March 13, 2024

12.03.2024 (दरभंगा) : कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में मंगलवार को दरबार हॉल में आयोजित सीनेट की 47वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति राजेन्द्र विश्ववनाथ आर्लेकर ने सभी मान्य सदस्यों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी विद्वतजन हैं। यह विद्वानों की सभा है। विश्वविद्यालयों का समेकित विकास जिस तरह होना चाहिए वैसा नहीं हो सका है। इसका समाधान कैसे होगा, इस पर हम सभी को सोचना होगा।
विश्वविद्यालय के हित में सीनेटरों का बड़ा कर्तव्य है, इस पर भी विचार आवश्यक है। उन्होंने संस्कृत को पुरातन भाषा कहते हुए जोड़ा कि इसे सभी रोज के व्यवहार में लाएं। तभी इसकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और विश्व स्तर पर इसे मुकम्मल स्थान मिलेगा। इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को हम हिंदी नहीं भी सिखाते हैं तो वे बोल लेता है। बड़ा होकर ही वे उसमें दक्ष हो पाता है। तो ऐसे में अगर हमलोग संस्कृत में विचारों का रोज आदान-प्रदान करेंगे तो बेशक यह भाषा सर्वसुलभ हो जाएगी। इसका मान भी बढ़ेगा और विलुप्त होने से भी यह बच जाएगी।
संस्कृत को संस्कृति का वाहक बताते हुए मा.कुलाधिपति ने तमाम प्रशासकीय कार्यों को संस्कृत में ही सम्पादित कराने को कहा। यहाँ तक कि आंतरिक संचिकाओं की टिपण्णी व पत्राचार भी संस्कृत में ही करने का उन्होंने आह्वान किया। उन्होंने आगाह किया कि अन्यथा की स्थिति में विपरीत वातावरण ही बना रहेगा। इसी क्रम में उन्होंने खुलासा किया कि जब वे हिमाचलप्रदेश के राज्यपाल थे तो वहाँ के राजभवन कर्मियों के लिए संस्कृत सम्भाषण शुरु कराया गया था। हर्ष का विषय यह रहा कि कुछ दिनों बाद ही वहाँ के कर्मी फाइलों में संस्कृत में ही टिपण्णी करने लगे। तो क्या यहां यह सम्भव नहीं है? जरूरत है इस ओर कदम बढ़ाने की। मा. कुलाधिपति ने कहा कि सीनेट सदस्यों को भी संस्कृत का ज्ञान होना चाहिए। इसके लिए विश्ववविद्यालय में उन्होंने संस्कृत सम्भाषण शिविर का आयोजन करने के लिए कुलपति प्रो.लक्ष्मी निवास पांडेय से कहा, साथ ही उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस सम्भाषण शिविर में आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास एवं इसकी गतिविधियों के सम्यक् संचालन का दायित्व यहाँ के पदाधिकारियों के अतिरिक्त सीनेट के सदस्यों का भी है।
परीक्षाओं को ससमय सम्पन्न कराने में उन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें नहीं भूलना चाहिए कि भावी पीढ़ी की जिम्मेदारी हम सभी पर है, उनके भविष्य को खराब करने का अधिकार हमें नही है, इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को आपका सहयोग जरूरी है, बैठक के बाद भी आपका इस ओर कर्तव्य बनता है। कुलाधिपति ने अपने अभिभाषण में यह भी कहा कि विश्वविद्यालय महाविद्यालय नहीं है। इसलिए यहां शोध कार्यों पर विशेष जोर देने की जरूरत है। यहां अनेक न्यास स्थापित हों और बहुविषयक पढ़ाई भी हो।
उक्त जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के पीआरओ निशिकांत ने बताया कि मा.कुलाधिपति ने संस्कृत विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो.लक्ष्मी निवास पांडेय की काफी सराहना की। उन्होंने कुलपति प्रो. पांडेय को बहुत ही कुशल व दक्ष विद्वान बताते हुए कहा कि चयन समिति ने जो विश्वास व भरोसा इनके ऊपर जताया है, हम उम्मीद करते हैं कि वे उसको अवश्य पूरा करेंगे।
उन्होंने पुनः इसे दोहराया कि सीनेट की दो बैठकें होनी चाहिए। एक बजट सत्र और दूसरा शैक्षणिक सत्र। निकट भविष्य में शैक्षणिक सत्र आयोजित करने के लिए उन्होंने कहा। इसमें शामिल होने के लिए मा. कुलाधिपति ने अपनी सहमति भी प्रदान कर दी। सभी मान्य सदस्यों ने मा. कुलाधिपति के प्रति आभार जताया एवं उनकी उपस्थिति को गौरवपूर्ण बताया।
March 13, 2024

