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दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने के लिए सभी प्रक्रिया पूर्ण - सांसद

February 21, 2023
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21.02.2023 (दरभंगा) : दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने हेतु सभी प्रक्रिया पूर्ण हुई। उक्त बातें रेलवे संबंधी स्थायी समिति एवं रेल मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति सदस्य सह दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कही। वे नई दिल्ली में आयोजित रेलवे स्टैंडिंग कमिटी के बैठक में सम्मिलित हुए। उन्होंने अनिल कुमार लोहाटी को रेलवे बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त होने पर बधाई दी । बैठक के दौरान उन्होंने क्षेत्र से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। बैठक के पश्चात सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की आगामी वित्तीय वर्ष में रेलवे द्वारा नई रेल लाइन निर्माण पर 31850 करोड़, आमान परिवर्तन पर 4600 करोड़, दोहरीकरण पर 30749, यातायात सुविधा पर 6715 करोड़, विद्युतीकरण परियोजना पर 8070 करोड़, पीएसयू/जेवी/एसपीवी में निवेश पर 34354 करोड़, एमटीपी पर 5000 करोड़ रुपया अनुमानित खर्च किया जाना है।

इसके अलावा संरक्षा संबंधी कार्य जिसमे सड़क संरक्षा कार्य समपार पर 700 करोड़, सड़क संरक्षा कार्य ऊपरी पुल/निचला सड़क पुल पर 7400 करोड़, रेल पथ नवीकरण पर 17297 करोड़, पुल संबंधी कार्य पर 1255 करोड़, सिग्नल एवं दूरसंचार पर 4198 करोड़, अन्य विद्युत कार्य पर 1650 करोड़ खर्च का अनुमान है। इसके अलावा रेल संपर्कता के माध्यम से देश में अवसंरचनात्मक विकास और सुधार के लिए थीम आधारित अंब्रेला कार्य पर 497000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा की ग्राहक सुविधा, चल स्टॉक एवं निवेश, अन्य, पूंजीगत व्यय (पीपीपी को छोड़कर) , ईबीआर पर लगभग 260200 करोड़ का अनुमानित बजट है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में कुल 1275 स्टेशनों को चिन्हित किया गया है और चरणबद्ध कार्यान्वयन हेतु मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

इसके तहत स्टेशनों पर यातायात परिपथन में सुधार और परिपथन क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, पर्याप्त आकर का एंट्रेंस, स्टेशन भवन में सुधार, शौचालय में सुधार, बेहतर रोशनी और अच्छी गुणवत्ता वाले फर्नीचर, आवश्यकतानुसार उच्च स्तरीय प्लेटफार्म और कवर प्लेटफार्म, रैंप, लिफ्ट, एक्सक्लेटर, यात्रियों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले संकेतक, दिव्यानजंग के अनुकूल उपयोगकर्ता सुविधा, सीसीटीवी, जल संचयन, सौर ऊर्जा, स्थानीय कला और संस्कृति पर फोकस, एक स्टेशन एक उत्पाद स्थानीय उत्पाद सहित कई चीजों को विकसित किया जाएगा। सांसद डॉ ठाकुर ने रेल संबंधी स्थायी समिति के चेयरमैन सह सांसद राधा मोहन सिंह एवं रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अनिल लोहती को दरभंगा-अजमेर बंद ट्रेन को पुनः चालू करवाने, वन्दे भारत एक्सप्रेस दरभंगा से पटना एवं दरभंगा से नई दिल्ली चलाने, मुजफ्फरपुर-हरिद्वार चलने वाली ट्रेन को विस्तारीकरण करके दरभंगा तक चलाने, सकरी स्टेशन पर कोच इंडिकेटर सिस्टम लगाने, सकरी गुमती पर आरओबी का निर्माण करने, ट्रेन नम्बर 15231/15232 का मार्ग परिवर्तित कर भाया दरभंगा-सीतामढ़ी चलाने, लहेरियासराय स्टेशन जो अमृत भारत योजना में सम्मिलित है।

