March 04, 2023

28.02.2023 (दरभंगा) : जिला गंगा समिति की बैठक उप विकास आयुक्त श्रीमती अमृषा बैंस की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित की गयी। बैठक में उप विकास आयुक्त ने जिला के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की सीमा के अंतर्गत नदी में तरल और ठोस अपशिष्ट लाने वाले नालों की पहचान करने हेतु संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया। रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के अंतर्गत नदी प्रतिष्ठित स्थानों पर नदी किनारे घाट निर्माण हेतु प्राप्त प्रस्ताव पर आवश्यक कार्यवाही हेतु एवं बेनीपुर प्रखंड अंतर्गत बाथो रढीयाम पंचायत में जीवछ नदी पर बार बांध के नजदीक अपशिष्ट जल स्थिरीकरण तालाब (डब्लू०एस०पी०) निर्माण हेतु संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया गया। नमामि गंगे कार्यक्रम में युवाओं की सहभागिता के प्रगति के बारे में बताते हुए जिला परियोजना पदाधिकारी - नमामि गंगे ने बताया कि 3515 गंगा दूत का चयन एवं प्रशिक्षण संपन्न किया जा चुका है एवं 55 गंगा युवा क्लब का गठन किया जा चुका है। प्रशिक्षित गंगा दूत के द्वारा गंगा युवा क्लब के माध्यम से वृहत स्तर पर जनजागरूकता, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान इत्यादि का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर गंगा दूतों का जिला सम्मेलन का आयोजन कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाए। बैठक में जिला योजना पदाधिकारी नवीन कुमार, जिला परियोजना पदाधिकारी- नमामि गंगे फारूक इमाम एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
February 27, 2023

26.02.2023 (दरभंगा) : वर्ष 2022 व 23 में बाढ़ नहीं आने व वर्षा की भी कमी को देखते हुए आने वाले गर्मी के मौसम में खासकर दरभंगा नगर निगम क्षेत्र व दरभंगा ग्रामीण क्षेत्र में संभावित पेयजल की समस्या को लेकर दरभंगा, समाहरणालय स्थित सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार सरकार के मंत्री ललित कुमार यादव की अध्यक्षता में गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों के वाटर लेवल व वाटर लीवर की स्थिति से अवगत कराया गया। आने वाले गर्मी के मौसम में यदि वाटर लेवल नीचे चला जाता है तो छोटे चापाकल में समस्या उत्पन्न हो सकती है। डीएम राजीव रौशन द्वारा वर्तमान वर्ष में वर्षा कम होने के कारण शहरी क्षेत्र सहित पूरे जिले में जलस्तर में हो रही कमी की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता बताई गयी।
उन्होंने कहा कि यदि आने वाले गर्मी के समय में वर्षा नहीं होती है और किसी स्थान का वाटर लेवल नीचे चला जाता है, तो वहाँ एकाएक पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाएगी और उस समय सार्वजनिक चापाकल पर दबाव बढ़ जाएगा। इसलिए अभी से नये चापाकल लगाने, पुराने चापाकल में राइजर पाईप व सिलेंडर लगाकर चालू रखने हेतु टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर लेने हेतु निर्देशित किया। पी.एच.ई.डी के अधीक्षण अभियंता व कार्यपालक अभियंता ने बताया कि आकस्मिकता के लिए चापाकल मरम्मति टीम का गठन किया जा चुका है। डीएम ने कहा कि टीम के साथ-साथ संबंधित सामग्री का दर निर्धारण भी कर लिया जाए।
बैठक में नगर विधायक संजय सरावगी द्वारा शहरी क्षेत्र के लक्ष्मीसागर एवं सुन्दरपुर सहित सभी 08 शहरी जलापूर्ति टावर को चालू कराने के साथ-साथ लीकेज पाइप की मरम्मति करवाने, खराब चापाकलों की मरम्मति एवं बंद चापाकल के स्थान पर नए चापाकल लगाने हेतु अनुरोध किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि चापाकल के लिए पर्याप्त राशि नगर आयुक्त द्वारा पीएचईडी को उपलब्ध कराया गया है और कराया जा रहा है। मंत्री द्वारा अपने अधीक्षण अभियंता एवं सभी विभागीय अभियंताओं को शहरी क्षेत्र सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेयजल की समस्या से निपटने के लिए तत्काल युद्ध स्तर पर कार्य प्रारंभ करने हेतु निर्देशित किया गया।
