January 23, 2023

21.01.2023 (दरभंगा) : श्री स्पर्श गुप्ता, (भा0प्र0से0) अनुमंडल पदाधिकारी, सदर दरभंगा की अध्यक्षा में आर0टी0पी0एस0 काउन्टर, ऑनलाईन पोर्टल से प्राप्त आवेदनों एवं डिजेबल राशन कार्ड की समीक्षा कर सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सदर अनुमंडल एवं सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी, सदर अनुमंडल व नगर आपूर्ति पदाधिकारी के साथ बैठक की गयी। बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारी को आदेश देते हुए कहा गया कि ऑनलाईन पोर्टल से प्राप्त लंबित आवेदनों की प्रखण्डवार समीक्षा में सदर अनुमंडल के कुल 32717 आवेदनों में 8542 का निष्पादन किया जा चुका है, शेष 24175 आवेदन का यथाशीघ्र निष्पादन किया जाए। इसके साथ ही सदर अनुमंडल के सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को नियमानुसार योग्यता/अयोग्यता की जॉच करते हुए त्वरित गति से लंबित आवेदनों का निष्पादन करने हेतु निदेशित किया गया। साथ ही यह भी निदेश दिया गया कि पंचायत सचिव/विकास मित्र पर कड़ी नजर रखते हुए पात्रता/अपात्राता की जॉच करायी जाए एवं किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर विधि सम्मत कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उन्होंने कहा कि अनुमंडल स्तर पर राशन कार्ड का निर्गमण हेतु कोषांग गठित कर विभिन्न प्रखण्डों से कार्यपालक सहायकों की प्रतिनियुक्ति कर त्वरित गति से निष्पादन कराया जा रहा है। सदर अनुमंडल अन्तर्गत आर0टी0पी0एस0 के माध्यम से प्राप्त आवेदनों में से अबतक 10680 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है।
शेष लंबित आवेदनों के निष्पादन का अनुश्रवण हेतु प्रज्ञा मिश्रा, नगर आपूर्ति पदाधिकारी, शहरी क्षेत्र एवं नीतिश कुमार, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी, बहादुरपुर तथा राज कुमार दास, कार्यपालक सहायक, अनुमंडल कार्यालय, सदर दरभंगा को निदेशित किया गया है। मृत/अयोग्य/फर्जी राशन कार्ड को चिन्हित कर विभागीय निदेशानुसार रद्द कराने एवं अयोग्य कार्डधारी जो गलत तरीके से अनाज का उठाव कर रहे हैं, उनके विरूद्ध राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्तर्गत विधि सम्मत कार्रवाई करने हेतु सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी/नगर आपूर्ति पदाधिकारी, शहरी क्षेत्र को निदेशित किया गया। साथ ही यह भी निदेश दिया गया कि वैसे असहाय व्यक्ति/दिव्यांग/कुष्ठ रोगी को चिन्हित कर उनका नियमानुसार राशन कार्ड निर्गमण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सदर अनुमंडल अन्तर्गत माह दिसम्बर 2022 का वितरण 56.61 प्रतिशत पाया गया है। इस संबंध में सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी/नगर आपूर्ति, शहरी क्षेत्र, दरभंगा को विभागीय निदेशानुसार निर्धारित समयावधि के अन्दर शत-प्रति वितरण कराने हेतु निदेशित किया गया। बैठक में श्री सूर्य प्रताप सिंह, सहायक समाहर्त्ता, दरभंगा, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, तारडीह, मनीगाछी एवं सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी/नगर आपूर्ति पदाधिकारी, शहरी क्षेत्र, दरभंगा उपस्थित थे।
January 23, 2023

21.01.2023 (दरभंगा) : राजकीय महारानी रमेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान, मोहनपुर, दरभंगा के संबद्ध इकाई राजकीय कामेश्वर सिंह आयुर्वेदिक चिकित्सालय कामेश्वर नगर दरभंगा के रोगी कल्याण समिति का निबंधन हो गया। विभाग में परामर्श हेतु रोगियों से अब पंजीयन शुल्क के रुप में 5 रुपये की न्यूनतम राशि ली जाएगी। यह व्यवस्था 01 फरवरी 2023 से प्रभावी होगी। रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रमंडलीय आयुक्त मनीष कुमार, उपाध्यक्ष जिलाधिकारी दरभंगा, राजीव रौशन तथा सचिव संस्थान के प्राचार्य वैद्य प्रो. दिनेश्वर प्रसाद हैं। इसके अतिरिक्त समिति में महापौर सहित कुल 11 सदस्य हैं, जिनमें सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव, संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक वैद्य राजेश्वर दुबे, उपाधीक्षक डॉ. मनीष कुमार आलोक, डॉ. वीजेन्द्र कुमार, समाजसेवी वैद्य गणपति नाथ झा तथा डॉ. शैलेन्द्र लाल दास शामिल हैं।
