April 05, 2024

05.04.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में दरभंगा, समाहरणालय परिसर अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में मस्तिष्क ज्वर के रोकथाम के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने कहा कि गर्मी और उमस के बढ़ते ही बच्चों में एम्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) बीमारी का खतरा बढ़ने लगता है।
उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समेकित बाल विकास परियोजना) डॉ. रश्मि वर्मा को निर्देश दिये कि आँगनवाड़ी केन्द्रों के पोषण क्षेत्र में सभी बच्चों को खीर आदि बनाकर सेविका/सहायिका के माध्यम से सुलभ कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) को निर्देश दिया कि विद्यालयों में भी एम.डी.एम. के माध्यम से सभी बच्चों को गुणवर्त्तायुक्त भोजन उपलब्ध करावें। उन्होंने जिलावासियों से अपील किया कि वे कोशिश करें छोटे-छोटे बच्चे पूर्वाह्न 09ः00 बजे से 10ः00 बजे के बाद अनावश्यक कार्य से घर से बाहर नहीं निकले, अधिक से अधिक पानी का प्रयोग करें, ताकि शरीर में पानी की कमी नहीं हो। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आँगनवाड़ी केन्द्रों/विद्यालयों में ओ.आर.एस. घोल सुलभ कराने का निर्देश दिया।
एसएसपी ने कहा कि थाना प्रभारी, जन प्रतिनिधियों आदि से भी मस्तिष्क ज्वार के रोकथाम के लिए आवश्यक सहायता लें। माईकिंग के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार करावें, ओ.आर.एस. घोल पर्याप्त मात्रा में वांछित लोगों तक पहुँचावें। डीएम ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने गाड़ी में जिंगल के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलावासियों से अपील किया कि वे अपने छोटे बच्चों को रात में बिना खाना खाए सोने नहीं दे। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क ज्वार बीमारी (चमकी को धमकी) का जागरूकता ही बचाव है। चमकी को धमकी के अन्तर्गत पहली धमकी (खिलाओ) - बच्चे को रात में सोने से पहले भरपेट खाना जरूर खिलाएँ और उस भोजन में पीठा पदार्थ भी शामिल करें, दूसरी धमकी (जगाओ) - रात में एवं सुबह उठते ही देखें कि कहीं बच्चा बेहोश या उसे चमकी तो नहीं तथा तीसरा धमकी (अस्पताल ले जाओ) - बेहोशी या चमकी दिखते ही तुरंत आशा को सूचित कर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाए। मस्तिष्क ज्वर के लक्षण।
01. सरदर्द, तेज बुखार आना, जो 5-7 दिनों से ज्यादा का ना हो। 02. अर्द्ध चेतना एवं मरीज में पहचाने की क्षमता नहीं होना/भ्रम की स्थिति में होना/बच्चे का बेहोश हो जाना। 03. शरीर में चकमी होना अथवा हाथ पैर में थरथराहट होना। 04. पूरे शरीर या किसी खास अंग में लकवा मारना या हाथ पैर का अकड़ जाना। 05. बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक संतुलन ठीक नहीं होना। उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखने पर अविलम्ब अपने गाँव की आशा/ए.एन.एम. दीदी से सम्पर्क कर अपने सबसे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सीय परामर्श लें। इसके उपरान्त ही सदर अस्पताल/मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों को इलाज हेतु ले जायें।
