DarbhangaOnline.Com Latest City News & Information.

मेदांता हॉस्पिटल पटना के टीम द्वारा सीपीआर (Cardiopulmonary resuscitation) की जानकारी दी गयी

February 27, 2023
Dbg

25.02.2023 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में मेदांता हॉस्पिटल पटना के डॉ. अजय कुमार सिन्हा व डॉ सैयद फैज अहमद द्वारा समाहरणालय के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी गण को सीपीआर ट्रेनिंग प्रोग्राम का प्रशिक्षण दीया गया। प्रशिक्षण में सर्वप्रथम डॉ. अजय कुमार सिन्हा द्वारा बताया गया किसी व्यक्ति के आकस्मिक कारणों से जैसे की सड़क दुर्घटना, हार्टअटैक, पानी में डूब जाना, बिजली का झटका लगना इत्यादि के परिणाम स्वरुप हृदय की धड़कन बंद होने या अनियंत्रित होने से बेहोशी या मरणासन्न अवस्था में पहुंचने पर ह्रदय एवं श्वसन प्रक्रिया को पुनः स्थापित करने की आपातकालीन प्रक्रिया को सीपीआर (Cardiopulmonary resuscitation) कहते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अचानक हृदय की धड़कन बंद होने पर मस्तिष्क एवं शरीर के विभिन्न अंगों को जीवित रखने वाला रक्त प्रवाह बंद हो जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और पहले मस्तिक और फिर सारे अंग मृत हो जाते हैं। ऐसे में यदि मरीज को सीपीआर दिया जाए तो उसकी जान बच सकती है, यह प्रक्रिया अस्पताल के बाहर दुर्घटना स्थल पर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को समतल एवं सख्त धरातल पर लिटा दें, उसके तुरंत बाद ग्रीवा धमनी को अपनी अंगुली से जांच लें, यह सुनिश्चित करें कि वह सांस ले रहा है या नहीं, अगर बेहोश व्यक्ति की नब्ज नहीं चल रही हो तो और सांस नहीं ले रहा हो सीपीआर शुरू करें।

पेशेंट को सीधा लिटा दें इस दौरान शरीर के सारे अंग सीधे होने चाहिए, अपने दोनों हाथों की हथेलियों को एक दूसरे के ऊपर रखते हुए सीने को दबाए। चेस्ट पर दो से ढाई इंच से ज्यादा प्रेशर नहीं डालना है। छाती पर दबाव का दर 100 से 120 प्रति मिनट होनी चाहिए। श्वसन मार्ग से अवरोध को हटाए, कृत्रिम सांस दें। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम का आयोजित करने का उद्देश्य यह है कि आम जन-जीवन में जो हम किसी व्यक्ति को कॉर्डिस हर्ट अटैक आता है उससे हम कैसे उनको बचाए। इस अवसर पर विशेष कार्य पदाधिकारी सत्यम सहाय, जिला एवं सूचना विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार झा एवं पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे, वही मेदांता हॉस्पिटल की ओर से अश्वनी कुमार झा थे।

गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन सुनवाई करने की सुविधा प्रदान करने के निर्देश

February 27, 2023
Dbg

25.02.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय तथा अनुमंडल लोक शिकायत निवारण कार्यालय, दरभंगा सदर, बिरौल एवं बेनीपुर में 45 दिनों एवं 60 दिनों से अधिक के लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गयी। वैसे लोक प्राधिकार जिनके यहाँ 45 दिनों से अधिक के लंबित दो से अधिक मामले तथा 60 दिनों से अधिक के एक भी मामले लंबित है, को गंभीरता से लिया गया तथा लंबित मामले को जल्द से जल्द निष्पादन करने के सख्त निर्देश दिए गए। 45 कार्य दिवस से अधिक के लंबित मामलों में दो से अधिक मामले वाले लोक प्राधिकार में अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल, सहायक विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति, अवर प्रमंडल, नॉर्थ ग्रामीण, प्रखंड विकास पदाधिकारी कुशेश्वरस्थान, प्रखंड विकास पदाधिकारी बिरौल, प्रखंड विकास पदाधिकारी कुशेश्वरस्थान पूर्वी, प्रखंड विकास पदाधिकारी अलीनगर, अधीक्षक डीएमसीएच दरभंगा,जिला कृषि पदाधिकारी दरभंगा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं सिविल सर्जन दरभंगा शामिल हैं।

