी गुमती पर आरओबी का निर्माण करने, ट्रेन नम्बर 15231/15232 का मार्ग परिवर्तित कर भाया दरभंगा-सीतामढ़ी चलाने, लहेरियासराय स्टेशन जो अमृत भारत योजना में सम्मिलित है।

प्रमंडलीय मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय के समीप है पर लम्बी दूरी के ट्रेन करने, टुंडला स्टेशन पर सम्पर्क क्रांति एवं स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस का ठहराव करने, बिहार सम्पर्क क्रांति का नामकरण मिथिला सम्पर्क क्रांति के नाम से करने, ट्रेन में बढ़ते भीड़ को देखते हुए दरभंगा स्टेशन से लम्बी दूरी की नई ट्रेन दरभंगा स्टेशन से प्रारंभ करने, दरभंगा से इंदौर नई ट्रेन का परिचालन प्रारंभ करने सहित कई अन्य विषयों को लेकर ज्ञापन सौंपा। सांसद ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने के लिए सभी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, जल्द कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

जिला बाल संरक्षण समिति की हुई बैठक, संगीत शिक्षक एवं एक कम्प्यूटर शिक्षक की प्रतिनियुक्ति पर्यवेक्षण गृह में करने का आदेश दिया गया

February 21, 2023
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20.02.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गयी। सर्वप्रथम बैठक में विगत बैठक के अनुपालन प्रतिवेदन से अवगत कराते हुए सहायक निदेशक (बाल संरक्षण) नेहा नुपूर ने बताया गया कि पर्यवेक्षण गृह एवं बाल गृह में संगीत शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक की प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया गया था, जिसका अनुपालन लंबित है। डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सप्ताह में दो दिन एक संगीत शिक्षक एवं एक कम्प्यूटर शिक्षक की प्रतिनियुक्ति पर्यवेक्षण गृह में करने का आदेश दिया।

उन्होंने पोलटेकनिक कॉलेज के प्राचार्य से सम्पर्क कर कौशल विकास के लिए प्रशिक्षक की प्रतिनियुक्ति कराने का निर्देश सहायक निदेशक (बाल संरक्षण) को दिया। बैठक में बताया गया कि पर्यवेक्षण गृह की सुरक्षा घेरा को और मजबूत करने की आवश्यकता है। डीएम ने अपने पिछले भ्रमण के अवलोकन के आधार पर भवन निर्माण विभाग के अभियंता को पर्यवेक्षण गृह के चारों ओर घुमावदार फेंसिंग लगवाने तथा पर्यवेक्षण गृह का स्वंय भ्रमण कर उसकी मरम्मति का प्राक्कलन बनाने का निर्देश दिया। डीएम द्वारा बिजली शार्ट सर्किट की समस्या की जाँच करवाने का निर्देश सहायक निदेशक (बाल संरक्षण) एवं सहायक अभियंता (विद्युत) को दिया गया।

बैठक में पर्यवेक्षण गृह के सुनवाई स्थल के समीप अभिभावकों के बैठने के लिए शेड की व्यवस्था तथा उसमें पंखा, उसके समीप शौचाल बनवाने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि जघन्य अपराध वाले बच्चों का मनोदशा ठीक करने के लिए मनोविज्ञान चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति की आवश्यकता है। डीएम द्वारा विभाग के स्तर से प्रतिनियुक्ति करवाने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि प्रत्येक प्रखण्ड में बाल संरक्षण समिति बनाया गया है, जिसके सचिव संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी होते हैं, लेकिन सभी प्रखण्डों से मासिक बैठक की कार्यवाही प्राप्त नहीं हो रही है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समेकित बाल विकास परियोजना) डॉ रश्मि वर्मा को अपने स्तर से कार्यवाही माँगकर जिला बाल संरक्षण समिति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। श्रीमती नूपूर ने बताया कि प्रखण्डों में दत्तक ग्रहण के संबंध में बनाए गए कानून का प्रचार-प्रसार स्वास्थ्य विभाग की बैठक में आशा व ए एन एम के माध्यम से करवायी जानी चाहिए।

बैठक में आर.टी.ई. के अन्तर्गत पर्यवेक्षण एवं बाल गृह के बच्चों के दाखिला के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। किशोर न्याय परिषद की समीक्षा में पाया गया कि उनके यहाँ 536 मामले, जिनमें 16 छोटे अपराध, 257 गंभीर अपराध एवं 262 जघन्य अपराध के मामले लंबित हैं। फरवरी माह में 11 मामले निष्पादित किये गए हैं। डीएम ने कहा कि मामलों के निष्पादन की संख्या अपेक्षाकृतत कम हैं। उन्होंने मामलों के निष्पादन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। बाल कल्याण समिति, दरभंगा की समीक्षा में पाया गया कि उनके यहाँ 38 मामले लंबित हैं। वर्तमान माह में 08 मामले निष्पादित किये गये हैं। कारण पुछने पर बताया गया कि अभिभावक के नहीं आने तथा बच्चों के नहीं ले जाने के कारण मामले लंबित हैं।

