May 14, 2023

13.05.2023 (दरभंगा) : जिला बाल संरक्षण इकाई दरभंगा के तत्वाधान में किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत संचालित पर्यवेक्षण गृह में आवासीय किशोरों हेतु 06 मई से 13 मई तक आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक श्री दिलीप शुक्ला द्वारा योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के अंतिम दिन समापन समारोह को संबोधित करते हुए सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, दरभंगा श्रीमती नेहा नूपुर ने कहा कि ध्यान, आसन, प्राणायाम आदि योग क्रियाएँ किशोरों के तनाव मुक्त जीवन जीने, भटकाव से बचने, नशा मुक्ति व उनके उज्जवल भविष्य निर्माण में सहायक साबित होगा। उन्होंने किशोरों को प्रेरित करते हुए कहा कि वह अपने पूर्व के गलत संगति को छोड़कर अपने आचरण व व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाए और शिक्षा प्राप्त कर अच्छे नागरिक बने।
श्रीमती नूपुर ने बताया की गृह में किशोरों के सर्वोत्तम हित में लगातार काम किया जा रहा है। उनके खान-पान, आवासन, परामर्शन, शिक्षण, प्रशिक्षण, खेल-कूद, योग एवं अन्य पाठ्य-सहगामी की क्रियाएँ की व्यवस्था विभागीय निर्देशानुसार नियमित रुप से की जा रही है, ताकि यहाँ से किशोर अपने घर जाकर आम समाजिक बच्चों की तरह जीवन जीए और देश की उन्नति में सहायक हो। उन्होंने किशोरों को इसका अधिकतम लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया। साथ ही प्रशिक्षक दिलीप शुक्ला व उपस्थित सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर गृह के अधीक्षक, परिवीक्षा अधिकारी व गृह पिता उपस्थित थे।
May 14, 2023

12.05.2023 (दरभंगा) : जिला बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश के तहत जिले में गली की परिस्थिति में रहने वाले बच्चों (CISS) के संरक्षण हेतु रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा हैं। श्रीमती नेहा नूपुर, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, दरभंगा ने बताया कि इस रेस्क्यू अभियान हेतु जिले में कई हॉट स्पॉट चिन्हित किये गये है जिसमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, शनि मंदिर, एकमी शोभन रोह, कुष्ठ कॉलोनी, प्रखण्ड मनीगाछी, सिंहवाडा, केवटी तथा बहेड़ी के कुछ पंचायत प्रमुख रूप से शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय निदेश के आलोक में इन चिन्हित हॉट स्पॉट पर गली की परिस्थिति में रहने वाले बच्चों के संरक्षण हेतु रेस्क्यू टीम गठित कर 11 मई 2023 से रेस्क्यू अभियान संचालित है, जो दिनांक 31 मई 2023 तक चलेगी।
उन्होंने कहा कि रेस्क्यू टीम में जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मी, चाईल्ड लाईन, रेलवे चिल्ड्रेन, संबंधित थाना के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी तथा श्रम विभाग से श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चे जो बिना किसी सहायता के सड़क पर अथवा गली की परिस्थिति में जीवन यापन करते हैं या जो बच्चे दिनभर सड़कों पर रहते हैं और रात्रि में झोपड़पट्टी आदि में आवासित अपने परिवार में लौट जाते हैं अथवा जो बच्चे जो अपने परिवार के साथ सड़कों पर या वैसी ही विषम परिस्थिति में रहते हैं। श्रीमती नूपुर ने बताया कि इन बच्चों की त्वरित पहचान की जा सकती है, जो अपने माता-पिता/अभिभावक अथवा अकेले भीख मांगने, कचड़ा/प्लास्टिक चुनने/टी-स्टॉल अथवा किसी निर्माण स्थल पर बाल श्रम करने, फूल, बैलून आदि टैफिक सिग्नल पर बेचने, दत्तक/जैविक माता-पिता या अभिभावक द्वारा दिव्यांगता अथवा अन्य कारणों से परित्यक्त बच्चे, खेल-तमाशा दिखाने, नशा पान करने अथवा बेचने आदि के रुप में इनकी पहचान की जा सकती है।
