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स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारंभ किया गया

October 10, 2024
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09.10.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता द्वारा बताया गया की आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 15 दिवसीय स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारंभ किया गया है जो दरभंगा नगर निगम में संचालित है, साथ ही नगर विकास एवं आवास विभाग पटना द्वारा स्वच्छता ही सेवा अभियान छठ महापर्व तक आयोजित है। इसी क्रम में सरकार के उप सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग पटना द्वारा दशहारा पर्व के अवसर पर दरभंगा नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत पूजा पंडालो में निम्न व्यवस्था के आलोक में पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देने का आदेश प्राप्त हुआ है।

(1) पंडालों की संपूर्ण स्वच्छता एवं साफ-सफाई। (ii) अपशिष्ट का उचित प्रबंधन। (iii) महिला एवं पुरूष शौचालय की उपलब्धता। (iv) डस्टबिन की उपलब्धता। (v) दर्शनार्थी महिला एवं पुरुष हेतु अलग-अलग लाईन की व्यवस्था। (vi) सुरक्षा और लाईट की पर्याप्त व्यवस्था। (vii) स्वच्छ स्थान पर फूड स्टॉल एवं पीने का पानी की व्यवस्था। (viii) गंदे पानी की निकास की व्यवस्था। (ix) मेला स्थल पर सेनेटरी नैपकीन एवं हैंड सेनीटाईजर की व्यवस्था। (x) स्थानीय नागरिकों, संगठनों के साथ मिलकर स्वच्छता के लिए रचनात्मक कार्य करना, स्लोगन, पोस्टर, मीडिया कवरेज आदि के माध्यम से प्रचारित करना।

प्रत्येक पूजा पंडालों में स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता से संबंधित बैनर-पोस्टर अनिवार्य रूप से लगाया जाना है ताकि नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके। उपर्युक्त मानदंड के आधार पर पूजा पंडाल समिति को प्रथम पुरस्कार स्वरूप 10 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार हेतु 05 हजार रुपये एवं तृतीय पुरस्कार हेतु 03 हजार रुपये निश्चित है।

पुरस्कारों का निर्णय हेतु नगर निकाय स्तर पर समिति का गठन किया गया है। साथ ही गठित नगर निकाय स्तर के नामित सदस्य नगर निकाय क्षेत्र अंतर्गत पूजा पंडालों का भौतिक निरीक्षण करेंगे एवं मानक के अनुरूप प्रथम पुरस्कार द्वितीय पुरस्कार एवं तृतीय पुरस्कार हेतु पूजा पंडालों का चयन करेंगे, एवं नगर आयुक्त को प्रतिवेदन उपलब्ध कराएंगे।

मेरा प्रखण्ड मेरा गौरव प्रतियोगिता का होगा आयोजन, छुपे हुये पर्यटन स्थलों की खोज करें

October 10, 2024
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09.10.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : बिहार राज्य में प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों की एक समृद्ध विरासत है। इन स्थलों में कई ऐसे स्थल भी है,जो अन्य पर्यटन स्थलों की तरह प्रकाश में नहीं आ पाये हैं। पर्यटन के दृष्टिकोण से इनकी महत्ता है, किन्तु ये स्थल प्रसिद्ध नहीं हो पाये हैं। इस प्रतियोगिता का उदेश्य ऐसे ही पर्यटन स्थलों को स्थानीय लोगों की मदद से प्रकाश में लाना है। आम भागीदारी से स्थानीय लोगों में अपने प्रखण्ड के पर्यटन स्थलों के प्रति अपनेपन का भाव जागृत होगा तथा लोग जिम्मेदार पर्यटन की तरफ उन्मुख होंगे। प्रतियोगिता का विषय, बिहार राज्य के छुपे हुए उन स्थलों की पहचान करना जो पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हो सकते है। साथ ही प्रतियोगिता का उद्देश्य राज्य के विभिन्न प्रखण्डों में स्थित उन अनदेखे या कम ज्ञात स्थलों की पहचान करना है, जो ऐतिहासिक, धार्मिक या सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।

इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाकर राज्य के पर्यटन को और अधिक समृद्ध बनाया जा सकता है। यह प्रतियोगिता आम जनता को अपने क्षेत्र के घरोहरों और महत्वपूर्ण स्थलों के प्रति जागरूक करने और उन्हें संरक्षित करने की दिशा में भी प्रेरित करेगी। प्रतियोगिता का स्वरूप , यह प्रतियोगिता पूरी तरह से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। प्रत्येक प्रखण्ड से एक प्रतिभागी अपने प्रखण्ड के अंदर किसी ऐसे स्थल की पहचान करेगा जो अब तक अनदेखा रहा है, लेकिन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है।

प्रतिभागी को निम्नलिखित जानकारी अपनी प्रविष्टि में शामिल करनी होगी। (1) स्थान का नाम और पता जिस स्थान को प्रतियोगिता के लिए चुना गया है, उसका स्पष्ट रूप से नाम, पूरा पता। (2) स्थल का ऐतिहासिक / धार्मिक महत्व का विवरण (लगभग 200 शब्दों में) जिसमें उस स्थान का ऐतिहासिक या धार्मिक महत्व, उससे जुड़ी कहानियों, किंवदंतियाँ, या ऐतिहासिक पटनाओं का उल्लेख किया जाना चाहिए। (3) स्थल की 03 तस्वीर (अधिकतम साईज 10MB), स्पष्ट और उच्य गुणवत्ता वाली, जो उसकी प्रमुख विशेषताओं को दर्शाती हो। (4) स्थल का एक छोटा वीडियो क्लिप 30 सेकंड का वीडियो (अधिकतम साईज 100MB) जिसमें उस स्थल की प्रमुखता को दिखाया गया हो और उसे समझाने की कोशिश की गई हो।

प्रतियोगिता में प्रविष्टियों का चयन निम्नलिखित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। (i) ऐतिहासिक महत्व- स्थल का इतिहास, उससे जुड़ी घटनाएं या कहानियाँ। (ii) धार्मिक महत्व- स्थल का धार्मिक महत्व, वहाँ होने वाले पूजा पाठ या धार्मिक आयोजनों का विवरण। (iii) अन्य सास्कृतिक और सामाजिक महत्व- स्थल का स्थानीय सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन में योगदान, वहाँ होने वाले मेले या उत्सवों का महत्व। (iv) फोटो और वीडियो की गुणवत्ता- स्थल की फोटो और वीडियो की स्पष्टता, प्रस्तुति और उसकी महत्वपूर्ण विशेषताओं को प्रदर्शित करने की क्षमता शामिल हैं।

प्रतियोगिता के नियम इस प्रकार है। (i) प्रत्येक प्रतिभागी केवल अपने प्रखण्ड के अंदर अवस्थित स्थल के लिए ही प्रविष्टि भेज सकते हैं। एक प्रतिभागी केवल एक ही स्थल के लिये प्रविष्टि कर सकते हैं। (ii) बिहार में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जो काफी प्रसिद्ध है। चूंकि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छुपे हुये पर्यटन स्थलों की खोज करना है।

निम्नांकित पर्यटन स्थलों को छोड़कर ही प्रतिभागी अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं। 1. सूर्य मंदिर देव, औरंगाबाद, 2. गंदार पर्वत रोपवे, बांका, 3. विक्रमशीला विश्वविद्यालय के भग्नावशेष, भागलपुर, 4. केसरिया स्तूप, पूर्वी चंपारण, 5. महाबोधि मंदिर, बोधगया, गया, 6 विष्णुपद मंदिर, गया, 7. द ग्रेट बुद्धा स्टेच्यू बोधगया, 8. डूंगेश्वरी मंदिर, प्रागबोधि, गया, 9. माँ दुर्गा थावे मंदिर, गोपालगंज, 10. लछुआर जैन मंदिर, जमुई, 11. नागार्जुन गुफा एवं बराबर गुफा, जहानाबाद, 12. मुडेश्वरी मंदिर, कैमूर, 13. माँ चंडिका शक्ति पीठ मुंगेर, 14. विश्वशांति स्तूप, राजगीर, नालंदा, 15. घोडा कटोरा, राजगीर, नालंदा, 16. नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष, नालंदा, 17 जैन मंदिर, कुण्डलपुर, नालंदा, 18. जल मंदिर, पावापुरी, नालंदा, 19. गोलघर, पटना, 20.शेरशाह सूरी का मकबरा, रोहतास (सासाराम), 21. रोहतासगढ़ किला, रोहतास (सासाराम), 22. बाबा हरिहरनाथ मंदिर, सोनपुर, सारण, 23. पुनौराधाम, सीतामढी, 24. विश्वशांति स्तूप, वैशाली, 25 अशोका पिलर, वैशाली।