प्रमंडलीय मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय के समीप है पर लम्बी दूरी के ट्रेन करने, टुंडला स्टेशन पर सम्पर्क क्रांति एवं स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस का ठहराव करने, बिहार सम्पर्क क्रांति का नामकरण मिथिला सम्पर्क क्रांति के नाम से करने, ट्रेन में बढ़ते भीड़ को देखते हुए दरभंगा स्टेशन से लम्बी दूरी की नई ट्रेन दरभंगा स्टेशन से प्रारंभ करने, दरभंगा से इंदौर नई ट्रेन का परिचालन प्रारंभ करने सहित कई अन्य विषयों को लेकर ज्ञापन सौंपा। सांसद ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने के लिए सभी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, जल्द कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

जिला बाल संरक्षण समिति की हुई बैठक, संगीत शिक्षक एवं एक कम्प्यूटर शिक्षक की प्रतिनियुक्ति पर्यवेक्षण गृह में करने का आदेश दिया गया

February 21, 2023
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20.02.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गयी। सर्वप्रथम बैठक में विगत बैठक के अनुपालन प्रतिवेदन से अवगत कराते हुए सहायक निदेशक (बाल संरक्षण) नेहा नुपूर ने बताया गया कि पर्यवेक्षण गृह एवं बाल गृह में संगीत शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक की प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया गया था, जिसका अनुपालन लंबित है। डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सप्ताह में दो दिन एक संगीत शिक्षक एवं एक कम्प्यूटर शिक्षक की प्रतिनियुक्ति पर्यवेक्षण गृह में करने का आदेश दिया।

उन्होंने पोलटेकनिक कॉलेज के प्राचार्य से सम्पर्क कर कौशल विकास के लिए प्रशिक्षक की प्रतिनियुक्ति कराने का निर्देश सहायक निदेशक (बाल संरक्षण) को दिया। बैठक में बताया गया कि पर्यवेक्षण गृह की सुरक्षा घेरा को और मजबूत करने की आवश्यकता है। डीएम ने अपने पिछले भ्रमण के अवलोकन के आधार पर भवन निर्माण विभाग के अभियंता को पर्यवेक्षण गृह के चारों ओर घुमावदार फेंसिंग लगवाने तथा पर्यवेक्षण गृह का स्वंय भ्रमण कर उसकी मरम्मति का प्राक्कलन बनाने का निर्देश दिया। डीएम द्वारा बिजली शार्ट सर्किट की समस्या की जाँच करवाने का निर्देश सहायक निदेशक (बाल संरक्षण) एवं सहायक अभियंता (विद्युत) को दिया गया।

बैठक में पर्यवेक्षण गृह के सुनवाई स्थल के समीप अभिभावकों के बैठने के लिए शेड की व्यवस्था तथा उसमें पंखा, उसके समीप शौचाल बनवाने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि जघन्य अपराध वाले बच्चों का मनोदशा ठीक करने के लिए मनोविज्ञान चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति की आवश्यकता है। डीएम द्वारा विभाग के स्तर से प्रतिनियुक्ति करवाने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि प्रत्येक प्रखण्ड में बाल संरक्षण समिति बनाया गया है, जिसके सचिव संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी होते हैं, लेकिन सभी प्रखण्डों से मासिक बैठक की कार्यवाही प्राप्त नहीं हो रही है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समेकित बाल विकास परियोजना) डॉ रश्मि वर्मा को अपने स्तर से कार्यवाही माँगकर जिला बाल संरक्षण समिति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। श्रीमती नूपूर ने बताया कि प्रखण्डों में दत्तक ग्रहण के संबंध में बनाए गए कानून का प्रचार-प्रसार स्वास्थ्य विभाग की बैठक में आशा व ए एन एम के माध्यम से करवायी जानी चाहिए।

