दुर्गा पूजा के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण एवं आवश्यक तैयारी हेतु डीएम व एसएसपी ने की बैठक
September 24, 2024
24.09.2024 (DarbhangaOnline) (पटना) : डीएम पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह एवं एसएसपी राजीव मिश्रा ने कहा की दुर्गा पूजा, 2024 के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुगम यातायात तथा सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। अधिकारीद्वय आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में इस विषय पर आयोजित एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा की पदाधिकारीगण आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कतामूलक कार्रवाई करें। सभी एसडीओ एवं एसडीपीओ स्वयं भ्रमणशील रहें एवं क्षेत्र का जायजा लें। क्षेत्रीय पदाधिकारीगण सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) से सार्थक संवाद कायम रखें। पूजा समितियों से निरंतर समन्वय बनाएँ रखें। शांति समिति की ससमय बैठक कर लें। जुलूस का मार्ग परम्परागत रहेगा। अपरिहार्य स्थिति में इसे बदलने के लिए एसडीओ एवं एसडीपीओ द्वारा सभी मानकों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों का पर्यवेक्षण करें। आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सतत क्रियाशील रखें। अफवाहों का त्वरित खंडन करें। पूर्व की घटनाओं में शामिल लोगों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करें। भीड़ की गतिविधियों पर सीसीटीवी से निगरानी करें तथा इस आशय का फ्लेक्स/बैनर जगह-जगह प्रदर्शित करें कि आप सीसीटीवी की नजर में हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (क्यूएमआरटी) तैनात रखें। ड्रोन से गतिविधियों पर नज़र रखें। सड़कों को मोटरेबल रखें। मद्य-निषेध अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें।
विदित हो की इस वर्ष दिनांक 03 अक्टूबर (गुरूवार) को शारदीय नवरात्र की कलश स्थापना के साथ दुर्गा पूजा प्रारंभ हो रहा है। दिनांक 10 अक्टूबर (गुरूवार) को सप्तमी, 11 अक्टूबर (शुक्रवार) को महाअष्टमी एवं महानवमी तथा 12 अक्टूबर (शनिवार) को दशहरा (विजयादशमी) है। दुर्गा पूजा के बाद 31 अक्टूबर (गुरूवार) को दीपावली तथा 7-8 नवंबर को छठ पूजा है। जिलाधिकारी डॉ. सिंह एवं एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा की इन सबके मद्देनजर सुदृढ़ प्रशासनिक तैयारी सुनिश्चित रहनी चाहिए। विधि-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी ने कहा की जिला स्तर से मुख्य स्थलों पर दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सार्वजनिक स्थलों पर भीड़-नियंत्रण के मानकों के अनुसार क्षेत्रीय आवश्यकता का आकलन करते हुए दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की अतिरिक्त प्रतिनियुक्ति करेंगे।
नगर आयुक्त, पटना नगर निगम अनिमेष कुमार पराशर ने कहा की आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर अभी से स्पेशल क्लीन्लिनेश ड्राइव चलाया जाएगा। नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के नेतृत्व में अंचलवार डेडिकेटेड टीम 24x7 सक्रिय रहेगा। जुलूस के मार्ग में कोई भी डार्क स्पॉट नहीं रहेगा। इन स्पॉट्स को चिन्हित कर उसे समाप्त किया जा रहा है। सभी जगहों पर प्रकाश की उत्तम व्यवस्था रहेगी। डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी ने बैठक में अनुमंडलवार तैयारियों की वृहद समीक्षा की। अधिकारीद्वय ने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अपर पुलिस अधीक्षकों/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को ससमय शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निदेश दिया। सभी पदाधिकारी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतेंगे तथा असामाजिक तत्वों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई करेंगे। कॉम्युनिकेशन प्लान सुनिश्चित कर विधि-व्यवस्था का संधारण करेंगे।