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बिना पहचान पत्र के किसी व्यक्ति का छात्रावास में प्रवेश वर्जित रहेगा

July 12, 2023
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12.07.2023 (दरभंगा) : मुख्य सचिव,बिहार,आमिर सुबहानी द्वारा जारी आदेश। प्रत्येक बुधवार को आलाधिकारियों द्वारा अपने क्षेत्र के सरकारी संस्थानों की स्थिति का जायजा लेने हेतु निरीक्षण करने के आदेश क्रम में आज डीएम राजीव रौशन एवं एसएसपी अवकाश कुमार द्वारा मिरगयास चक, मिल्लत कॉलेज, दरभंगा के समीप अवस्थित अल्पसंख्यक कल्याण बालिका छात्रावास का गहन निरीक्षण किया गया और सुरक्षा को लेकर कई निर्देश दिये गये।

निरीक्षण के दौरान मौजूद भवन निर्माण विभाग के अभियंता को छात्रावास की चाहरदिवारी को और ऊँचा करने तथा उसके ऊपर कंटीली तार लगवाने के निर्देश दिये गए। खिड़कियों के पल्ले,जो बाहर से खुल रहे हैं,उन्हें अन्दर से खुलने की व्यवस्था करने तथा खिड़की पर नेट लगाकर उसको सुरक्षित करने को कहा गया। छात्रावास में आवासित छात्राओं से मिलने के लिए आनेवाले अभिभावकों के लिए एक मुलाकाती स्थान (विज़िटर पॉइंट) निर्धारित करने तथा वहाँ शेड, शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया और गार्ड के लिए गार्ड रूम बनवाने के निर्देश दिये गये। छात्रावास में रहने वाली सभी छात्राओं एवं वहाँ कार्यरत सभी स्टाफ के लिए पहचान पत्र जारी करने के निर्देश दिये गये, यहाँ तक की उनसे मिलने आने वाले अभिभावकों के लिए भी पहचान पत्र जारी करने के निर्देश दिये गये।

बिना पहचान पत्र के किसी व्यक्ति का छात्रावास में प्रवेश वर्जित रहेगा। निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक (नगर),जिला कल्याण पदाधिकारी, संबंधित थानाध्यक्ष एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

रील लाइफ से निकलकर रीयल लाइफ में आना पड़ेगा, तभी कोई बड़ा कार्य कर सकेंगे

July 12, 2023
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12.07.2023 (दरभंगा) : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दरभंगा द्वारा आयोजित सर्जना निखार शिविर का आज समापन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति शशी नाथ झा, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजय कुमार पंडित एवं अभाविप के बिहार झारखंड क्षेत्रीय संगठन मंत्री निखिल रंजन , जिला प्रमुख अमृत झा, प्रदेश सह मंत्री उत्सव पराशर, नगर मंत्री अमित शुक्ला, कार्यक्रम संयोजक अमृता कुमारी ने सामूहिक रुप से दीप प्रज्वलन कर किया तथा सरस्वती माता एवं स्वामी विवेकानंद जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि भी अर्पित किया।

नगर मंत्री अमित शुक्ल ने विषय प्रवेश करते हुए कहा की सर्जना निखार शिविर पिछले 17 वर्षों से आयोजित हो रही है एवं प्रतिवर्ष सैकड़ो छात्राओं के प्रतिभाओं का कौशल विकास कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का काम कर रही है। इस वर्ष भी यह आयोजन 6 जून से 5 जुलाई तक MRM महाविधालय में चला। अपने उद्बोधन में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय कुलसचिव कुमार पंडित ने बताया कि अभाविप का यह अद्भुत कार्यक्रम काफी सराहनीय है। हमारे समाज की महिलाओं के कौशल विकास अगर हो तब ही अभाविप का ध्येय राष्ट्र निर्माण को पूरा किया जा सकता है, क्योकि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन को संवारने का कार्य एक स्त्री ही करती है, इसलिए उनका कौशल विकास हो तभी वे हम सभी को मजबूत कर सकती है ताकि हम आगे चलकर राष्ट्र हित में समाज हित में अपना योगदान दे सकें।

कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति ने अभाविप द्वारा आयोजित सर्जना निखार शिविर की सराहना की और कहा अभाविप द्वारा 17 वर्षों से आयोजित हो रहे कार्यक्रम अत्यंत प्रशंसनीय है। आज के समय में स्वरोजगार स्वावलंबन पर बात हो रही है इसका जीवंत उदाहरण है सर्जना निखार शिविर। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को स्वस्थ्य रहने की शुभकामनाएं दी ताकि प्रत्येक वर्ष ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहें। अपने संबोधन में बिहार–झारखण्ड के संगठन मंत्री निखिल रंजन जी ने बताया कि भारत की संस्कृति प्रारंभ से ही स्त्रियों के प्रति अत्यंत आदरणीय दृष्टिकोण रहा है। पुरातन काल से ही भारत में स्त्रियों का जीवन मूल्य अत्यधिक पवित्र एवं पुनित समझा जाता रहा है आज पाश्चात्य सभ्यता में स्त्रियों के बारे में अलग-अलग तर्क प्रस्तुत किए जाते हैं कोई उन्हें आधी आबादी बताता है लेकिन भारतीय संस्कृति में उनके बिना अस्तित्व ही नहीं रहेगा ऐसा माना जाता है। हमारे देश की स्त्रियां सामाजिक जीवन के जिस क्षेत्र में जब-जब कुछ जरूरत पड़ी तो खुलकर सामने आयी, कभी झांसी के रानी के रूप में तो कभी पद्मावती तो कभी दुर्गावती तो कभी जीजाबाई बनकर।

अभाविप का यह सर्जना निखार शिविर वैसे ही स्त्रियों के तरह उनके अंदर छुपे हुए कौशल को निकालकर बाहर लाने का प्रयास करती है। उन्होंने छात्राओं से आज के युग में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उनसे आग्रह किया कि हम लोगों को रील लाइफ से निकलकर रीयल लाइफ में आना पड़ेगा तभी कोई बड़ा कार्य कर सकेंगे।

प्रदेश सह मंत्री उत्सव परासर ने कार्यक्रम में लगी सभी छात्राओं की प्रशंसा की और कहा की यह कार्यक्रम शुरू से अंत तक हमारे छात्रा बहनों द्वारा सभी कार्य किये गए। सभी छात्राएं शुरू में इतने बड़े कार्यक्रम के आयोजन को लेकर हतोत्साहित थी लेकिन जब कार्यक्रम प्रारंभ हुए तो उन्होंने पूरे मनोयोग से कार्यक्रम को निष्पादित किया, इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।

सर्जना निखार शिविर के 17 वर्षों में अभी तक 7000 से अधिक छात्रा एवम गृहिणी प्रशिक्षित हुई है साथ ही 800 से अधिक आत्मनिर्भर बनी है। कार्यक्रम का संचालन नगर सह मंत्री वैष्णवी कुमारी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक अमृता कुमारी ने किया। वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। विवि संगठन मंत्री दीपक मिश्रा ने सर्जना निखार शिविर के सफल आयोजन व लगे सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए संगठन कार्य करने की शुभकामना दिया।

प्रशिक्षक में निशा शरण सिन्हा , अश्विनी कुमार झा, मोहन प्रजापति, अनुराधा लाला, संतोष दत्त झा, आंचल कुमारी, आरती महतो, निधि झा, आशुतोष झा, सत्येंद्र झा को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश छात्रा प्रमुख पूजा कश्यप, सह संयोजक रौशनी कुमारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरिओम झा, कुणाल कुमार, अंजली कुमारी, विभाग सह संयोजक राहुल सिंह, वागीश झा, रवि यादव, सुमित मिश्रा, विकास कुमार, नीली रानी, करीना कुमारी, कुमारी खुशी, संजीव कुमार, शशिभूषण यादव, सूर्यकांत सिंह, रितेश राज, सैमी, मानसी, नेहा सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवम सभी विधा के प्रशिक्षक उपस्थित थे।

