जिला प्रशासन सख्त से सख्त कदम उठाते हुए दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोरतम कारवाई करें
July 25, 2023
25.07.2023 (दरभंगा) : दरभंगा में एक के बाद एक घट रही घटना राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। उक्त बातें सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है। उन्होंने दरभंगा में लगातार घट रहे घटना पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि दरभंगा सहित पूरे बिहार का लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह धराशायी हो चुका है। मब्बी थाना क्षेत्रांतर्गत शिवधारा चौक स्थित दुर्गा मंदिर के सामने एक विशेष समुदाय द्वारा जबदस्ती मुहर्रम का झंडा लगाने एवं उसको लेकर किए गए रोड़ेबाजी और हिंसक झड़प का जिक्र करते हुए कहा कि महागठबंधन सरकार तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए एक विशेष समुदाय को संरक्षण दे रही है। जिससे उसका मनोबल दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है, जो सामाजिक सौहार्द और समरसता के लिए कहीं से भी सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस प्रशासन राज्य सरकार के दवाब में कार्य कर रही है। प्रशासन मामले में अपनी नाकामी छुपाने एवं मामले को बैलेंस करने के लिए निर्दोष लोगों को जेल भेज रही है। उन्होंने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि नीतीश सरकार की नजर एक विशेष वर्ग को खुश कर वोट बैंक की राजनीति करना है, परंतु प्रशासनिक अधिकारी को इससे दूर रहकर निष्पक्ष कारवाई करना चाहिए। सांसद ने कहा कि बिहार में व्याप्त जंगलराज में सत्ता संरक्षित एक विशेष समुदाय द्वारा महादलित परिवार के मृत शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाना मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है।
उपद्रवी तत्व द्वारा मृतक के घर के साथ साथ इस समुदाय के अन्य घरों पर पथराव और आगजनी किया जाना, यह दर्शाता है कि उनलोगों के मन में प्रशासन का तनिक भी खौफ नहीं है। वह कमतौल थाना क्षेत्र अंतर्गत महादलित समुदाय के साथ घटित घटना का जिक्र कर रहे थे । उन्होंने कहा कि अब बिहार में लोग शव भी नही जला सकते है। उन्होंने कहा कि मीम भीम भाई भाई का नारा देने वाले इस समुदाय द्वारा महादलित परिवार के साथ किया गया कुकृत्य की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। उन्होंने कहा कि यहां "सैयां भए कोतवाल तो डर काहे का" वाली लाइन एकदम सटीक बैठती है। जिला प्रशासन मामले में सख्त से सख्त कदम उठाते हुए दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोरतम कारवाई करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना का पुनरावृति नही हो। सांसद ने बिरौल प्रखंड अंतर्गत मुहर्रम झंडा लगाने को लेकर दो समुदाय के बीच हुए मारपीट का जिक्र करते हुए कहा कि एक के बाद घट रही घटना सिर्फ संयोग मात्र नहीं है, यह सरकार द्वारा किया जा रहा एक प्रयोग हो सकता है।
उन्होंने बहेड़ी थाना अंतर्गत सोनमा गांव में हुए दोहरे हत्या कांड को लेकर नीतीश कुमार पर जमकर हमला किए। उन्होंने कहा कि अपने आप को सुशासन बाबू कहने वाले मुख्यमंत्री जी जंगलराज की जन्मदाता आरजेडी और उसके नेता तेजस्वी के साथ मिलकर बिहार में जंगलराज पार्ट टू का जो घिनौना खेल खेल रहे है, उससे आम जनता त्रस्त हो चुकी है। आज बिहार में आम जनता के जान की कोई कीमत नहीं बचा है।
सत्ता संरक्षित अपराधी जब जहां चाहे लोगों को गोली से छलनी कर दे रहा है। पुलिस प्रशासन सरकार के दवाब में कारवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। उन्होंने कहा कि नब्बे की दशक के तरह पुनः बिहार से पलायन शुरू हो चुका है। प्रतिदिन घट रहे लूट, हत्या, बलात्कार की घटना से बिहार शर्मसार हो रहा है। बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार मौन धारण किए हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के मद से बाहर निकले अन्यथा बिहार की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।


25.07.2023 (दरभंगा) : किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उस प्रतियोगिता के लिए छात्र- छात्राओं ने निर्धारित पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त समसामयिक घटनाओं के प्रति कितने सचेत रहे हैं! क्योंकि सामान्य ज्ञान के प्रश्न केवल निर्धारित पाठ्यक्रम से नहीं पूछे जाते ! उक्त बातें सी०एम० कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोo मुश्ताक अहमद ने कही। प्रो० अहमद कॉलेज में चल रही सुपर टेट प्रतियोगिता परीक्षा अर्थात बी०पी०एस०सी० के द्वारा स्कूली शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निशुल्क कोचिंग के छात्र-छात्राएं को संबोधित कर रहे थे! उन्होंने कहा कि यह वयवस्था अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार सरकार, पटना के सौजन्य से की गई है जिसकी नोडल एजेंसी मौलाना मजहरूल हक अरबी व फारसी विश्वविद्यालय पटना है! जानकारी के अनुसार इस निःशुल्क कोचिंग केंद्र में 60 अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं के साथ 15 बहुसंख्यक वर्ग के इक्षुक छात्रों को भी अवसर दिया गया है !
