July 03, 2023

01.07.2023 (पटना) : आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना, कुमार रवि ने कहा है कि श्रावणी मेला एवं मुहर्रम पर्व, 2023 के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित अपने कार्यालय-प्रकोष्ठ में इस विषय पर आयोजित प्रमंडल-स्तरीय एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने निर्देश दिया कि पदाधिकारीगण आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कतामूलक कार्रवाई करें। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखें। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को क्रियाशील रखें तथा अफवाहों का त्वरित खंडन करें। अवैध हथियारों के धारकों के विरूद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई करें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष मुहर्रम का त्योहार दिनांक 29 जुलाई, 2023 को मनाये जाने की संभावना है। श्रावणी मेला की शुरूआत 04 जुलाई से हो रही है। 28 अगस्त को अंतिम श्रावणी सोमवार है। उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुचारू यातायात तथा सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण के प्रति मुस्तैद रहने का निर्देश बैठक में दिया गया। आयुक्त श्री रवि ने सभी जिला पदाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों से जिलावार तैयारियों एवं प्रबंध की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद कायम रखें। जिला पदाधिकारी तथा वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक जिला-स्तर पर एवं अनुमंडल पदाधिकारियों और अपर पुलिस अधीक्षकों/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के माध्यम से थाना-स्तर, प्रखंड-स्तर तथा अनुमंडल-स्तर पर ससमय शांति समिति की बैठक आयोजित करें। सभी पदाधिकारी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतेंगे, असामाजिक तत्वों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई करेंगे तथा विधि-व्यवस्था का समुचित संधारण सुनिश्चित करेंगे।
विधि-व्यवस्था संधारण तथा भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से मानकों के अनुसार दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करें। पर्व-त्योहार के दौरान जुलूस इत्यादि का सीसीटीवी से निर्बाध कवरेज सुनिश्चित करें। लगातार विद्युत आपूर्ति हो। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत यूपीएस से लैस करें। बगल से फीडर से इसे कनेक्ट करें ताकि हर स्थिति में सीसीटीवी क्रियाशील रहे। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था संधारण के दृष्टिकोण से यह अत्यंत उपयोगी होगा। पर्व-त्योहार के दौरान डीजे द्वारा निर्धारित मानक से उच्च डेसिबल में ध्वनि का उत्सर्जन किये जाने के कारण ध्वनि प्रदूषण होता है। निर्धारित मानक से ज्यादा डेसिबल में ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगायी गयी है।
सभी जिला पदाधिकारी, पटना प्रमंडल अंतर्गत को निदेशित किया गया कि मानक से ज्यादा तीव्रता वाले डीजे बजाने पर साउण्ड मीटर ऐप से जाँच करा कर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के तहत अपेक्षित कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। सभी पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि बिना अनुज्ञप्ति का जुलूस नहीं निकले। अपने क्षेत्रान्तर्गत जुलूस के मार्ग का सत्यापन कर लें। उन्होंने नगर आयुक्त एवं नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पर्व के अवसर पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए।
पर्याप्त संख्या में कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया जाए। पब्लिक न्यूसेंस हटाने के लिए पुलिस से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 में नोटिस देकर कार्रवाई करें। सभी पदाधिकारियों को सजग, सतर्क एवं सक्रिय रहने की आवश्यकता है। विधि-व्यवस्था संधारण से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है।