अतिक्रमण हटाने में जो व्यय होता है, वह अतिक्रमणकारी से वसूला जाए

July 11, 2023
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11.07.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन एवं एसएसपी अवकाश कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में भूमि विवाद एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक को सम्बोधित करते हुए डीएम ने कहा कि भू-समाधान पोर्टल पर भूमि विवाद के गंभीर मामलों को अपलोड किया जाता है, इसलिए उसकी सुनवाई कर प्राथमिकता से उसका निष्पादन किया जाए।

उन्होंने कहा कि भूमि विवाद में तनाव वाले मामलें की पहचान करते हुए उसका शीघ्र निराकरण अपेक्षित है।मुख्यालय स्तर से यह निर्देश प्राप्त हो रहे हैं। लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम लोगों की समस्याओं के निराकरण हेतु उन्हें अधिकार के रूप में एक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का काम कहीं नही हो पा रहा है, वे लोक शिकायत में आते है, इसमें अनुमण्डल स्तर पर एवं जिला स्तर पर लिये गये निर्णय का भी अधिकतर निष्पादन थाना एवं अंचल स्तर से ही किया जाता है, क्योंकि ज्यादातर मामले लोक भूमि अतिक्रमण, आपसी भूमि विवाद के होते हैं। कई बार आदेश देने के बाद भी लोक भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाता है, तो अधिनियम इस बात की व्यवस्था करता है कि बल पूर्वक उस अतिक्रमण को हटाया जाए और अतिक्रमण हटाने में जो व्यय होता है, वह अतिक्रमणकारी से वसूला जाए।

उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का यह भी निर्णय आया है कि एक बार किसी लोक भूमि से अतिक्रमण हटा दिया जाता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेवारी संबंधित थाना की है। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था में कई मामले समन्वय से संबंधित होते हैं। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 एवं अन्य संबंधित धारा के तहत अनुमण्डल दण्डाधिकारी के स्तर से कार्रवाई होती है और जारी सम्मन का तामिला कराना, लोगों को बुलाने के कार्य थाना स्तर से होने पर उसका प्रभाव बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि मद्यनिषेध अभियान में भी समन्वय की आवश्यकता होती है। जप्त वाहनों का राज्यसात करने का प्रस्ताव शीघ्र भेजने की आवश्यकता होती है, यदि जप्त वाहन को संबंधित न्यायायल से छोड़ने का आदेश हो गया, तो उसे शीघ्र छोड़ दिया जाए, इसके लिए वाहन मालिक को केवल औनरशीप और अपना परिचय पत्र दिखलाना ही अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि जप्त वाहन को छुड़ाने के लिए पहले जुर्माना राशि उस वाहन की बीमा राशि का 50 प्रतिशत था, अब उसे घटाकर 10 प्रतिशत से 50 प्रतिशत और अधिकतम 05 लाख रूपये तक कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि शराब का विनिष्टिकरण में भी वरीय पदाधिकारी को दण्डाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त की जाती है और जिस थाना में वह जप्त है, वहाँ अविलम्ब विनिष्टिकरण कराना होता है। अतः उसे विनिष्टिकरण में देरी न किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी अपराधी के जेल से छुटने पर विधि-व्यवस्था पर प्रभाव पड़ने वाला है, तो उसे सी.सी.ए. - 12 के तहत जिला दण्डाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक को सख्ती निहित है कि उसे 01 साल तक जेल में ही रखा जाए, वैसे केदियों का प्रस्ताव भी समय पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। गवाहों को सम्मन समय से पहुंचना चाहिए।