इस रेस्क्यू अभियान के तहत प्राप्त बच्चों को जिले के बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थापित किया जाएगा तथा किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के प्रावधानों का पालन करते हुए उक्त बच्चे का संरक्षण सुनिश्चित करने तथा उसे समाज की मुख्य धारा में लाने हेतु सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से बच्चे तथा उनके परिवार को जोड़ने का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी यह अभियान चलाया गया तथा चिन्हित बच्चों को लाभान्वित किया गया।
May 14, 2023

12.05.2023 (दरभंगा) : मुख्य सचिव बिहार, आमिर सुबाहनी की अध्यक्षता में संभावित बाढ़, सूखाड़ एवं अन्य आपदाओं को लेकर सभी संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव/ सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं सभी जिलाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में राज्य में लू की स्थिति उत्पन्न हो गई है, इससे सभी जिले को सावधान रहने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग अपने सभी अस्पतालों में इसके लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखें, ताकि मरीज के पहुंचते ही उनका उपचार किया जा सके। सभी जिलाधिकारी को इसे सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया, इसके साथ ही शहरी क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों, हाट-बाजार में शीतल जल/प्याऊ की व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया गया। सचिव ने बताया कि विगत 19 अप्रैल को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में बिहार के विभिन्न जिलों में 2966 प्याऊ लगवाए गए हैं, कल कारखानों में तथा निर्माण कार्य स्थलों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। सभी जिलाधिकारी को अपने श्रम अधीक्षक के माध्यम से इस व्यवस्था की जाँच करवाने का निर्देश दिया गया।
सचिव द्वारा बताया गया कि विभिन्न जिलों के 290 स्थलों पर लोगों द्वारा निजी सहयोग से भी प्याऊ की व्यवस्था की गई है। जो प्रशंसनीय है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 में 2542 अग्नि कांड हुए, जिनमें 63 लोगों की जान गई है, कुल 7705 झोपड़ी एवं कच्चा मकान अग्निकांड में नष्ट हुए हैं। 32 मृतकों के लंबित मुआवजा राशि का कारण पूछने पर कई जिलाधिकारी ने शव परीक्षण प्रतिवेदन विलंब से प्राप्त होने की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने अनुमंडलीय अस्पताल में भी शव परीक्षण करवाने की व्यवस्था करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग श्री प्रत्यय अमृत को दिया। शव परीक्षण में मृतक की गरिमा का ख्याल रखा जाए। इसके लिए शव परीक्षण कक्ष का निर्माण करवाया जाए साथ ही वहां अटेंडेंट के लिए बैठने की मुकम्मल व्यवस्था की जाए।
वहाँ एक कक्ष और रहे जहां शौचालय, पेयजल एवं पंखा की व्यवस्था हो। बैठक में अग्निकांड से हुए फसल क्षति के मुआवजा की भी समीक्षा की गई एवं लंबित मुआवजा का भुगतान जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक अग्निकांड में अग्नि पीड़ितों के लिए कम से कम तीन दिनों तक भोजन की व्यवस्था की जाएगी। बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा में बताया गया कि सभी जिलों के द्वारा सूखा राहत सामग्री के लिए दर का निर्धारण कर लिया गया है, फिलहाल राज्य में 09 लाख पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं, निजी नाव के लिए भाड़ा दर का निर्धारण सभी प्रमंडल में प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा किया जा चुका है।निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा की समीक्षा में जिलाधिकारी दरभंगा राजीव रौशन ने बताया कि जिले के 441 नाव मालिकों के साथ एकरारनामा किया जा चुका है।