उन्होंने कहा कि विभाग से जो भी सहयोग अपेक्षित है वह उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने पी.एच.ई.डी के अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि दरभंगा शहरी क्षेत्र के सभी सम्प हाउस, जलापूर्ति टावर, मुख्य पाइप लाइन, ब्रांच पाइप लाइन एवं सभी घरों के पाइप लाइन कनेक्शन की जाँच 15 दिनों के अंदर कराकर आवश्यकतानुसार उन्हें दुरुस्त कर लें। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त शहरी क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहे पर चापाकल की आवश्यकता का आकलन कर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को सूची उपलब्ध करा दें। पी.एच.ई.डी द्वारा वहाँ चापाकल की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में सभी प्रखण्ड एवं अंचलों से चापाकलों की सूची प्राप्त की गयी। बैठक में नगर आयुक्त कुमार गौरव द्वारा बताया गया कि शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों में कुल 200 चापाकल नगर निगम द्वारा एक माह के अंदर लगाया जाना है। इसके लिए नगर निगम को राशि उपलब्ध है। बैठक की कार्यवाही नगर आयुक्त के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त की गयी।
बैठक में दरभंगा नगर निगम के महापौर श्रीमती अंजुम आरा, उप महापौर श्रीमती नाजिया हसन, उप विकास आयुक्त श्रीमती अमृषा बैंस, पी.एच.ई.डी के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, जिला आपदा प्रबंधन प्रभारी सत्यम सहाय, सभी अंचलाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
February 27, 2023

25.02.2023 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में मेदांता हॉस्पिटल पटना के डॉ. अजय कुमार सिन्हा व डॉ सैयद फैज अहमद द्वारा समाहरणालय के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी गण को सीपीआर ट्रेनिंग प्रोग्राम का प्रशिक्षण दीया गया। प्रशिक्षण में सर्वप्रथम डॉ. अजय कुमार सिन्हा द्वारा बताया गया किसी व्यक्ति के आकस्मिक कारणों से जैसे की सड़क दुर्घटना, हार्टअटैक, पानी में डूब जाना, बिजली का झटका लगना इत्यादि के परिणाम स्वरुप हृदय की धड़कन बंद होने या अनियंत्रित होने से बेहोशी या मरणासन्न अवस्था में पहुंचने पर ह्रदय एवं श्वसन प्रक्रिया को पुनः स्थापित करने की आपातकालीन प्रक्रिया को सीपीआर (Cardiopulmonary resuscitation) कहते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अचानक हृदय की धड़कन बंद होने पर मस्तिष्क एवं शरीर के विभिन्न अंगों को जीवित रखने वाला रक्त प्रवाह बंद हो जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और पहले मस्तिक और फिर सारे अंग मृत हो जाते हैं। ऐसे में यदि मरीज को सीपीआर दिया जाए तो उसकी जान बच सकती है, यह प्रक्रिया अस्पताल के बाहर दुर्घटना स्थल पर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को समतल एवं सख्त धरातल पर लिटा दें, उसके तुरंत बाद ग्रीवा धमनी को अपनी अंगुली से जांच लें, यह सुनिश्चित करें कि वह सांस ले रहा है या नहीं, अगर बेहोश व्यक्ति की नब्ज नहीं चल रही हो तो और सांस नहीं ले रहा हो सीपीआर शुरू करें।
पेशेंट को सीधा लिटा दें इस दौरान शरीर के सारे अंग सीधे होने चाहिए, अपने दोनों हाथों की हथेलियों को एक दूसरे के ऊपर रखते हुए सीने को दबाए। चेस्ट पर दो से ढाई इंच से ज्यादा प्रेशर नहीं डालना है। छाती पर दबाव का दर 100 से 120 प्रति मिनट होनी चाहिए। श्वसन मार्ग से अवरोध को हटाए, कृत्रिम सांस दें। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम का आयोजित करने का उद्देश्य यह है कि आम जन-जीवन में जो हम किसी व्यक्ति को कॉर्डिस हर्ट अटैक आता है उससे हम कैसे उनको बचाए। इस अवसर पर विशेष कार्य पदाधिकारी सत्यम सहाय, जिला एवं सूचना विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार झा एवं पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे, वही मेदांता हॉस्पिटल की ओर से अश्वनी कुमार झा थे।
February 27, 2023