इस समिति का प्रमुख उद्देश्य रोगियों के हित के लिए सेवाओं में गुणात्मक वृद्धि करना एवं केन्द्र सरकार, राज्य सरकार अथवा विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के द्वारा प्रदत्त अनुदान को रोगियों के हित के लिए सदुपयोग करना है। इसके अतिरिक्त 24 घंटे आकस्मिक सेवाएं तथा रोगियों को अधिक से अधिक दवाएं उपलब्ध कराना है। ज्ञातव्य हो कि, इस समिति का गठन 18 अप्रैल 2022 को किया गया था तब से लगातार इस समिति के निबंधन के लिए प्रयास किया जाता रहा है। संस्थान के सौंदर्यीकरण तथा मुख्यमंत्री नितीश कुमार के जल-जीवन-हरियाली योजना को क्रियान्वित करते हुए विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों का भी रोपण संस्थान में करवाया जा रहा है। इसके उद्घाटन की तैयारी जोरों से की जा रही है।
January 23, 2023
21.01.2023 (दरभंगा) : वाणिज्य कर आयुक्त- सह- सचिव, बिहार पटना के निर्देश के आलोक में दरभंगा के तीन विवाह भवनों पर वाणिज्य कर विभाग के पदाधिकारियों द्वारा छापेमारी की गयी। इनमें कान्हा विवाह भवन, उत्सव विवाह भवन एवं एस.जी पैलेस विवाह भवन एवं पैलेस शामिल हैं। इस संबंध में संयुक्त वाणिज्य कर आयुक्त देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि इनमें एसजी पैलेस विवाह भवन को छोड़कर बाकी दोनों विवाह भवन ने अपना जीएसटी निबंधन नहीं करवाया है, जिसके लिए उन्हें बार-बार नोटिस भी की जा रही थी। एसजी पैलेस विवाह भवन का निबंधन है, लेकिन उसके साथ उसके पैलेस एवं अन्य सम्बद्ध कारोबार का निबंधन नहीं है जिसकी भी जांच की गई है। उन्होंने कहा कि इन तीनों के संस्थानों के कारोबार से आय की जांच की जा रही है।
January 23, 2023

20.01.2023 (दरभंगा) : 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न विभागों द्वारा झांकियां निकाली जायेंगी। उप विकास आयुक्त श्रीमती अमृषा बैंस की अध्यक्षता में इसकी रूपरेखा तैयार की गई है। कृषि विभाग द्वारा पराली प्रबंधन एवं मखाना प्रसंस्करण पर, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, गोवर्धन एवं स्वच्छ गांव समृद्ध गांव पर, नगर निगम द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध पर, उद्योग विभाग द्वारा मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना पर, जीविका द्वारा दीदी की रसोई पर, बाल विकास परियोजना द्वारा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना पर, शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षित बिहार विकसित बिहार पर, उत्पाद विभाग द्वारा मद्यनिषेध अभियान पर, पंचायती राज विभाग द्वारा स्वच्छ गांव एवं स्ट्रीट लाइट योजना पर झांकी निकाली जाएगी। सामाजिक सुरक्षा द्वारा सम्बल योजना अंतर्गत ट्राई साइकिल परेड कराया जाएगा।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, प्रभारी पदाधिकारी डीआरडीए राहुल कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी समर बहादुर सिंह, उत्पाद अधीक्षक ओम प्रकाश, जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज, प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ रश्मि वर्मा, डीपीएम जीविका डॉ ऋचा गर्ग, परियोजना निदेशक (आत्मा) पूर्णेन्दु नाथ झा, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग नेहा कुमारी एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