(iii) फोटो और वीडियो क्लिप की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए ताकि स्थल की विशेषताएँ स्पष्ट रूप से दिख सकें। सभी फोटो एवं वीडियो जीयो टैग्ड होना चाहिये। सभी फोटो एवं वीडियो प्रतियोगिता अवधि में सूट (Shoot) किये होने चाहिये। (iv) प्रविष्टि में दी गई जानकारी की सत्यता की जिम्मेवारी प्रतिभागी की होगी। (v) प्रतिभागियों को समय सीमा के भीतर अपनी प्रविष्टि ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। (vi) सभी जिलों में प्रखण्डवार प्राप्त प्रविष्टियों की जाँच जिला पदाधिकारी के द्वारा, जिला स्तर पर गठित निर्णायक मंडल द्वारा किया जायेगा।

साथ ही निर्णायक मंडल में अपर समाहर्ता स्तर के पदाधिकारी पर्यटन पदाधिकारी डीपीआरओ एवं सभी संबंधित प्रखण्ड के अंचलाधिकारी/ प्रखंड विकास पदाधिकारी होंगे। एक प्रखण्ड से एक अर्थात् राज्य स्तर पर कुल 534 प्रविष्टियों का चयन किया जायेगा। (vii) प्रत्येक प्रखण्ड का एक स्थल, जो पर्यटकीय दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण हो, का चयन कर उसे ऑनलाईन माध्यम से विभाग को अग्रसारित किया जायेगा। (viii) अग्रसारण के पश्चात् जिला स्तर पर इसमे सशोधन नहीं किया जा सकेगा। (ix) विभाग स्तर पर गठित समिति द्वारा जिला स्तर से चयनित प्रविष्टियों का पर्यटकीय दृष्टिकोण से आकलन कर 16 श्रेष्ठ प्रविष्टियों का चयन किया जायेगा।

इसमें से सर्वश्रेष्ठ 03 प्रविष्टि को ज्यूरी पुरस्कार के लिए चुना जाएगा। शेष 13 प्रविष्टियों को People's Choice Award के लिए वोटिंग हेतु विभागीय वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा, इसमें से तीन को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार हेतु चयन किया जाएगा साथ ही शेष 10 चयनित को सांत्वना पुरस्कार हेतु चुना जाएगा। इस प्रतियोगिता हेतु समय सीमा तय है। राज्य स्तर पर उद्‌घाटन के पश्चात प्रतियोगिता प्रारंभ मानी जायेगी। प्रतियोगिता एक माह तक जारी रहेगी।

समय सीमा के बाद प्राप्त प्रविष्टियों को प्रतियागिता में शामिल नहीं किया जाएगा। प्रारंभ एवं समापन की तिथि कालान्तर में सूचित किया जायेगा। चयनित प्रतिभागियों को निम्नलिखित पुरस्कार दिए जाएगे। ज्यूरी अवार्ड एवं पिपुल्स चॉइस अवॉर्ड हेतु प्रतिभागी को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र, द्वितीय पुरस्कार हेतु 45 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र एवं तृतीय पुरस्कार हेतु 35 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। सांत्वना पुरस्कार -शेष 10 चयनित प्रतिभागियों के लिये, प्रत्येक को प्रशस्ति पत्र मोमेंटो, बिहार पर्यटन के सोशल मीडिया पर नाम अंकित किया जायेगा और 20 हजार रुपये प्रदान किया जाएगा।