25.02.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय तथा अनुमंडल लोक शिकायत निवारण कार्यालय, दरभंगा सदर, बिरौल एवं बेनीपुर में 45 दिनों एवं 60 दिनों से अधिक के लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गयी। वैसे लोक प्राधिकार जिनके यहाँ 45 दिनों से अधिक के लंबित दो से अधिक मामले तथा 60 दिनों से अधिक के एक भी मामले लंबित है, को गंभीरता से लिया गया तथा लंबित मामले को जल्द से जल्द निष्पादन करने के सख्त निर्देश दिए गए। 45 कार्य दिवस से अधिक के लंबित मामलों में दो से अधिक मामले वाले लोक प्राधिकार में अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल, सहायक विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति, अवर प्रमंडल, नॉर्थ ग्रामीण, प्रखंड विकास पदाधिकारी कुशेश्वरस्थान, प्रखंड विकास पदाधिकारी बिरौल, प्रखंड विकास पदाधिकारी कुशेश्वरस्थान पूर्वी, प्रखंड विकास पदाधिकारी अलीनगर, अधीक्षक डीएमसीएच दरभंगा,जिला कृषि पदाधिकारी दरभंगा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं सिविल सर्जन दरभंगा शामिल हैं।
60 कार्य दिवस से अधिक लंबित मामले लोक प्राधिकार में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जाले, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद-सह-अपर समाहर्ता दरभंगा, सिविल सर्जन दरभंगा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी दरभंगा, अंचलाधिकारी कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, थानाध्यक्ष कुशेश्वरस्थान शामिल हैं। जिन लोक प्राधिकार पर पूर्व में सुनवाई के दौरान जुर्माना अधिरोपित किए गए हैं और अभी तक उनके द्वारा जुर्माना राशि जमा नहीं कराई गई है, उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द जुर्माना राशि जमा कराते हुए चालान की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि कुल 83 लोक प्राधिकार के विरुद्ध कुल 10 हजार 500 रुपये जुर्माना अधिरोपित है। बैठक में अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बिरौल, मो.नदीम उल हसन एवं अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बेनीपुर मनोज कुमार पवन ने बताया कि कई लोक प्राधिकार लगातार सुनवाई में स्वयं अनुपस्थित रहते हैं तथा मामले से जुड़े प्रतिनिधि को नहीं भेजकर अन्य कर्मी को भेज देते हैं जिन्हें परिवाद के तथ्यों की जानकारी नहीं रहती है, जिससे सुनवाई में काफी कठिनाई होती है,थाना से संबंधित अधिकतर मामलों में भी यही शिकायत रहती है।
डीएम ने इसके लिए गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन सुनवाई करने की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए, साथ ही आईटी प्रबंधक को यह सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में बताया गया कि ग्राम पंचायतों या अन्य कार्यकारी एजेंसी द्वारा रैयती भूमि पर सड़क का निर्माण बिना अनापत्ति प्राप्त किए बनवा दिया जाता है। ऐसे अनेक मामले सुनवाई में आ रहे हैं, निर्माण कार्य हो जाने के उपरांत इनमें निर्णय लेने में कठिनाई होती है।
डीएम ने अपर समाहर्ता को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत सहित सभी कार्यकारी एजेंसी को यह पत्र जारी किया जाए कि अंचलाधिकारी से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए, रैयती भूमि के मामले में रैयत से बिना सहमति प्राप्त किए यदि कोई निर्माण कार्य किया जाता है तो उसके मुआवजा के लिए दावा किए जाने पर मुआवजा देने की उनकी व्यक्तिगत जिम्मेवारी होगी। इसलिए निर्माण कार्य के पूर्व संबंधित अंचलाधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना एवं रैयती भूमि के मामले में संबंधित रैयत से सहमति/अनापत्ति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
बैठक में अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्ता अनिल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) बिरजू पासवान, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी सत्यम सहाय, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ रश्मि वर्मा, सहायक नोडल आईटी सेल पूजा चौधरी एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