12.03.2024 (दरभंगा) : जिला निर्वाचन अधिकारी सह जिलाधिकारी राजीव रौशन के निर्देश के आलोक में आज डीपीएम जीविका डॉ.ऋचा गार्गी के द्वारा में दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों में जहाँ न्यूनतम मतदान वाले केंद्रों पर मतदाताओं को प्रेरित कर मतदान कार्यक्रम में अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्धेश्य से जीविका दीदियों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया। जीविका दीदियों द्वारा रैली, शपथ कार्यक्रम, रंगोली, मेंहदी प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान चलाया गया।
इसी क्रम में मंगलवार को डॉ.ऋचा गार्गी की अध्यक्षता में बहादुरपुर प्रखंड के एकता संकुल संघ अंतर्गत हरपट्टीगाँव में जागरूकता रैली व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि मतदान लोकतंत्र का महापर्व है, इसलिए अपने सारे कार्य को छोड़कर "पहले चलो करें मतदान" की बात की गयी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को अधिक सशक्त बनाने के लिए शत-प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी होगी, तभी मजबूत लोकतंत्र का निर्माण होगा। सत्य और ईमानदारी से-सरकार बने मतदान से स्वस्थ जनतंत्र की है पहचान-सबको शिक्षा और मतदान जैसे नारों को बुलंद करती हुई जीविका दीदियां गाँव के गलियों से गुजरी।
जीविका दीदियों ने संकल्प लिया कि हम आगामी चुनावों में सपरिवार वोट डालने जायेंगे और बिना लालच और भय के साथ मतदान करेंगे। जागरूकता कार्यक्रम में बीपीएम सुकेश कुमार मिश्रा, जिला कार्यालय से संचार प्रबंधक राजा सागर, ब्रजेश कुमार, बीपीआईयू के विभिन्न कर्मी, कैडर व जीविका दीदियां उपस्थिति थी।
March 11, 2024

11.03.2024 (दरभंगा) : जन सुनवाई के क्रम में जनता से मोबाईल गुम होने की शिकायत प्राप्त होती थी। इसी क्रम में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी के निर्देशन में सिटी एसपी शुभम आर्य के नेतृत्व में मोबाईल रिकवरी टीम का गठन किया गया। मोबाईल रिकवरी टीम के सदस्यों के द्वारा तकनीकी अनुसंधान कर संबंधित थाना के सहयोग से गुम हुए कुल 52 मोबाईल फोन बरामद किया गया है। जिसमें से 15 मोबाइल धारक उपस्थित हुए, संबंधित मोबाईल धारकों के बीच उचित सत्यापन के बाद वितरित किया गया। शेष मोबाइल धारको के लिए अगला तिथि का निर्धारण किया जाएगा|
March 11, 2024
11.03.2024 (दरभंगा) : आज बहेड़ा थाना के हत्यारोपित 15,000 - 15,000 का 02 ईनामी फरार अभियुक्त मो० सबीर पे० स्व० अली हसन एवं राहत आजमा उर्फ शहना पति मो० सबीर दोनो सा० बदरबन्ना थाना बहेड़ा को गुप्त सूचना के आधार पर बहेड़ा थाना की टीम एवं डी०आई०यु० टीम के संयुक्त छापामारी कर केवटी थाना अंतर्गत ग्राम छतवन से दोनो प्राथमिकी अभियुक्त को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई की गयी। दोनो अभियुक्त के विरूद्ध पूर्व में माननीय न्यायालय से कुर्की प्राप्त कर कुर्की जप्ती की कार्रवाई भी की गई थी।
March 11, 2024

11.03.2024 (दरभंगा) : जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, दरभंगा राजीव रौशन द्वारा बताया गया कि लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 के लिए निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा कुछ दिनों में संभावित है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही दरभंगा जिले के सभी 10 (दस) विधान सभा क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जायेगी।
बिहार संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1985 पूरे राज्य में लागू है, इसके अनुसार सार्वजनिक परिदृश्य में किसी भी प्रकार की सम्पत्ति को पोस्टर, होर्डिंग, बैनर, दीवार लेखन आदि के द्वारा विरूपित किया जाना प्रतिबंधित है।
उक्त के आलोक में उन्होंने सभी संबंधित को सूचित किया कि यदि सार्वजनिक परिदृश्य में सरकारी, अर्द्धसरकारी, सार्वजनिक अथवा निजी सम्पत्ति पर पोस्टर, बैनर, होर्डिंग अथवा दीवार लेखन इत्यादि के माध्यम से विरूपण का कार्य किया गया है, तो उसे अविलंब हटा लें अन्यथा संबंधित पर इस आशय की प्राथमिकी दर्ज की जायेगी। साथ ही उक्त को हटाने की कार्रवाई करते हुए इस पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति संबंधित व्यक्तियों /संस्थानों आदि से वसूली कर की जायेगी।