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा की पूजा स्थलों पर महिलाओं एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग पंक्ति बनाना आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं को भी कोई समस्या न हो तथा भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था संधारण भी सुगमता से किया जा सके। सभी संबंधित पदाधिकारी पूजा समितियों से समन्वय कर इसे सुनिश्चित करेंगे। एसएसपी ने निर्देश दिया की सभी थानाध्यक्ष पंडालों का भ्रमण करेंगे। क्यूआरटी नियमित गश्ती करेगी। सभी जुलूस के साथ थाना की एस्कॉर्ट पार्टी चलेगी। डीएम ने निर्देश दिया की एसडीओ अनुमंडल स्तरों पर नियंत्रण कक्ष का गठन करेंगे। नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों/पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों के अतिरिक्त क्विक रिसपॉन्स टीम (क्यू.आर.टी) का भी गठन करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके।
डीएम डॉ. सिंह ने अधिकारियों को निदेश देते हुए कहा की त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार का मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रावण वध, जुलूस, विसर्जन जुलूस इत्यादि कार्यक्रमों का आयोजन जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। पूजा आयोजन हेतु शत-प्रतिशत अनुज्ञप्ति निर्गत कराना/नवीकरण कराना अनिवार्य है। आपदा प्रबंधन विभाग के गाईडलाईन के अनुसार पूजा पंडालों का निर्माण एवं संचालन सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है।
आयोजकों के द्वारा पंडालों के पास सीसीटीवी/वीडियोग्राफी की व्यवस्था रहेगी। आयोजकों द्वारा अग्निशमन की ठोस व्यवस्था किया जाना अनिवार्य है। सभी पूजा पंडालों में अस्थायी विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था सुनिश्चित रहनी चाहिए। भीड़ प्रबंधन हेतु लाउडस्पीकर की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए। आपत्तिजनक स्लोगन, कार्टून इत्यादि पर रोक है। किसी भी प्रवाह में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगया गया है। मूर्ति का विसर्जन अस्थायी तालाब में ही किया जाना है। आतिशबाजी पर रोक है। डीजे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा की दुर्गा पूजा में विभिन्न मंदिरों तथा सावर्जनिक दुर्गा पूजन स्थलों पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होने की संभावना रहती है।
पटना में वृहद तैयारी की आवश्यकता पड़ती है। गाँधी मैदान, पटना में रावण-वध कार्यक्रम होता है। अन्य स्थानों पर भी यह होता है। अतः सतर्कता के साथ तैयारी सुनिश्चित करनी होगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी तथा पुलिस पदाधिकारी भीड़ प्रबंधन के मानकों का दृढ़ता के साथ परन्तु विनम्रतापूर्वक अनुपालन कराएंगे। गश्ती दल द्वारा रेगुलर पेट्रोलिंग की जाए। नियंत्रण कक्ष से भीड़ पर निगरानी रखी जाए। सीसीटीवी कैमरा एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से अनुश्रवण किया जाए। मेडिकल कैम्प एवं ‘मे आई हेल्प यू’ काउण्टर भी क्रियाशील रखें। यथेष्ट प्रशासनिक सतर्कता, यथोचित निगरानी तथा सुरक्षामूलक कार्रवाई करें। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा नगर निगम क्षेत्रों में सीसीटीवी-आधारित सर्विलेंस सिस्टम (निगरानी केन्द्र) विकसित की गयी है। एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस), वैरिएवल मैसेज साईन बोर्ड (वीएमडी), पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं इमर्जेन्सी कॉल बॉक्सेज (ईसीबी), स्पीड व्यालेशन डिटेक्शन (एसवीडी), ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) तथा इन्व्यारनमेंटल सेन्सर लोकेशन (ईएसएल) प्रणाली का क्रियान्वयन विभिन्न स्थानों पर किया गया है।