छात्र छात्राओं को नि:शुल्क कोचिंग में प्रतिदिन की कक्षाओं के साथ-साथ पुस्तके एवं अन्य पाठ्य सामग्री भी नि:शुल्क दी जाती हैं! आज इन छात्र-छात्राओं को बी०पी०एस०सी० शिक्षक नियुक्ति प्रतियोगिता पर आधारित पुस्तकें दी गई! पूरे राज्य में शिक्षक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के लिए अल्पसंख्यक छात्र-छात्राएं के लिए केवल दो निशुल्क कोचिंग केंद्र बनाए गए हैं ! एक पटना मुख्यालय में एवं दूसरा स्थानीय सी०एम० कॉलेज दरभंगा में स्थापित हैं! विगत कई वर्षों से इस निशुल्क कोचिंग केंद्र में विभिन्न प्रतियोगिता पपरीक्षाओं की तैयारी कराई जा रहे हैं! और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों को सफलता भी मिल रही हैं । प्रो० अहमद ने कहा कि इस प्रकार की कोचिंग बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुब्हानी के प्रयास से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के द्वारा चलाई जा रही हैं! जिससे अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिभागी लाभान्वित हो रहे हैं!
आज के निःशुल्क पुस्तक वितरण समारोह में प्रो० मो० आफताब अशरफ, डा० अब्दुस्शलाम जीलानी, डा० इरतेजा अहमद , मो० बशीर अंसारी , डा० परवेज रहमानी , डा० मनोज कुमार सिंह, मो० रेजाउल्लाह , मो० सोहैल, बिपिन कुमार सिंह आदि ने भी छात्र- छात्राओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं के सफलता के गुड़ सिखाए और अपने बहुमूल्य विचार रखें!!
24.07.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन एवं एसएसपी अवकाश कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में मुहर्रम पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में शांति समिति के सभी सदस्यों ने 23 जुलाई को बाजार समिति की घटना की निंदा की तथा दोषी व्यक्ति के विरूद्ध कठोर से कठोर पकार्रवाई करने का प्रस्ताव दिया।
सदस्यों ने कहा कि जिले में शांति बनाये रखने के लिए थाना स्तर पर शांति मार्च निकालने की आवश्यकता है। घटित घटना मिथिलांचल की धरती को कलंकित करने की कोशिश है। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो सके, यह जिला शांति समिति के सभी सदस्यों का दायित्व होगा। सदस्यों ने कहा कि मुहर्रम हो या रामनवमी, जहाँ पहले कभी झंडा नहीं लगा है, वहाँ नहीं लगे, न ही नया रूट दिया जाए, लेकिन महराजी पुल रूट बंद रहने की स्थिति में इमली घाट से होते हुए नये रूट की अनुमति देने की आवश्यकता होगी। मुहर्रम कमिटी के सचिव ने 24 जुलाई से लेकर 30 जुलाई तक के जुलूस व ताजिया निकलने के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से नाका नम्बर - 06 तथा मुशरफ बाजार से किलाघाट रूट में जुलूस के दौरान बड़ी गाड़ियों के परिचालन का रूट बदलने का अनुरोध किया। साथ ही कहा कि फल मंडी एवं ताजिया के विभिन्न रूटों की साफ-सफाई की आवश्यकता है।
बताया कि 9वीं के दिन किलाघाट में नियाज और फात्या होता है और इस दिन बहुत भीड़ लगती है, हराही पोखर, दोनार चौक, कर्पूरी चौक, दारू भट्टी चौक, मिलान चौक, खाजासराय पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने तथा रात्रि गश्ती करवाने की सुझाव दिया। सदस्यों ने 23 जुलाई को आपत्तिजनक झुठी खबरें चलाकर सामाजिक सौहार्द का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले न्यूज चैनलों पर कठोर कार्रवाई करने की अपील की।
जिला शांति समिति को सम्बोधित करते हुए एसएसपी ने कहा कि 25 जुलाई से जिले में फ्लैग मार्च कराया जाएगा, रात्रि गश्ती भी होगी, संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति होगी, 23 जुलाई को अपने समाचार चैनलों व सोशल मीडिया पर जिन्होंने भी गलत व भ्रामक खबर फैलाए हैं, उनके विरूद्ध भी प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी।