बैठक को सम्बोधित करते हुए एसएसपी श्री कुमार ने कहा कि शनिवारीय भूमि विवाद की सुनवाई बैठक में मामलों का गंभीरता से निष्पादन किया जाए। गंभीर अपराधी के विरूद्ध सी.सी.ए-3 के तहत संबंधित थाना प्रस्ताव भेजना शुरू कर दें। भूमि विवाद से संवेदनशील मामलों की सूची जिला को भी उपलब्ध करावें। सी.सी.ए. - 12 का प्रस्ताव यदि किसी कैदी के लिए आवश्यक है, तो वह भी प्रस्ताव दे दें। उन्होंने सभी थाना प्रभारी को ससमय सम्मन तामिला कराने के निर्देश दिये और कहा कि भविष्य में सम्मन तामिला न कराने के प्रतिवेदन पर संबंधित थाना प्रभारी के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में लोक शिकायत निवारण के मामलों की समीक्षा की गई। जिला स्तर पर 45 एवं 60 दिन से अधिक के एक भी मामले नहीं पाये गये। बैठक में अनुमण्डल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सदर, बेनीपुर एवं बिरौल की मामलों की समीक्षा की गयी और उन्हें लंबित मामलों का निष्पादन तेजी से करवाने के निर्देश दिये गए। साथ ही जिन अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के यहाँ ज्यादा मामले लंबित पाये गये, उन्हें भी तेजी से मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिये गये। बैठक में सी.एम. जनता दरवार, डी.एम. जनता दरवार, सी.डब्लू.जे.सी./सी.आर.डब्लू.जे.सी., स्पीडी ट्रायल के मामलों की समीक्षा की गई। मद्य निषेध अभियान के तहत जप्त शराब विनिष्टकरण, जप्त वाहनों को छोड़ने से संबंधित आदेश का अनुपालन, नीलामपत्र वाद के लंबित मामले, दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 एवं 116 (3) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई हेतु निर्गत वारंट का तामिला से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई।

बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि वैसे मामले जिनमें दुर्घटना के बाद वाहन ठोकर मार कर भाग जाते हैं, वाहन की पहचान नहीं होती, हिट एण्ड रन के मामले कहे जाते हैं, वैसे मामलें में घायल व्यक्ति के लिए 50 हजार रूपये एवं मृतक के आश्रित के लिए 02 लाख रूपये मुआवजा का प्रावधान है, इन मामलों में मुआवजा हेतु प्रपत्र - 1 में आवेदन संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी को देना होता है, क्योंकि अनुमण्डल पदाधिकारी को ही दावा जाँच पदाधिकारी का आधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि घायल के मामलें में दो जगह से यथा - संबंधित थाना प्रभारी एवं संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से प्रतिवेदन अपेक्षित है। मृत्यु के मामले में संबंधित थाना प्रभारी एवं सिविल सर्जन के स्तर से पोस्टमार्टम रिपोर्ट अपेक्षित है। अनुमण्डल पदाधिकारी जाँच प्रतिवेदन जिलाधिकारी को देते हैं और जिलाधिकारी स्वीकृति प्रदान करते हैं। स्वीकृति की कॉपी जी.आई.सी. को भेजा जाता है, जहाँ से मुआवजा प्राप्त होता है।

उक्त बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक, सागर कुमार झा, अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दण्डाधिकारी, राजेश झा ‘‘राजा’’, अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर चन्द्रिमा अत्री, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) इमरान अहमद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, सदर अमित कुमार, अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल संजीव कुमार कापर, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, बिरौल मनीष चन्द्र, उप निदेशक, जन सम्पर्क एन.के. गुप्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी गौरव शंकर, जिला परिवहन पदाधिकरी राजेश कुमार, उत्पाद अधीक्षक ओम प्रकाश, वरीय उप समाहर्त्ता अभिषेक रंजन, फैजान सरवर एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारीगण, राजस्व पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष उपस्थित थे।

पेड़-पौधों से बातें करें, उनके तकलीफ को समझें - वन महोत्सव

July 10, 2023
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10.07.2023 (दरभंगा) : लहेरियासराय ऑडिटोरियम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित वन महोत्सव, 2023 का शुभारंभ आयुक्त, जिलाधिकारी, जिप अध्यक्ष, डी.डी.सी., डी.एफ.ओ., एस.डी.ओ. एवं सहायक समाहर्त्ता के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। वन प्रमण्डल पदाधिकारी, दरभंगा श्रीमती रूचि सिंह द्वारा आयुक्त, जिलाधिकारी एवं जिला परिषद् अध्यक्ष के साथ सभी आगत अतिथियों को पौधा प्रदान कर उनका हार्दिक अभिनंदन किया गया।