60 कार्य दिवस से अधिक लंबित मामले लोक प्राधिकार में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जाले, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद-सह-अपर समाहर्ता दरभंगा, सिविल सर्जन दरभंगा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी दरभंगा, अंचलाधिकारी कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, थानाध्यक्ष कुशेश्वरस्थान शामिल हैं। जिन लोक प्राधिकार पर पूर्व में सुनवाई के दौरान जुर्माना अधिरोपित किए गए हैं और अभी तक उनके द्वारा जुर्माना राशि जमा नहीं कराई गई है, उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द जुर्माना राशि जमा कराते हुए चालान की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिया गया।

बैठक में बताया गया कि कुल 83 लोक प्राधिकार के विरुद्ध कुल 10 हजार 500 रुपये जुर्माना अधिरोपित है। बैठक में अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बिरौल, मो.नदीम उल हसन एवं अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बेनीपुर मनोज कुमार पवन ने बताया कि कई लोक प्राधिकार लगातार सुनवाई में स्वयं अनुपस्थित रहते हैं तथा मामले से जुड़े प्रतिनिधि को नहीं भेजकर अन्य कर्मी को भेज देते हैं जिन्हें परिवाद के तथ्यों की जानकारी नहीं रहती है, जिससे सुनवाई में काफी कठिनाई होती है,थाना से संबंधित अधिकतर मामलों में भी यही शिकायत रहती है।

डीएम ने इसके लिए गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन सुनवाई करने की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए, साथ ही आईटी प्रबंधक को यह सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में बताया गया कि ग्राम पंचायतों या अन्य कार्यकारी एजेंसी द्वारा रैयती भूमि पर सड़क का निर्माण बिना अनापत्ति प्राप्त किए बनवा दिया जाता है। ऐसे अनेक मामले सुनवाई में आ रहे हैं, निर्माण कार्य हो जाने के उपरांत इनमें निर्णय लेने में कठिनाई होती है।

डीएम ने अपर समाहर्ता को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत सहित सभी कार्यकारी एजेंसी को यह पत्र जारी किया जाए कि अंचलाधिकारी से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए, रैयती भूमि के मामले में रैयत से बिना सहमति प्राप्त किए यदि कोई निर्माण कार्य किया जाता है तो उसके मुआवजा के लिए दावा किए जाने पर मुआवजा देने की उनकी व्यक्तिगत जिम्मेवारी होगी। इसलिए निर्माण कार्य के पूर्व संबंधित अंचलाधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना एवं रैयती भूमि के मामले में संबंधित रैयत से सहमति/अनापत्ति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

बैठक में अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्ता अनिल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) बिरजू पासवान, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी सत्यम सहाय, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ रश्मि वर्मा, सहायक नोडल आईटी सेल पूजा चौधरी एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

भूमि-विवाद निष्पादन एवं मद्यनिषेध अभियान की ऑनलाइन समीक्षा बैठक की गयी, डीएम ने दिए कई निर्देश

February 27, 2023
Dbg

24.02.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में भूमि-विवाद निष्पादन एवं मद्यनिषेध अभियान की ऑनलाइन समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में डीएम ने दरभंगा के सभी अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष से बारी-बारी से उनके यहां लंबित भूमि-विवाद के मामलों की समीक्षा की, साथ ही लंबित भूमि विवाद मामलों का निष्पादन जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि-विवाद के मामलों से विधि व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न होती है, इसलिए सभी अंचल एवं थाना संयुक्त रूप से भूमि-विवाद पर नियंत्रण रखें और प्रत्येक शनिवार को भूमि-विवाद की सुनवाई बैठक करें।