उन्होंने कहा कि 23 जुलाई की घटना में जो लोग वीडियो फुटेज में उपद्रव करते नजर आ रहे हैं, उन सबों के साथ वे भी जो इस घटना के षडयंत्र में पर्दे के पीछे से शामिल हैं, वे भी जेल जाएगे, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मुहर्रम समिति से डी.जे. एवं लाउडस्पीकर का प्रयोग यथा संभव नहीं करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि 70 डेसीबल आवाज, बोलचाल की आवाज होती है और उससे अधिक वॉल्यूम में बजाने लाउड स्पीकर बजाने की अनुमति माननीय उच्च न्यायालय की ओर से भी प्रतिबंधित है। उन्होंने मुहर्रम समिति के सचिव को प्रत्येक ताजिया जुलूस में प्रतिनियुक्त स्वंय सेवी (वॉलिंटियर्स) की सूची उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही उन्हें पहचान पत्र या बैज निर्गत करने को कहा, ताकि वे जुलूस में पहचान में आ सके।
बैठक में उप महापौर, दरभंगा नगर निगम श्रीमती नाजिया हसन ने 23 जुलाई की घटना को कुशलतापूर्वक नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन की तारीफ की। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से कहा कि यदि आपके गली-मोहल्लों का कोई बच्चा गलती करता है, तो उसे समझाए। उन्होंने मुहर्रम का त्योहार शांतिपूर्ण एवं भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।
डीएम ने शांति समिति को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिले की जनता को शांति के लिए आज संकल्प लेना होगा, अगर कुछ लोग जो त्योहार के अवसर पर घर आते हैं और ऐसा सोचते हैं कि हम तो त्योहार के अवसर पर आये हैं और फिर यहाँ से चले जाएंगे, इस बीच कुछ भी करेंगे, तो बच जाएगें, यह उनकी गलत फहमी है। उन्होंने सभी थाना प्रभारी को ऐसे लोगों पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि दरभंगा नगर निगम बताये गये रूट की स्याफ़ सफाई ससमय करवाना सुनिश्चित करेगी। सिविल सर्जन दरभंगा मेडिकल टीम को तैयार रखने व ससमय प्राथमिक उपचार का किट्स उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी थाना को रूट प्लान तैयार कर लेने का निर्देश दिया। उन्होंने मुहर्रम समिति को ताजिया निकालने के दौरान निर्धारित समय का ख्याल रखने को कहा। महराजी पुल को लेकर उन्होंने अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, सदर को केवल इस वर्ष के लिए नया रूट निर्धारित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मुहर्रम समिति से कहा कि कई बार ट्यूब लाईट सर पर फोड़ने एवं धारदार हथियार से खेल प्रदर्शन करने के दौरान प्रदर्शनकर्ता स्वंय घायल हो जाते हैं, इन खेल प्रदर्शनों से बचा जाना चाहिए।
उन्होंने यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) को प्लानिंग कर लेने के निर्देश दिये। धार्मिक स्थलों के समीप वहाँ के लोगों को ही वहाँ पानी या सरबत से सेवा करने का सुझाव दिया, इससे धार्मिक स्थल की भी निगरानी होती रहेगी और सेवा भी होता रहेगा। शांति समिति के सदस्यों ने इसे सहर्ष स्वीकार किया।उन्होंने 23 जुलाई की घटना को नियंत्रित करने में सहयोग करने वाले शांति समिति के सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही कहा कि नगर निगम क्षेत्र में जितने भी महापुरूषों की प्रतिमाएँ है, उनकी सुरक्षा और साफ-सफाई के लिए संबंधित वार्ड पार्षद की अध्यक्षता में एक समिति का शीघ्र गठन कर लिया जाए और उसमें सरकारी कर्मी एवं पदेन सदस्य को भी शामिल किया जाए।
