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हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी को लेकर विचार गोष्ठी-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया

February 21, 2023
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16.02.2023 (दरभंगा) : प्रेक्षागृह दरभंगा में डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी को लेकर विचार गोष्ठी-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्वलन कर डीएम, मुखिया संघ के अध्यक्ष एवं उपस्थित प्रमुख गण द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर सभी मुखिया, प्रखंड प्रमुख, कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार को संबोधित करते हुए जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज ने कार्यक्रम की रूप-रेखा रखी तथा विचार गोष्ठी-सह-कार्यशाला का आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का नोडल विभाग जल संसाधन के मुख्य अभियंता हरि नारायण ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय पार्ट-2 के तहत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का संकल्प बिहार सरकार द्वारा लिया गया है।

इसके लिए प्रथम चरण में सर्वे का कार्य जल संसाधन विभाग, लघु सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से किया गया है। जिसमें 01 लाख 98 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से 01 लाख 02 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित एवं 98 हजार हेक्टेयर भूमि को असिंचित क्षेत्र में पाया गया है, जिसके लिए सिंचाई के विभिन्न साधनों के लिए योजना बनाई जा रही है तथा कौन से सिंचाई के साधन किस खेत के लिए उपयुक्त होगा, चिन्हित किया जा रहा है। अभी तक 28 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई साधन के लिए चयनित किया गया है, इस भूमि को स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं कृषि विभाग के माध्यम से चिन्हित करवाने का निर्णय डीएम द्वारा लेते हुए आज का कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि दो हजार हेक्टेयर तक की भूमि के लिए सिंचाई की व्यवस्था लघु सिंचाई विभाग करती है, दो हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि के लिए सिंचाई की व्यवस्था जल संसाधन विभाग करती है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई विभाग ने कहा कि दो हजार हेक्टेयर तक की भूमि के लिए सिंचाई की व्यवस्था लघु सिंचाई विभाग करती है, जिनमें दो तरह से प्रबंधन किया जाता है एक सतही जल से सिंचाई की व्यवस्था दूसरा भू-गर्भ जल से सिंचाई की व्यवस्था। जहां खेत, पोखर, तलाब, नदी, नहर उपलब्ध हो वहां सतही जल से या उद्वह योजना से लघु सिंचाई विभाग द्वारा सिंचाई की व्यवस्था कि जाती है, यदि आस-पास सतही जल उपलब्ध न हो तो, नलकूप के द्वारा भू-गर्भ जल से सिंचाई की व्यवस्था की जाती है, अतः किस खेत के लिए कौन सी योजना उपयुक्त होगी, इसकी जानकारी हमें चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले सभी विभागों के साथ जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करना जिससे कि वहां की जनता को अधिक से अधिक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि अपने पंचायत के बारे में आप बेहतर समझते हैं, एक किसान अपने खेत के बारे में बेहतर ज्ञान रखता है। कई विभागों के कार्यों के बारे में आपको जानकारी नहीं रहती है, इस गैप को पाटने के लिए आज का कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय पार्ट-2 के तहत सरकार का संकल्प है, हर खेत तक स-समय फसल चक्र के अनुसार सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना, ताकि कृषि उत्पादकता को बढ़ाया जा सके। साथ ही जल संसाधन विभाग से भी अपेक्षा है कि वर्षा के दौरान जहां पानी लग जाता है, उस पानी की निकासी कर उसका सदुपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि खेती समय से नहीं होगी तो उत्पादकता भी घट जाती है और किसान को हानि होती है।