उन्होंने कहा कि लोक भूमि से संबंधित विवाद के मामले में स्पष्ट है कि उस पर लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम चलेगा और लोक भूमि पर किसी रैयत का अधिकार नहीं हो सकता। लेकिन सरकार यदि किसी को पर्चा दिया है या बिहार भूमि-विवाद निवारण अधिनियम के तहत किसी को बसाया है या किसी दान दाता की भूदान की जमीन पर किसी को बसाया है तो उसके दखल को सुरक्षित रखने की जिम्मेवारी सरकार को है। साथ ही उसे कोई बेदखल न करें यह भी सुनिश्चित करना है। रैयती जमीन विवाद के मामले में सीमांकन विवाद के मामले का निष्पादन भू मापी करवाकर किया जाये।

आपसी बटवारा का मामला स्वायत्त वाद (टाइटल सूट) के माध्यम से ही किया जा सकता है यह सुझाव, पक्षकारों को दिया जाए। यदि किसी के घर या किसी गांव में पहुंच पथ नहीं है तो, लोक भूमि के मामले में पहुंच पथ के लिए सरकार द्वारा जमीन दी जा सकती है, रैयती भूमि के मामले में संबंधित अनुमंडल दंडाधिकारी को सीआरपीसी की धारा-147 के तहत उस रैयती भूमि को, बिना मुआवजा के, देने का अधिकार प्रदत्त है। पहुंच पथ से किसी को वंचित नहीं किया जा सकता है। बिहार भूमि विवाद निवारण अधिनियम में डीसीएलआर को भी भूमि विवाद निराकरण की शक्ति प्रदत्त है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि रिविजनल सर्वे हो गया है और नया खतियान से जमाबंदी चल रहा है तो, पुराना खतियान के आधार पर मामले को नहीं देखा जाना चाहिए, नया खतियान में खेसरा भी दर्ज है, इसलिए नया खतियान के आधार पर ही भूमि विवाद के मामले को देखा जाना चाहिए। इससे भूमि विवाद का निष्पादन करने में सुविधा होगी।

उन्होंने कहा कि होली पर्व के अवसर पर लोग अपने-अपने घरों पर वापस आते हैं, इस दौरान वे पुराने भूमि विवाद के मामले निपटाने का प्रयास करते हैं। इसलिए होली पर्व को देखते हुए भूमि-विवाद के मामलों पर विशेष निगरानी रखा जाए।साथ ही होली को देखते हुए मद्यनिषेध अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, सभी थानाध्यक्ष को पूर्व चिह्नित स्थलों पर छापेमारी बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही थाने के मालखाने में रखे हुए जप्त शराब पर चौकसी रखने के निर्देश दिया गए। इसके साथ ही जिन जप्त शराबों के लिए विनिष्टिकरण का आदेश निर्गत किया जा चुका है, उन्हें तुरंत विनष्ट कर देने का निर्देश दिया गया।

होम्योपैथिक और अंग्रेजी दवा की दुकानों पर भी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। उत्पाद अधीक्षक को मद्यनिषेध अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिया गया। उन्हें बस स्टैंड रेलवे स्टेशन के साथ-साथ भीड़-भाड़ वाले चौराहे पर ब्रेथ इन्हेलाइजर का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए साथ ही रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेशन पर सामानों की भी चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, उप निदेशक जन संपर्क पदाधिकारी नागेंद्र कुमार गुप्ता, उत्पाद अधीक्षक ओम प्रकाश, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार झा एवं संबंधित पदाधिकारी गण शामिल थे।

एकाग्रता की शक्ति को कैसे विकसित करें

February 27, 2023
Dbg

23.02.2023 (दरभंगा) : इंटरनल मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ० ए० के० गुप्ता ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उद्देश्य अथवा लक्ष्य तक पहुंचाने में एकाग्रता की अहम भूमिका है। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्थापना दिवस के अवसर पर "एकाग्रता की शक्ति को कैसे विकसित करें" विषय पर आयोजित व्याख्यान को संबोधित करते हुए दरभंगा मेडिकल कॉलेज के इंटरनल मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ० ए० के० गुप्ता ने एकाग्रता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आम समझ है कि केवल छात्रों को ही जीवन में सफल होने के लिए एकाग्रता की जरूरत है। वास्तव में ऐसा नहीं है। छात्रों के अलावा प्रायः हर पेशे के लोगों चाहे वे डॉक्टर हों, इंजीनियर हों, वकील हों, वैज्ञानिक हो या ड्राइवर हों, सबों को इसकी आवश्यकता है।