उन्होंने अपने स्वागत भाषण में कहा कि 1950 के दशक में पहली बार पर्यावरण एवं पेड़-पौधों के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाने के लिए वन महोत्सव आयोजन की पहल की गई और तब से सम्पूर्ण भारत वर्ष में प्रत्येक वर्ष वन महोत्सव का आयोजन कर लोगों को वृक्षारोपण के लिए जागरूक किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि पेड़ से हमें फल, फूल, इमारती लकड़ियाँ, ऑक्सीजन जैसे बुनियादी लाभ तो मिलता ही है, इसके साथ ही पेड़-पौधे पर्यावरण का अभिन्न अंग हैं और इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे वायु एवं जल को स्वच्छ रखने, मिट्टी के कटाव को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं। दरभंगा को इसके पूर्वजों ने अनेक तालाब, पोखर विरासत में दिये हैं और हमारी आपकी नैतिक जिम्मेवारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को भी यह विरासत सौपें। हर बार की तरह इस बार भी हम बिहार सरकार के जल-जीवन-हरियाली मिशन के अन्तर्गत एक लक्ष्य लेकर आज से वृक्षारोपण की शुरूआत कर रहे हैं। उन्होंने जीविका, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग को इसमें सहयोग देने का जिक्र किया। इसके पश्चात् आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा, जिलाधिकारी, दरभंगा, जिला परिषद् अध्यक्ष, उप विकास आयुक्त, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर, सहायक समाहर्त्ता, वन प्रमण्डल पदाधिकारी एवं उप निदेशक, जन सम्पर्क द्वारा वृक्षारोपण कर दरभंगा जिले में वृक्षारोपण अभियान की शुरूआत की गयी।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डीएम राजीव रौशन ने कहा कि आज पूरे बिहार में वन महोत्सव मनाया जा रहा है, उसी कड़ी में दरभंगा जिला में भी वन महोत्सव का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में कलाकारों एवं बच्चों ने अपने अभिनय प्रदर्शन के माध्यम से बताया कि पेड़-पौधें भी हमसे बहुत सारी बातें करना चाहते हैं। अपनी तकलीफ बताना चाहते हैं और उनके प्रति हमारी कितनी संवेदना होनी चाहिए, इस बात को समझने की जरूरत है। यह सिर्फ वन महोत्सव नहीं है, यह हमारी मानव सभ्यता एवं मानव अस्तित्व को बचाये रखने का उत्सव है। हमने मानव सभ्यता में इतनी तरक्की की है, विकास के इतने पायदान चढ़ें हैं, वह सब अधूरी रह जाएगी, वह सब बेमानी हो जाएंगे, अगर हम आने वाले समय में अपनी संस्कृति और पर्यावरण की रक्षा नहीं कर सकेंगे। वन, पर्यावरण एवं जलवायु एक दुसरे से जुड़े हुए हैं और इससे मानव का अस्तित्व जुड़ा हुआ है, जो वास्तव में आज संकट में है। वन महोत्सव सिर्फ पेड़ों को बचाने के लिए नहीं, बल्कि मानव जीवन को बचाने के लिए कर रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि हम पेड़, पौधे, हरियाली और प्रकृतिक के साथ कदम से कदम से मिलाकर चलें, नहीं तो विकास की होड़ में कहीं न कहीं प्रकृति का साथ छुट जाएगा, प्रकृति का छूटना मानव के अस्तित्व के लिए खतरा उत्पन्न कर देगा।