सामान्य उपचार एवं सावधानियाँ -*सिविल सर्जन दरभंगा ने बताया कि 01. अपने बच्चों को तेज धूप से बचाएँ। 02. अपने बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएँ। 03. गर्मी के दिनों में बच्चों को ओ.आर.ए. अथवा नींबू-पानी-चीनी का घोल पिलाएँ। 04. रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं। ध्यान देने वाली बातें। क्या करें- 01. तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें एवं पंखा से हवा करें, ताकि बुखार 100 डिग्री से कम हो सके। 02. पारासिटामोल की गोली/सीरप मरीज को चिकित्सीय सलाह पर दें। 03. यदि बच्चा बेहोश नहीं है तब साफ एवं पीने योग्य पानी में ओ.आर.एस. का घोल बनाकर पिलायें। 04. बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे को छायादार एवं हवादार स्थान पर लिटाएँ। 05. चमकी आने पर, मरीज को बाएँ एवं दाएँ करवट में लिटाकर ले जाएं। 06. बच्चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं गर्दन सीधा रखें। 07. अगर मुँह से लार या झाग निकल रहा हो तो साफ कपड़े से पोछें, जिससे कि सांस लेने में कोई दिक्कत ना हो। 08. तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की आँखों को पट्टी या कपड़े से ढ़ँके।
क्या न करें- 01. बच्चे को कम्बल या गर्म कपड़ों में न लपेटें। 02. बच्चे की नाक बंद नहीं करें। 03. बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे के मुँह से कुछ भी न दें। 04. बच्चे का गर्दन झुका हुआ नहीं रखें। 05. चूंकि यह दैविक प्रकोप नहीं है, बल्कि अत्यधिक गर्मी एवं नमी के कारण होने वाली बीमारी है। अतः बच्चे के ईलाज में ओझा गुणी में समय नष्ट न करें। 06. मरीज के विस्तर पर ना बैठें तथा मरीज को बिना वजह तंज न करें। 07. ध्यान रहें की मरीज के पास शोर न हो और शांत वातावरण बनाये रखें।
बैठक में अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, उप निदेशक, जन सम्पर्क सत्येन्द्र प्रसाद, डी.आई.ओ., डी.पी.ओ. (आई.सी.डी.एस), यूनिसेफ के प्रतिनिधि, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
April 05, 2024

05.04.2024 (दरभंगा) : जिला निर्वाचन पदाधिकारी, राजीव रौशन द्वारा बताया गया कि लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 को लेकर दरभंगा जिला में एकल खिड़की संचालित है। उन्होंने कहा कि उपर्युक्त व्यवस्था के तहत सभी राजनैतिक पार्टियों, उम्मीदवारों एवं अन्य संबंधितों द्वारा निर्वाचन के दौरान सभाओं, रैलियों, जुलूसों, लाउडस्पीकर और चुनाव प्रचार के दौरान वाहन के प्रयोग के साथ ही गैर-वाणिज्यिक/सूदूर/हवाई अड्डों/हैलीपैड आदि के उपयोग की स्वीकृति/अनुमोदन हेतु प्राप्त आवेदनों का निष्पादन करने हेतु किया गया है। इसके अन्तर्गत राजनैतिक दल के सदस्य/अभ्यर्थी द्वारा 24 घंटे पूर्व एकल खिड़की कोषांग के प्रभारी को अपना आवेदन उपलब्ध कराएंगे, जिसमें व्यय योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी अंकित हो।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम/मद (इवेन्ट) की स्वीकृति हेतु अलग-अलग आवेदन विहित प्रपत्र में समर्पित किया जाना अनिर्वाय होगा। यदि रैली/जुलूस संसदीय क्षेत्र के सीमा के अन्तर्गत दो या दो से अधिक जिलों से गुजरता हो, तो आवेदक द्वारा इस हेतु संबंधित जिले के निर्वाची/सहायक निर्वाची पदाधिकारी को अलग-अलग आवेदन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस बल से संबंधित स्वीकृति भी एकल खिड़की कोषांग से ही प्राप्त किया जाएगा तथा आवेदक को अलग से पुलिस से स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि एकल खिड़की कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी द्वारा संबंधित विभाग यथा - अग्निशमन विभाग, जिला/अनुमण्डल थाना, अंचलाधिकारी एवं अन्य कार्यालय से 24 घंटे के अन्दर अनुमोदन/स्वीकृति प्राप्त कर राजनीतिक दल के सदस्य/अभ्यर्थी को आवेदन देने के 36 घंटे के अन्दर स्वीकृति पत्र हस्तगत कराया जाएगा।
