13.07.2025 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : एस. एन. सर्राफ हॉस्पिटल में क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (COPD) एवं ब्रोंकोस्कोपी तकनीकों पर केंद्रित एक दिवसीय सीएमई सह कार्यशाला (CME cum Workshop) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक आयोजन का उद्देश्य फेफड़ों से संबंधित रोगों, विशेषकर सीओपीडी के निदान, उपचार एवं ब्रोंकोस्कोपी की नवीनतम तकनीकों से जुड़े अद्यतन ज्ञान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण को चिकित्सकों तक पहुँचाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. डॉ. एस. एन. सर्राफ, निदेशक, एस. एन. सर्राफ हॉस्पिटल ने की, जबकि संयोजक के रूप में डॉ. मक़सूद आलम, कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट, एस. एन. सर्राफ हॉस्पिटल ने प्रमुख भूमिका निभाई। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एस. एन. सर्राफ, डॉ. मक़सूद आलम, डॉ. एस. के. मधुकर, डॉ. प्रकाश सिन्हा, डॉ. ए. के. गुप्ता एवं डॉ. भरत द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
प्रथम सत्र में डॉ. अशिष कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, डीएमसीएच एवं निदेशक, चेस्ट एंड हार्ट क्लिनिक, दरभंगा ने सीओपीडी पर नवीनतम शोध, निदान विधियाँ तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। इसके उपरांत डॉ. एस. के. मधुकर, कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट, मधुकर क्लिनिक एवं लंग हॉस्पिटल, पटना द्वारा ब्रोंकोस्कोपी पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने ब्रोंकोस्कोपी के इंडिकेशन, पूर्व तैयारी, सावधानियाँ एवं तकनीकी पक्षों की गहन जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण समापन सत्र में हुआ, जहाँ डॉ. एस. के. मधुकर एवं डॉ. मक़सूद आलम द्वारा दो रोगियों पर लाइव ब्रोंकोस्कोपी प्रदर्शन किया गया।
इस लाइव डेमो के अंतर्गत दोनों विशेषज्ञों ने एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को विस्तारपूर्वक समझाया। रोगी की तैयारी, सैडेटिव प्रशासन, एंडोस्कोप का परिचालन, ट्रैकियल/ब्रोंकियल मार्ग की जाँच, संदिग्ध क्षेत्रों की पहचान एवं नमूना संकलन (ब्रशिंग/बायोप्सी) की तकनीक पर बारीकी से प्रकाश डाला गया। यह लाइव सत्र प्रतिभागी चिकित्सकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं शिक्षाप्रद सिद्ध हुआ, जिसमें उन्होंने वास्तविक रोगी पर ब्रोंकोस्कोपी की प्रक्रिया को न केवल प्रत्यक्ष देखा, बल्कि विशेषज्ञों से रियल-टाइम प्रश्नोत्तर के माध्यम से जटिलताओं और समाधानों को समझा। कार्यक्रम का समुचित संचालन प्रो. डॉ. ए. के. गुप्ता एवं डॉ. मक़सूद आलम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस कार्यशाला में बिहार के विभिन्न जिलों से आए वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. मेजर मधुकर – आर.एम.आर.आई. पटना, डॉ. प्रकाश सिन्हा – पारस हॉस्पिटल, पटना, डॉ. सुरेंद्र कुमार – सहायक प्राध्यापक, पीएमसीएच, पटना, डॉ. विनय कृष्ण – फोर्ड हॉस्पिटल, पटना, डॉ. अमिताभ बांका – मेडिवर्ल्ड हॉस्पिटल, पटना, डॉ. जयप्रकाश – छपरा, डॉ. अशुतोष कुमार – पारस हॉस्पिटल, दरभंगा ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा के दौरान सीओपीडी एवं श्वसन रोग प्रबंधन में अपने अमूल्य अनुभव साझा किए, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक एवं रोग-केन्द्रित दृष्टिकोण प्राप्त हुआ। इस आयोजन की सफलता में डॉ. मक़सूद आलम एवं एस. एन. सर्राफ हॉस्पिटल की संपूर्ण टीम का समर्पण एवं श्रम सराहनीय रहा।