बैठक में आर.टी.ई. के अन्तर्गत पर्यवेक्षण एवं बाल गृह के बच्चों के दाखिला के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। किशोर न्याय परिषद की समीक्षा में पाया गया कि उनके यहाँ 536 मामले, जिनमें 16 छोटे अपराध, 257 गंभीर अपराध एवं 262 जघन्य अपराध के मामले लंबित हैं। फरवरी माह में 11 मामले निष्पादित किये गए हैं। डीएम ने कहा कि मामलों के निष्पादन की संख्या अपेक्षाकृतत कम हैं। उन्होंने मामलों के निष्पादन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। बाल कल्याण समिति, दरभंगा की समीक्षा में पाया गया कि उनके यहाँ 38 मामले लंबित हैं। वर्तमान माह में 08 मामले निष्पादित किये गये हैं। कारण पुछने पर बताया गया कि अभिभावक के नहीं आने तथा बच्चों के नहीं ले जाने के कारण मामले लंबित हैं।

वृहद आश्रय स्थल के निर्माण के संबंध में भवन निर्माण विभाग ने बताया कि भराठी में 06 भवन का निर्माण कार्य जारी है। 08 जून 2023 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराने की तिथि निर्धारित है। ससमय भवन निर्माण करा लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 100 बालक एवं 100 बालिका क्षमता वाला वृह्द आश्रय गृह का निर्माण करवाया जा रहा है। सहायक निदेशक (बाल संरक्षण) ने बताया कि जिला बाल संरक्षण द्वारा परवरिश योजना के अन्तर्गत प्राप्त 1023 आवेदनों के विरूद्ध 694 लाभुकों को लाभान्वित किया गया है। प्रायोजन योजना के तहत 41 लाभुकों को लाभान्वित किया गया है। बाल सहायता योजना के तहत कोविड-19 से प्रभावित 02 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।

बैठक में चाइल्ड लाइन सलाहकार पार्षद के दूरभाष संख्या - 1098 का प्रचार-प्रसार के लिए स्टीकर सटवाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में जिला परिषद् अध्यक्ष श्रीमती रेणु देवी, अपर जिला सत्र न्यायाधीश-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार दीपक कुमार, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, श्रम अधीक्षक राकेश कुमार, किशोर न्याय परिषद के अध्यक्ष अजीत मिश्र, सदस्य गुंजन कुमारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार झा, सदस्य रेणु कुमारी, इन्द्रा कुमारी, चाइल्ड लाईन केन्द्र समन्वयक अराधना कुमारी, बाल गृह के अधीक्षक दीपक कुमार सिंह, पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक शशिकान्त सिंह, महिला संरक्षण पदाधिकारी अजमातून निशा, महिला थाना के थानाध्यक्ष नुसरत जहाँ उपस्थित थे।

लहेरियासराय रेलवे स्टेशन पर लो कॉस्ट ओवरब्रिज कुछ महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा – सांसद

February 21, 2023
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19.02.2023 (दरभंगा) : रेल संबंधी स्थायी समिति एवं रेल मंत्रालय के परामर्शदात्री समिति के सदस्य सह दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने लहेरियासराय में 5.23 करोड़ की लागत से बहुप्रतीक्षित लो कॉस्ट ओवरब्रिज के निर्माण का आधारशिला रखें। विदित हो कि उक्त लॉ कॉस्ट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए सांसद वर्षों से प्रयासरत थे। शिलान्यास के पश्चात सांसद डॉ ठाकुर ने रेल अधिकारियों के साथ इस ब्रिज निर्माण स्थल सहित लहेरियासराय स्टेशन का निरीक्षण कर विकास कार्य एवं यात्री सुविधाओं का जायजा लिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मिथिला सहित पूरे देश में ऐतिहासिक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा की रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के दूरगामी सोच के बदौलत भारतीय रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधा में अभूतपूर्व बदलाव आया है और यह प्रयास निरंतर जारी है। सांसद डॉ ठाकुर लहेरियासराय रेलवे स्टेशन पर बहुप्रतीक्षित लो कॉस्ट ओवरब्रिज के निर्माण हेतु वह वर्षों से प्रयासरत थे, जिसके परिणामस्वरूप आज इसके निर्माण का आधारशिला रखा गया है, अगले कुछ महीनों में यह ब्रिज बनकर कर जनसेवा के लिए तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा की इसके बन जाने से स्टेशन के दूसरी तरफ निवास करने वाली लाखों की आबादी आसानी से मुख्यालय आवागमन कर सकेगी और उन्हें जाम से मुक्ति मिल जाएगा।