उन्होंने कहा कि प्रकाश संश्लेषण क्रिया के माध्यम से वृक्ष पर्यावरण से कार्बन डाई-ऑक्साइड लेकर हमें ऑक्सीजन देते हैं, जो प्राण-वायु है और जब से हम औद्योगिक क्रांति के क्षेत्र में प्रवेश किये हैं, हमारे पर्यावरण में कार्बन डाई-ऑक्साइड की मात्रा तेजी से बढ़ती जा रही है, जो इस खतरे का संकेत है। विगत डेढ़ सौ साल में कार्बन डाई-ऑक्साइड की मात्रा पर्यावरण में दोगुनी हो गयी है, अगर यही रफ्तार रहा तो हमारा जीवन आने वाले समय में कठिन और असंभव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम मौसम के चक्र में हो रहे बदलाव को हम देख रहें हैं किस प्रकार कभी सुखा और कभी बाढ़ की चुनौतियाँ आ रही हैं और प्रकृति अपने क्रोध को प्रकट कर रही है, प्रकृति हमें कुछ समझाना चाह रही है, इसलिए हमें जागरूक एवं सचेत होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति ने कहा है कि पौधा लगाने का सही समय 20 साल पूर्व था और दुसरा सही समय आज है, इसलिए हमें बिल्कुल विलम्ब नहीं करना चाहिए और अब तेजी से वृक्षारोपण करना चाहिए।

अगर हम प्रकृति की और ध्यान नहीं देगे, तो वास्तव में हमलोगों का भविष्य बादलों से घिरा होगा। उन्होंने राष्ट्र कवि जय शंकर प्रसाद द्वारा रचित नाटक - ध्रुवस्वामिनी की उक्ति को दुहराते हुए कहा कि ’’जिनका भविष्य बादलों से घिरा हो, उनकी बुद्धि बिजली सी चमकनी चाहिए’’ इसलिए हमलोगों को यानी वर्तमान पीढ़ी को अपने कर्तव्य के प्रति जागृत होना पड़ेगा।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा, मनीष कुमार ने कहा कि यह प्रशन्नता की बात है कि पर्यावरण के क्षेत्र में बिहार आज सम्पूर्ण देश को एक दिशा दे रहा है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के अन्तर्गत पर्यावरण संतुलन के लिए बेहतर कार्य किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के प्रारंभ होने से वन अच्छादन का प्रतिशत् 09 से बढ़कर 15 हो गया है।उन्होंने कहा कि मनुष्य की दो चीजे पृथ्वी पर रह जाएगी, एक कहे हुए शब्द और दुसरा लगाये गये पेड़। उन्होंने बच्चों को अपने जीवनकाल में कम से कम 100 वृक्ष लगाने हेतु संकल्प दिलवाया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा पूरे बिहार में व दरभंगा में वन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को, प्रत्येक बच्चों को कम से कम 10 वृक्ष लगाना चाहिए। सरकार भी अभी सबसे ज्यादा पर्यावरण पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दरभंगा जिला जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं अमृत महोत्सव अन्तर्गत तालाब के जीर्णोद्धार एवं वृक्षारोपण अभियान में पूरे देश में पहला स्थान बनाये हुए है, इसके लिए जिला प्रशासन धन्यवाद के पात्र है। उन्होंने कहा कि प्रो. विद्यानाथ झा ने बताया कि पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, आँवला के वृक्ष जीवनदायी होते हैं, तो हम चाहेंगे सभी धर्म स्थलों पर ये वृक्ष लगाये जाएं। यदि जिला प्रशासन उन्हें 5 एकड़ जमीन वृक्षारोपण के लिए चिन्ह्ति कर उपलब्ध कराती है, तो वे केन्द्र सरकार से राशि प्राप्त कर उसमें गहन वृक्षारोपण कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट सहित सभी सरकारी संस्थानों में वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर कलाकारों एवं छात्रों के प्रदर्शन की सराहना की तथा कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, बच्चों, जीविका दीदी का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रो. विद्यानाथ झा ने पर्यावरण एवं वृक्ष के संबंध से अवगत कराते हुए वृक्षों के महत्व बताये। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के अन्तर्गत वृक्षारोपण कर हरित अच्छादन का प्रतिशत् बढ़ाकर 15 कर दिया है। सरकार की प्रतिबद्धता है कि जल्द ही इसे 17 प्रतिशत् पर पहुंचाया जाए। वन विभाग पूरी शक्ति से इस अभियान में लगा हुआ है। उन्होंने चंपारण में चलाये जा रहे वृक्ष पेंशन योजना को दरभंगा में भी चलाने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने कहा कि हमारी मान्यता है कि एक वृक्ष 10 पुत्र के सामान होता है और पुरानी मान्यता के अनुसार लोक-परलोक की रक्षा के लिए वृक्षारोपण एवं पोखर खुदवाना आवश्यक बताया गया है। हमारे यहाँ पंचवटी की धारणा है, एक ही स्थान पर पीपल, बरगद, पाकड़, नीम और आमला का पेड़ लगाया जाए। ये वृक्ष केवल वृक्ष नहीं बल्कि अपने आप में प्रकृति की एक व्यवस्था है। ये वृक्ष पक्षी और जानवरों को ऑक्सिजन के साथ साथ शरण, भोजन दोनों देते है। यूक्लीप्टश का पेड़ जल का शोषण अधिक करता है, उसके स्थान पर पोपुलर एवं हमारे प्राचीन पौधे लगना चाहिए, ये हमारे वातावरण के अनुकूल हैं।