उन्हें उनके उद्देश्य अथवा लक्ष्य तक पहुंचाने में एकाग्रता की अहम भूमिका है। वास्तव में देखा जाए तो दुनिया में जितने भी महत्वपूर्ण अनुसंधान हुए हैं उन सब के पीछे वैज्ञानिकों की एकाग्रता ही मुख्य कारण रही है। उन्होंने अपने संबोधन में एकाग्रता प्राप्त करने की जरूरत क्यों है, एकाग्रता विकसित करने में कौन-कौन सी बाधाएं अथवा चुनौतियां सामने आती हैं और इन चुनौतियों से कैसे मुक्ति पाई जा सकती है – इस बात का बखूबी उल्लेख किया। स्वामी विवेकानंद के हवाले से डॉ० गुप्ता ने कहा कि जीवन में सफलता और असफलता एकाग्रता का ही परिणाम है। जो व्यक्ति जीवन में जितना एकाग्र होता है उसे सफलता उतनी ही ज्यादा मिलती हैं।

अपेक्षाकृत कम एकाग्रता वाले लोगों को जीवन में वांछित सफलता नहीं मिल पाती हैं। हमारे जीवन में जिस ढंग से भोजन और ऑक्सीजन की जरूरत होती है ठीक उसी तरह एकाग्रता को विकसित करना भी उतना ही जरूरी होता है। एकाग्रता की परिभाषा देते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति के अंदर किसी वस्तु, विषय या विचार पर केंद्रित करने की क्षमता को ही एकाग्रता कहते हैं। इससे थोड़ा इतर स्वामी विवेकानंद का कहना था कि यह योग्यता विकसित करना एक अलग चीज है लेकिन इसके साथ साथ जीवन में नकारात्मकता से अपने आप को अलग करना भी एकाग्रता का ही हिस्सा है। जब कोई व्यक्ति अपने उद्देश्यों के प्रति सकारात्मक सोच और जीवन की गलत आदतों से दूरी बनाने में सफल हो जाता है तब जाकर वह मुकम्मल एकाग्रता की स्थिति को प्राप्त करता है।

उन्होंने कहा कि एकाग्रता विकसित करने में आज के समय में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग सबसे ज्यादा बाधक है। इसके अलावा एक साथ कई काम करने की प्रवृत्ति भी एकाग्रता के लिए चुनौती है। आज के सामाजिक परिवेश में व्यक्ति एक ही साथ टीवी भी देखता है, खाना भी खाता है और कभी-कभी पढ़ाई भी करता रहता है। यह सही नहीं है। ऐसे में एकाग्रता प्राप्त करना संभव नहीं है। इसलिए एक समय में एक ही काम को करना श्रेयस्कर है। इसके अलावा अल्कोहल का इस्तेमाल और वांछित से कम नींद भी एकाग्रता स्थापित करने में बाधक है। भूखे रहने की स्थिति अथवा कभी किसी दुर्घटना या मारपीट में सिर में जख्म होने की स्थिति भी एकाग्रचित्त होने में बाधक हैं। बच्चों में अटेंशन डिफिसिट हाइपर एक्टिविटी नामक रोग भी उन्हें एकाग्र नहीं होने देता। डिप्रेशन, डिमेंशिया अथवा इकलेप्सी से पीड़ित लोगों को भी एकाग्रचित्त होने में परेशानी होती है।