सांसद ने कहा की अमृत भारत योजना के तहत लहेरियासराय स्टेशन का कायाकल्प होगा। इसके तहत स्टेशन अत्याधुनिक यात्री सुविधा से लैस हो जाएगा। उन्होंने कहा की वर्तमान में लगभग 15 करोड़ से अधिक की लागत से स्टेशन परिसर में विभिन्न कार्य प्रगति पर है। वहीं करोड़ों की लागत से 30 अधिकारी और कर्मचारी आवास का निर्माण भी अंतिम चरण में है। भाजपा सांसद ने कहा की बीते वर्ष लहेरियासराय स्टेशन पर आरओबी का लोकार्पण किया गया था। उन्होंने कहा की रेलवे के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक लहेरियासराय - सहरसा के बीच लगभग 100 किमी नई रेल लाईन निर्माण हेतु डीपीआर तैयार करने हेतु निविदा प्रकाशित किया जा चुका है। दरभंगा में बहुप्रतीक्षित दो आरओबी के निर्माण हेतु निविदा प्रकाशित हो चुका है।

समपार फाटक संख्या 2 पर 4988.41 लाख की लागत से वहीं समपार फाटक संख्या 21 चट्टी गुमटी पर 5543.78 लाख की लागत से जल्द आरओबी निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। शेष बचे आरओबी के निर्माण के लिए भी वह प्रयासरत है, और इसको लेकर वह बीते दिनों केंद्रीय परिवहन सचिव और रेल मंत्रालय में अधिकारियों के साथ मिले थे, जल्द ही उसके लिए निविदा प्रकाशित हो जाएगा। सांसद ने कहा की इस बार के रेल बजट में भी बिहार को काफी कुछ दिया गया है। दरभंगा सहित बिहार के कई अन्य स्टेशन को अत्याधुनिक विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने हेतु स्वीकृति प्रदान किया गया है। बिहार में रेलवे के कायाकल्प के लिए 8505 करोड़ रुपया का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा की 17 रेल पथ का दोहरीकरण, 36 नई रेल लाइन का निर्माण, जिसमे दरभंगा - मुजफ्फरपुर 66.9 किमी नई रेल लाइन के लिए 20 करोड़,जयनगर - दरभंगा - नरकटियागंज 206 किमी रेल लाइन के लिए 25 करोड़, सकरी - हसनपुर 79 किमी के लिए 75 करोड़ , सकरी - लौकहा बाजार - निर्मली, सहरसा - फारबिसगंज 206 किमी के लिए 105 करोड़ का प्रावधान केंद्रीय बजट में किया गया है।

उत्तर बिहार को जोड़ने के लिए राजेंद्र पुल - रामपुर टाल के बीच राजेंद्र पुल के समानांतर पुल के 500 करोड़, 253 करोड़ की लागत से बन रहे 7.64 किमी लंबा दरभंगा बायपास लाईन जो काकरघाटी से शीशों को जोड़ेगी के लिए 75 करोड़ , समस्तीपुर - दरभंगा 38 किमी के लिए चल रहे दोहरीकरण कार्य के लिए 75 करोड़, दरभंगा स्टेशन पर सेकेंड एंट्री गेट के लिए 1.5 करोड़ को स्वीकृति दी गई है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की मोदी सरकार के कार्यकाल में सभी कार्य एक दूरगामी विजन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।