आवेदकों को ‘‘पहले आओ पहले पाओ’’ के आधार पर केवल एकल खिड़की व्यवस्था के माध्यम से ही अनुमोदन/निर्णय जारी किया जाएगा।
March 29, 2024

29.03.2024 (पटना) : आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना, कुमार रवि द्वारा आज पटना में अतिक्रमण उन्मूलन, यातायात प्रबंधन तथा सुरक्षित परिवहन से संबंधित विषयों पर समीक्षा बैठक की गई। उन्होंने कहा कि मुख्य ट्रंक रोड पर अवैध व्यावसायिक गतिविधियों की मंजूरी नहीं दी जा सकती। पैदल यात्रियों के लिए चलने वाले रास्तों पर अवैध दुकानों का संचालन करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। जिन बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा पार्किंग का प्रबंध नहीं किया गया है वहाँ अवैध पार्किंग के विरूद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करें।
अस्पतालों यथा आईजीआईएमएस, पीएमसीएच, एम्स इत्यादि के आस-पास कोई अतिक्रमण नहीं रहना चाहिए। रोगियों, डॉक्टर्स तथा एम्बुलेंस के सुगम आवागमन में कोई व्यवधान नहीं पड़ना चाहिए। वाहनों के अवैध पड़ाव पर रोक लगाएँ तथा विधि-सम्मत दंडात्मक कार्रवाई करें। मेन रोड पर अवैध दुकान लगाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करें। सबेरे 05.00 बजे से 09.00 बजे तक तथा शाम में 07.00 बजे से 10.00 बजे तक ही निर्धारित स्थलों पर सब्ज़ी बेची जा सकती है। इसका उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करें। पटना नगर निगम, ज़िला प्रशासन, यातायात, पुलिस, परिवहन, पथ निर्माण तथा अन्य संबंधित विभाग के पदाधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर इन निर्देशों का अनुपालन करेंगे। आयुक्त श्री रवि के निदेश पर पटना में फेजवाइज अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। 01 अप्रैल से नेहरू पथ पर राजवंशी नगर, राजा बाजार, आईजीआईएमएस, आशियाना-दीघा मोड़ तथा पुराना बाईपास के इलाके में अतिक्रमण हटाया जाएगा।
इसके लिए डीएम शीर्षत कपिल अशोक द्वारा ज़िला नियंत्रण कक्ष को टीम का गठन करने का निर्देश दिया गया है। यह एक मल्टी-एजेंसी अभियान होगा जिसमें प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशाम, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, वन प्रमंडल, विद्युत सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल रहेंगे। सभी सम्बद्ध पदाधिकारी अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर निदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। आयुक्त ने अधिकारियों को निदेश दिया कि कड़ाई से स्पेशल ड्राइव चलाएं। अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई करें। पब्लिक न्यूसेंस हटाने के लिए पुलिस से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर दं.प्र.सं. की धारा 133 में नोटिस देकर कार्रवाई करें। प्रावधानों के अनुसार अर्थदंड लगाएं।