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। विदित हो कि दुर्गा पूजा के आयोजन के क्रम में जनहित एवं आम जनता की व्यापक सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक दिशा-निर्देश दुर्गापूजा के आयोजकों/व्यवस्थापकों को दिये गये हैं जो निम्नलिखित है। पूजा पंडाल में विधिवत अस्थायी विद्युत सम्बद्धता अवश्य लें एवं पंडाल का निर्माण विद्युत तारों से सुरक्षित दूरी पर ही करें जिसे विद्युत अधिनियमों का उल्लंघन नहीं हो। पंडालों की मजबूती का विधिवत जाँच करायी जाए। पूजा पंडाल के निर्माण में अग्नि सुरक्षा नियमों एवं मानकों का अनुपालन किया जाए।
पंडाल निर्माण के संबंध में सड़क, जलापूर्ति निकासी, टेलीफोन, बिजली के केबुल तथा सरकारी एवं लोक सम्पत्ति को क्षति न पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाय। पंडाल निर्माण के क्रम में इस बात का ध्यान रखा जाय की यातायात व्यवस्था प्रतिकूल ढंग से प्रभावित नहीं हो। वाहनों का परिचालन सजावटों के कारण प्रभावित न हो। ध्वनि प्रदूषण यथा लाउडस्पीकर के संबंध में नियमों का अनुपालन किया जाय। डीएम डॉ. सिंह ने कहा की जनहित में ऐसा किया जाना आवश्यक है तथा इसकी अनुपालन न होने की स्थिति में सभी क्षतियों एवं परिणामों की जिम्मेवारी आयोजकों/व्यवस्थापकों/समितियों की होगी। विधिवत निर्माण हेतु आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र सम्बद्ध विभाग से प्राप्त कर लेना आवश्यक है। डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं सहायक पुलिस अधीक्षकों/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को ससमय शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निदेश दिया। अंचल/थाना एवं अनुमण्डल स्तर पर शांति समिति की बैठक में स्थानीय स्तर पर सक्रिय युवकों, गणमान्य व्यक्तियों एवं सिविल सोसाईटी के सक्रिय सदस्यों को भी आमंत्रित करते हुए उनसे सुझाव प्राप्त किया जाय तथा बैठक की विधिवत उपस्थिति पंजी एवं कार्यवाही तैयार करायें।
डीएम ने अधिकारियों को निदेश दिया कि पूजा समितियों से 20-20 सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची मोबाइल नं. के साथ तैयार करें तथा पंडाल में वोलन्टियर की प्रतिनियुक्ति परिचय पत्र एवं मोनोग्राम के साथ करें। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतेंगे तथा असामाजिक तत्वों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई करेंगे। कॉम्युनिकेशन प्लान सुनिश्चित कर विधि-व्यवस्था का संधारण करेंगे।
डीएम ने कहा की पंडाल का निर्माण तथा प्रतिमा विसर्जन हेतु निर्धारित मानकों का अनुपालन अनिवार्य है। संबंधित अधिकारी बिहार (पूजा के उपरांत मूर्ति विसर्जन प्रक्रिया) नियमावली, 2021 में वर्णित प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित कराएँ। इसके तहत मूर्ति की अधिकतम ऊँचाई 20 फीट तथा ऊपरी संरचना की ऊँचाई 40 फीट तक ही सीमित रखा जाना है। मूर्तियों को प्राकृतिक सामग्री यथा पारंपरिक मिट्टी, बाँस आदि से बनाया जाएगा। मूर्ति निर्माण में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) का उपयोग नहीं किया जाएगा। मूर्तियों की रंगाई के लिए जहरीले और गैर-जैव विघटनीय रासायनिक रंगों और कृत्रिम रंगों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
मूर्तियों को पानी में घुलनशील और गैर-विषैले प्राकृतिक रंगों से रंगा जाएगा। विद्युत विभाग के अभियंताओं को सुनिश्चित करना होगा की पूजा पंडालों में कहीं भी लूज वायर न रहे। नगर निगम, नगर परिषद् तथा नगर पंचायत अपने-अपने कार्यक्षेत्र में साफ-सफाई एवं प्रकाश की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। नगर निकायों का 24*7 डेडिकेटेड टीम क्रियाशील रहे। शौचालय एवं पेयजल की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। विद्युत अभियंता निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि आवश्यकतानुसार पार्किंग की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा की पूजा आयोजन हेतु शत-प्रतिशत अनुज्ञप्ति निर्गत/नवीकरण कराना सुनिश्चित करेंगे। अनुज्ञप्ति में अंकित स्थल एवं मूर्ति विसर्जन मार्ग का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित करेंगे। संबंधित पूजा समितियों द्वारा बनाए जाने वाले पंडालों तथा इनमें पूजन हेतु स्थापित की जाने वाली मूर्तियों की ऊँचाई क्रमशः 40 फीट तथा 20 फीट से ज्यादा न हो तथा उक्त नियमावली के अनुपालन में हो। पंडालों के पास सीसीटीवी की व्यवस्था रहनी चाहिए।