मानसिक बीमारी जैसे साइजोंफ्रेनिया अथवा बाइपोलर डिसऑर्डर भी इसका एक कारण है। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या काफी कम है। ऐसे में निष्कर्ष निष्कर्ष के तौर पर हम कह सकते हैं कि जीवन में तीन चीजें – सोशल मीडिया, अल्कोहल और बिखराव युक्त जीवन शैली एकाग्रता विकसित करने के रास्ते में सबसे बड़ी बाधक हैं। एकाग्रता की शक्ति को विकसित करने के विभिन्न उपायों की चर्चा करते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि एक बार जब स्वामी विवेकानंद से पूछा गया कि एकाग्रता की शक्ति को कैसे विकसित करें तो उन्होंने कहा था – शक्तिशाली बनो और संघर्ष करो। उनके इस वाक्य में एकाग्रता को प्राप्त करने के लिए जरूरी तमाम तथ्य छिपे हुए हैं। शक्तिशाली बनने से स्वामी विवेकानंद का अभिप्राय था – शारीरिक शक्ति, मानसिक शक्ति और आध्यात्मिक शक्ति का विकास। इसी तरह संघर्ष से उनका अभिप्राय था कि आपके अंदर जो बुराइयां हैं उनको दूर करने के लिए आप संघर्ष करें तो एकाग्रता को निश्चित रूप से प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जीवन में नकारात्मकता को आप जैसे - जैसे समाप्त करते जाएंगे उसी अनुपात में आपकी एकाग्रता की शक्ति बढ़ती चली जाएगी। सोशल मीडिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग 8 से 10 घंटे मोबाइल पर बिताते हैं। हालांकि इस बात से नकारा नहीं जा सकता कि सोशल मीडिया से हमें देश दुनिया की अद्यतन जानकारी मिलती है। लोगों से विचारों का आदान-प्रदान भी होता है। अनुसंधान की भी बात होती है। लेकिन इसका अत्यधिक इस्तेमाल कहीं से भी वाजिब नहीं है। सोशल मीडिया वास्तव में दोधारी तलवार है।

जीवन में इसे खत्म तो नहीं किया जा सकता लेकिन इसके उपयोग की सीमाएं तय की जा सकती हैं। एकाग्रता को विकसित करने में शरीर का स्वस्थ होना भी जरूरी है। स्वामी विवेकानंद कहा करते थे कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का वास होता है। प्रायः देखा गया है कि हरी हरी सब्जियों, फल और मैग्नीशियम का प्रचुर मात्रा में सेवन करने से एकाग्रता की स्थिति बढ़ती है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवन शैली कई तरह की परेशानियां पैदा कर रही हैं। इसलिए लोगों को इसमें बदलाव लाना चाहिए। आज युवा वर्ग में देर रात तक सोना और फिर सुबह में देर से उठना एक फैशन बनता जा रहा है। इसे रोकना होगा।

बेहतर यह होगा कि वे रात में 10 बजे के लगभग में सो जाएं और सुबह 4 से 5 के बीच में उठकर प्रकृति के करीब पहुंचने का काम करें। पढ़ाई लिखाई के लिए भी अहले सुबह का समय सर्वोत्तम है। ऑफिस में लगातार सात-आठ घंटे कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए उन्होंने सलाह दी कि वह हर एक घंटे पर 5-10 मिनट के लिए काम को ब्रेक दें। इस ब्रेक के दौरान वे या तो कार्यालय में ही या लौंन में टहल कर अपनी एकाग्रता को विकसित कर सकते हैं। ऐसे लोग 5 से 10 मिनट का मेडिटेशन भी कार्यालय के अंदर ही कर वे तरोताजा हो सकते हैं। इससे उनके एकाग्रता के स्तर में काफी वृद्धि हो सकती है।

डीएमसी का 98वां स्थापना दिवस हर्षोल्लाष के साथ मनाया जायेगा, सभी डेलीगेट को प्रवेश के लिए ऑई डी बैच और आधिकारिक कूपन आवश्यक

February 21, 2023
Dbg

21.02.2023 (दरभंगा) : डीएमसी का 98वां स्थापना दिवस हर्षोल्लाष के साथ मनाया जायेगा। इस सम्बन्ध में प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी गयी। डीएमसी बिहार के पुरातन मेडिकल कॉलेज में से एक है। यह पूरे मिथिलांचल, पूर्वोत्तर सीमावर्ती बिहार, यूपी और पश्चिम बंगाल के साथ नेपाल राष्ट्र को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए ख्याति प्राप्त है।