पुनः अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करें। जन सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करें। आयुक्त ने निदेश दिया कि रोड ट्रैफ़िक को बाधित करने वालों के विरूद्ध ऐक्शन लें। पुल तथा पेड़ की आड़ में अतिक्रमण तथा अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सर्विस रोड को हमेशा परिचालन हेतु फ्री रखें। दुकान के आगे एवं पीछे अस्थायी संरचना को हटाएँ तथा ऐसा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करें। जीरो माईल से जगनपुरा के रास्ते को सुगम रखें। मसौढ़ी मोड़ के पास बस स्टैण्ड के नजदीक वाहनों का परिचालन व्यवस्थित रखें।यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करें।
आयुक्त श्री रवि ने कहा कि अतिक्रमण उन्मूलन संबंधित कार्रवाई न केवल लगातार करें बल्कि प्रभावी ढंग से भी करें। उन्होंने पुलिस अधीक्षक यातायात, पुलिस अधीक्षक विधि-व्यवस्था, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था तथा अपर नगर आयुक्त, पटना नगर निगम की सदस्यता वाली एक चार-सदस्यीय कमिटि का गठन किया जो इन अभियानों के लिए कार्रवाई करेगी। आयुक्त ने कहा कि अभी लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 की प्रक्रिया चल रही है। अतः अधिकारीगण भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। मतदाताओं को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। आयुक्त द्वारा पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को विभिन्न क्षेत्रों में सायनेज लगाने का निदेश दिया गया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, यातायात को अटल पथ, जेपी गंगा पथ, नेहरू पथ सहित कहीं भी ओवरस्पीडिंग करने वालों के विरूद्ध दंड लगाने का निदेश दिया।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक, यातायात को इसके लिए सीसीटीवी से अनुश्रवण करने तथा पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को जनहित में गतिसीमा पुनः निर्धारित करने के लिए नियमों के अनुसार प्रस्ताव उपस्थापित करने का निदेश दिया। बैठक में आयुक्त के साथ डीएम शीर्षत कपिल अशोक, एसएसपी राजीव मिश्रा, पुलिस अधीक्षक यातायात, पटना सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
March 29, 2024

29.03.2024 (दरभंगा) : स्थानीय मिल्लत महाविद्यालय, लहेरियासराय, में महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य सरदार डॉ. अरविंद सिंह के निधन पर अंतिम अरदास सभा का आयोजन प्रधानाचार्य प्रो. मो. इफ्तिखार अहमद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य प्रो. मो. इफ्तिखार अहमद ने कहा कि सरदार अरविंद सिंह विनम्र स्वभाव के धनी थे। उनकी कार्यकुशलता का पूरा विश्वविद्यालय सदा कायल रहा।
उन्होंने अपने कार्यशैली से शैक्षणिक जगत में मिसाल कायम किया। शिक्षक, कर्मी व छात्र सब सरदार अरविंद सिंह के मुरीद थे। उन्हें जहां जिस कार्य का प्रभार मिला उन्होंने उसे बखूभी निभाया, चाहे वो एक शिक्षक, एक प्रधानाचार्य व दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक का पद हो। सरदार अरविंद सिंह एक महान शिक्षाविद् एवं प्रशासक के रूप में सदैव याद किये जायेंगे। उनके विचार सदैव हमलोगों के लिये प्रेरणास्रोत रहेंगे। अल्लाह उनके रूह को शांति प्रदान करें और उन्हें जन्नत अता करें। इस दुख की घड़ी में हमलोग उनके परिवार के साथ खड़े हैं।
महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. मो. जमशेद आलम ने कहा कि मिल्लत कॉलेज दरभंगा व महारानी कल्याणी महाविद्यालय, लहेरियासराय, दरभंगा के पूर्व प्रधानाचार्य सह दूरस्थ शिक्षा निदेशालय, मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के पूर्व निदेशक सह सेवानिवृत्त शिक्षक सरदार डॉ. अरविंद सिंह का मुंबई में विगत 24 मार्च को निधन हो गया है। वह 22 मार्च को दरभंगा से मुंबई गए ही थे और 24 मार्च को उनका निधन हो गया। स्वर्गीय सरदार अरविंद सिंह मेरे छात्र जीवन के उस्ताद भी रहे हैं, इंटरमीडिएट के दौरान सीएम साइंस कॉलेज में वह मुझे बॉटनी पढ़ाते थे और मैं घर पर भी उनसे बॉटनी पढ़ने जाता था, अपने समय के बॉटनी के बड़े शिक्षक थे, इत्तेफाक की बात है कि मेरी नियुक्ति के बाद वह मिल्लत कॉलेज में प्रधानाचार्य बनकर आए मुझे दोहरी खुशी हुई कि मेरे उस्ताद मेरे कॉलेज के प्रधानाचार्य भी हैं उनके निधन की खबर सुनकर हमें बेहद अफसोस हुआ क्योंकि मेरे प्रधानाचार्य के साथ-साथ वह मेरे उस्ताद भी थे।
सरदार अरविंद सिंह एक बेहतरीन शिक्षक के रूप में स्टूडेंट के बीच में अमर रहेंगे।अल्लाह ताला उसको जन्नत में आला से आला जगह नसीब अता फरमाए। इस अरदास सभा में महाविद्यालय के सभी शिक्षक व कर्मी उपस्थित थे।
March 29, 2024

29.03.2024 (दरभंगा) : गुड फ्राइडे के अवसर पर स्टेशन रोड स्थित रोमन कैथोलिक चर्च मे प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोगों ने भाग लिया। दोपहर 2:30 बजे होली क्रॉस स्कूल के प्रांगण से होली रोसरी कैथोलिक चर्च तक ईसाइयों ने चौदह (14) मुकाम (स्थानों) की क्रूस यात्रा निकाली। काफी संख्या में ईसाई धर्मलंबी लोगों ने क्रूस यात्रा में भाग लिया। प्रभु यीशु मसीह की कुर्बानी और बलिदान की चर्चा करते हुए लोगों ने प्रेम, सत्य, शांति, भाईचारे और विश्वास के मार्ग पर चलने का प्रण लिया। मौके पर पूरे ईसाई समाज के लोग शोक में डूब गए।
कैथोलिक चर्च के फादर सुशील एवं सहायक फादर नोबेल की अगुवाई में सभी धर्म विधियों का समापन संध्या मे संपूर्ण हुआ। प्रार्थना सभा में चर्च के पल्ली पुरोहित फादर सुशील गब्रियाल ने यीशु मसीह की कुर्बानी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा की आज से करीब 2006 साल पहले ईसा मसीह यरूशलम मे रह कर मानवता के कल्याण के लिए भाईचारे, एकता और शांति के उपदेश देते थे। उन्हें प्रेम, सत्य,और विश्वास के मार्ग पर चलने की प्रेरणा का संदेश देते थे।
प्रभु ईसा मसीह प्रेम और शांति के मसीहा थे। उस समय के धार्मिक कट्टरपंथी यहूदीयें ने रोम के शासक से शिकायत कर उन्हें कलवारी के पहाड़ी पर क्रॉस (सूली) पर लटका दिया था। वह दिन फ्राइडे (शुक्रवार) था,उडी दिन से ईसाई धर्म को मानने वाले लोग गुड फ्राइडे के दिन को प्रभु यीशु मसीह के बलिदान दिवस के रूप में याद करते है। यह दिन ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद खास होता है। साथ ही प्रभु यीशु की याद में लोग शाम पूजन विधि समाप्त होने तक उपवास करते हैं और शरबत एवं मीठी रोटी (Bun) खाकर उपवास तोड़ते हैं।
पवित्र बाइबल के अनुसार घटना के तीन दिन बाद यानी ईस्टर संडे के दिन ही वे पुनः जीवित हो उठे थे। इस संडे को ईस्टर संडे के रूप में मानते है। कैथोलिक ईसाइयों का यह सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा त्यौहार है।सभी ईसाई इस पर्व को हर्षोलाश के साथ खुशियां मनाते हैं। ईस्टर एग और मिठाइयां बांटते हैं।
इस अवसर पर होली क्रॉस के सिस्टर नीली, सिस्टर जेंसी. सी.आई.सी सिस्टर, एम.सी ब्रदर्स, स्टीवन सरपिस, एस.एम माइकल, संजीवन इक्का, दिलीप, रफाइल गुड़िया, गब्रिल दास, रेमी, रज्जी चाको, सुधा, फ्रांसी सहित कई लोगों ने भाग लिया।