July 10, 2023

10.07.2023 (पटना) : डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज विद्यालयों में प्रवेशोत्सव-विशेष नामांकन अभियान के तहत बांकीपुर बालिका उच्च विद्यालय से जागरूकता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ सभी प्रखण्डों एवं जिला मुख्यालय में घूम-घूम कर नामांकन अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करेगा। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि दिनांक 10 जुलाई, 2023 से दिनांक 30 जुलाई, 2023 की अवधि में पटना जिला के सभी माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेशोत्सव-विशेष नामांकन अभियान का आयोजन किया जा रहा है।
इसका मूल उद्देश्य वार्षिक परीक्षा 2023 में उत्तीर्ण कक्षा 8 के शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं का कक्षा 9 में नामांकन सुनिश्चित कराना है। आठवी उत्तीर्ण अनामांकित सभी छात्र-छात्राओं का निकटतम या नजदीक के माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही वर्ग एक से आठ तक अगर कोई ड्रॉपआउट है तो इस स्थिति में भी बच्चा का प्रवेश विद्यालय में कराया जाएगा। पोषक क्षेत्र के शिक्षा सेवक, तालिमी मरकज, जीविका समूहों सहित विद्यालय स्तर पर विद्यालय शिक्षा समिति/विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विशेष नामांकन अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार पोषक क्षेत्र में किया जाए।
इसके लिए गुरू गोष्ठी, प्रखंड-स्तरीय बैठक तथा संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित किया जाए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विद्यालय स्तर पर विद्यालय शिक्षा समिति/विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति के साथ पोषक क्षेत्र के शिक्षा सेवक, तालिमी मरकज तथा जीविका समूहों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नामांकन सुनिश्चित कराएंगे।
डीएम डॉ. सिंह ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी/विद्यालय अवर निरीक्षक अभियान का नियमित पर्यवेक्षण करेंगे तथा इसे सफल बनाएंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी इस विशेष नामांकन अभियान का नियमित तौर पर अनुश्रवण करेंगे। उन्होंने कहा कि अभियान के पश्चात सभी माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक यह प्रमाण-पत्र देंगे कि उनके पोषक क्षेत्र में 8वीं कक्षा उत्तीर्ण कोई भी छात्र-छात्रा अनामांकित नहीं है।इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान, जिला शिक्षा पदाधिकारी स्थापना, विद्यालय की प्राचार्या, शिक्षकगण एवं अन्य भी उपस्थित थे।
July 08, 2023

08.07.2023 (दरभंगा) : सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने पटना में बिहार के महामहिम राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात कर दरभंगा एम्स के जल्द निर्माण, डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान एवं मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान के जीर्णोधार सहित क्षेत्र के विभिन्न विषयों से उन्हे अवगत कराए। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को मिथिला परंपरा अनुसार पाग, चादर, मखान माला देकर सम्मानित किया और पीएम नरेंद्र मोदी के नौ साल बेमिसाल विकास की गाथा वाला बुकलेट भी भेंट किए। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि दरभंगा एम्स उत्तर बिहार के करोड़ों लोगों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक वरदान है। परंतु बिहार सरकार के असहयोगात्मक रवैया के कारण इसका निर्माण कार्य वर्षों से लंबित पड़ा है।
उन्होंने महामहिम को जानकारी देते हुए कहा कि बिहार में खासकर उत्तर बिहार और मिथिला क्षेत्र के करोड़ों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2015-16 के आम बजट में बिहार में दूसरे एम्स निर्माण को मंजूरी दिए थे और 15 सितंबर 2020 को दरभंगा में 1264 करोड़ की लागत से 750 बेड वाले एम्स निर्माण को केंद्रीय कैबिनेट से स्वीकृत प्रदान किए थे। केंद्रीय कैबिनेट के स्वीकृति से अगले 48 महीना के भीतर इसका निर्माण पूर्ण का लक्ष्य निर्धारित किया था। एम्स के कार्य को गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा दरभंगा एम्स में निदेशक का भी पदस्थापन कर दिया गया है। सांसद ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा एम्स निर्माण हेतु डीएमसीएच की 300 एकड़ जमीन में से परित्यक्त पड़े 200 एकड़ भूमि पर एम्स बनाने के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट से स्वीकृति देते हुए जमीन केंद्र को हस्तांतरित कर दिया गया था। इसके पचात लगभग 14 करोड़ की लागत से प्रथम फेज में 75 एकड़ जमीन पर मिट्टी भराई एवं पुराने अवशेषों को तोड़ने का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।
एम्स निर्माण की दिशा में अग्रेतर कारवाई के लिए जनवरी 2023 में केंद्रीय टीम इस जमीन का निरीक्षण करने आई तो कुछ दिन बाद ही बिहार के मुख्यमंत्री अपने समाधान यात्रा के दौरान इसके स्थल परिवर्तन की घोषणा कर इसका निर्माण प्रारंभ होने से पहले इसको अधर में लटका दिए। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी राजनीतिक द्वेष एवं मिथिला के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से वंचित रखने के उद्देश्य से दरभंगा एम्स को अटकाने का कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि दरभंगा एम्स के साथ और बाद में घोषित अन्य सभी राज्यों में एम्स बनकर तैयार हो चुका है। उन्होंने महामहिम से दरभंगा एम्स का निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ करने का अनुरोध किए। साथ ही सांसद डॉ ठाकुर ने दरभंगा के कबराघाट में अवस्थित मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान के विराट इतिहास से महामहिम को अवगत कराते हुए इसके जीर्णोधार हेतु उपयुक्त कदम उठाने का अनुरोध किए।
उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे प्राचीनतम भाषा संस्कृत के प्रचार प्रसार, शोध, संरक्षण और संवर्धन हेतु स्थापित इस संस्थान की आधारशिला वर्ष 1951 में स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा रखा गया था। लेकिन राज्य सरकार के उदासीनता के कारण 72 वर्ष बीत जाने के वाबजूद इसमें एक ईंट भी नहीं जोड़ा जा सका है। जबकि वर्तमान में संस्थान के पांडुलिपि अनुभाग में संकलित एवं संरक्षित प्राचीन बहुमूल्य हस्तलिखित पांडुलिपियों की संख्या लगभग 12500 है। इसके अलावा प्राच्य विद्या एवं आधुनिक विषय के लगभग 27 हजार से अधिक दुर्लभ ग्रंथ एवं शोध पत्रिकाएं मौजूद है। सांसद डॉ ठाकुर ने डबल्यूआईटी, जो की पूर्वोत्तर भारत का अपनी तरह का एकमात्र संस्थान है के संरक्षण एवं विकास करने की दिशा में उचित पहल करने अनुरोध महामहिम से किए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को तकनीकी शिक्षा देने के उद्देश्य से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम द्वारा इस संस्थान का उद्घाटन किया गया था। सांसद डॉ ठाकुर ने राज्यपाल को दरभंगा आकर सभी संस्थानों का भौतिक निरीक्षण करने का भी अनुरोध किया। इसके अलावा उन्होंने दरभंगा एवं मिथिला से जुड़े कई अन्य विकास के विषयों से भी राज्यपाल को अवगत कराएं।
July 08, 2023

