March 15, 2023

13.03.2023 (दरभंगा) : सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्य मंत्री अन्नपूर्णा यादव से मुलाकात कर सीबीएसई एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मैथिली भाषा को शामिल करने पर मिथिला परंपरा अनुसार पाग व चादर देकर सम्मानित किए। मौका था सांसद द्वारा बीते दिनों लोकसभा में मैथिली भाषा में शिक्षा से संबंधित कई विषयों पर पूछे गए प्रश्न के आलोक में शिक्षा मंत्री द्वारा प्राप्त जवाब का। इस अवसर पर बोलते हुए सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि आज आठ करोड़ मिथिलावासियों का मैथिली विषय को लेकर दशकों का सपना और मांग देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा साकार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब मिथिला क्षेत्र में अवस्थित सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक बच्चों को मैथिली के माध्यम से शिक्षा प्रदान किया जा सकेगा अथवा मैथिली भाषा को एक विषय के रूप में पढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सोच है कि शिक्षा का माध्यम गृह भाषा, मातृभाषा, स्थानीय भाषा, क्षेत्रीय भाषा होना चाहिए, इसी को परिलक्षित करता राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मैथिली के शामिल होने से अब मिथिला के बच्चे बच्चियां सुगमता से पाठ्यक्रम को आत्मसात कर सकेंगे।
सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की एनईपी के तहत एनसीईआरटी द्वारा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा और सामान्य मॉडल पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा की केंद्रीय मंत्री ने मैथिली भाषा में भी पाठ्यक्रम तैयार करने को स्वीकृति दे दिया है। उन्होंने कहा कि मां जगत जननी मां जानकी सीता माता की भाषा मैथिली को बारहवीं संविधान संशोधन के माध्यम से 22 दिसंबर 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा संविधान के अष्टम अनुसूची में मैथिली भाषा को सम्मिलित कर संवैधानिक दर्जा देने का ऐतिहासिक कार्य किया गया था। वहीं 29 अक्टूबर 2018 को भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा झारखंड में द्वितीय राजभाषा का दर्जा देकर मैथिली को सम्मान देने का कार्य किया गया। भाजपा सांसद ने कहा की वह सांसद निर्वाचित होने के प्रथम दिन से मैथिली और मिथिला के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहें है एवं सड़क से सदन तक इसकी मांग को पुरजोर तरीके से रखते आए है।
जिसके फलस्वरूप आज यह सुखद समाचार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा की देश के अमृतकाल के इस समय में मिथिलावासियों के लिए यह एक अमृत वरदान है। सांसद ने कहा कि प्राइमरी कक्षा से उच्चतर कक्षा तक मैथिली भाषा की पढ़ाई मिथिलिवासियों की दशकों पुरानी मांग रही है। आज नरेंद्र मोदी ने उस मांग को पूरा कर संपूर्ण मिथिलावासियों को गौरवान्वित करने का ऐतिहासिक कार्य किए है, इसके लिए उन्होंने विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आठ करोड़ मिथिलावासियों की ओर से धन्यवाद दिए।