उक्त बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक सागर कुमार, अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर चन्द्रिमा अत्री, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, सदर अमित कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी गौरव शंकर सहित जिला स्तरीय अन्य वरीय पदाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ जिला शांति समिति के सदस्यों में श्याम किशोर प्रधान, अशोक नायक, मो.उमर, राम कुमार, मनोज कुमार जयसवाल, नवीन सिन्हा, सुजीत मल्लिक, नसीम अख्तर, देवेंद्र कुमार झा, प्रदीप गुप्ता, रजी अहमद, डॉ. मो. इमामुल हक, अब्दुल हमीद कुरैशी, शाहनवाज कमर, अमर राम, मो.फसीज़, पप्पू खान, रुस्तम कुरैशी, सुरेश कुमार शर्मा, विष्णु कुमार ठाकुर, नवाब अख्तर, रविंद्र कुमार यादव, शुबंश कुमार यादव, कमलेश कुमार मंडल, दीदार हुसैन चांद, सुनील कुमार मंडल, नारायण जी झा, हरि नारायण सिंह, पवन कुमार शर्मा, मदन मंडल, राजेंद्र प्रसाद सिंह, नैयाज अहमद, निहाल अहमद खां, मो.आरजु, नुजहत परवीन, मो. अनवार अली अंसारी, जावेद अनवर, आस मोहम्मद, सुनील राय, राकेश कुमार दास, जकरिया हुसैन जिकरी, मोहम्मद शमशुल हक, मो. अतलुव, शंभू कुमार साहू, अवधेश कुमार चौधरी, अजय कुमार जलान, शत्रुघ्न प्रसाद यादव, शरफे आलम तमन्ना, राम मनोहर प्रसाद, राकेश कुमार, सचिन राम, विपिन कुमार राय एवं अन्य जिला शांति समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
22.07.2023 (दरभंगा) : बिहार लोहिया स्वच्छ अभियान के अंतर्गत ‘‘हमारा गाँव, हमारा गौरव’’ के संकल्प के साथ जिले के सभी पंचायतों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारने के लिए दरभंगा प्रेक्षागृह में जिले के सभी मुखिया के साथ ठोस एवं तरल प्रबंधन उन्मूखीकरण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन डीएम राजीव रौशन के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती प्रतिभा रानी, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी आलोक राज एवं जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष राजीव चौधरी ने सहयोग किया।
कार्यशाला में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए बिहार के विभिन्न पंचायतों में किये जा रहे बेहतरीन कार्य को प्रदर्शित किया गया। बताया गया कि ठोस व तरल कचरा संग्रहण के लिए गाँव के प्रत्येक घर को नीला एवं हरा डस्टबीन उपलब्ध कराया गया है। नीला डस्टबीन सुखा कचरा के लिए एवं हरा डस्टबीन गीला कचरा के लिए दिया गया है। प्रतिदिन ई-रिक्शा एवं ठेला के माध्यम से सुखा एवं गीला कचरा को संग्रहित किया जाता है एवं पंचायत के अपशिष्ट प्रसंस्करण ईकाई पर इसे अलग अलग किया जाता है। वैज्ञानिक तरीके से इसका प्रसंस्करण कर पुनः इसे उपयोगी पदार्थों एवं कम्पोस्ट में तब्दील किया जाता है। इस प्रकार पर्यावरण को प्रदुषण से बचाने के साथ अपशिष्ट पदार्थों के उत्पाद का पुनः उपयोग भी किया जा रहा है।
सरकार प्रत्येक गाँव को स्वच्छ एवं समृद्ध बनाना चाहती है। डीएम ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार सात निश्चय कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘‘स्वच्छ गाँव एवं समृद्ध गाँव’’ का संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत आबादी गाँव में रहती है, इसलिए यह आवश्यक है कि हम गाँव के जीवनयापन के तरीकों में सुधार लावें एवं गाँव को समृद्ध बनावें। उन्होंने उपस्थित मुखियागण को कहा कि कई बार आपके मन में भी यह प्रश्न उठता है कि हम स्वच्छता से समृद्धि की नींव कैसे रखेंगे। उन्होंने कहा कि कई बार आपके मन में यह आता होगा कि विकास का मतलब गाँव में सड़क, विद्यालय, अस्पताल बन जाना होता है, लेकिन स्वच्छता के बिना विकास के मायने अधूरा है।
