May 05, 2023

04.05.2023 (दरभंगा) : जिला बार एसोसिएशन दरभंगा के पूर्व महासचिव स्वर्गीय इन्द्रशेखर मिश्र की 07 वीं पुण्यतिथि पर अधिवक्ताओं ने गुरुवार को श्रद्धांजलि सभा वकालतखाना भवन के केन्द्रीय कक्ष में आयोजित कर उन्हें नमन किया। अधिवक्ता श्याम बिहारी राय ने स्वरचित गीत लयबद्ध गाकर श्रद्धांजलि निवेदित किया। अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र ने सर्वप्रथम स्व. इन्दू बाबू के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर "अधिवक्ता और अधिवक्ता संध" विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
विषय प्रवेश कराते हुए अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि अधिवक्ता और अधिवक्ता संध विषयक परिचर्चा आवश्यक और समीचीन है। वकीलों की गरिमां को ठेस पहूंचाई जा रही है। अधिवक्ता संघ की समृद्धि के लिए चिन्तन की आवश्यकता है। वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने कहा कि ब्रिटिश इण्डिया में तत्कालीन हुकूमत ने लीगल प्रोफेशन को चार्टर एक्ट 1774 के तहत स्थापित की गई। सुप्रीम कोर्ट में अंग्रेज वकील प्रैक्टिस करते थे। 1879 में लीगल एक्ट, और 1923 में एडवोकेट कमिट बनाई गई, वहीं बार काउंसिल एक्ट 1926 में पारित की गई। जस्टिस सीआर दास की अध्यक्षता में 1951 एडवोकेट कमिटी गठित की गई। जिसके अनुशंसा के आलोक में लॉ कमीशन की रिपोर्ट पर अधिवक्ता अधिनियम 1961 अस्तित्व में आया। जीतेंद्र नारायण झा ने कहा कि समाज को आकार देने या बड़े बदलाव लाने की शक्ति वकीलों में है। यह समुदाय 1947 से पूर्व समाज और राष्ट्रहित में अपनी महती भुमिका का निर्वहन किया। वहीं 1961 के बाद आर्थिक बिषमता की वजह से उनके जुझारूपन में कमी आई। वरीय अधिवक्ता बैद्यनाथ झा ने कहा कि संध हीं कलयुग की शक्ति है। जरुरत इस बात की है कि सभी अधिवक्ता एकताबद्ध होकर अपने कर्मपथ पर अडिग रहें।
संगोष्ठी को चन्द्रधर मल्लिक, अनिल प्रसाद, उज्जवल गोस्वामी, अंबर इमाम हासमी, शिवशंकर झा,रमणजी चौधरी, मानष सिंह, कमलाकांत झा, विजय नारायण चौधरी, संतोष कुमार झा, कुमार मुखर्जी समेत दर्जनों वकीलों ने संबोधित किया। संचालन राजीव रंजन ठाकुर एवं धन्यवाद ज्ञापन स्व.इन्दू बाबू के पुत्र अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्र ने किया।