January 16, 2023

14.01.2023 (दरभंगा) : सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने अपने आवास पर मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा की आप सभी को ज्ञात है कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना अंतर्गत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी 8 करोड़ मिथिलावासी, सहित नेपाल के 14 जिला, पश्चिम बंगाल के 6 जिला एवं पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के करोड़ों लोगों की स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए मिथिला के केंद्र दरभंगा में बिहार के दूसरे एम्स की स्थापना को मंजूरी प्रदान किए थे। और इसमें आप सभी प्रेस बंधुओं का भी सहयोग अविस्मरणीय है।
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा वर्ष- 2015-16 के आम बजट में दरभंगा एम्स निर्माण हेतु प्रस्ताव पारित किया गया था। परंतु राज्य सरकार द्वारा उचित सहयोग नहीं मिलने के कारण इसका निर्माण ठंडा बस्ते में पड़ा रहा। वर्षों बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डी०एम०सी०एच० को अधिग्रहण कर एम्स में परिवर्तित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया। जिस पर केंद्र सरकार द्वारा सुझाव दिया गया कि अगर डी०एम०सी०एच० को रखते हुए एम्स का निर्माण होगा तो यहां के लोगों को दो-दो स्वास्थ्य संस्थानों का लाभ मिलेगा। परंतु राज्य के मुख्यमंत्री इसको अधिग्रहण करने पर अरे रहे। राज्य सरकार द्वारा उचित सहयोग नहीं मिलने के पश्चात भारत सरकार इस एम्स को अन्यत्र जगह शिफ्ट करने का विचार करने लगी। इस बीच मैं स्वयं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर उन स्वास्थ्य से जुड़े सबसे बड़े संस्थान दरभंगा एम्स के निर्माण हेतु डी०एम०सी०एच० की 200 एकड़ जमीन देने का आग्रह किया एवं इस पर विस्तारपूर्वक चर्चा किया। जिसके पश्चात मुख्यमंत्री डीएमसीएच के खाली पड़े 200 एकड़ जमीन दरभंगा एम्स को देने पर सहमति प्रदान किये। इसके पश्चात मैंने लोकसभा के माध्यम से दरभंगा एम्स निर्माण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने का कार्य किया एवं स्वास्थ्य मंत्री, गृहमंत्री एवं प्रधानमंत्री जी से मिलकर इसे कैबिनेट स्वीकृति देने का अनुरोध किया। जिसके बाद दिनांक- 20 सितंबर 2020 को प्रधानमंत्री जी के अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा 1264 करोड़ की लागत से 750 बेड वाले एम्स निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके पश्चात स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार को इस निर्माण हेतु जमीन सहित अन्य संस्थान जल्द से जल्द उपलब्ध कराने हेतु कई बार पत्र एवं अन्य माध्यम से सूचना प्रेषित किया गया। परंतु राज्य सरकार के मुख्यमंत्री के उदासीन रवैया के कारण एक वर्ष से अधिक समय तक जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया। महीनों बीत जाने के पश्चात में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जमीन राज्य कैबिनेट से स्वीकृत कर भारत सरकार को भेजने का अनुरोध किया। इसमें तत्कालीन राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के विशेष परिश्रम के बाद नवंबर 2021 में राज्य कैबिनेट से डी०एम०सी०एच० की 200 एकड़ भूमि एम्स निर्माण हेतु भारत सरकार को सौंपने हेतु स्वीकृति प्रदान करते हुए केंद्र सरकार को कागजात भेजा गया। बिहार सरकार के तत्कालीन भाजपा कोटे से उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के विशेष सहयोग से मैं इस जमीन पर मिट्टी भराई का कार्य लगभग 14 करोड़ की लागत से स्वीकृति दी गई। विदित हो कि मैं केंद्र सरकार के विभिन्न वरिष्ठ मंत्रियों एवं प्रधानमंत्री मिलकर दरभंगा एम्स के कार्यों में तेजी लाने हेतु निदेशक के जल्द नियुक्ति का आग्रह किया, और प्रधानमंत्री जी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए एम्स निदेशक की नियुक्ति हेतु स्वीकृति प्रदान किए।