उन्होंने कहा कि किसी स्थान की समृद्धि इस बात का प्रतीक है कि वहाँ के लोग किस प्रकार से जीवन जीते है। किसी विद्धान दार्शनिक ने कहा है कि जीवन जीना एक कला है और विरोधाभास ये है कि हम सब को लगता है कि हम जीवन जीना जानते हैं, लेकिन दूसरे के नजरियें से देखियेगा और खुद के नजरियों से भी जब आप अन्तःकरण में झाँक कर देखियेगा, तो आपको लगेगा कि जीवन जीना उतना आसान भी नहीं होता है। जीवन का एक आदर्श होता है और उसको अपनाये बिना हम अपने गाँव को स्वच्छ और समृद्ध नहीं बना सकते।उन्होंने कहा कि आज का विषय मेरे हृदय से जुड़ा हुआ है, यहाँ के प्रस्तुतीकरण में इस कार्यक्रम को बहुत ही बारिकियों से बताया जा रहा था। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के इस कार्यक्रम के बनाने में वे भी अपर सचिव के रूप में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमें बिहार की छवि को बदलना है, लोगों की जीवनशैली को बदलना है, तो हमें प्रमुखता से इसमें जोर डालना होगा, ये किसी भी योजना से अधिक महत्वपूर्ण है।
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अन्तर्गत आपके सहयोग से खुले में शौच से मुक्ति मिली, ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता आयी, अब हम एक कदम आगे बढ़कर स्वच्छ गाँव, समृद्ध गाँव की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अब ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की बात कर रहे हैं, प्लास्टिक और मेडिकल कचरा प्रबंधन की बात कर रहे हैं, अगर हमारा कचरा प्रबंधन सफलतापूर्वक हो जायेगा, तो बीमारी खुद व खुद दूर हो जायेगी, कई बीमारी तो गंदगी यानी कचरा के सहीं ढ़ंग से प्रबंधित नहीं होने के कारण होती है, अपने घर से गंदगी निकाल कर सड़क पर फेंक देना, गंदगी की सफाई नहीं है, यह अपूर्ण सफ़ाई है। जब तक हम उसका रि-साईकिल नहीं करते हैं, तब तक हमारा स्वच्छता अभियान पूर्ण नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि ईश्वर का भी बास स्वच्छ स्थानों पर ही होता है और काफी सोच समझ कर वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाते हुए ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन कार्यक्रम को बनाया गया है। उन्होंने सभी मुखिया जी को कहा कि आपसे बेहतर आपके गाँव को कोई नहीं समझ सकता है, आप अपने पंचायत के लिए अच्छी योजना बना सकते हैं, बशर्ते कि आप उसे अपना समझे।उन्होंने कहा कि जब कोई भी ऐसी सरकारी योजना नहीं थी, तब भी अच्छे जन प्रतिनिधि अपने गाँव को बेहतर बनाने की सोच रखते थे और यह भावना हर किसी के हृदय में रहती है। हर व्यक्ति का उस गाँव से लगाव रहता है, जहाँ उनका जन्म हुआ है, चाहे वह कहीं भी रहे, उस गाँव की समृद्धि से उसे खुशी मिलती है, यह एक भावनात्मक लगाव है। उन्होंने कहा कि कोई भी जन प्रतिनिधि यह नहीं चाहेगा कि उसका क्षेत्र विकास या स्वच्छता के किसी भी पैमाने पर पीछे रहे, लेकिन उसके लिए आगे बढ़ कर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि हम नाली बनाते है और उसका निकास नहीं हो, तो पानी वहीं जमा होकर सड़ेगा और सड़ने के बाद गंदगी और बीमारी फैलेगी, हमें देखना होगा कि पानी का सही ढ़ंग से निकास हो और सही ढ़ंग से उसका निष्पादन हो।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट के लिए कई सारे तकनीकी हैं, आपके गाँव के लिए कौन सी तकनीक उपयोगी होगी, यह आपको सोचना है। उन्होंने कहा कि एक ग्रे वाटर होता है और एक ब्लैक वाटर होता है, जिसे हम सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट के माध्यम से कचरा और पानी को अलग करते हुए पानी को सिंचाई के योग्य बना सकते है और जमा हुए कचरा का उपयोग कम्पोस्ट उवर्रक के रूप में किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पानी की समस्या दूर करने के लिए व्यर्थ बर्बाद होने वाले पानी का उपयोग भू-गर्भ जल को रिचार्ज करने के लिए कुँआ, चापाकल के समीप सोख्ता बनाकर कर सकते हैं, इससे गंदगी भी साफ हो जाएगी और बीमारी भी नहीं फैलेगी।