उक्त बैठक में डीएम, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, नगर आयुक्त, पटना नगर निगम, अनिमेष कुमार पराशर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पटना, सैयद इमरान मसूद, आयुक्त के सचिव, प्रीतेश्वर प्रसाद, अपर नगर आयुक्त श्रीमती शीला ईरानी, उप निदेशक, आईपीआरडी, पटना प्रमंडल, पटना, लोकेश कुमार झा तथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी भोजपुर, राज कुमार, जिलाधिकारी बक्सर, अंशुल अग्रवाल, जिलाधिकारी नालन्दा, शशांक शुभंकर, जिलाधिकारी रोहतास, धर्मेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी कैमूर, सावन कुमार, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
July 01, 2023

01.07.2023 (दरभंगा) : दरभंगा जिला के बहादुरपुर प्रखण्ड अंतर्गत चतरिया ग्राम में दुर्गा मंदिर के पास चतरिया घाट का जल संसाधन-सह-सूचना एवं जन-सम्पर्क मंत्री, बिहार सरकार, संजय कुमार झा ने अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग चैतन्य प्रसाद एवं विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता के साथ चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि 920 मीटर में इस घाट का निर्माण किया गया, जिसमें 50 मीटर का सीढ़ी घाट बनाया जा रहा है, नदी के किनारे फेवर ब्लॉक लगाया गया है,जिससे कटाव नहीं हो सकेगा। मंत्री ने कहा कि 15 जुलाई तक हर हाल में यह काम पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में अवस्थित बाँध का सौन्दर्यीकरण करा दिया जाए, बाँध के दोनों किनारे सड़क का निर्माण करा दिया जाए तथा बाँध के किनारे वृक्षारोपण करा दिया जाए, तो शहरी क्षेत्र के लोगों के लिए यह वाकिंग ट्रेक बन जाएगा। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण में भी सहयोग मिलेगी। अपर मुख्य सचिव ने घाट के बीच-बीच में सीढ़ी बनाने की आवश्यकता बताई। प्रत्येक वर्ष कटाव निरोधक कार्य में व्यय किया जाता है, अगर एक ही बार इस तरह के स्थाई एवं ठोस संरचना का निर्माण करवा दिया जाए, तो हमेशा के लिए बाँध सुरक्षित हो जाएगा और देखने में भी खूबसूरत लगेगा। उन्होंने कहा कि पहली बार जल संसाधन विभाग द्वारा बागमती नदी में बाँध की सुरक्षा के लिए सीढ़ी घाट का निर्माण किया जा रहा है। इस तरह का कार्य अझौल में भी किया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्य से क्षेत्रवासियों को छठ व अन्य त्योहारों में काफी सुविधा होगी, जिससे उनमें अपार हर्ष है। स्थल निरीक्षण के दौरान विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद एवं अन्य वरीय अधिकारीगण के अलावा क्षेत्र के गणमान्य जन उपस्थित थे।
July 01, 2023

01.07.2023 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में मंत्री, जल संसाधन-सह-सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, बिहार सरकार,संजय कुमार झा की अध्यक्षता में सिंचाई एवं बाढ़ को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने सर्वप्रथम सिंचाई व्यवस्था को लेकर पश्चिमी कोशी मुख्य नहर में पानी की स्थिति के संबंध में अभियंता प्रमुख के साथ-साथ एवं संबंधित अधीक्षण अभियंता से जानकारी ली। पश्चिमी कोशी नहर के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि वर्तमान में एक हजार क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया है। विगत वर्ष 4,200 क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया था। अपर मुख्य सचिव ने प्रतिदिन 500 क्यूसेक पानी बढ़ाने के साथ 05 दिनों में शेष 2500 क्यूसेक पानी की आपूर्ति बढ़ाने तथा सभी निकास द्वार को पटवन के लिए खोलने का निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए यही सर्वाधिक उपर्युक्त समय है।