आयोजन एवं पंडाल की अनुज्ञप्ति में ही यह शर्त प्रविष्ट करेंगे कि पूजा समिति के आयोजक पूजा पंडालों में चिन्हित स्थानों पर सी.सी.टी.वी. कैमरों का अस्थायी रूप से अधिष्ठापन करवायेंगें ताकि भीड़ की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके। किसी भी प्रकार के अफवाह से बचने तथा सोशल मीडिया पर भी अफवाहों से बचने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही माईकिंग भी कराया जाय। अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित करेंगे। आपतिजनक स्लोगन, कार्टून इत्यादि पर रोक है। इसे सभी पदाधिकारी सख्ती से सुनिश्चित करेंगे। डीएम ने कहा की जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अनुसार मूर्ति विसर्जन कृत्रिम तालाबों में होगा। किसी भी प्रवाह में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मूर्ति विसर्जन के संबंध में केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन करना होगा।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के अनुसार मूर्तियों के विसर्जन से पहले जैव-विघटनीय सामग्रियाँ निपटान के लिए अलग से एकत्र की जाए। सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पूजा समितियों को उनके इस दायित्व से अवगत करा दिया जाए। मूर्ति विसर्जन के मार्ग का निर्धारण कर लिया जाए। मूर्ति विसर्जन हेतु कृत्रिम घाटों का स्थल निरीक्षण अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे। जुलूस मार्ग एवं घाटों को अतिक्रमणमुक्त रखें। सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था की जाए। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि लाउडस्पीकर की नियुमानसार सशर्त अनुमति अनुमंडल पदाधिकारी से प्राप्त की जाएगी। रात्रि 10 बजे से सुबह 06.00 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक है।
डीजे पर हर परिस्थिति में पूर्ण प्रतिबंध रहेगा एवं पूर्णरूपेण वर्जित रहेगा। इसे सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारियों को नावों का निबंधन, नावों की संख्या, प्रशिक्षित गोताखोरों की संख्या, कार्यरत नाविकों की संख्या आदि बिन्दुओं की सूक्ष्म समीक्षा संबंधित पदाधिकारियों के साथ कर लेने का निदेश दिया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से एवं दुर्घटना से बचाव हेतु त्योहारों के अवसर पर निजी नावों के परिचालन-परिवहन सुरक्षा हेतु बिहार आदर्श नौका अधिनियम, 1985 के तहत नियंत्रणात्मक विधियों को लागू करने का निदेश दिया गया। विसर्जन के दिन नदी में बिना अनुमति के नाव परिचालन पर रोक रहेगी।
डीएम ने निदेश दिया कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने स्तर पर बैठक आहूत कर अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी से अग्निशमन संयंत्रों की संख्या, कार्यशीलता, फायर ऑडिट, अग्निशमन वाहन की उपलब्धता, वाटर रिफलिंग के संसाधन के बिन्दुओं पर समीक्षा कर लेंगे। विसर्जन जुलूस एवं विसर्जन स्थल पर आतिशबाजी पर रोक है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इसका अनुपालन कराएंगे। डीएम द्वारा नदी घाटों पर एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ टीम की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।
डीएम व एसएसपी ने कहा की विजयादशमी के दिन गाँधी मैदान, पटना के साथ-साथ जिले में अन्य स्थानों पर भी रावण वध कार्यक्रम आयोजित होता है। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी इस अवसर पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के साथ विधिवत ढंग से प्रशासनिक व्यवस्था करेंगे। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी/थानाध्यक्ष/सीओ/एसडीओ/एसडीपीओ की विशेष जिम्मेवारी है। थानाध्यक्षों एवं अन्य पदाधिकारियों को आसूचना तंत्र को सुदृढ़ कर विधि-व्यवस्था संधारण को सफल बनाने का निदेश दिया गया है।