जब हमारे किसान तरक्की करेंगे तब समाज भी तरक्की करेगा और हम विकास की बात कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि हर खेत को पानी पहुंचाने के लिए एक सर्वे करवाया गया है और सिंचाई साधनों की प्राथमिकता निर्धारित की गई है, कम लागत पर पानी उपलब्ध कराया जा सके, यही हमारा उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि डीजल का उपयोग करने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, इसलिए सतही जल का अधिक से अधिक उपयोग किया जा सके इस पर मंथन किया जाए।उन्होंने कहा कि अच्छी सिंचाई प्रणाली के कारण दक्षिण बिहार धान एवं अन्य फसलों के उत्पादन में उत्तर बिहार से आगे है, जबकि मिट्टी यहां की ज्यादा उपजाऊ है। सोन नहर प्रणाली का इसमें प्रमुख योगदान है, सिंचाई का तंत्र वहां विकसित है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यशाला का यही मुख्य उद्देश्य है कि दरभंगा के विभिन्न क्षेत्रों में सिंचाई के किस तंत्र की संभावना ज्यादा है, यह जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि वे चाहेंगे कि जल संसाधन विभाग वैसी नहर प्रणाली विकसित करें। उन्होंने कहा कि यदि नहर की संभावना कहीं भी है तो उससे अवगत करावें और इससे केवल एक पंचायत के लिए सीमित नहीं रखा जाए। क्योंकि जल संसाधन विभाग दो हजार हेक्टेयर से अधिक की योजना पर ही काम करती है। उन्होंने कहा कि जिले में उद्वह योजना 113 स्थानों पर संचालित है, जिले में आहर,पईन की संख्या मात्र तीन है। उन्होंने कहा कि नहर विस्तारीकरण की एक योजना खराजपुर की ली गई है, जल संसाधन विभाग का यह मानना है कि यहां की स्थलाकृति नहर प्रणाली के योग्य नहीं है। इसलिए आप से फीडबैक लेने का निर्णय लिया गया। यदि स्थानीय जन प्रतिनिधि नहर प्रणाली की संभावना व्यक्त करते हैं तो इस पर कार्य विभाग को करने को कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि नदी की में चेक डैम बनाकर सिंचाई की संभावना भी तलाश की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे चेक डैम बनवाया जा सकता है, उन्होंने कहा कि कई बार नदी अपनी धारा बदल लेती है, पुरानी धारा को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट कर पानी को सिंचित किया जा सकता है जिससे हमारा सतही जल का आकार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दरभंगा में मखाना की खेती के लिए खेत विधि प्रणाली विकसित हो गई है, यदि खेतों में बाढ़ के समय 2 से 3 फीट तक पानी लगा रहता है उसे मेड़ बनाकर पानी रोककर मखाना की खेती की जा सकती है। उन्होंने कहा कि फसल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए बीज चक्र का प्रयोग किया जा रहा है। यानी बीज के प्रकार बदल-बदल कर खेती करनी है उसके लिए बीज वितरण भी किया जाता है। यह मखाना पर भी लागू होता है वर्तमान में मखाना बीज के दो किस्म हैं सबौर मखाना और स्वर्ण वैदेही जिसे बदल बदल कर लगाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि एंटी फ्लड सुईल्स गेट जहां बनाया गया है, वहां से भी नहर निकाली जा सकती है अगर इस तरह की संभावना बनती है तो उसका भी प्रस्ताव दिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त नहर की पुनर्स्थापना की संभावना है, खेत में चैनल का भी विस्तार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्वह योजना के लिए अब अलग से बिजली की व्यवस्था सस्ती दर पर की जा रही है, इसलिए उद्वह योजना से भी हम सिंचाई की व्यवस्था कर सकते हैं। इस योजना के माध्यम से नदी के पानी को पाइप के माध्यम से खेतों में बने चैनल में छोड़कर बड़े भूभाग की सिंचाई की जा सकती है। यदि चैनल बनाने के लिए खेत उपलब्ध नहीं है, तो स्थाई चैनल 12 इंच का पाइप के माध्यम से चैनल बनाया जा सकता है।

गंगा जल को राजगीर, नवादा एवं गाया तक पाइप के माध्यम से ही पहुंचाया गया है। इस विधि के अंतर्गत जगह-जगह पाइप जोड़ने के पॉइंट बनाया जा सकता है। जहां से पाइप जोड़कर वहां के खेतों में सिंचाई की जा सकती है, यह विधि भी अपनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि भू-गर्भ जल हमारा सबसे कीमती जल स्रोत है यदि उसे हम संभाल कर नहीं रखेंगे तो पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जायेगी। राज्य के अन्य हिस्सों में या दूसरे राज्य या अन्य देशों में पेयजल की भी बड़ी कठिनाई से व्यवस्था हो पाती है। हम सौभाग्यशाली है कि यहां वैसी समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि भू-गर्भ जल को बचाने के लिए सतही जल का आवरण बढ़ाना होगा ताकि वर्षा एवं बाढ़ का पानी अधिक से अधिक संचित किया जा सके, इससे भू-गर्भ जल रिचार्ज होता रहता है। उन्होंने कहा कि राजकीय नलकूप चलाने की जिम्मेवारी अब ग्राम पंचायत को ही दी गयी है। कई बार चैनल नहीं रहने के कारण या छोटी-छोटी त्रुटि के कारण इसका उपयोग नहीं हो पाता है। उन्होंने सभी मुखिया को इसके लिए संवेदनशील बनने को कहा। उन्होंने कहा कि किसानों को जितना अधिक लाभ पहुंचा सकते हैं, आप लाभ पहुंचावें, आप में से बहुत सारे लोग अपने गाँव के विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया है।

