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21.02.2023 (दरभंगा) : डीएमसी का 98वां स्थापना दिवस हर्षोल्लाष के साथ मनाया जायेगा। इस सम्बन्ध में प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी गयी। डीएमसी बिहार के पुरातन मेडिकल कॉलेज में से एक है। यह पूरे मिथिलांचल, पूर्वोत्तर सीमावर्ती बिहार, यूपी और पश्चिम बंगाल के साथ नेपाल राष्ट्र को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए ख्याति प्राप्त है।

यहां के चिकित्सक भारत और विश्व में अपनी उत्कृष्ट सेवा के कारण परचम लहरा चुके हैं। इस वर्ष यह अपना 98 वां स्थापना दिवस मना रहा है। यहां के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों के साथ-साथ पूर्ववर्ती छात्रों के लिए यह उत्सव का अवसर होता है। कोरोना के भयावाह वातावरण से मुक्ति और डीएमसीएच की जमीन से एम्स को उचित स्थान पर ले जाने के कारण अपनी अस्मिता लौटने की खुशी के माहौल में दरभंगा मेडिकल कॉलेज स्थापना दिवस एवं पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह ज्यादा ही उत्साह से मनाया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम के शुरू होने से दस दिन पहले से कैंपस में उत्सव का माहौल है। छात्र-छात्राओं के अलग-अलग इनडोर और आउटडोर गेम्स स्पोर्ट्स की गतिविधियां जारी है।

इस दौरान लड़कों के फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी खेल के साथ लड़कियों की कैरम बोर्ड, मेहंदी, रंगोली, कुकिंग कंपटीशन होते रहे। दरभंगा मेडिकल कॉलेज लिटरेरी सोसायटी ने अनेक साहित्यिक एवं कलात्मक गतिविधियां 'हटके बातें' के तहत आयोजित की। क्वीज, डिबेट, अभिव्यक्ति, पेंटिंग और नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम के तहत आयोजित किए गए। सीएफडी के दौरान पहली बार भव्य सीएमइ और इंटरनेशनल मेडिकल कॉन्फ्रेंस का आयोजन 22 फरवरी 2023 को किया जा रहा है। 27 ओरल प्रेजेंटेशन पीजी के और 3 यूजी के होंगे और इससे ज्यादा ही पोस्टर ऑडिटोरियम के बाहर की गैलरी में प्रदर्शित किए जाएंगे। इस दौरान पीजी और फैकल्टी अपने-अपने पेपर प्रस्तुत करेंगे। सेवानिवृत्त शिक्षकों को "सुदिर्घ सेवा सम्मान" समारोह 22 फरवरी 2023 को अपराह्न 3 बजे से ऑडिटोरियम में दिया जायगा। इस दौरान 31 जनवरी 2023 तक सेवानिवृत्त हुए दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के 12 चिकित्सकों का सम्मान के साथ भेंट और मोमेंटो प्रदान किए जाएंगे। अपराह्न 4 बजे से "प्राइज एंड एकोलेड" कार्यक्रम होगा जिसमें यूजी और पीजी छात्रों को अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। सप्ताह भर चले विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी इसी दौरान मेडल, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। 1978 बैच के पूर्ववर्ती छात्रों का मीट इसी दिन होगा।

मुख्य समारोह 23 फरवरी 2023 को होगा। सुबह 8:00 बजे से ही बैंड वादको द्वारा सभी छात्रावासों में उत्सव का माहौल बनाया जाएगा। पुराने भवन में सुबह 8:30 पर दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग से सेवानिवृत्त प्राध्यापक डा के एन पी सिन्हा ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। पुराने भवन में स्थित राजा रामेश्वर सिंह की प्रतिमा पर सभी पूर्वर्ती एवं वर्तमान छात्र माल्यार्पण करेंगे। इसके उपरांत प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों के नेतृत्व में सभी छात्र-छात्राएं और शिक्षक मार्च पास्ट करते हुए ए डी ब्लॉक जाएंगे। गायनी विभागाध्यक्ष डॉ सीमा के नेतृत्व में कल उनके विभाग के सारे चिकित्सकों ने मार्च पास्ट का मॉक ड्रिल किया जायेगा। मार्च पास्ट के दौरान बैंड बाजों की धुन पर थिरकते हुए चिकित्सक ए डी ब्लॉक पहुंचेंगे जहां पर जमकर मस्ती करेंगे। अल्पाहार के बाद 10:00 बजे से ऑडिटोरियम में साइंटिफिक सेशन होगा।