उन्होंने कहा कि शौचालय सेप्टिक टैंक से निकाले गए अपशिष्ट पदार्थ का सही निष्पादन तभी होगा, जब हम उसे एक गड्ढ़े में रख कर उसे ढक देंगे। उसे खुले में गिराना गंदगी को फैलाना होगा, क्योंकि बारिश होने पर वहीं गंदगी बहकर फिर हमारे घरों में आ जाएगी, यह निदान नहीं है। निदान यह है कि हम उसे अंडर ग्राउड करें और उसके ऑर्गेनिक वेस्ट को कम्पोस्ट में तब्दील कर दें। उन्होंने कहा कि यह पोषक तत्व का चक्र है, जितने भी कार्बनिक सामग्री हैं, वे अपने आप को फिर से पुनर्स्थापित करते हैं, यह पूरा कार्बन चक्र है। प्रकाश संश्लेशन के माध्यम से कार्बन डाई-ऑक्साइड मिट्टी में आता है, फसल उगता है, हमलोग उसे ग्रहण करते है और जो वेस्ट के रूप में रह जाता है उसे रि-साईकिल करते हैं, तो कम्पोस्ट में तब्दील होता है। अगर हम सही ढ़ंग से गड्ढ़ा खोदकर उसका निष्पादन करें, तो उसका कम्पोस्ट और बायो गैस बन सकता है, जिसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जो मिथेन गैस पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है, वह हमारे लिए ग्रीन एनर्जी का स्रोत बन सकता है,उससे खाना बन सकता है। उन्होंने कहा कि जो अपशिष्ट पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है,वह हमारे आर्थिक गतिविधियों में सहायक हो सकता है। दरभंगा जिले की जितनी बड़ी आबादी है और जितना मिथेन गैस पर्यावरण में जा रहा है, अगर उसे हम ग्रीन एनर्जी के रूप में तब्दील कर दें, तो काफी धन की बचत हो सकती है। इसी प्रकार हमारे घर और किचन से जो कचरा निकलता है,उसे हम अपशिष्ट प्रसंस्करण के माध्यम से कम्पोस्ट में तब्दील कर उसका उपयोग कर सकते हैं। हम गोबर से गोबर गैस बनाकर उसका उपयोग कर सकते हैं, लेकिन वहीं कचरा हम सड़क के किनारे रखे हुए हैं, तो जो कोई भी हमारे गाँव से गुजरेगा, उसके मन में अच्छा भाव उत्पन्न नहीं होगा।उन्होंने कहा कि डब्लू.पी.यू. के बारे में अभी भी लोगों में यह धारणा है कि यह गंदगी का घर है। उन्होंने कहा कि डब्लू.पी.यू. गंदगी का घर नहीं, गंदगी से मुक्ति का घर है।
हम अपने घर के सामने कचरा फेंकते हैं, जमा रखते हैं, वह गंदगी है। डब्लू.यू.पी. में तो उस गंदगी का प्रसंस्करण होता है। उन्होंने कहा कि कई लोग यह चाहते हैं कि हम अपने जमीन के बगल में, विद्यालय के बगल में, घर के बगल में डब्लू.पी.यू.नहीं बनने देंगे, यह अच्छी बात नहीं है। आप देखियेगा यह अपकी गाँव की तस्वीर बदल सकता है। शहर और गाँव में यही अंतर है कि वहाँ सफाई की एक व्यवस्थित व्यवस्था है और गाँव में इसी व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। गाँव के लोगों में आपसी तालमेल अच्छा रहता है। इसलिए यह व्यवस्था बनायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट के जरिए प्लास्टिक को भी प्रसंस्करण कर उसको भी उपयोगी बनाया जा रहा है। यदि गाँव और खेत हमारा सही हो जाए, मवेशी पालन की सिस्टम को बेहतर कर लें तो फिर गाँव समृद्ध हो जाएगा। आज मवेशी के यूरिन से बड़ी-बड़ी कम्पनियाँ क्या-क्या उत्पाद बना रही है, उसमें इतना अधिक नाइट्रोजन है कि नाइट्रोजन की आवश्यकता पूरी हो सकती है।
उन्होंने सभी मुखिया जी से अपने गाँव के लोगों को जागरूक करने और अपने गाँव को स्वच्छ और समृद्ध बनाने की अपील की। इसके पहले उप विकास आयुक्त श्रीमती प्रतिभा रानी द्वारा ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन कार्यक्रम के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों से अवगत कराया तथा इसके महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता द्वारा भी ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन तथा स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अन्तर्गत किये जाने वाले व्यय, क्रय किये जाने वाले सामग्री, डब्लू.पी.यू. के निर्माण हेतु 15वीं वित्त आयोग के टाईड फंड एवं मनरेगा के तहत किये गए प्रावधान से अवगत कराया गया।