ऐसे समय में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि दरभंगा का जलस्तर में वृद्धि करने के लिए यह सबसे अच्छा प्रयोग रहेगा, उन्होंने कहा कि दरभंगा के गिरते भू-जल स्तर को देखकर ही मुख्यमंत्री द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि अगले 05 दिनों में नहर के अंतिम कोने तक पानी पहुँचा दे। इससे जमींदारी बांध में नये निर्माण की भी जाँच हो जाएगी। 51 वर्षों के बाद जब दरभंगा के इन क्षेत्र के लोगों को पानी इस नहर से मिलेगा, तो उनमें सरकार के प्रति विश्वास जगेगा। हमारी पहली प्राथमिका खेतों में पानी पहुँचाना होना चाहिए। बैठक में जमींदारी बाँध में अबतक किये गये कार्य एवं शेष कार्य की स्थिति की समीक्षा की गई। बाढ़ से सुरक्षा के लिए किये गये तटबंध सुरक्षा व कटाव निरोधक कार्य की समीक्षा की गई,जिसमें अपर मुख्य सचिव ने कहा कि तटबंध पर जितने भी संवेदनशील स्थल चिन्ह्ति है,वहाँ बालू एवं बैग उपलब्ध रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बैग में मिट्टी नहीं भरा जाना चाहिए,नही तो यह बाढ़ में दह जाएगा। इसके अतिरिक्त बालू आपूर्ति के लिए ट्रेक्टर एवं संवेदक चिन्ह्ति रखे जाएँ,उनके मोबाईल नम्बर रखे जाएँ, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत बालू की व्यवस्था की जा सके,सुरक्षित मजदूरों की दूरभाष सूची रखी जाए।उन्होंने कहा कि बाँध पर गश्ती लगाने वाले मजदूरों को जैकेट,जल संसाधन विभाग अंकित टोपी,एक सिटी,छाता एवं टॉर्च उपलब्ध कराई जाए तथा उनके निरीक्षण स्थल निर्धारित एवं चिन्ह्ति होनी चाहिए,ताकि उन्हें पता रहे की कहाँ से कहाँ तक के बाँध की निगरानी की जिम्मेवारी उन पर है। दरभंगा, समस्तीपुर एवं मधुबनी जिले में विभिन्न बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल द्वारा किये जा रहे तटबंध सुरक्षा एवं कटाव निरोधक निर्माण कार्य की समीक्षा बारी-बारी से की गई तथा संबंधित अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित संवेदक को दिन-रात काम कराकर यथाशीघ्र लंबित कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया।
इसके लिए मजदूरों की संख्या में वृद्धि करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में डीएम राजीव रौशन द्वारा सुरक्षा के लिए प्रतिनियुक्त कर्मियों को उनके निगरानी के लिए स्थल निर्धारित एवं चिन्ह्ति करने को कहा गया तथा दोनों बाँध के बीच की पेटी में निजी व्यक्तियों द्वारा बड़े निर्माण कराने की जानकारी दी गई। मंत्री द्वारा इस पर विभागीय स्तर से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उप निदेशक,जन सम्पर्क एन.के. गुप्ता,जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बालेश्वर प्रसाद,प्रभारी पदाधिकारी आपदा आलोक राज एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण एवं अभियंतागण उपस्थित थे।
July 01, 2023

01.07.2023 (दरभंगा) : जल संसाधन-सह-सूचना एवं जन सम्पर्क मंत्री, बिहार सरकार संजय कुमार झा द्वारा दरभंगा बागमती नदी के बाए तट पर एकमी घाट से सिरनिया तक निर्मित 10.5 किमी लंबे तटबंध का निरीक्षण किया तथा इसकी सुरक्षा एवं सुदृढ़ीकरण के संबंध में विभागीय पदाधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह तटबंध बहादुरपुर, हनुमाननगर और हायाघाट प्रखण्ड के अधीन पड़ता है। इस तटबंध के बन जाने से दरभंगा शहर के साथ-साथ उक्त तीनों प्रखण्डों को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि तटबंध पर तीन एंटी फ्लड स्लूईस भी निर्मित हैं, जिससे शहरी भाग में जमा बारिश के पानी की निकासी की जाती है। तत्पश्चात मंत्री द्वारा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से चट्टी चौक होते हुए हरपट्टी तक जा रही नाला लाइनिंग कार्य का चट्टी चौक के पास स्थल निरीक्षण किया गया एवं कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अभियंता को दिया गया। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग की इस योजना से लहेरियासराय एवं आस-पास की बड़ी आबादी को जलजमाव से मुक्ति मिलेगी। उक्त दोनों अवसर पर जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद एवं अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
July 01, 2023

01.07.2023 (दरभंगा) : कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, दरभंगा के तत्वावधान में मिथिला के गौरव,महान जनकवि एवं साहित्यकार बाबा नागार्जुन जी की जयंती 30 जून की संध्या उनके पैतृक गाँव बेनीपुर प्रखण्ड के तरौनी में पधारकर मंत्री,जल संसाधन विभाग-सह-सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, बिहार, संजय कुमार झा एवं बेनीपुर के विधायक विनय कुमार चौधरी ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पाजंलि अर्पित की।