इस कार्यक्रम में ख्यातिप्राप्त ह्रदय रोग चिकित्सक डॉ अशोक कुमार गुप्ता, मेडिको लीगल केस के राष्ट्रीय स्तर के विद्वान और डीएमसी के एल्यूमिनी डॉक्टर मधुकर भट्ट, सेवानिवृत्त सर्जरी विभागाध्यक्ष, राजेन्द्र इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज, रांची एवं दरभंगा मेडिकल कॉलेज के एलुमनी और नेपालगंज मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त डॉक्टर एस एम मिश्रा अपना व्याख्यान देंगे। इसके उपरांत ऑडिटोरियम में नए और पूर्ववर्ती छात्र "मीट एंड ग्रीट" के दौरान अपने अपने मजेदार अनुभव एक दूसरे से साझा करेंगे। लंच के उपरांत उद्घाटन सत्र में बिहार राज्य के उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव वर्चुअल मोड में उद्घाटन करेंगे। मानद अतिथि के रूप में डॉक्टर समरेंद्र प्रताप सिंह, डॉक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह एवं डॉक्टर सुरेंद्रनाथ सिन्हा जो क्रमश ललित नारायण मिथिला एवं आर्यभट्ट के सेवानिवृत्त कुलपति, एल एन मिथिला यूनिवर्सिटी के वर्तमान कुलपति जो अभी आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी के कुलपति के भार में भी हैं और बिहार यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज के कुलपति हैं।

इस समारोह में डीएमसी एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ मधुकर भट्ट और सचिव डॉक्टर रमन कुमार वर्मा की उपस्थिति उल्लेखनीय है। इस कार्यक्रम के दौरान डॉ एस पी सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया जाएगा। पांच ग्रैंड मास्टर का फेलिसिटेशन भी इसी समारोह के दौरान होगा। इस बार के ग्रैंडमास्टर हैं डॉ राजेंद्र मिश्रा, डॉक्टर महेंद्र प्रसाद झा, डॉ सचिंद्र मोहन मिश्रा, डॉ गगन देव नारायण सिंह और डॉ शशि शेखर नारायण ओझा। कार्यक्रम के दौरान एक सौ से ज्यादा पृष्ठों की स्मारिका का भी विमोचन सारे अतिथि करेंगे, जिसका संपादन डॉ ओम प्रकाश डॉ सुशील कुमार, डॉ प्रभात कुमार लाल एवं डॉ प्रवीण प्रभास ने काफी परिश्रम से किया है। उद्घाटन सत्र के उपरांत एलुमनी एसोसिएशन की जनरल बॉडी की मीटिंग होगी, इसमें अगले साल के लिए पदाधिकारियों का चुनाव भी किया जाएगा।

सारे कार्यक्रम के आकर्षण के केंद्र में रहने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम 6:00 बजे से शुरू होगा। पिछले 10 दिन चले रिहर्सल का, जिसका सुपर विजन डॉ शीला कुमारी, डॉक्टर गौरी शंकर झा, डॉक्टर रमन कुमार वर्मा ने काफी परिश्रम से किया है, सबका दिल लुभायेगा। इस बार एक ट्रेड फेयर का भी आयोजन किया गया है जिसमें एक दर्जन के करीब संस्थाएं अपना स्टाल लगाएंगी। अधीक्षक डॉ हरिशंकर मिश्रा, डॉ हरी दामोदर सिंह, डॉक्टर विजेंद्र कुमार मिश्रा और डॉ संजय कुमार झा के देखरेख में ग्रैंड डिनर का आयोजन किया गया है। इस बार के कार्यक्रम में काफी संख्या में पूर्ववर्ती छात्र भी शामिल हुए हैं जिनमें 78 बैच के 3 दर्जन से ज्यादा पूर्ववर्ती छात्र शामिल हैं। डेढ़ हजार के आसपास प्रतिभागियों की संख्या को देखते हुए किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए इस बार सभी डेलीगेट को प्रवेश के लिए ऑई डी बैच और आधिकारिक कूपन आवश्यक कर दिया गया है।