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08.07.2023 (दरभंगा) : सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने पटना में बिहार के महामहिम राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात कर दरभंगा एम्स के जल्द निर्माण, डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान एवं मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान के जीर्णोधार सहित क्षेत्र के विभिन्न विषयों से उन्हे अवगत कराए। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को मिथिला परंपरा अनुसार पाग, चादर, मखान माला देकर सम्मानित किया और पीएम नरेंद्र मोदी के नौ साल बेमिसाल विकास की गाथा वाला बुकलेट भी भेंट किए। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि दरभंगा एम्स उत्तर बिहार के करोड़ों लोगों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक वरदान है। परंतु बिहार सरकार के असहयोगात्मक रवैया के कारण इसका निर्माण कार्य वर्षों से लंबित पड़ा है।

उन्होंने महामहिम को जानकारी देते हुए कहा कि बिहार में खासकर उत्तर बिहार और मिथिला क्षेत्र के करोड़ों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2015-16 के आम बजट में बिहार में दूसरे एम्स निर्माण को मंजूरी दिए थे और 15 सितंबर 2020 को दरभंगा में 1264 करोड़ की लागत से 750 बेड वाले एम्स निर्माण को केंद्रीय कैबिनेट से स्वीकृत प्रदान किए थे। केंद्रीय कैबिनेट के स्वीकृति से अगले 48 महीना के भीतर इसका निर्माण पूर्ण का लक्ष्य निर्धारित किया था। एम्स के कार्य को गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा दरभंगा एम्स में निदेशक का भी पदस्थापन कर दिया गया है। सांसद ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा एम्स निर्माण हेतु डीएमसीएच की 300 एकड़ जमीन में से परित्यक्त पड़े 200 एकड़ भूमि पर एम्स बनाने के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट से स्वीकृति देते हुए जमीन केंद्र को हस्तांतरित कर दिया गया था। इसके पचात लगभग 14 करोड़ की लागत से प्रथम फेज में 75 एकड़ जमीन पर मिट्टी भराई एवं पुराने अवशेषों को तोड़ने का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।

एम्स निर्माण की दिशा में अग्रेतर कारवाई के लिए जनवरी 2023 में केंद्रीय टीम इस जमीन का निरीक्षण करने आई तो कुछ दिन बाद ही बिहार के मुख्यमंत्री अपने समाधान यात्रा के दौरान इसके स्थल परिवर्तन की घोषणा कर इसका निर्माण प्रारंभ होने से पहले इसको अधर में लटका दिए। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी राजनीतिक द्वेष एवं मिथिला के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से वंचित रखने के उद्देश्य से दरभंगा एम्स को अटकाने का कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि दरभंगा एम्स के साथ और बाद में घोषित अन्य सभी राज्यों में एम्स बनकर तैयार हो चुका है। उन्होंने महामहिम से दरभंगा एम्स का निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ करने का अनुरोध किए। साथ ही सांसद डॉ ठाकुर ने दरभंगा के कबराघाट में अवस्थित मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान के विराट इतिहास से महामहिम को अवगत कराते हुए इसके जीर्णोधार हेतु उपयुक्त कदम उठाने का अनुरोध किए।

उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे प्राचीनतम भाषा संस्कृत के प्रचार प्रसार, शोध, संरक्षण और संवर्धन हेतु स्थापित इस संस्थान की आधारशिला वर्ष 1951 में स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा रखा गया था। लेकिन राज्य सरकार के उदासीनता के कारण 72 वर्ष बीत जाने के वाबजूद इसमें एक ईंट भी नहीं जोड़ा जा सका है। जबकि वर्तमान में संस्थान के पांडुलिपि अनुभाग में संकलित एवं संरक्षित प्राचीन बहुमूल्य हस्तलिखित पांडुलिपियों की संख्या लगभग 12500 है। इसके अलावा प्राच्य विद्या एवं आधुनिक विषय के लगभग 27 हजार से अधिक दुर्लभ ग्रंथ एवं शोध पत्रिकाएं मौजूद है। सांसद डॉ ठाकुर ने डबल्यूआईटी, जो की पूर्वोत्तर भारत का अपनी तरह का एकमात्र संस्थान है के संरक्षण एवं विकास करने की दिशा में उचित पहल करने अनुरोध महामहिम से किए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को तकनीकी शिक्षा देने के उद्देश्य से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम द्वारा इस संस्थान का उद्घाटन किया गया था। सांसद डॉ ठाकुर ने राज्यपाल को दरभंगा आकर सभी संस्थानों का भौतिक निरीक्षण करने का भी अनुरोध किया। इसके अलावा उन्होंने दरभंगा एवं मिथिला से जुड़े कई अन्य विकास के विषयों से भी राज्यपाल को अवगत कराएं।