वृहद आश्रय स्थल के निर्माण के संबंध में भवन निर्माण विभाग ने बताया कि भराठी में 06 भवन का निर्माण कार्य जारी है। 08 जून 2023 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराने की तिथि निर्धारित है। ससमय भवन निर्माण करा लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 100 बालक एवं 100 बालिका क्षमता वाला वृह्द आश्रय गृह का निर्माण करवाया जा रहा है। सहायक निदेशक (बाल संरक्षण) ने बताया कि जिला बाल संरक्षण द्वारा परवरिश योजना के अन्तर्गत प्राप्त 1023 आवेदनों के विरूद्ध 694 लाभुकों को लाभान्वित किया गया है। प्रायोजन योजना के तहत 41 लाभुकों को लाभान्वित किया गया है। बाल सहायता योजना के तहत कोविड-19 से प्रभावित 02 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।

बैठक में चाइल्ड लाइन सलाहकार पार्षद के दूरभाष संख्या - 1098 का प्रचार-प्रसार के लिए स्टीकर सटवाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में जिला परिषद् अध्यक्ष श्रीमती रेणु देवी, अपर जिला सत्र न्यायाधीश-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार दीपक कुमार, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, श्रम अधीक्षक राकेश कुमार, किशोर न्याय परिषद के अध्यक्ष अजीत मिश्र, सदस्य गुंजन कुमारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार झा, सदस्य रेणु कुमारी, इन्द्रा कुमारी, चाइल्ड लाईन केन्द्र समन्वयक अराधना कुमारी, बाल गृह के अधीक्षक दीपक कुमार सिंह, पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक शशिकान्त सिंह, महिला संरक्षण पदाधिकारी अजमातून निशा, महिला थाना के थानाध्यक्ष नुसरत जहाँ उपस्थित थे।

लहेरियासराय रेलवे स्टेशन पर लो कॉस्ट ओवरब्रिज कुछ महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा – सांसद

February 21, 2023
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19.02.2023 (दरभंगा) : रेल संबंधी स्थायी समिति एवं रेल मंत्रालय के परामर्शदात्री समिति के सदस्य सह दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने लहेरियासराय में 5.23 करोड़ की लागत से बहुप्रतीक्षित लो कॉस्ट ओवरब्रिज के निर्माण का आधारशिला रखें। विदित हो कि उक्त लॉ कॉस्ट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए सांसद वर्षों से प्रयासरत थे। शिलान्यास के पश्चात सांसद डॉ ठाकुर ने रेल अधिकारियों के साथ इस ब्रिज निर्माण स्थल सहित लहेरियासराय स्टेशन का निरीक्षण कर विकास कार्य एवं यात्री सुविधाओं का जायजा लिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मिथिला सहित पूरे देश में ऐतिहासिक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा की रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के दूरगामी सोच के बदौलत भारतीय रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधा में अभूतपूर्व बदलाव आया है और यह प्रयास निरंतर जारी है। सांसद डॉ ठाकुर लहेरियासराय रेलवे स्टेशन पर बहुप्रतीक्षित लो कॉस्ट ओवरब्रिज के निर्माण हेतु वह वर्षों से प्रयासरत थे, जिसके परिणामस्वरूप आज इसके निर्माण का आधारशिला रखा गया है, अगले कुछ महीनों में यह ब्रिज बनकर कर जनसेवा के लिए तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा की इसके बन जाने से स्टेशन के दूसरी तरफ निवास करने वाली लाखों की आबादी आसानी से मुख्यालय आवागमन कर सकेगी और उन्हें जाम से मुक्ति मिल जाएगा।