उन्होंने वहां उपस्थित अधिकारियों को समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी रेलवे स्टेशन पर साफ सफाई, सुरक्षा, पानी,शेड सहित यात्री सुविधा से जुड़े सभी चीजों को प्रमुखता से दुरुस्त करने को कहा।

कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष जीवछ सहनी, नगर विधायक संजय सरावगी, जिला परिषद सीता देवी, पार्षद राजू पासवान, धर्मशिला गुप्ता, सुजीत मल्लिक, अभयानंद झा, विकाश चौधरी, बैद्यनाथ चौधरी, श्रवण कुमार ठाकुर, श्याम सुंदर साहू, पप्पू चौधरी, पारस नाथ, कृष्ण भगवान झा, लवली झा, आदित्य नारायण मन्ना, मुकुंद चौधरी, नवीन चौधरी, रामाज्ञा चौधरी, प्रेम मिश्रा रिंकू, रजनीश सुंदरम, मूचकुंद झा,विकाश चौधरी, रुद्र चौधरी, संतोष पोद्दार, राकेश चौधरी, सुबित पाठक, राजेश रंजन, संजीव गुप्ता, अमरनाथ शर्मा, हेमचंद्र सिंह, रामनाथ सहनी सहित रेलवे के एडीआरएम जितेंद्र सिंह, राघवेंद्र नाथ झा, विनोद गुप्ता, चंद्रशेखर प्रसाद, विजय शंकर सिंह, अरुण कुमार, फरहान हासमी, पंकज भारती, अमित झा, दिलीप यादव, सुनील कुमार श्रीवास्तव, राम जी उपाध्याय, वेद प्रकाश वर्मा सहित कई पदाधिकारीगण मौजूद रहे।

हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी को लेकर विचार गोष्ठी-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया

February 21, 2023
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16.02.2023 (दरभंगा) : प्रेक्षागृह दरभंगा में डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी को लेकर विचार गोष्ठी-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्वलन कर डीएम, मुखिया संघ के अध्यक्ष एवं उपस्थित प्रमुख गण द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर सभी मुखिया, प्रखंड प्रमुख, कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार को संबोधित करते हुए जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज ने कार्यक्रम की रूप-रेखा रखी तथा विचार गोष्ठी-सह-कार्यशाला का आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का नोडल विभाग जल संसाधन के मुख्य अभियंता हरि नारायण ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय पार्ट-2 के तहत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का संकल्प बिहार सरकार द्वारा लिया गया है।

इसके लिए प्रथम चरण में सर्वे का कार्य जल संसाधन विभाग, लघु सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से किया गया है। जिसमें 01 लाख 98 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से 01 लाख 02 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित एवं 98 हजार हेक्टेयर भूमि को असिंचित क्षेत्र में पाया गया है, जिसके लिए सिंचाई के विभिन्न साधनों के लिए योजना बनाई जा रही है तथा कौन से सिंचाई के साधन किस खेत के लिए उपयुक्त होगा, चिन्हित किया जा रहा है। अभी तक 28 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई साधन के लिए चयनित किया गया है, इस भूमि को स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं कृषि विभाग के माध्यम से चिन्हित करवाने का निर्णय डीएम द्वारा लेते हुए आज का कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि दो हजार हेक्टेयर तक की भूमि के लिए सिंचाई की व्यवस्था लघु सिंचाई विभाग करती है, दो हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि के लिए सिंचाई की व्यवस्था जल संसाधन विभाग करती है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई विभाग ने कहा कि दो हजार हेक्टेयर तक की भूमि के लिए सिंचाई की व्यवस्था लघु सिंचाई विभाग करती है, जिनमें दो तरह से प्रबंधन किया जाता है एक सतही जल से सिंचाई की व्यवस्था दूसरा भू-गर्भ जल से सिंचाई की व्यवस्था। जहां खेत, पोखर, तलाब, नदी, नहर उपलब्ध हो वहां सतही जल से या उद्वह योजना से लघु सिंचाई विभाग द्वारा सिंचाई की व्यवस्था कि जाती है, यदि आस-पास सतही जल उपलब्ध न हो तो, नलकूप के द्वारा भू-गर्भ जल से सिंचाई की व्यवस्था की जाती है, अतः किस खेत के लिए कौन सी योजना उपयुक्त होगी, इसकी जानकारी हमें चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले सभी विभागों के साथ जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करना जिससे कि वहां की जनता को अधिक से अधिक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि अपने पंचायत के बारे में आप बेहतर समझते हैं, एक किसान अपने खेत के बारे में बेहतर ज्ञान रखता है। कई विभागों के कार्यों के बारे में आपको जानकारी नहीं रहती है, इस गैप को पाटने के लिए आज का कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय पार्ट-2 के तहत सरकार का संकल्प है, हर खेत तक स-समय फसल चक्र के अनुसार सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना, ताकि कृषि उत्पादकता को बढ़ाया जा सके। साथ ही जल संसाधन विभाग से भी अपेक्षा है कि वर्षा के दौरान जहां पानी लग जाता है, उस पानी की निकासी कर उसका सदुपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि खेती समय से नहीं होगी तो उत्पादकता भी घट जाती है और किसान को हानि होती है।