अन्य पुरस्कार हेतु प्रखंड स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र साथ ही 10 हजार रुपये प्रदान किया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने की प्रक्रिया निम्न प्रकार है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इच्छुक प्रतिभागी निम्नलिखित चरणों का पालन करेंगे।

(1) विभागीय वेबसाईट https://www.tourism.bihar.gov.in/ पर जायेंगे। (ii) वेब पेज पर जाकर प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण करें। (iii) पजीकरण के बाद अपनी प्रविष्टि, स्थान का विवरण, फोटो और वीडियो अपलोड करें। (iv) एक बार प्रविष्टि अंकित करने के पश्चात् संशोधन नहीं होगा। (v) प्रविष्टि अपलोड करने के बाद आपको एक पुष्टि संदेश प्राप्त होगा।

दुर्गापूजा को लेकर जिला शांति समिति की हुई बैठक, डीएम व एसएसपी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

October 08, 2024
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07.10.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित सभागार में डीएम राजीव रौशन व एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी की संयुक्त अध्यक्षता में दुर्गापूजा को लेकर जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में जिला शांति समिति के सदस्यों ने दुर्गा पूजा के अवसर पर किए जाने वाले कार्यों एवं विधि व्यवस्था संधारित रखने से संबंधित अपने-अपने विचार दिए। जिसमें सप्तमी से दशमी तक शहर की यातायात व्यवस्था खासकर मौलागंज, रहमगंज, हसन चौक, कादिराबाद चौराहा एवं बाजार समिति में व्यवस्थित रखने हेतु व्यवस्था करने, अष्टमी से दशमी तक रात्रि में शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाने, पंडालों में सीसीटीवी लगवाने, पहली, छठवीं एवं सप्तमी को विभिन्न स्थलों से निकलने वाले कलश यात्रा में महिला बल को प्रतिनियुक्त करने, पंडालों में अग्निशमन की व्यवस्था करने, श्यामा माई मंदिर, हसन चौक पर भारी भीड़ के लिए नियंत्रण की व्यवस्था, पूजा स्थल पर महिला/पुरुष का कतार अलग-अलग हो, डीजे पूर्णतः प्रतिबंध हो आदि शामिल है।

बैठक में बताया गया की इस वर्ष 10 अक्टूबर को महासप्तमी प्रतिमा (स्थापना की तिथि) है। वहीं 11 अक्टूबर को महाअष्टमी /महानवमी एवं 12 अक्टूबर 2024 को विजयादशमी है। शांति समिति के कई सदस्यों ने बताया की बिजली के तार जो घरों से सटे है, को प्लास्टिक से कवर करवाया जाना आवश्यक है साथ ही बिजली के लटके हुए तार को दुरुस्त करवाने का सुझाव दिया। जिला स्कूल से नीम चौक के बीच रात्रि में सुनसान रहता है, इसलिए वहां गश्ती की आवश्यकता है। बैठक में अल्लपट्टी चौक, बंगाली टोला, मजार से नागेंद्र झा कॉलेज मार्ग में भी गश्ती करवाने की माँग की गई।

बैठक में जिला शांति समिति के सभी सदस्यों ने शांति के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार संपन्न करवाने का भरोसा दिलाया। शांति समिति के सदस्य ने पूजा के दौरान पुलिस बल को सादे लिबास में प्रतिनियुक्ति करने हेतु सुझाव दिया, साथ ही अग्निशमन एवं सीसीटीवी की व्यवस्था पूजा पंडाल को करना होगा।शांति समिति के सदस्य द्वारा बताया गया की मिर्जा खां तालाब के समीप छिनतई की घटना ज्यादा होती है। साथ ही पूजा के दौरान महिला पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने का सुझाव दिया। मोटरसाइकिल पर ट्रिपल लोडिंग पर ध्यान देने की जरूरत है से अवगत कराया गया। पूजा स्थल के समीप नगर निगम के माध्यम से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करवाने हेतु एवं पूजा पंडाल में कचरा संग्रहण हेतु प्लास्टिक डस्टबिन का सुझाव दिया। उन्होंने कहा की जिला शांति समिति के सदस्य सोशल मीडिया पर अफवाह या दूसरे की भावना आहत करने वाले संदेश पर नजर रखें एवं वैसे संदेश को ग्रुप में डालने के बजाय स्थानीय पदाधिकारी को उपलब्ध करा दें।