22.07.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में पंचायती राज विभाग की योजना की समीक्ष्ज्ञा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायत सरकार भवन निर्माण के संबंध में जिला पंचायत राज पदाधिकारी आलोक राज ने बताया कि जिले में 58 पंचायतों में पंचायत सरकार भवन बन गया है, 26 पंचायतों में भवन निर्माण हेतु कार्रवाई की जा रही है और 72 पंचायतों में निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो गई है, वहाँ भूमि का सीमाकंन कराया जाना है। नल-जल योजना के संबंध में बताया गया कि पंचायत राज संस्था द्वारा निर्मित सभी नल-जल योजना को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को हस्तांतरण करने का आदेश प्राप्त है।
बताया गया कि 860 वार्ड की योजना लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है, लेकिन अनुरक्षक वही रहेगा। बताया गया कि अनुरक्षक का भुगतान 2,000/- रूपये प्रतिमाह ग्राम पंचायत के माध्यम से एवं संग्रहित यूजर चार्ज की राशि से 50 प्रतिशत् का भुगतान किया जाएगा, तथा योजना के अनुरक्षण के लिए 24 हजार रूपये सालाना पंचायती राज विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी। डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को 22 अगस्त तक सभी योजना ले लेने के निर्देश दिए। सभी प्रखण्ड पंचायत राज पदाधिकारी को इसके लिए संबंधित एम.बी. एवं आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने के निर्देश दिए। पी.आर.डी. निश्चय पोर्टल को हर 15 दिन पर कनीय अभियंता द्वारा अद्यतन किया जाना है।
अलीनगर की योजना पोर्टल पर अपटेड नहीं रहने के लिए संबंधित दोनों कनीय अभियंता के वेतन में से 10 प्रतिशत कटौती करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि यदि उनके द्वारा दुबारा गलती दोहराई जाती है, तो उन्हें संविदा मुक्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी। पंचायती राज विभाग की योजनाओं के लिए प्राप्त परिवाद का निष्पादन ससमय नहीं करने के लिए मनीगाछी के प्रखण्ड पंचायत राज पदाधिकारी से कारणपृच्छा की गयी है। सभी प्रखण्ड पंचायत राज पदाधिकारी को अपने प्रखण्ड के परिवाद को 03 दिनों के अन्दर निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए चयनित चारों एजेन्सी के कार्यों की समीक्षा की गई।
समीक्षा में बताया गया कि मेसर्स आई.टी.आई. लिमिटेड द्वारा 400 वार्डों में सोलर लाईट लगवाया गया है। मेसर्स लॉर्ड्स मार्क्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने हायाघाट के सभी 480 वार्डों में सोलर लाईट का संस्थापन करावाया है। डीएम ने मेसर्स आदर्श इंस्टिट्यूट सोशल इकोनॉमिक डेवलोपमेन्ट एवं मेसर्स ब्रिज एण्ड रूफ को. (इण्डिया) लिमिटेड को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगस्त माह की समीक्षा में पाया गया कि आपके द्वारा काम नहीं किया जा रहा है, तो जिले में काम करने वाली दूसरी एजेसी को कार्य आंवटित किया जाएगा।
बैठक में जनप्रतिनिधियों की मासिक भत्ता के लंबित भुगतान के संबंध में बताया गया कि 1,500 जनप्रतिनिधियों के बैंक खाता की जानकारी त्रुटिपूर्ण रहने के कारण भुगतान नहीं हो पाया है। इस पर डीएम द्वारा 03 दिनों में बैंक खाता की जानकारी अद्यतन करते हुए लंबित मासिक भत्ता भुगतान करने का निर्देश दिया गया।















































04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।



