जब हमारे किसान तरक्की करेंगे तब समाज भी तरक्की करेगा और हम विकास की बात कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि हर खेत को पानी पहुंचाने के लिए एक सर्वे करवाया गया है और सिंचाई साधनों की प्राथमिकता निर्धारित की गई है, कम लागत पर पानी उपलब्ध कराया जा सके, यही हमारा उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि डीजल का उपयोग करने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, इसलिए सतही जल का अधिक से अधिक उपयोग किया जा सके इस पर मंथन किया जाए।उन्होंने कहा कि अच्छी सिंचाई प्रणाली के कारण दक्षिण बिहार धान एवं अन्य फसलों के उत्पादन में उत्तर बिहार से आगे है, जबकि मिट्टी यहां की ज्यादा उपजाऊ है। सोन नहर प्रणाली का इसमें प्रमुख योगदान है, सिंचाई का तंत्र वहां विकसित है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यशाला का यही मुख्य उद्देश्य है कि दरभंगा के विभिन्न क्षेत्रों में सिंचाई के किस तंत्र की संभावना ज्यादा है, यह जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि वे चाहेंगे कि जल संसाधन विभाग वैसी नहर प्रणाली विकसित करें। उन्होंने कहा कि यदि नहर की संभावना कहीं भी है तो उससे अवगत करावें और इससे केवल एक पंचायत के लिए सीमित नहीं रखा जाए। क्योंकि जल संसाधन विभाग दो हजार हेक्टेयर से अधिक की योजना पर ही काम करती है। उन्होंने कहा कि जिले में उद्वह योजना 113 स्थानों पर संचालित है, जिले में आहर,पईन की संख्या मात्र तीन है। उन्होंने कहा कि नहर विस्तारीकरण की एक योजना खराजपुर की ली गई है, जल संसाधन विभाग का यह मानना है कि यहां की स्थलाकृति नहर प्रणाली के योग्य नहीं है। इसलिए आप से फीडबैक लेने का निर्णय लिया गया। यदि स्थानीय जन प्रतिनिधि नहर प्रणाली की संभावना व्यक्त करते हैं तो इस पर कार्य विभाग को करने को कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि नदी की में चेक डैम बनाकर सिंचाई की संभावना भी तलाश की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे चेक डैम बनवाया जा सकता है, उन्होंने कहा कि कई बार नदी अपनी धारा बदल लेती है, पुरानी धारा को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट कर पानी को सिंचित किया जा सकता है जिससे हमारा सतही जल का आकार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दरभंगा में मखाना की खेती के लिए खेत विधि प्रणाली विकसित हो गई है, यदि खेतों में बाढ़ के समय 2 से 3 फीट तक पानी लगा रहता है उसे मेड़ बनाकर पानी रोककर मखाना की खेती की जा सकती है। उन्होंने कहा कि फसल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए बीज चक्र का प्रयोग किया जा रहा है। यानी बीज के प्रकार बदल-बदल कर खेती करनी है उसके लिए बीज वितरण भी किया जाता है। यह मखाना पर भी लागू होता है वर्तमान में मखाना बीज के दो किस्म हैं सबौर मखाना और स्वर्ण वैदेही जिसे बदल बदल कर लगाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि एंटी फ्लड सुईल्स गेट जहां बनाया गया है, वहां से भी नहर निकाली जा सकती है अगर इस तरह की संभावना बनती है तो उसका भी प्रस्ताव दिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त नहर की पुनर्स्थापना की संभावना है, खेत में चैनल का भी विस्तार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्वह योजना के लिए अब अलग से बिजली की व्यवस्था सस्ती दर पर की जा रही है, इसलिए उद्वह योजना से भी हम सिंचाई की व्यवस्था कर सकते हैं। इस योजना के माध्यम से नदी के पानी को पाइप के माध्यम से खेतों में बने चैनल में छोड़कर बड़े भूभाग की सिंचाई की जा सकती है। यदि चैनल बनाने के लिए खेत उपलब्ध नहीं है, तो स्थाई चैनल 12 इंच का पाइप के माध्यम से चैनल बनाया जा सकता है।