सांसद ने कहा की अमृत भारत योजना के तहत लहेरियासराय स्टेशन का कायाकल्प होगा। इसके तहत स्टेशन अत्याधुनिक यात्री सुविधा से लैस हो जाएगा। उन्होंने कहा की वर्तमान में लगभग 15 करोड़ से अधिक की लागत से स्टेशन परिसर में विभिन्न कार्य प्रगति पर है। वहीं करोड़ों की लागत से 30 अधिकारी और कर्मचारी आवास का निर्माण भी अंतिम चरण में है। भाजपा सांसद ने कहा की बीते वर्ष लहेरियासराय स्टेशन पर आरओबी का लोकार्पण किया गया था। उन्होंने कहा की रेलवे के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक लहेरियासराय - सहरसा के बीच लगभग 100 किमी नई रेल लाईन निर्माण हेतु डीपीआर तैयार करने हेतु निविदा प्रकाशित किया जा चुका है। दरभंगा में बहुप्रतीक्षित दो आरओबी के निर्माण हेतु निविदा प्रकाशित हो चुका है।

समपार फाटक संख्या 2 पर 4988.41 लाख की लागत से वहीं समपार फाटक संख्या 21 चट्टी गुमटी पर 5543.78 लाख की लागत से जल्द आरओबी निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। शेष बचे आरओबी के निर्माण के लिए भी वह प्रयासरत है, और इसको लेकर वह बीते दिनों केंद्रीय परिवहन सचिव और रेल मंत्रालय में अधिकारियों के साथ मिले थे, जल्द ही उसके लिए निविदा प्रकाशित हो जाएगा। सांसद ने कहा की इस बार के रेल बजट में भी बिहार को काफी कुछ दिया गया है। दरभंगा सहित बिहार के कई अन्य स्टेशन को अत्याधुनिक विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने हेतु स्वीकृति प्रदान किया गया है। बिहार में रेलवे के कायाकल्प के लिए 8505 करोड़ रुपया का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा की 17 रेल पथ का दोहरीकरण, 36 नई रेल लाइन का निर्माण, जिसमे दरभंगा - मुजफ्फरपुर 66.9 किमी नई रेल लाइन के लिए 20 करोड़,जयनगर - दरभंगा - नरकटियागंज 206 किमी रेल लाइन के लिए 25 करोड़, सकरी - हसनपुर 79 किमी के लिए 75 करोड़ , सकरी - लौकहा बाजार - निर्मली, सहरसा - फारबिसगंज 206 किमी के लिए 105 करोड़ का प्रावधान केंद्रीय बजट में किया गया है।

उत्तर बिहार को जोड़ने के लिए राजेंद्र पुल - रामपुर टाल के बीच राजेंद्र पुल के समानांतर पुल के 500 करोड़, 253 करोड़ की लागत से बन रहे 7.64 किमी लंबा दरभंगा बायपास लाईन जो काकरघाटी से शीशों को जोड़ेगी के लिए 75 करोड़ , समस्तीपुर - दरभंगा 38 किमी के लिए चल रहे दोहरीकरण कार्य के लिए 75 करोड़, दरभंगा स्टेशन पर सेकेंड एंट्री गेट के लिए 1.5 करोड़ को स्वीकृति दी गई है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की मोदी सरकार के कार्यकाल में सभी कार्य एक दूरगामी विजन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।

उन्होंने वहां उपस्थित अधिकारियों को समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी रेलवे स्टेशन पर साफ सफाई, सुरक्षा, पानी,शेड सहित यात्री सुविधा से जुड़े सभी चीजों को प्रमुखता से दुरुस्त करने को कहा।

कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष जीवछ सहनी, नगर विधायक संजय सरावगी, जिला परिषद सीता देवी, पार्षद राजू पासवान, धर्मशिला गुप्ता, सुजीत मल्लिक, अभयानंद झा, विकाश चौधरी, बैद्यनाथ चौधरी, श्रवण कुमार ठाकुर, श्याम सुंदर साहू, पप्पू चौधरी, पारस नाथ, कृष्ण भगवान झा, लवली झा, आदित्य नारायण मन्ना, मुकुंद चौधरी, नवीन चौधरी, रामाज्ञा चौधरी, प्रेम मिश्रा रिंकू, रजनीश सुंदरम, मूचकुंद झा,विकाश चौधरी, रुद्र चौधरी, संतोष पोद्दार, राकेश चौधरी, सुबित पाठक, राजेश रंजन, संजीव गुप्ता, अमरनाथ शर्मा, हेमचंद्र सिंह, रामनाथ सहनी सहित रेलवे के एडीआरएम जितेंद्र सिंह, राघवेंद्र नाथ झा, विनोद गुप्ता, चंद्रशेखर प्रसाद, विजय शंकर सिंह, अरुण कुमार, फरहान हासमी, पंकज भारती, अमित झा, दिलीप यादव, सुनील कुमार श्रीवास्तव, राम जी उपाध्याय, वेद प्रकाश वर्मा सहित कई पदाधिकारीगण मौजूद रहे।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
Dbg

04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।