थानाध्यक्ष अपने-अपने इलाके में विधि-व्यवस्था के लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी हैं। दुर्गापूजा के अवसर पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। महाप्रबंधक, पेसू शहरी क्षेत्रों में तथा अधीक्षण अभियंता, विद्युत आपूर्ति, ग्रामीण क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। पुलिस अधीक्षक, यातायात उत्कृष्ट यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे। साथ ही तैयार किए गए यातायात प्लान को आमजन की सुविधा के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएंगे।
दुर्गापूजा के अवसर पर आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ एवं आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं के साथ एम्बुलेंस सिविल सर्जन प्रतिनियुक्त करेंगे। जिला अग्निशमन पदाधिकारी, पटना को निर्देशित किया गया की दुर्गापूजा के अवसर पर आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु फायर दस्ता प्रतिनियुक्त करना सुनिश्चित करेंगे। डीएम ने कहा की सभी पदाधिकारियों को सजग, सतर्क एवं सक्रिय रहने की आवश्यकता है। विधि-व्यवस्था संधारण से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है।


24.09.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : दरभंगा जिलान्तर्गत प्रतिवेदित कांडों की तुलना में लंबित कांडों की संख्या काफी अत्यधिक है।
उक्त जानकारी देते हुए एसएसपी ने बताया की प्रतिवेदित कांडों की तुलना में 2.5 गुणा से कम लंबित कांडों का मानक प्रतिस्थापित करने के उद्देश्य से थाना / अंचल / अनुमंडल एवं अन्य स्तर पर किये जा रहे कांडों की समीक्षा के अलावें जिला स्तर पर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में अनुसंधानकों को बुलाकर कांडवार समीक्षा यथा कांडों में की गयी कृत कार्रवाई, अनुसंधान की गुणवत्ता एवं कांडों के त्वरित निष्पादन कराने की दृष्टिकोण से परिक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक दिलीप कुमार, परिक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक अभिषेक कुमार, पु0 नि0 उमाशंकर राय, पु0 नि0 प्रेमप्रकाश राय, पु0 नि0 सतेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में Investigation Supervision Team का गठन किया गया हैं। उपरोक्त investigation Supervision Team दिनांक 24.09.24 को SSP कार्यालय में अनुसंधानकर्तावार विशेष/ अविशेष प्रतिवेदित सभी लंबित कांडो का समीक्षा अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में किया गया।
जिसमें मब्बी थाना पर्यवेक्षी पदाधिकारी अभिषेक कुमार (परीक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक) के द्वारा अनुसंधानकर्ता स०अ०नि० नारायण गुप्ता के कुल 12 कांड एवं सोनकी थाना के अनुसंधानकर्ता पु०अ०नि० प्रियंका कुमारी के कुल कांड 18, नेहरा थाना पर्यवेक्षी पदाधिकारी दिलीप कुमार (परीक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक) के द्वारा अनुसंधानकर्ता स०अ०नि० मनोज कुमार राम के कुल कांड 10 एवं सदर थाना के अनुसंधानकर्ता पु०अ०नि० पंचम कुमार के कुल कांड 05, विश्वविद्यालय थाना के पर्यवेक्षी पदाधिकारी पु०नि० सत्येंद्र चौधरी के द्वारा अनुसंधानकर्ता पु०अ०नि० अश्विनी कुमार के कुल 16 कांड, भालपट्टी थाना पर्यवेक्षी पदाधिकारी पु०नि० उमाशंकर राय के द्वारा अनुसंधानकर्ता पु०अ०नि० निप्पू कुमार के कुल 11 कांडो का समीक्षा किया गया। कुल 72 कांडो की समीक्षा की गयी।
24.09.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : कवि कोकिल बाबा विद्यापति भारतीय साहित्य और संस्कृति के न केवल सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान है बल्कि सगुण भक्तिमार्ग मार्ग के जिस परंपरा को उन्होंने स्थापित किया आज भी हर सनातन धर्मावलंबियों के लिए एक उदाहरण है।