February 27, 2023

24.02.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में भूमि-विवाद निष्पादन एवं मद्यनिषेध अभियान की ऑनलाइन समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में डीएम ने दरभंगा के सभी अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष से बारी-बारी से उनके यहां लंबित भूमि-विवाद के मामलों की समीक्षा की, साथ ही लंबित भूमि विवाद मामलों का निष्पादन जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि-विवाद के मामलों से विधि व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न होती है, इसलिए सभी अंचल एवं थाना संयुक्त रूप से भूमि-विवाद पर नियंत्रण रखें और प्रत्येक शनिवार को भूमि-विवाद की सुनवाई बैठक करें।
उन्होंने कहा कि लोक भूमि से संबंधित विवाद के मामले में स्पष्ट है कि उस पर लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम चलेगा और लोक भूमि पर किसी रैयत का अधिकार नहीं हो सकता। लेकिन सरकार यदि किसी को पर्चा दिया है या बिहार भूमि-विवाद निवारण अधिनियम के तहत किसी को बसाया है या किसी दान दाता की भूदान की जमीन पर किसी को बसाया है तो उसके दखल को सुरक्षित रखने की जिम्मेवारी सरकार को है। साथ ही उसे कोई बेदखल न करें यह भी सुनिश्चित करना है। रैयती जमीन विवाद के मामले में सीमांकन विवाद के मामले का निष्पादन भू मापी करवाकर किया जाये।
आपसी बटवारा का मामला स्वायत्त वाद (टाइटल सूट) के माध्यम से ही किया जा सकता है यह सुझाव, पक्षकारों को दिया जाए। यदि किसी के घर या किसी गांव में पहुंच पथ नहीं है तो, लोक भूमि के मामले में पहुंच पथ के लिए सरकार द्वारा जमीन दी जा सकती है, रैयती भूमि के मामले में संबंधित अनुमंडल दंडाधिकारी को सीआरपीसी की धारा-147 के तहत उस रैयती भूमि को, बिना मुआवजा के, देने का अधिकार प्रदत्त है। पहुंच पथ से किसी को वंचित नहीं किया जा सकता है। बिहार भूमि विवाद निवारण अधिनियम में डीसीएलआर को भी भूमि विवाद निराकरण की शक्ति प्रदत्त है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि रिविजनल सर्वे हो गया है और नया खतियान से जमाबंदी चल रहा है तो, पुराना खतियान के आधार पर मामले को नहीं देखा जाना चाहिए, नया खतियान में खेसरा भी दर्ज है, इसलिए नया खतियान के आधार पर ही भूमि विवाद के मामले को देखा जाना चाहिए। इससे भूमि विवाद का निष्पादन करने में सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि होली पर्व के अवसर पर लोग अपने-अपने घरों पर वापस आते हैं, इस दौरान वे पुराने भूमि विवाद के मामले निपटाने का प्रयास करते हैं। इसलिए होली पर्व को देखते हुए भूमि-विवाद के मामलों पर विशेष निगरानी रखा जाए।साथ ही होली को देखते हुए मद्यनिषेध अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, सभी थानाध्यक्ष को पूर्व चिह्नित स्थलों पर छापेमारी बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही थाने के मालखाने में रखे हुए जप्त शराब पर चौकसी रखने के निर्देश दिया गए। इसके साथ ही जिन जप्त शराबों के लिए विनिष्टिकरण का आदेश निर्गत किया जा चुका है, उन्हें तुरंत विनष्ट कर देने का निर्देश दिया गया।
होम्योपैथिक और अंग्रेजी दवा की दुकानों पर भी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। उत्पाद अधीक्षक को मद्यनिषेध अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिया गया। उन्हें बस स्टैंड रेलवे स्टेशन के साथ-साथ भीड़-भाड़ वाले चौराहे पर ब्रेथ इन्हेलाइजर का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए साथ ही रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेशन पर सामानों की भी चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, उप निदेशक जन संपर्क पदाधिकारी नागेंद्र कुमार गुप्ता, उत्पाद अधीक्षक ओम प्रकाश, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार झा एवं संबंधित पदाधिकारी गण शामिल थे।