04.07.2023 (दरभंगा) : अपर जिला न्यायाधीश-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा द्वारा पत्र निर्गत करते हुए कहा कि बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) के तत्वाधान में 12 जुलाई से 31 जुलाई 2023 के बीच महिलाओं हेतु विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन दरभंगा जिला के ग्रामीण क्षेत्र यथा - अलीनगर प्रखण्ड कार्यालय परिसर, बिरौल प्रखण्ड कार्यालय परिसर एवं हायाघाट के आनन्दपुर सोहरा पंचायत में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु रिसोर्स पर्सन की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है, जिनके द्वारा कार्यक्रम तिथि को पूर्वाह्न 11:30 बजे से अपने-अपने आवंटित प्रखण्डों में महिलाओं हेतु विधिक जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अलीनगर प्रखण्ड हेतु मीरा कुमारी एवं विनोद कुमार मिश्रा,रिसोर्स पर्सन की प्रतिनियुक्ति की गई है,जबकि बिरौल प्रखण्ड के लिए सुधा रानी एवं नूर अली खाँ, रिसोर्स पर्सन की प्रतिनियुक्ति की गयी है। वहीं हायाघाट के आनन्दपुर सोहरा पंचायत के लिए पूनम कुमारी एवं संजीव कुमार की प्रतिनियुक्ति की गयी है।
उन्होंने कहा कि उक्त कार्यक्रम का आयोजन राज्य महिला आयोग राष्ट्रीय महिला आयोग NCW के नेतृत्व में होना है, जिसमें गृहिणी महिला, कार्यरत महिला,15 वर्ष से अधिक उम्र की लड़की, महिला वार्ड सदस्यों,पंचों, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका, आशा कर्मी,महिला शिक्षक,जीविका दीदी एवं आमजनों आदि की उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि उक्त कार्यक्रम में 60 महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। रिसोर्स पर्सन-सह-पैनल अधिवक्ता को निर्देशित किया गया है कि वे नालसा द्वारा दिए गए विषयों पर नियमानुसार विधिक जागरूकता कार्यक्रम का संचालन करेंगे।
July 08, 2023

