
07.03.2023 (पटना) : आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना, कुमार रवि ने विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं का सुचारू रूप से संचालन, लोक शिकायतों का ससमय गुणवत्तापूर्ण निवारण तथा आम जनता को नियत समय में सेवा प्रदान करने का निदेश दिया है। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित अपने प्रकोष्ठ में आयोजित प्रमंडल-स्तरीय बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
आयुक्त ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 तथा बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 का सफल क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। आज की इस बैठक में विकसित बिहार के सात निश्चय, आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय, बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम तथा बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम में प्रगति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी, पटना प्रमंडल डॉ. विद्यानन्द सिंह द्वारा प्रमंडल के सभी जिलों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। आयुक्त ने कहा कि सभी जिला पदाधिकारी जिला-स्तरीय कार्यालयों, अनुमंडलों, प्रखंडों, अंचलों एवं पंचायतों का टीम बनाकर कैलेण्डर के अनुसार नियमित तौर पर निरीक्षण सुनिश्चित कराएँ तथा निरीक्षण प्रतिवेदन प्रमंडल को उपलब्ध कराएँ। उन्होंने होली के बाद निरीक्षण अभियान में तेजी लाने का निदेश दिया।
आयुक्त ने ‘‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’’ में प्राप्त आवेदनों तथा मुख्यमंत्री की समाधान यात्रा के दरम्यान प्राप्त परिवादों का तुरत निष्पादन एवं निवारण सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने सभी जिला पदाधिकारी को निदेश दिया कि टीम बनाकर अंचलों, अनुमंडलों एवं जिला-स्तर पर आरटीपीएस काउंटर पर नियमित छापामारी कराएँ तथा बिचौलियों एवं मध्यस्थों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराएँ। योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता, अनियमितता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध दर्ज प्राथमिकी की जिला पदाधिकारी पुलिस अधीक्षक के साथ समीक्षा करें तथा इसे तार्किक परिणति तक पहुँचाएँ। बैठक में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त परिवादों के निवारण की स्थिति की समीक्षा की गई। प्रमंडल के सभी जिलों में दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से 06 मार्च, 2023 तक जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारियों द्वारा 7,679 आवेदनों का निवारण किया गया। इसी अवधि में अनुमंडल लोक शिकायत निवारण कार्यालयों तथा जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालयों में कुल सुनवाई की संख्या 1,61,200 है। आयुक्त ने कहा कि 60 कार्य दिवस से अधिक लंबित मामलों की संख्या शून्य रहनी चाहिए। साथ ही लोक शिकायतों की सुनवाई में लोक प्राधिकारों की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। आदेश के अनुपालन में शिथिलता बरतने वाले लोक प्राधिकारों के विरूद्ध प्रावधानों के तहत आर्थिक दंड लगाएँ तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। समीक्षा में पाया गया कि पटना, नालन्दा बक्सर एवं कैमूर जिला में दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से 28 फरवरी, 2023 तक 60 कार्य दिवस से अधिक लंबित मामलों की संख्या शून्य है।
आयुक्त ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी जिला का प्रदर्शन इसी तरह रहना चाहिए।जिलाधिकारी नियमित समीक्षा करें। पटना जिला ने दिसम्बर, 2022 में अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है। सभी जिला नियत समय-सीमा के अंदर लोक शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निवारण करें। आयुक्त ने निदेश दिया कि आरटीपीएस के अंतर्गत समयपार (एक्सपायर्ड) आवेदनों की संख्या हर हाल में शून्य रहनी चाहिए। आम जनता को ससमय सेवा प्रदान करें। विभिन्न योजनाओं यथा हर घर नल का जल, घर तक पक्की गली-नालियाँ, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, जल-जीवन-हरियाली अभियान सहित सभी विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी येाजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करें। सभी जिला पदाधिकारियों को होली एवं शब-ए-बरात पर्व के अवसर पर सजग एवं तत्पर रहने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था संधारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सोशल मीडिया सेल को सक्रिय रखें। असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सख्ती से निपटें। नियंत्रण कक्ष क्रियाशील रखें तथा अफवाहों का त्वरित खंडन करें। मद्य-निषेध अधिनियम के तहत नियमित छापेमारी करें। सभी दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी ड्यूटी पर मुस्तैद रहें। क्विक रिस्पॉन्स टीम तथा मोबाईल पार्टी सक्रिय रखें। यथेष्ट प्रशासनिक सतर्कता, सुरक्षामूलक एवं निरोधात्मक कार्रवाई करें। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नियमित तौर पर भ्रमणशील रहें। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक लगातार अनुश्रवण करें।
इस बैठक में जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी नालन्दा शशांक शुभंकर, जिलाधिकारी भोजपुर, राज कुमार, जिलाधिकारी बक्सर, अमन समीर, जिलाधिकारी रोहतास, धर्मेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी कैमूर, नवदीप शुक्ला, जिलों के उप विकास आयुक्त, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, आयुक्त के सचिव प्रीतेश्वर प्रसाद, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी डॉ. विद्यानन्द सिंह, सभी जिलों के जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक एवं अन्य भी उपस्थित थे।