संसद के सेंट्रल हॉल में कवि कोकिल बाबा विद्यापति के तैल चित्र लग जानें से साढ़े आठ करोड़ मिथिलावासियों का जहां सम्मान बढ़ेगा वहीं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना भी मज़बूत बनेगी। दरभंगा के भाजपा सांसद तथा लोकसभा में पार्टी के सचेतक डा. गोपाल जी ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भेंट कर इस सम्बंध में आग्रह करने के बाद उपरोक्त विचार व्यक्त किए। सांसद डा. ठाकुर ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव के साथ संयुक्त रूप से लोकसभा अध्यक्ष श्री बिरला से भेंट कर उन्हे मिथिला की संस्कृति और परंपरा के अनुसार मखान की माला पाग तथा अंगवत्र से सम्मानित भी किया। सांसद डा ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष को कवि कोकिल विद्यापति के बारे में बताते हुए कहा की वे न केवल कवि और संगीतकार थे बल्कि धर्म साहित्य न्याय दर्शन तथा कर्मकांड के महान् ज्ञाता थे जीनका यश और कीर्ति सम्पूर्ण विश्व में विख्यात है।
बाबा विद्यापति को भक्ति परंपरा का महान् साधक बताते हुए कहा की उनकी भक्ति भावना से प्रसन्न होकर त्रिलोकनाथ भगवान शिव स्वयं उनके यहां चाकरी करने के बहाने उनके सानिध्य मे बने रहने का अवसर प्राप्त किए थे और उनके अंत समय में मां गंगा उनके समीप आकर उन्हे अपने अंदर समाहित कर ब्रह्मलीन की थी। सांसद डा. ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष को अनुरोध करते हुए कहा की संसद में विद्यापति के तैल चित्र लग जानें से सम्पूर्ण मिथिला क्षेत्र के लोगों का भावनात्मक सम्मान बढ़ेगा तथा मिथिला की संस्कृति देश के केंद्र बिंदु संसद में स्थापित होगी।
23.09.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में मंगल पाण्डेय, मंत्री स्वास्थ्य एवं कृषि विभाग बिहार सरकार-सह-प्रभारी मंत्री दरभंगा जिला-सह-अध्यक्ष जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) के अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगत सभी अतिथियों को पाग, चादर, जल जीवन हरियाली का प्रतीक पौधे आदि देकर सम्मानित किया गया। डीएम ने उन्हें आकर्षक मोमेंटम देकर स्वागत किया।
इस अवसर पर गोपाल मंडल जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) की उपाध्यक्ष, जीवछ सहनी उपाध्यक्ष जिला कार्यान्वयन समिति 20 सूत्री, माननीय मंत्री मदन सहनी, मंत्री हरी सहनी, सांसद गोपाल जी ठाकुर, राज्यसभा सांसद श्रीमती धर्मशीला गुप्ता, विधायक संजय सरावगी, विधायक जीवेश कुमार, विधायक विनय कुमार चौधरी, विधायक मिश्रीलाल यादव, विधायक अमन भूषण हजारी, विधान पार्षद अब्दुल बारी सिद्दीकी, महापौर अंजुम आरा, जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी आदि सदस्य गण उपस्थित थे। बैठक में सर्वप्रथम मनरेगा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना 2024-25, जिला जल एवं स्वच्छता समिति, पंचायती राज विभाग की पंचायत सरकार भवन की प्रगति, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाईट योजना, कृषि, श्रमिक विभाग, आपूर्ति विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण आदि विभागों की पावरप्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अध्यक्ष और सदस्यों को अवगत कराया गया।
सांसद गोपाल जी ठाकुर ने बैठक में जिला 20 सूत्री की बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लिखित तथा मौखिक रूप अपना सुझाव देते हुए कहा की इस बैठक का मूल उद्देश्य है कि आमजनों किं समस्याओं का जनप्रतिनिधियों के माध्यम से समाधान होना तथा ज्वलंत मुद्दों को प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा समाधान करवाना। उन्होंने मनरेगा आवास योजना, पेयजल संकट, खाद्य आपूर्ति जैसे आमजनों से सम्बन्धित विषयों के संदर्भ में सुझाव दिए। नगर विधायक ने मनरेगा योजना की स्वीकृति, नाला निर्माण, भवन निर्माण, आदि योजनाओं की जो स्वीकृत हुई है, इसका प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु सुझाव दिए। साथ ही जिन योजनाओं का भुगतान किया गया है उनका भी प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा। बेनीपुर विधायक ने जीविका भवन के संबंध में अध्यक्ष को अवगत कराया। अध्यक्ष ने पौधारोपण के संबंध में कहा कि माह जनवरी में पौधारोपण किया गया है तो माह फरवरी में कितना पौधा बचा हुआ है उसका भी जाँच करा लेने का निर्देश दिया।