04.07.2023 (दरभंगा) :-जल-जीवन-हरियाली अभियान के अन्तर्गत वृक्षारोपण को लेकर मुख्य सचिव, बिहार, आमिर सुबाहनी की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के सचिव, सभी प्रमण्डलीय आयुक्त, जिलाधिकारी एवं वन प्रमण्डल पदाधिकारी के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव वंदना प्रेयसी ने बताया कि वर्ष 2019-20 से जल-जीवन-हरियाली अभियान के अन्तर्गत वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है।
वर्ष 2019-20 में 01 करोड़ 30 लाख 34 हजार, वर्ष 2020-21 में 03 करोड़ 97 लाख 75 हजार, वर्ष 2021-22 में 03 लाख 90 लाख 10 हजार, वर्ष 2022-23 में 02 करोड़ 88 लाख 69 हजार पौधे लगवाये गए हैं। वर्तमान वर्ष 2023-24 में 04 करोड़ 41 लाख 09 हजार पौधे लगवाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिनमें 02 करोड़ 72 लाख 96 हजार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा, 01 करोड़ 61 लाख 34 हजार, ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के अन्तर्गत एवं 10 लाख 65 हजार फलदार वृक्ष के पौधे कृषि विभाग द्वारा लगवाये जाएंगे। इस तरह लक्ष्य से अधिक 04 करोड़ 44 लाख 95 हजार पौधे लगवाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए 01 हजार 73 पौधशाला चिन्ह्ति हैं, जो पौधे की आपूर्ति करेंगी। सभी को सुझाव दिया गये हैं कि 3.5 फीट से कम के पौधे न लगाए जाए, ताकि पौधों की जीवंतता दर अधिक रह सके।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि 3.5 फीट से कम के पौधे न लगवाये जाएं। वन विभाग द्वारा बताया गया कि वन क्षेत्र में 2 से 2.5 फीट के पौधे लगवाये जा सकते हैं। इस अभियान के लिए वन विभाग को पी.आई.ए. (नोडल)मनोनित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा आम, लिच्ची, अमरूद, बेर, बेल, कटहल, जामुन, आमला एवं निबू जैसे फलदार पेड़ के पौधे लगवाये जाएंगे। दरभंगा से आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा, मनीष कुमार ने बताया कि दरभंगा प्रमंडल के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए तीनों जिलाधिकारी द्वारा कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। पौधे भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। बैठक में बताया गया कि नदी के किनारे बाँस एवं कंटीली झाड़ी के पौधे लगवाये जाएं, जो कटाव निरोधक कार्य भी करेगी। जिले में जीविका, मनरेगा, वन प्रमण्डल एवं निजी किसानों द्वारा पौधे लगाए जाएंगे। जुलाई माह में इस अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। जिलों में प्रमण्डलीय आयुक्त, जिलाधिकारी या किसी जन प्रतिनिधि से इस अभियान का शुभारंभ करवाने का सुझाव दिया गया।
राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री से कार्यक्रम का शुभारंभ करने हेतु अनुरोध करने के निर्देश दिये गये।दरभंगा एन.आई.सी. से जिलाधिकारी राजीव रौशन, उप विकास आयुक्त प्रतिभा रानी वन प्रमण्डल पदाधिकारी रूचि सिंह, उप निदेशक, जन सम्पर्क एन.के. गुप्ता, डीपीएम जीविका डॉ ऋचा गार्गी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
July 08, 2023

04.07.2023 (दरभंगा) :- उप विकास आयुक्त प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई के अंतर्गत जिले में आयुष्मान कार्ड बनवाने को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समन्वयक विजेंद्र कुमार ने बताया कि दरभंगा जिला में 27 लाख 89 हजार 706 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनवाने का लक्ष्य निर्धारित है, इसके अंतर्गत कुल 05 लाख 99 हजार 387 परिवारों को अच्छादित किया जाना है। वर्तमान में 03 लाख 15 हजार 497 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड सृजित हुआ है। सबसे ज्यादा दरभंगा नगर निगम में 29 प्रतिशत, सिंहवाड़ा में 14 प्रतिशत, बिरौल में 13 प्रतिशत, बहेड़ी में 12 प्रतिशत, बेनीपुर में 10 प्रतिशत कुशेश्वरस्थान में 11 प्रतिशत कार्ड बनाए गए हैं।उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार की जन कल्याणकारी योजना है।
एक लाभुकों को एक वर्ष के अंदर 05 लाख रुपये का इलाज कराने की गारंटी मिल जाती है। इस योजना के अंतर्गत बड़े-बड़े निजी अस्पताल भी पंजीकृत हैं, इसलिए पंचायत वार, एएनएम वार सूची लेकर जिन लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उनका कार्ड अपने कार्यपालक सहायक के माध्यम से बनवाना सुनिश्चित करें। जिन लोगों का नाम एसईसीसी सूची में है,उन्हें अपना राशन कार्ड और आधार कार्ड लेकर जाना है। आरटीपीएस सेंटर पर भी इसे बनवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्षा के दिनों में बहुत सारे निर्माण कार्य स्थगित रहते हैं, इसलिए पर्याप्त संख्या में कर्मी भी उपलब्ध रहते हैं, जिनका उपयोग आयुष्मान कार्ड बनवाने में किया जा सकता है।
इस कार्ड को बनवाने के लिए लाभुक को कोई राशि नहीं लगती है। जिला समन्वयक ने बताया कि यदि किसी कार्यपालक सहायक या वसुधा केंद्र को आयुष्मान कार्ड बनाने में कोई तकनीकी समस्या होती है तो इसके निराकरण के लिए वे आयुष्मान भारत दरभंगा के आईटी मैनेजर गुलाम साबिर जिनका मोबाइल नंबर-9264471435 है, से संपर्क कर सकते हैं। बैठक में सिविल सर्जन डॉ.अनिल कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीपीएम जीविका ऋचा गार्गी एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे। वही प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी एवं बीपीएम ऑनलाइन जुड़े हुए थे।