यह भी हमने पंचायतों में भ्रमण के दौरान देखा है, इसलिए आप प्रस्ताव देंगे ताकि उस पर विमर्श कर कार्य किया जा सके। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, लघु सिंचाई विभाग, आत्मा, कृषि विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायतों में क्रियान्वित अपनी अपनी योजनाओं से संबंधित प्रस्तुतीकरण किया तथा जनप्रतिनिधियों से संवाद किया, उनके सुझाव लिए गए। कार्यक्रम का संचालन उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता ने किया।

शहर में में रिंग रोड बनाने हेतु डीपीआर बनाने के लिए निर्देश जारी

February 15, 2023
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15.02.2023 (दरभंगा) : मिथिला सहित संपूर्ण बिहार में लोगों को सुगम यातायात उपलब्ध कराने हेतु केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय कृत संकल्पित है। उक्त बातें दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कहा। बुधवार को नई दिल्ली में दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय परिवहन सचिव अलका उपाध्याय और चीफ इंजीनियर आर पी मीणा के साथ बैठक कर दरभंगा में क्रियान्वित एवं प्रस्तावित एनएच, एनएचएआई एवं आरओबी परियोजना की यथास्थिति से अवगत हुए एवं इसके निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।

सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण के तहत राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे मिथिला सहित बिहार के तमाम जिलों में बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की दरभंगा शहर में में रिंग रोड बनाने हेतु डीपीआर बनाने के लिए मंत्रालय द्वारा पथ निर्माण विभाग को निर्देश दे दिया गया है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि सेतुबंधन योजना के तहत दरभंगा में पांच आरओबी का निर्माण प्रस्तावित है जिसमें से एक आरओबी समपार फाटक संख्या दो (स्पेशल) का टेंडर भी हो चुका है और शेष बचे हुए चार आरओबी का टेंडर भी जल्द हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारतमाला परियोजना अंतर्गत प्रस्तावित आमस दरभंगा एक्सप्रेस वे सड़क को पूर्णिया प्रमंडल एवं एवं कोसी प्रमंडल तक विस्तार करने हेतु उनके द्वारा प्रस्ताव भेजा गया था जिसके उपरांत पटना से पूर्णिया को जोड़ने हेतु मंत्रालय द्वारा भारतमाला परियोजना द्वितीय में सम्मिलित करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा की आमस दरभंगा एक्सप्रेस वे सड़क का निर्माण पूर्ण करने की समय सीमा निर्धारित कर दी गई है।

यह सड़क शिलान्यास की तिथि से अगले दो वर्ष में बन कर पूर्ण हो जाएगी। इसके अलावा उन्होंने SH- 88 वरुणा से रसियारी पथ को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने, दरभंगा से खगड़िया भाया बेनीपुर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान एसएच सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क में परिवर्तित करने, लहेरियासराय से सतीघाट कुशेश्वरस्थान भाया बहेरी, सिंघिया सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क में परिवर्तित किया करने का भी अनुरोध किए है। उन्होंने कहा की मंत्रालय द्वारा बताया गया है की वर्तमान में नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की नीति यातायात घनत्व, माल ढुलाई यात्री आवाजाही क्षेत्र के सामाजिक आर्थिक दृष्टिकोण पर्यटन तथा राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़कों को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत किया जाता है और यह सभी पथ मंत्रालय में विचाराधीन है।

इसके अलावा दरभंगा से रोसरा तक प्रस्तावित टू-लेन ग्रीन फील्ड एलाइनमेंट को लिंक रोड के द्वारा बहेड़ी से जोड़ने हेतु भी उनके द्वारा प्रस्ताव भेजा गया था, मंत्रालय द्वारा उपरोक्त सेक्शन का डीपीआर भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा की निर्माणाधीन उमगांव उच्चैठ भगवती स्थान से महिषी तारा स्थान सड़क में भेजा जहां कोसी नदी पर पुल निर्माणाधीन है से सीधा दक्षिण दिशा में भाया किरतपुर जमालपुर गंडोल होते महिषी तारा स्थान तक लगभग 32 किलोमीटर टू लिंक लिंक रोड निर्माण हेतु भी वह विभागीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किए थे।

इसके उपरान्त दक्षिण दिशा में भाया किरतपुर जमालपुर गंडोल हेतु महिषी तारा स्थान तक spur बनाने के लिए एनएचएआई को निर्देशित किया जा चुका है। उन्होंने कहा की देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी के नेतृत्व में बिहार में हजारों करोड़ रुपए कि लागत से सैकड़ों किलोमीटर एनएच सड़क का निर्माण हो रहा है, जिसमे भारत-नेपाल बॉर्डर सड़क (552 किमी) भी शामिल है।