अनुग्रह अनुदान के लिए सम्पूर्ति पोर्टल की समीक्षा में बताया गया कि राज्य में 93 लाख परिवारों की सूची सम्पूर्ति पोर्टल पर अद्यतन कर लिया गया है।ताकि आपदा के समय तुरंत अनुग्रह अनुदान का भुगतान किया जा सके।मुख्यमंत्री के निर्देश के आलोक में बाढ़ ग्रस्त जिलों में 100 बाढ़ आश्रय स्थल का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें से 58 में कार्य पूर्ण हो गया है, 15 में कार्य अंतिम चरण में है, शेष आश्रय स्थल भी 2023 में तैयार हो जाएगा।
जिलाधिकारी दरभंगा द्वारा सर्पदंश के मामले में बताया गया कि एफ.एस.एल. मुजफ्फरपुर द्वारा सर्प दंश के मामले में विसरा रिपोर्ट में विष (जहर) पाए जाने से संबंधित स्पष्ट रिपोर्ट देने में असमर्थता जाहिर की जाती है। साथ ही सर्प दंश के मामलों में मृतक के शरीर पर सर्प के दांतो के स्पष्ट निशान न होने एवं शव परीक्षण प्रतिवेदन में मृत्यु का कारण हृदय गति के रुकने से प्रतिवेदित करने से निर्णय लेने में कठिनाई होती है। इस संबंध में मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग को पूरे मामले को देखने एवं इसकी जाँच की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए।
दरभंगा एन.आई.सी से आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा मनीष कुमार, नगर आयुक्त-सह-उप विकास आयुक्त कुमार गौरव, अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा, आयुक्त के सचिव अनिल कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी सत्यम सहाय एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
May 14, 2023

11.05.2023 (दरभंगा) : शहरी क्षेत्र में शराब या ताड़ी के व्यवसाय से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप जुड़े अत्यंत निर्धन, अनुसूचित जाति या जनजाति परिवार को सतत जीविकोपार्जन को दीनदयाल अंत्योदय शहरी आजीविका मिशन से जुड़े ए.एल.एफ. के सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम गुरुवार को नगर निगम के सभागार में दिया गया, जिसमें डे - एन.यू.एल.एम. से जुड़ी ए.एल.एफ. सदस्य भी उपस्थित थी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के निदेशानुसार शराब एवं ताड़ी के उत्पादन एवं बिक्री में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े अत्यंत निर्धन परिवारों का जीविकोपार्जन विकास, क्षमता निर्माण एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण हेतु सतत् जीविकोपार्जन योजना का जीविका के माध्यम से सम्पूर्ण राज्य (ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों) में क्रियान्वयन किया जा रहा है।
शहरी क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा गठित सभी क्षेत्र स्तरीय संगठन (ALF) के कार्यकारिणी सदस्यों का सतत् जीविकोपार्जन योजना पर उन्मुखीकरण किया जा रहा है। गौरतलब है कि नगर निकायों में कार्यरत नगर मिशन प्रबन्धकों को राज्य स्तर पर पूर्व में ही प्रशिक्षण दे दिया गया है। वहीं क्षेत्र स्तरीय संगठन (ALF) के कार्यकारिणी सदस्यों का प्रशिक्षण संबंधित क्षेत्र के जिला/प्रखण्ड स्तर पर 30-35 प्रतिभागी प्रति बैच में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण को ससमय पूर्ण कराने हेतु जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी की अध्यक्षता में सतत् जीविकोपार्जन योजना के जिला नोडल तथा संबंधित जिला के राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के नगर मिशन प्रबंधकों (CMM) के साथ समन्वयन बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा गठित क्षेत्र स्तरीय संगठनों (ALF) के कार्यकारिणी सदस्यों के प्रशिक्षण संबन्धित योजना तैयार की गयी है।