निदेशक एम्स ने 14 अगस्त 2022 को दरभंगा में अपना योगदान देते हुए एम्स को गति देने हेतु विभिन्न पहलुओं पर कार्य करने लगे। दिनांक- 6-9-2022 को डीएम, दरभंगा की अध्यक्षता में 81 एकड़ जमीन का भौतिक दखल कब्जा हस्तांतरण भी कर दिया गया। एवं आश्वासन दिया गया कि अगले कुछ महीनों में शेष जमीन हस्तांतरित कर दिया जाएगा। जमीन हस्तांतरण एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दबाव के पश्चात इस भूमि पर मौजूद पुराने भवनों को तोड़कर ग्रीन फील्ड जमीन में परिवर्तन करने का कार्य प्रारंभ किया गया जो लगभग अंतिम चरण में है। फेज- 5 के तहत उसके उसके बाद स्वीकृत और सभी एम्स का कार्य लगभग पूरा होने की स्थिति में है। जिसमें भटिंडा एम्स कार्य पूर्ण, गुवाहटी एम्स- 71% कार्यपूर्ण, बिलासपुर-98% कार्यपूर्ण, सांभा-60% कार्यपूर्ण, अवंतीपुरा कार्यपूर्ण हो चुका है। परंतु दरभंगा एम्स का निर्माण राज्य सरकार द्वारा दिए जाने के वाले भूमि के अभाव में आज तक लंबित है। सांसद ने कहा की कुछ नेता एवं अन्य लोग प्रारंभ से ही दरभंगा में एम्स निर्माण नहीं हो इसको लेकर कई प्रकार के षड्यंत्र एवं कुचक्र रचते रहे हैं। आज जो लोग डीएमसीएच बचाओ की मांग करते हैं। यह लोग उस समय कहां थे जब मुख्यमंत्री जी पूरे डीएमसीएच को ही एम्स में परिवर्तित करने का मांग किये थे। पिछले 6 वर्षों से 200 एकड़ जमीन एम्स निर्माण हेतु उपलब्ध नहीं करा सके। क्या यह 8 करोड़ मिथिलावासियों के साथ एक साजिश नहीं है।
डीएमसीएच के 200 एकड़ जमीन एम्स को हस्तांतरित करने का फैसला नितीश कुमार जी का है। क्या यह अपने फैसले को पलटेंगे। क्या वह इतने असहाय हो गए हैं कि अपने अध्यक्षता में लिए गए फैसले को लागू करवाने में असमर्थ हो गए हैं। अथवा उन्हें 8 करोड़ मिथिलावासी के स्वास्थ्य का कोई फिक्र नहीं है। सांसद ने कहा की मुख्यमंत्री जी डीएमसीएच के 300 एकड़ जमीन को कब तक अतिक्रमण मुक्त करवा देंगे। महागठबंधन के एक नेता द्वारा अशोक पेपर मिल पर दिए गए बयान पर उन्होंने पूछा कि क्या राज्य कैबिनेट द्वारा लिया जाने वाला फैसला, कैबिनेट सुकृति से पहले ही लिक हो गया है, अथवा किसी साजिश के तहत सरकार द्वारा ही प्रयोजन रचा गया है। क्या बिहार कैबिनेट से 200 एकड़ जमीन को स्वीकृति प्रदान करने के महीनों बीत जाने के बावजूद भी उन्हें स्थल परिवर्तित करने का ख्याल आया है?
क्या मुख्यमंत्री जी आठ करोड़ मिथिला वासी सहित नेपाल, पश्चिम बंगाल एवं पूर्वोत्तर राज्य के लगभग 15 करोड़ लोगों के जान से खिलवाड़ करने का कसम खाकर बैठे हैं। क्या मुख्यमंत्री जी इस बात से अज्ञात हैं कि डीएमसीएच का परिसर में जो मिट्टीकरण हेतु वह स्वीकृति प्रदान किए हैं वह एम्स निर्माण हेतु नहीं है। क्या वह इस बात से अनजान थे कि पुराने भवनों को ध्वस्त करके एम्स नहीं खेल मैदान बनाया जाना प्रस्तावित है। क्या सरकार शोभन एवं अशोक पेपर मिल जैसे विवादित भूमि के नाम पर एम्स निर्माण को बाधित करेगी अथवा डीएमसीएच में हस्तांतरित जमीन पर निर्माण में सहयोग देगी।
सांसद ने कहा की मैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध करता हूं कि जन स्वास्थ्य से जुड़े सबसे बड़े संस्थान दरभंगा एम्स के निर्माण में बाधा उत्पन्न नहीं करें। कुछ चंद लोगों के बहकावे में आकर करोड़ों बिहारवासी के जीवन के साथ खिलवाड़ ना करें। दरभंगा एम्स निर्माण हेतु प्रस्तावित 200 एकड़ जमीन सभी संसाधन सहित जल्द से जल्द केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को उपलब्ध करा दें ताकि एम्स निर्माण का कार्य जल्द प्रारंभ हो सके और लोगों को अतिशीघ्र बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।