डीएम ने बच्चों से खान-पान, पढाई और पुनर्वास की जानकारी ली

February 15, 2023
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15.02.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता मे जिला निरीक्षण समिति द्वारा आज बाल गृह, पर्यवेक्षण गृह तथा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया गया। समिति के अन्य सदस्यों के रूप मे सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई नेहा नूपुर, सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी समर बहादुर सिंह, पुलिस उपाधिक्षक(मुo), किशोर न्याय परिषद के सदस्यों अजित मिश्रा व श्रीमती गुंजन कुमारी तथा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र कुमार झा ने निरीक्षण में भाग लिया। दोनों गृहों के अधीक्षक एवं अन्य कर्मियों के साथ बाल संरक्षण पदाधिकारी गोविंद राम भी वहाँ उपस्थित थे। वर्तमान मे बाल गृह में 22 बच्चे आवासित पाए गए जिनमें 6 बच्चे विशेष इकाई के हैं। निरीक्षण के समय बच्चे क्लास में पढाई कर रहे थे। वहाँ तीन शिक्षिकाएं उपस्थित थीं, जिन्हे शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्त किया गया है।

डीएम ने बच्चों से खान पान, पढाई और पुनर्वास की जानकारी ली। समिति ने किचन और बच्चों के रहने के कमरों का भी निरीक्षण किया। साफ-सफाई एवं खान-पान की स्थिति संतोषजनक पायी गयी। पर्यवेक्षण गृह मे दरभंगा जिले के समस्तीपुर के 22 तथा मधुबनी के 54 अर्थात् कुल 97 किशोर आवासित पाये गए। जिला पदाधिकारी ने उन पर लगे आरोपों एवं जमानत की स्थिति की जानकारी ली। मधुबनी जिले के बच्चों की संख्या अधिक देख कर वहाँ के किशोर न्याय परिषद को पत्र देने का निदेश दिया गया। साथ ही भवन निर्माण विभाग को चाहरदिवारी पर consertina wire लगाने तथा अभिभावको के लिए किशोर न्याय परिषद के बाहर शेड लगाने हेतु पत्र देने का निदेश दिया। सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई ने बताया कि विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में दो बच्चे आवासित पाये गए जिनमें से एक बच्ची को अमेरिका की दंपत्ति द्वारा और एक बच्चे को दंपत्ति द्वारा गोद लेने के लिए रिज़र्व किया गया है।

जल-जीवन-हरियाली अभियान की हुई समीक्षा बैठक, 15 दिनों के अंदर तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करवाने के निर्देश

February 15, 2023
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14.02.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत 11 अवयवों पर किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि दरभंगा के 800 तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। बहादुरपुर में दो, दरभंगा सदर में तीन, मनिगाछी में दो एवं सिंहवाड़ा में तीन तलाब अतिक्रमण मुक्त किया जाना शेष है। डीएम ने 15 दिनों के अंदर इन तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करवाने के निर्देश दिए।

बताया गया कि जिले के सभी कुँआ को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है, कुँआ का जीर्णोद्धार अब ग्राम पंचायत द्वारा कराया जा रहा है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा कुल 23 बड़े तालाब, जो पाँच एकड़ से अधिक वाले हैं, को जीर्णोद्धार के लिए चयन किया गया है,जीर्णोद्धार के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में पाया गया कि मनरेगा के माध्यम से 2598 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाना है, अभी तक 321 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। इस कार्य को पूर्ण करने के लिए दो वर्ष की अवधि, यानी मार्च 2025, तक विस्तारित की गई है। आहर एवं पईन का जीर्णोद्धार मनरेगा के द्वारा कराया जा रहा है, डीएम ने टीम का गठन कर जीर्णोद्धार कराए गए आहर एवं पइन की जाँच कराने के निर्देश मिशन प्रबंधक जल-जीवन-हरियाली दरभंगा को दिया गया। कुँआ एवं चापाकल के समीप सोख्ता निर्माण कार्य के समीक्षा में मनरेगा के कार्य गति काफी धीमी पाई गई।

डीएम ने इस बावत सभी कार्यक्रम पदाधिकारी से कारणपृक्षा करने के निर्देश दिए। खेत/पोखर सृजन करने की समीक्षा में पाया गया कि 621 खेत/पोखर का सृजन मनरेगा के माध्यम से कराया गया है। मत्स्य विभाग द्वारा 157 एवं कृषि विभाग द्वारा दो खेत पोखर का सृजन करवाया गया है। छत वर्षा जल संचयन संरचना 1800 भवनों पर निर्माण कराया जाना है, शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक 138 भवनों पर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन भवनों पर छत वर्षा जल संचयन संरचना का निर्माण करवाया गया है। पौधशाला की प्रविष्टि जेजेएच पोर्टल पर नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई।