गंगा जल को राजगीर, नवादा एवं गाया तक पाइप के माध्यम से ही पहुंचाया गया है। इस विधि के अंतर्गत जगह-जगह पाइप जोड़ने के पॉइंट बनाया जा सकता है। जहां से पाइप जोड़कर वहां के खेतों में सिंचाई की जा सकती है, यह विधि भी अपनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि भू-गर्भ जल हमारा सबसे कीमती जल स्रोत है यदि उसे हम संभाल कर नहीं रखेंगे तो पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जायेगी। राज्य के अन्य हिस्सों में या दूसरे राज्य या अन्य देशों में पेयजल की भी बड़ी कठिनाई से व्यवस्था हो पाती है। हम सौभाग्यशाली है कि यहां वैसी समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि भू-गर्भ जल को बचाने के लिए सतही जल का आवरण बढ़ाना होगा ताकि वर्षा एवं बाढ़ का पानी अधिक से अधिक संचित किया जा सके, इससे भू-गर्भ जल रिचार्ज होता रहता है। उन्होंने कहा कि राजकीय नलकूप चलाने की जिम्मेवारी अब ग्राम पंचायत को ही दी गयी है। कई बार चैनल नहीं रहने के कारण या छोटी-छोटी त्रुटि के कारण इसका उपयोग नहीं हो पाता है। उन्होंने सभी मुखिया को इसके लिए संवेदनशील बनने को कहा। उन्होंने कहा कि किसानों को जितना अधिक लाभ पहुंचा सकते हैं, आप लाभ पहुंचावें, आप में से बहुत सारे लोग अपने गाँव के विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया है।

यह भी हमने पंचायतों में भ्रमण के दौरान देखा है, इसलिए आप प्रस्ताव देंगे ताकि उस पर विमर्श कर कार्य किया जा सके। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, लघु सिंचाई विभाग, आत्मा, कृषि विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायतों में क्रियान्वित अपनी अपनी योजनाओं से संबंधित प्रस्तुतीकरण किया तथा जनप्रतिनिधियों से संवाद किया, उनके सुझाव लिए गए। कार्यक्रम का संचालन उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता ने किया।