शांति समिति को संबोधित करते हुए डीएम श्री रौशन ने कहा की जिला शांति समिति के सदस्यों के सुझाव को संबंधित पदाधिकारी द्वारा नोट किया गया है।पार्किंग, लाइटिंग, पानी लीकेज सभी पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा की हम जानते हैं, महसूस करते हैं की दरभंगा जिले में कोई भी पर्व/त्यौहार हो, विधि व्यवस्था की स्थिति हो, शांति समिति के सभी सदस्य चाहे किसी भी दल के हो, किसी भी वर्ग के हो, वे सबसे ऊपर उठकर शांति की स्थापना को महत्व देते हैं।

इस पर जिला के सभी लोगों को गर्व है। जिला प्रशासन की ओर से जिला शांति समिति के सदस्यों को इस समर्पण के लिए, लगातार किए जा रहे हैं सफल कार्य को लेकर धन्यवाद देता हूँ एवं आभार प्रकट करता हूँ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसपी श्री रेड्डी ने जिला शांति समिति पर, शांतिपूर्ण त्यौहार संपन्न करने के संकल्प पर भरोसा जताते हुए कहा की नो एंट्री के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में महापौर अंजुम आरा, उप महापौर नाजिया हसन, नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता, उप विकास आयुक्त चित्रगुप्त कुमार, अपर समाहर्ता विभागीय जांच कुमार प्रशांत, अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार, उपनिदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर अमित कुमार आदि संबंधित पदाधिकारीगण, साथ ही जिले के सम्मानित शांति समिति के सदस्य आदि उपस्थित थे।

बाढ़ के स्थाई समाधान के लिए बनाये जाएंगे चार नये बराज - जल संसाधन मंत्री

October 08, 2024
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07.10.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के द्वारा दरभंगा जिले के किरतपुर प्रखण्ड अन्तर्गत तेतरी गाँव के पास पश्चिमी कोशी तटबंध के टूटान स्थल का निरीक्षण किया गया और स्थानीय लोगों से फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने कहा की इस वर्ष 27 से 29 सितम्बर के बीच नेपाल में भारी बारिश के बाद नेपाल से आने वाली कोशी, गंडक, बागमती, महानन्दा एवं अन्य नदियों में रिकार्ड मात्रा में जल प्रवाहित हुआ।

कोशी बराज, वीरपुर से 29 सितम्बर की सुबह 6.61 लाख क्यूसेक जल प्रवाहित हुआ, जो पिछले 56 वर्षों के दौरान सर्वाधिक रहा। इससे कोशी नदी का पश्चिमी तटबंध पर कुछ किलोमीटर लम्बाई में ओभर फ्लो की स्थिति पैदा हुई, नदियों के तटबंध पर दवाब पड़ा और पश्चिमी तटबंध किरतपुर प्रखण्ड अन्तर्गत तेतरी गाँव के समीप टूटान हुआ।

तटबंध की सुरक्षा के लिए उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। मंत्री के साथ जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, डीएम राजीव रौशन, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण के अभियंता प्रमुख मनोज रमण के अलावे विभाग और जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। इस संबंध में मंत्री ने अतिथि गृह, दरभंगा में मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा की नेपाल से अप्रत्याशित रूप से पानी आ जाने के कारण तटबंध के ऊपर से भी काफी मात्रा में पानी प्रवाहित हुआ, जिसके कारण कोशी नदी का पश्चिमी तटबंध टूट गया। दो दिनों के अन्दर रिकॉड वर्षा, जिसके कारण तटबंध पर काफी दवाब पड़ा, इससे कई नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया। जिला प्रशासन, दरभंगा के द्वारा बांध को बचाने के लिए काफी प्रयास किया गया।

जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के बीच मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। टूटे हुए तटबंध को मरम्मति का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। आगे से इस प्रकार की स्थिति नहीं बने, इसके लिए बांध की ऊँचा करना और सुदृढ़ बनाना है। तटबंधों पर सड़क का भी निर्माण किया जाएगा। चारों प्रखण्डों यथा - किरतपुर, गौड़ाबौराम, घनश्यामपुर और कुशेश्वरस्थान पूर्वी में बाढ़ से प्रभावित लोगों को डीएम के निर्देश के आलोक में सूखा राशन और फूड पैकेट भरपूर मात्रा में दिया जा रहा है, इसके लिए बिहार सरकार के पास कोई निधि की कमी नहीं है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि राज्य की निधि पर बाढ़ पीड़ितों का पहला हक है।जिला प्रशासन के द्वारा बाढ़ पीड़ितों के बीच अधिकाधिक मदद पहुँचाया जा रहा है।

आबादी से बाढ़ का पानी निकालना चुनौती है, जिसको जिला प्रशासन अवसर के रूप में परिवर्तित कर रहा है। मंत्री ने कहा की राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति होनी चाहिए, इसके लिए बिहार सरकार ने केन्द्र सरकार को अपना मतंव्य भी दिया है। नदियों से गाद निकालने में काफी फायदा होगा। कोशी तटबंध के कटाव स्थल पर सरकारी टीम के द्वारा निरीक्षण और जाँच किया गया है। उन्होंने कहा की अवैध खनन का कोई मामला आता है, तो जिला प्रशासन को सूचित करें, जिस पर यथा शीघ्र कार्रवाई होगी। मंत्री ने कहा की बिहार में बाढ़ के प्रभाव को लगातार कम करना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इसके लिए पिछले वर्षों में नदियों की तटंबधों के ऊँच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण और उसके ऊपर से रोड बनाने सहित कई कार्य किए गए है।

उन्होंने कहा की इस वर्ष के केन्द्र बजट में पहली बार बिहार की बाढ़ के दीर्घकालिक समाधान के तहत ढ़ेंंग, तैयबपुर, अरेराज और डगमारा में बराज निर्माण की योजना बनायी जा रही है। इन चारों बराजों का निर्माण होने से बाढ़ का प्रभाव काफी कम हो जाएगा। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा की बिहार की बाढ़ के स्थाई सामाधान के लिए नेपाल में हाई डैम्प का निर्माण जरूरी है। यह अर्तराष्ट्रीय मामला है, जिसके लिए केन्द्र सरकार के स्तर से प्रयास किये जा रहे है।

मैथिली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं दिया जाना आश्चर्यजनक है

October 08, 2024
07.10.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : केंद्र सरकार द्वारा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल मैथिली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं दिए जाने पर विद्यापति सेवा संस्थान ने आपत्ति जताई है। संस्थान की ओर से जारी सोमवार को प्रेस नोट में संस्थान के अध्यक्ष-सह-केंद्र सरकार द्वारा गठित मैथिली के विद्वानों की विशेषज्ञ समिति के सदस्य प्रो शशि नाथ झा ने कहा है कि शास्त्रीय भाषा के रूप में मैथिली को दर्जा दिए जाने संबंधी सभी आवश्यक पहलुओं से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार के समक्ष समर्पित होने के बावजूद मैथिली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं दिया जाना आश्चर्यजनक है।