डीएम ने मिशन प्रबंधक को जीविका के डीपीएम से समन्वय स्थापित कर सभी 12 पौधशाला की प्रविष्टि जेजेएच पोर्टल पर कराने के निर्देश दिए। दरभंगा में टपकन सिंचाई के माध्यम से 623 एकड़ भूमि पर जैविक खेती की जा रही है। सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु 165 भवन का चयन किया गया है। समीक्षा में पाया गया कि चयनित एजेंसी के कार्य की गति ठीक नहीं है, इस संबंध में मिशन निदेशक जल-जीवन-हरियाली को प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला कृषि पदाधिकारी विपिन कुमार सिन्हा, एसीएमओ जेपी मेहता, परियोजना निदेशक (आत्मा) पूर्णेन्दु नाथ झा एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

दो आरओबी का निविदा प्रकाशित हो चुका है, निर्माण कार्य जल्द – सांसद

February 15, 2023
13.02.2023 (दरभंगा) : दरभंगा में बहुप्रतीक्षित दो आरओबी का निविदा प्रकाशित हो चुका है, जल्द निर्माण कार्य होगा प्रारंभ उक्त बातें सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा की 4988.41 लाख की लागत से समपार फाटक संख्या 2 पर, वहीं 5543.78 लाख की लागत से समपार फाटक संख्या 21 पर आरओबी निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

उन्होंने कहा की दोनो आरओबी के निविदा के पश्चात जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा की इस दोनो आरओबी के बन जाने से एयरपोर्ट और लहेरियासराय स्टेशन के पूर्व जाने जाने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी, वहीं शहर में जाम से भी निजात मिलने में सहायक होगा। सांसद ने कहा की वह दरभंगा के अन्य बचे आरओबी के लिए निर्माण के लिए भी प्रयासरत है, जल्द ही उन सभी आरओबी का निविदा भी निकल जाएगा। सांसद ने केंद्रीय रेल बजट पर जानकारी देते हुए कहा की इस बार के बजट में बिहार की काफी कुछ दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार के केंद्रीय बजट में दरभंगा सहित बिहार के मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, गया, राजेंद्रनगर टर्मिनल, बक्सर, बरौनी को अत्याधुनिक विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने हेतु स्वीकृति प्रदान किया गया है, वहीं अमृत भारत योजना के तहत बिहार के पचास से अधिक रेलवे स्टेशन, जिसमे दरभंगा संसदीय क्षेत्र के सकरी और लहेरियासराय स्टेशन को शामिल किया गया है।

सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि बिहार में रेलवे के कायाकल्प के लिए 8505 करोड़ रुपया का प्रावधान किया गया है, इसके अलावा 17 रेल रूट पथ का दोहरीकरण, 36 नई रेल लाइन का निर्माण, जिसमे दरभंगा - मुजफ्फरपुर 66.9 किमी नई रेल लाइन के लिए 20 करोड़ की राशि को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा जयनगर - दरभंगा - नरकटियागंज 206 किमी रेल लाइन के लिए 25 करोड़, अररिया - सुपौल, सकरी - हसनपुर 79 किमी के लिए 75 करोड़ , खगड़िया - कुशेश्वरस्थान, मानसी - सहरसा 143 किमी के लिए 8 करोड़, मुजफ्फरपुर - छपरा 84.65किमी के लिए 20 करोड़ , सकरी - लौकहा बाजार - निर्मली, सहरसा - फारबिसगंज 206किमी के लिए 105 करोड़, मुजफ्फरपुर - सुगौली 100.6 किमी के लिए 400 करोड़, सुगौली - वाल्मीकीनगर 109.7किमी के लिए 300 करोड़ का प्रावधान केंद्रीय बजट में किया गया है।

उन्होंने कहा कि उत्तर बिहार को जोड़ने के लिए राजेंद्र पुल - रामपुर टाल के बीच राजेंद्र पुल के समानांतर पुल के 500 करोड़ की राशि को बजटीय स्वीकृति दी गई है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि 253 करोड़ की लागत से बन रहे 7.64 किमी लंबा दरभंगा बायपास लाईन जो काकरघाटी से शीशों को जोड़ेगी के लिए 75 करोड़ , समस्तीपुर - दरभंगा 38 किमी के लिए चल रहे दोहरीकरण कार्य के लिए 75 करोड़, दरभंगा स्टेशन पर सेकेंड एंट्री गेट के लिए 1.5 करोड़ को स्वीकृति दी गई है।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
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04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।