बाबा नागार्जुन जयंती कार्यक्रम सरकारी समारोह के रूप में मनाया गया। सर्वप्रथम बाबा नागार्जुन जयंती समारोह का शुभारंभ जल संसाधन मंत्री के साथ बेनीपुर के विधायक,बाबा नागार्जुन के सुपुत्र श्यामा कान्त मिश्र एवं स्थानीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर अनुमण्डल पदाधिकारी, बेनीपुर शम्भू नाथ झा द्वारा मंत्री को पाग-चादर से सम्मानित किया गया। उक्त अवसर पर आयोजित राजकीय समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि बाबा नागार्जुन जयंती समारोह के सफल आयोजन का सारा श्रेय बेनीपुर के विधायक श्री विनय कुमार चौधरी जी को जाता है,जिनके प्रयास से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बाबा नागार्जुन ने समकालीन, सामाजिक,आर्थिक राजनीतिक एवं सांस्कृतिक स्थिति का सचित्र चित्रण अपने लेखनी से की है। जनता की समस्या एवं सामाजिक उत्कंठा पर भी उन्होंने बहुत सी रचना लिखी है,लोगों में चेतना जागृत करने में उनकी रचनाओं ने अस्त्र का काम किया है। उन्होंने तत्कालीन समाज में घटित घटनाओं का जन भाषा एवं लोक भाषा में अतुलनीय ढंग से रखा।उन्होंने कहा कि मिथिला की धरती ज्ञान की धरती है,यहाँ साहित्यकारों और बुद्धिजीवी के लिए एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जानकी नवमी मिथिला के लोग मनाते हैं, मुख्यमंत्री जी ने जानकी नवमी की छुट्टी स्वीकृत की तथा दरभंगा हवाई अड्डा का नाम मिथिला के महाकवि विद्यापति एयरपोर्ट करने की अनुशंसा की। उन्होंने कहा कि ये महापुरुष मिथिला के आदर्श हैं,जिन्हें हमें देश-विदेश की धरती पर ले जाना होगा। नई पीढ़ी तक इन बातों को कैसे पहुंचाई जा सके,इसी के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह के आयोजन से मुझे काफी प्रसन्नता हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विद्यापति जयंती एवं मिथिला पेंटिंग को बढ़ावा दिया। विद्यापति से मिथिला समाज अपनी पहचान बनाते हैं,हम लोग विद्यापति जयंती भी मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यापति समारोह बेंगलुरु में भी मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि विद्यापति भवन जर्जर स्थिति में था जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीर्णोद्धार करवाया।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी कोसी नहर 1972 की योजना है। कहा कि 51 वर्षों बाद कल यानी 29 जून को जिसके नहर एवं पईन में पानी आया और जिसमें 365 दिनों तक पानी रहेगा। इससे दरभंगा का वाटर लेवल भी ठीक रहेगा। उन्होंने कहा कि वाटर लेवल ठीक नहीं रहने से चापाकल को ज्यादा डीप गड़वाना पड़ता था अब कम गहराई पर भी पानी आ जाएगा। पाईन रहने से इस एरिया का वाटर लेवल ठीक रहेगा। उन्होंने कहा कि सकरी से नवानगर 16 किलोमीटर तक यह पईन चला जाएगा, इसके साथ ही बाँध पर रोड बन जाने से सकरी तक जाने के लिए एक और बाइपास मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि जब हमें जल संसाधन विभाग का कार्यभार मिला तो पाया कि दरभंगा जिला में सिंचाई की व्यवस्था बिल्कुल नहीं है, लेकिन अब आने वाले समय में 27 हजार एकड़ में सिंचाई हो सकेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जी द्वारा चलाई जा रही योजना हर खेत को सिंचाई के लिए पानी के अन्तर्गत भी हम सिंचाई की योजनाएं ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा जैसे राज्य में सिंचाई की सुविधा रहने के कारण ही इतना विकास हुआ। उन्होंने आयोजन समिति खासकर बेनीपुर के विधायक को इस कार्यक्रम के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि जिस बाबा नागार्जुन को पीढ़ी दर पीढ़ी याद करेगी,उनके विषय में बोलने का अवसर मिला यह सौभाग्य की बात है। इस अवसर पर श्री राम कुमार झा,महादेव बाबू,फूल बाबू,बाबा नागार्जुन के पुत्र श्यामा कान्त मिश्र, श्रीमती निशा बंदन झा जी,रमेश जी,बेनीपुर के प्रमुख मुकुंद राय एवं श्रीमती माला झा उपस्थित थीं।