बिहार सरकार को करोड़ों लोगों की अस्मिता और मैथिली भाषा साहित्य के उत्तरोत्तर विकास से जुड़े इस मामले में त्वरित संज्ञान लेना चाहिए। संस्थान के महासचिव डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा की केंद्र सरकार द्वारा शास्त्रीय भाषा के रूप में शामिल किए जाने की सभी जरूरी अर्हताओं को पूरा करने के बाद भी मैथिली भाषा को शास्त्रीय भाषा के रूप में शामिल नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे आम मैथिली भाषी लोगों में आक्रोश की भावना पनपी है। उन्होंने कहा की शास्त्रीय भाषा भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक के रूप में कार्य करती है तथा प्रत्येक समुदाय के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सार को प्रस्तुत करती है। मैथिली का अति प्राचीन साहित्य और अपनी स्वतंत्र लिपि होने के साथ ही भाषा अकादमी में सक्रिय भूमिका निभाने वाली इस भाषा को बोलने वालों की करोड़ों की संख्या होने के बाद भी इसे नजर अंदाज किए जाने से मैथिली को लेकर राजनीतिक रूप से असंवेदनशील व्यवहार एक बार फिर से खुलकर सामने आया है।

विद्यापति सेवा संस्थान मिथिला-मैथिली से जुड़े विभिन्न संगठनों को इस मसले पर एक मंच पर लाकर इसके विरोध में आंदोलन का रूख अख्तियार करेगा। मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमला कांत झा ने कहा की जनक, जानकी और कवि कोकिल विद्यापति की भाषा मैथिली को शास्त्रीय भाषा के रूप में शामिल नहीं किया जाना निंदाजनक है। सरकार का यह फैसला उनके कथनी और करनी में अंतर को दर्शाता है। कार्यकारी अध्यक्ष डा. बुचरू पासवान ने कहा की कहने को तो केंद्र और राज्य में डबल इंजन की प्रगतिशील सरकार है।

लेकिन भारत के पुरातन संस्कृति की भाषा मैथिली को लेकर दोनों सरकारों की निष्क्रिय भूमिका ने सातों कोटि के करोड़ों मैथिली भाषी लोगों की मनोभावना को ठेस पहुंचाने का काम किया है। उनकी इस निष्क्रियता के कारण मैथिली के प्रति उनकी उदासीनता की पोल एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। अपनी मातृभाषा के सम्मान के लिए विद्यापति सेवा संस्थान सबके साथ मिलकर एक बार फिर सड़क से सदन तक विरोध प्रदर्शन करेगा। वरिष्ठ साहित्यकार एवं अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के अध्यक्ष डा. महेंद्र नारायण राम ने कहा की मैथिली साहित्य का विकास अद्ययन कभी किसी अनुकंपा का मोहताज नहीं रहा है। लेकिन संस्कार और संस्कृति के साथ भाषा साहित्य के विकास की बात करने वाली सरकारों के कृत्य से जब इस तरह की असंवेदनशीलता जाहिर होती है तो जबरदस्त आक्रोश के स्वर फूटते हैं।

उन्होंने कहा की सरकार को इस मामले पर त्वरित कार्यवाही कर मैथिली को शास्त्रीय भाषा की सूची में शामिल कर उसे उसका वाजिब हक प्रदान करना चाहिए। मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने इस मसले पर विधायक डा. मुरारी मोहन झा एवं राज्यसभा सांसद संजय झा द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत करते हुए बिहार प्रदेश, खासकर मिथिला क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों से अपील की है कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल बिहार की एकमात्र भाषा मैथिली को शास्त्रीय भाषा की सूची में शामिल करने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जानकी, गार्गी, मैत्रेयी, भारती, विद्यापति, मंडन, अयाची, गौतम, कनाद, याज्ञवल्क्य, अष्टावक्र, दीनाभद्, री लोरिक, सल्हेश आदि की मातृभाषा मैथिली को शास्त्रीय भाषा के रूप में यथोचित अधिकार दिलाने के लिए आगे आना चाहिए।

इस विषय पर डा. महानंद ठाकुर, विनोद कुमार झा, प्रो. चंद्रशेखर झा बूढ़ा भाई, डा. गणेश कांत झा, डा. बाबू साहेब चौधरी, डा. उदय कांत मिश्र, आशीष चौधरी, पुरुषोत्तम वत्स, मणि भूषण राजू आदि ने भी विरोध जताया है।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
प्रायोजित विज्ञापन
मुकुल के साथ संगीत : https://youtube.com/c/MusicWithMukul
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इंस्टाग्राम हैंडल: @musicwithmukul.
डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
Dbg

04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।