यहां के चिकित्सक भारत और विश्व में अपनी उत्कृष्ट सेवा के कारण परचम लहरा चुके हैं। इस वर्ष यह अपना 98 वां स्थापना दिवस मना रहा है। यहां के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों के साथ-साथ पूर्ववर्ती छात्रों के लिए यह उत्सव का अवसर होता है। कोरोना के भयावाह वातावरण से मुक्ति और डीएमसीएच की जमीन से एम्स को उचित स्थान पर ले जाने के कारण अपनी अस्मिता लौटने की खुशी के माहौल में दरभंगा मेडिकल कॉलेज स्थापना दिवस एवं पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह ज्यादा ही उत्साह से मनाया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम के शुरू होने से दस दिन पहले से कैंपस में उत्सव का माहौल है। छात्र-छात्राओं के अलग-अलग इनडोर और आउटडोर गेम्स स्पोर्ट्स की गतिविधियां जारी है।

इस दौरान लड़कों के फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी खेल के साथ लड़कियों की कैरम बोर्ड, मेहंदी, रंगोली, कुकिंग कंपटीशन होते रहे। दरभंगा मेडिकल कॉलेज लिटरेरी सोसायटी ने अनेक साहित्यिक एवं कलात्मक गतिविधियां 'हटके बातें' के तहत आयोजित की। क्वीज, डिबेट, अभिव्यक्ति, पेंटिंग और नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम के तहत आयोजित किए गए। सीएफडी के दौरान पहली बार भव्य सीएमइ और इंटरनेशनल मेडिकल कॉन्फ्रेंस का आयोजन 22 फरवरी 2023 को किया जा रहा है। 27 ओरल प्रेजेंटेशन पीजी के और 3 यूजी के होंगे और इससे ज्यादा ही पोस्टर ऑडिटोरियम के बाहर की गैलरी में प्रदर्शित किए जाएंगे। इस दौरान पीजी और फैकल्टी अपने-अपने पेपर प्रस्तुत करेंगे। सेवानिवृत्त शिक्षकों को "सुदिर्घ सेवा सम्मान" समारोह 22 फरवरी 2023 को अपराह्न 3 बजे से ऑडिटोरियम में दिया जायगा। इस दौरान 31 जनवरी 2023 तक सेवानिवृत्त हुए दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के 12 चिकित्सकों का सम्मान के साथ भेंट और मोमेंटो प्रदान किए जाएंगे। अपराह्न 4 बजे से "प्राइज एंड एकोलेड" कार्यक्रम होगा जिसमें यूजी और पीजी छात्रों को अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। सप्ताह भर चले विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी इसी दौरान मेडल, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। 1978 बैच के पूर्ववर्ती छात्रों का मीट इसी दिन होगा।

मुख्य समारोह 23 फरवरी 2023 को होगा। सुबह 8:00 बजे से ही बैंड वादको द्वारा सभी छात्रावासों में उत्सव का माहौल बनाया जाएगा। पुराने भवन में सुबह 8:30 पर दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग से सेवानिवृत्त प्राध्यापक डा के एन पी सिन्हा ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। पुराने भवन में स्थित राजा रामेश्वर सिंह की प्रतिमा पर सभी पूर्वर्ती एवं वर्तमान छात्र माल्यार्पण करेंगे। इसके उपरांत प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों के नेतृत्व में सभी छात्र-छात्राएं और शिक्षक मार्च पास्ट करते हुए ए डी ब्लॉक जाएंगे। गायनी विभागाध्यक्ष डॉ सीमा के नेतृत्व में कल उनके विभाग के सारे चिकित्सकों ने मार्च पास्ट का मॉक ड्रिल किया जायेगा। मार्च पास्ट के दौरान बैंड बाजों की धुन पर थिरकते हुए चिकित्सक ए डी ब्लॉक पहुंचेंगे जहां पर जमकर मस्ती करेंगे। अल्पाहार के बाद 10:00 बजे से ऑडिटोरियम में साइंटिफिक सेशन होगा।