शहर में में रिंग रोड बनाने हेतु डीपीआर बनाने के लिए निर्देश जारी

February 15, 2023
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15.02.2023 (दरभंगा) : मिथिला सहित संपूर्ण बिहार में लोगों को सुगम यातायात उपलब्ध कराने हेतु केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय कृत संकल्पित है। उक्त बातें दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कहा। बुधवार को नई दिल्ली में दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय परिवहन सचिव अलका उपाध्याय और चीफ इंजीनियर आर पी मीणा के साथ बैठक कर दरभंगा में क्रियान्वित एवं प्रस्तावित एनएच, एनएचएआई एवं आरओबी परियोजना की यथास्थिति से अवगत हुए एवं इसके निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।

सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण के तहत राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे मिथिला सहित बिहार के तमाम जिलों में बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की दरभंगा शहर में में रिंग रोड बनाने हेतु डीपीआर बनाने के लिए मंत्रालय द्वारा पथ निर्माण विभाग को निर्देश दे दिया गया है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि सेतुबंधन योजना के तहत दरभंगा में पांच आरओबी का निर्माण प्रस्तावित है जिसमें से एक आरओबी समपार फाटक संख्या दो (स्पेशल) का टेंडर भी हो चुका है और शेष बचे हुए चार आरओबी का टेंडर भी जल्द हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारतमाला परियोजना अंतर्गत प्रस्तावित आमस दरभंगा एक्सप्रेस वे सड़क को पूर्णिया प्रमंडल एवं एवं कोसी प्रमंडल तक विस्तार करने हेतु उनके द्वारा प्रस्ताव भेजा गया था जिसके उपरांत पटना से पूर्णिया को जोड़ने हेतु मंत्रालय द्वारा भारतमाला परियोजना द्वितीय में सम्मिलित करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा की आमस दरभंगा एक्सप्रेस वे सड़क का निर्माण पूर्ण करने की समय सीमा निर्धारित कर दी गई है।

यह सड़क शिलान्यास की तिथि से अगले दो वर्ष में बन कर पूर्ण हो जाएगी। इसके अलावा उन्होंने SH- 88 वरुणा से रसियारी पथ को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने, दरभंगा से खगड़िया भाया बेनीपुर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान एसएच सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क में परिवर्तित करने, लहेरियासराय से सतीघाट कुशेश्वरस्थान भाया बहेरी, सिंघिया सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क में परिवर्तित किया करने का भी अनुरोध किए है। उन्होंने कहा की मंत्रालय द्वारा बताया गया है की वर्तमान में नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की नीति यातायात घनत्व, माल ढुलाई यात्री आवाजाही क्षेत्र के सामाजिक आर्थिक दृष्टिकोण पर्यटन तथा राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़कों को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत किया जाता है और यह सभी पथ मंत्रालय में विचाराधीन है।

इसके अलावा दरभंगा से रोसरा तक प्रस्तावित टू-लेन ग्रीन फील्ड एलाइनमेंट को लिंक रोड के द्वारा बहेड़ी से जोड़ने हेतु भी उनके द्वारा प्रस्ताव भेजा गया था, मंत्रालय द्वारा उपरोक्त सेक्शन का डीपीआर भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा की निर्माणाधीन उमगांव उच्चैठ भगवती स्थान से महिषी तारा स्थान सड़क में भेजा जहां कोसी नदी पर पुल निर्माणाधीन है से सीधा दक्षिण दिशा में भाया किरतपुर जमालपुर गंडोल होते महिषी तारा स्थान तक लगभग 32 किलोमीटर टू लिंक लिंक रोड निर्माण हेतु भी वह विभागीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किए थे।

इसके उपरान्त दक्षिण दिशा में भाया किरतपुर जमालपुर गंडोल हेतु महिषी तारा स्थान तक spur बनाने के लिए एनएचएआई को निर्देशित किया जा चुका है। उन्होंने कहा की देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी के नेतृत्व में बिहार में हजारों करोड़ रुपए कि लागत से सैकड़ों किलोमीटर एनएच सड़क का निर्माण हो रहा है, जिसमे भारत-नेपाल बॉर्डर सड़क (552 किमी) भी शामिल है।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
Dbg

04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।