अलीनगर विधायक ने जिस योजना का काम हो रहा है, उस योजना का सूचना पट्ट लगाने हेतु सुझाव दिए। नगर विधायक ने स्वच्छता कर्मियों का भुगतान हो गया है और कब तक बाकी है उनका अद्यतन प्रतिवेदन प्राप्त कराने हेतु सुझाव दिए। साथ ही ग्रामीण स्वच्छता कर्मी को समय से भुगतान करने का सुझाव दिया। अध्यक्ष को पंचायत सरकार भवन के संबंध में बताया की पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार हो गया है, लेकिन कोई पदाधिकारी एवं कर्मी बैठते नहीं है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने कहा की आईडी विभाग से मिल गया है, सभी पंचायत के कार्यपालक सहायक एवं डाटा इंट्री ऑपरेटर को आईडी उपलब्ध कराया जाएगा साथ ही सभी पंचायत सरकार भवन में बैठेंगे। बेनीपुर विधायक ने किसान हेतु डीजल अनुदान राशि के संबंध में सुझाव दिए।
साथ ही उन्होंने जिस प्रखंड में वर्षा कम हुआ है, अध्यक्ष को अवगत कराया। अध्यक्ष ने कहा की हमारी प्राथमिकता किसान को डीजल अनुदान देना है। साथ ही उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को जिन प्रखंडों में कम वर्ष हुआ है उनका मुआयना एक सप्ताह के अंदर करने का निर्देश दिया। राज्यसभा सांसद धर्मशिला गुप्ता ने कहा की दीपावली के अवसर पर किरासन तेल हेतु समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। जाले विधायक जीवेश मिश्रा ने जाले, कमतौल, भरवारा एवं सिंहवाड़ा में जल मीनार बनाकर तैयार है, संचालन कराने हेतु सुझाव दिए।
संबंधित पदाधिकारी द्वारा बताया गया की एक माह के अंदर संचालित करा लिया जाएगा। उन्होंने अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के वर्कशेड की स्वीकृति का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहां। विधान पार्षद अब्दुल बारी सिद्दीकी ने जिले में आउटडोर, इंडोर स्टेडियम एवं खेल मैदान के संबंध में सुझाव दिए। साथ ही उन्होंने पार्क बनाने हेतु सुझाव दिया तथा बने हुए स्मारक को सौंदर्यकरण कराने हेतु सुझाव दिए।मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना अंतर्गत कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग सात दिनों के अंदर सांसद, विधायक, सदस्य से समन्वय करते हुए सूची उपलब्ध करने का निर्देश अध्यक्ष ने दिए। बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लिखित तथा मौखिक रूप अपना अपना सुझाव अन्य सदस्यों ने दिया।बैठक के अंत में मंत्री के द्वारा अंतरजातीय विवाह करने वाले 9 जोड़ी वर वधु को एक-एक लाख रुपए का बिहार सरकार के द्वारा अनुदान प्रदान किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना से संबंधित तिथि बैठक हुई। बैठक में बताया गया की 1500 करोड रुपए की निविदा निकाली जाएगी जिससे नगर निगम नगर परिषद नगर पंचायत का तेजी से विकास होगा इसके लिए भी सदस्यों से सुझाव मांगा गया।
डीएम राजीव रोशन ने बैठक के अंत में सभी आगत अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा की मंत्री महोदय अपना बहुमूल्य समय निकालकर दरभंगा जिले के विकास के लिए आए हैं, जिसका बेहतर परिणाम होगा। अध्यक्ष और सभी सम्मानित सदस्यों का जिले के विकास के प्रति काफी सुझाव और संदेश मिला है, जिसका जिले के अधिकारी शीघ्र कार्य को अमली जामा पहनाकर जिले के विकास की गाथा लिखेंगे। बैठक में उप विकास आयुक्त, कार्यपालक अभियंता, उपनिदेशक सूचना एवं जनसंपर्क, अपर समाहर्ता जिला खेल पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।















































04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।



