इस कार्यक्रम में ख्यातिप्राप्त ह्रदय रोग चिकित्सक डॉ अशोक कुमार गुप्ता, मेडिको लीगल केस के राष्ट्रीय स्तर के विद्वान और डीएमसी के एल्यूमिनी डॉक्टर मधुकर भट्ट, सेवानिवृत्त सर्जरी विभागाध्यक्ष, राजेन्द्र इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज, रांची एवं दरभंगा मेडिकल कॉलेज के एलुमनी और नेपालगंज मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त डॉक्टर एस एम मिश्रा अपना व्याख्यान देंगे। इसके उपरांत ऑडिटोरियम में नए और पूर्ववर्ती छात्र "मीट एंड ग्रीट" के दौरान अपने अपने मजेदार अनुभव एक दूसरे से साझा करेंगे। लंच के उपरांत उद्घाटन सत्र में बिहार राज्य के उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव वर्चुअल मोड में उद्घाटन करेंगे। मानद अतिथि के रूप में डॉक्टर समरेंद्र प्रताप सिंह, डॉक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह एवं डॉक्टर सुरेंद्रनाथ सिन्हा जो क्रमश ललित नारायण मिथिला एवं आर्यभट्ट के सेवानिवृत्त कुलपति, एल एन मिथिला यूनिवर्सिटी के वर्तमान कुलपति जो अभी आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी के कुलपति के भार में भी हैं और बिहार यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज के कुलपति हैं।

इस समारोह में डीएमसी एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ मधुकर भट्ट और सचिव डॉक्टर रमन कुमार वर्मा की उपस्थिति उल्लेखनीय है। इस कार्यक्रम के दौरान डॉ एस पी सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया जाएगा। पांच ग्रैंड मास्टर का फेलिसिटेशन भी इसी समारोह के दौरान होगा। इस बार के ग्रैंडमास्टर हैं डॉ राजेंद्र मिश्रा, डॉक्टर महेंद्र प्रसाद झा, डॉ सचिंद्र मोहन मिश्रा, डॉ गगन देव नारायण सिंह और डॉ शशि शेखर नारायण ओझा। कार्यक्रम के दौरान एक सौ से ज्यादा पृष्ठों की स्मारिका का भी विमोचन सारे अतिथि करेंगे, जिसका संपादन डॉ ओम प्रकाश डॉ सुशील कुमार, डॉ प्रभात कुमार लाल एवं डॉ प्रवीण प्रभास ने काफी परिश्रम से किया है। उद्घाटन सत्र के उपरांत एलुमनी एसोसिएशन की जनरल बॉडी की मीटिंग होगी, इसमें अगले साल के लिए पदाधिकारियों का चुनाव भी किया जाएगा।

सारे कार्यक्रम के आकर्षण के केंद्र में रहने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम 6:00 बजे से शुरू होगा। पिछले 10 दिन चले रिहर्सल का, जिसका सुपर विजन डॉ शीला कुमारी, डॉक्टर गौरी शंकर झा, डॉक्टर रमन कुमार वर्मा ने काफी परिश्रम से किया है, सबका दिल लुभायेगा। इस बार एक ट्रेड फेयर का भी आयोजन किया गया है जिसमें एक दर्जन के करीब संस्थाएं अपना स्टाल लगाएंगी। अधीक्षक डॉ हरिशंकर मिश्रा, डॉ हरी दामोदर सिंह, डॉक्टर विजेंद्र कुमार मिश्रा और डॉ संजय कुमार झा के देखरेख में ग्रैंड डिनर का आयोजन किया गया है। इस बार के कार्यक्रम में काफी संख्या में पूर्ववर्ती छात्र भी शामिल हुए हैं जिनमें 78 बैच के 3 दर्जन से ज्यादा पूर्ववर्ती छात्र शामिल हैं। डेढ़ हजार के आसपास प्रतिभागियों की संख्या को देखते हुए किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए इस बार सभी डेलीगेट को प्रवेश के लिए ऑई डी बैच और आधिकारिक कूपन आवश्यक कर दिया गया है।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
प्रायोजित विज्ञापन
मुकुल के साथ संगीत : https://youtube.com/c/MusicWithMukul
लाइव शो की बुकिंग / संगीत उत्पादन और संगीत कक्षाओं की पूछताछ के लिए, मुझसे संपर्क करें: +918565842678
इंस्टाग्राम हैंडल: @musicwithmukul.
डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
Dbg

04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।