इसके उपरान्त सांसद, आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा, जिलाधिकारी, दरभंगा, वन प्रमण्डल पदाधिकारी एवं सहायक समाहर्त्ता द्वारा शिल्पकला एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजय प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान द स्पॉट लाइट थिएटर के कलाकारों ने सागर सिंह के नेतृत्व में मूक अभिनय के द्वारा पेड़ एवं जल के महत्व एवं उनके प्रति आम आदमी की संवेदनशीलता पर बेहतरीन एक्ट प्ले कर दर्शकों की खुब तालियाँ बटोरी। माउण्ट समर कॉन्वेंट के बच्चों ने वृक्षारोपण का संदेश नृत्य एवं गीत के माध्यम से दिया। इस अवसर पर वन विभाग द्वारा वृक्ष के महत्व पर बनाया गया वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर डीपीएम जीविका, वन विभाग के सभी पदाधिकारी जीविका दीदी कई पंचायतों के मुखिया गण, अन्य जनप्रतिनिधि एवं माउंट समर स्कूल व विभिन्न विद्यालय के छात्र छात्रा उपस्थित थे।

विद्युत संबंध विच्छेदित किए गए तथा स्मार्ट मीटर लगाए हुए उपभोक्ताओं का लगातार जांच करने का निर्देश दिया गया

July 10, 2023
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10.07.2023 (दरभंगा) : सहायक विद्युत अभियंता लहेरियासराय के नेतृत्व में विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल लहेरियासराय के अललपट्टी स्थित कार्यालय में राजस्व समाहरण से संबंधित बैठक किया गया। बैठक में सभी कनीय विद्युत अभियंता को पूर्व में विद्युत संबंध विच्छेदित किए गए उपभोक्ताओं का लगातार जांच करने का निर्देश दिया गया। साथ ही स्मार्ट मीटर लगाए हुए वैसे उपभोक्ता जिस का बैलेंस बहुत दिनों से निगेटिव में है परंतु उपभोक्ता के द्वारा अपना बैलेंस रिचार्ज नही करवाया जा रहा है या वैसे उपभोक्ताओं का जिस के मीटर में कम खपत हो रहा है उसका भी लगातार जांच करने का निर्देश दिया गया। उनके द्वारा बताया गया कि बैठक में सभी को राजस्व समाहरण हेतु मिले लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु उचित कारवाई करने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में कनीय विद्युत अभियंता पंडासराय कैलाश कुमार, कनीय विद्युत अभियंता बेंता आलोक कुमार, कनीय विद्युत अभियंता लक्ष्मीसागर जैनेंद्र कुमार, कनीय विद्युत अभियंता रामनगर सागर कुमार झा एवं सहायक सूचना तकनीकी प्रबंधक श्रीमती बॉबी विजेता उपस्थित थीं।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
Dbg

04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।