प्रशिक्षण दे रहे आजीविका मिशन के नोडल ऑफिसर संतोष कुमार व अरुण सहनी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व से कार्यक्रम के संचालन होते आ रहे हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों के शराब या ताड़ी व्यवसाय से जुड़े परिवारों नगर निगम में प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित प्रशिक्षार्थी व अन्य का ध्यान रखते हुए सरकार ने 01 दिसम्बर 2022 को योजना की स्वीकृति दी थी। बताया कि योजना से शहरी क्षेत्र के उक्त व्यवसाय से बेरोजगार हुए निर्धनों को फायदा होगा। सरकार द्वारा उन्हें साठ हजार से एक लाख रुपए रोजगार करने के लिए मुहैया कराया जायेगा। उक्त अवसर पर संचार प्रबंधक राजा सागर, एस.जे.वाई. युवा पेशेवर, कुमार अभिनय, एस.जे.वाई. नोडल अजय कुमार राव, एस.जे.वाई. रिसोर्स अमृता रंजन आदि उपस्थित थे।
May 05, 2023

04.05.2023 (दरभंगा) : जिला बार एसोसिएशन दरभंगा के पूर्व महासचिव स्वर्गीय इन्द्रशेखर मिश्र की 07 वीं पुण्यतिथि पर अधिवक्ताओं ने गुरुवार को श्रद्धांजलि सभा वकालतखाना भवन के केन्द्रीय कक्ष में आयोजित कर उन्हें नमन किया। अधिवक्ता श्याम बिहारी राय ने स्वरचित गीत लयबद्ध गाकर श्रद्धांजलि निवेदित किया। अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र ने सर्वप्रथम स्व. इन्दू बाबू के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर "अधिवक्ता और अधिवक्ता संध" विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
विषय प्रवेश कराते हुए अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि अधिवक्ता और अधिवक्ता संध विषयक परिचर्चा आवश्यक और समीचीन है। वकीलों की गरिमां को ठेस पहूंचाई जा रही है। अधिवक्ता संघ की समृद्धि के लिए चिन्तन की आवश्यकता है। वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने कहा कि ब्रिटिश इण्डिया में तत्कालीन हुकूमत ने लीगल प्रोफेशन को चार्टर एक्ट 1774 के तहत स्थापित की गई। सुप्रीम कोर्ट में अंग्रेज वकील प्रैक्टिस करते थे। 1879 में लीगल एक्ट, और 1923 में एडवोकेट कमिट बनाई गई, वहीं बार काउंसिल एक्ट 1926 में पारित की गई। जस्टिस सीआर दास की अध्यक्षता में 1951 एडवोकेट कमिटी गठित की गई। जिसके अनुशंसा के आलोक में लॉ कमीशन की रिपोर्ट पर अधिवक्ता अधिनियम 1961 अस्तित्व में आया। जीतेंद्र नारायण झा ने कहा कि समाज को आकार देने या बड़े बदलाव लाने की शक्ति वकीलों में है। यह समुदाय 1947 से पूर्व समाज और राष्ट्रहित में अपनी महती भुमिका का निर्वहन किया। वहीं 1961 के बाद आर्थिक बिषमता की वजह से उनके जुझारूपन में कमी आई। वरीय अधिवक्ता बैद्यनाथ झा ने कहा कि संध हीं कलयुग की शक्ति है। जरुरत इस बात की है कि सभी अधिवक्ता एकताबद्ध होकर अपने कर्मपथ पर अडिग रहें।
संगोष्ठी को चन्द्रधर मल्लिक, अनिल प्रसाद, उज्जवल गोस्वामी, अंबर इमाम हासमी, शिवशंकर झा,रमणजी चौधरी, मानष सिंह, कमलाकांत झा, विजय नारायण चौधरी, संतोष कुमार झा, कुमार मुखर्जी समेत दर्जनों वकीलों ने संबोधित किया। संचालन राजीव रंजन ठाकुर एवं धन्यवाद ज्ञापन स्व.इन्दू बाबू के पुत्र अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्र ने किया।