March 29, 2024

29.03.2024 (दरभंगा) : गुड फ्राइडे के अवसर पर स्टेशन रोड स्थित रोमन कैथोलिक चर्च मे प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोगों ने भाग लिया। दोपहर 2:30 बजे होली क्रॉस स्कूल के प्रांगण से होली रोसरी कैथोलिक चर्च तक ईसाइयों ने चौदह (14) मुकाम (स्थानों) की क्रूस यात्रा निकाली। काफी संख्या में ईसाई धर्मलंबी लोगों ने क्रूस यात्रा में भाग लिया। प्रभु यीशु मसीह की कुर्बानी और बलिदान की चर्चा करते हुए लोगों ने प्रेम, सत्य, शांति, भाईचारे और विश्वास के मार्ग पर चलने का प्रण लिया। मौके पर पूरे ईसाई समाज के लोग शोक में डूब गए।
कैथोलिक चर्च के फादर सुशील एवं सहायक फादर नोबेल की अगुवाई में सभी धर्म विधियों का समापन संध्या मे संपूर्ण हुआ। प्रार्थना सभा में चर्च के पल्ली पुरोहित फादर सुशील गब्रियाल ने यीशु मसीह की कुर्बानी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा की आज से करीब 2006 साल पहले ईसा मसीह यरूशलम मे रह कर मानवता के कल्याण के लिए भाईचारे, एकता और शांति के उपदेश देते थे। उन्हें प्रेम, सत्य,और विश्वास के मार्ग पर चलने की प्रेरणा का संदेश देते थे।
प्रभु ईसा मसीह प्रेम और शांति के मसीहा थे। उस समय के धार्मिक कट्टरपंथी यहूदीयें ने रोम के शासक से शिकायत कर उन्हें कलवारी के पहाड़ी पर क्रॉस (सूली) पर लटका दिया था। वह दिन फ्राइडे (शुक्रवार) था,उडी दिन से ईसाई धर्म को मानने वाले लोग गुड फ्राइडे के दिन को प्रभु यीशु मसीह के बलिदान दिवस के रूप में याद करते है। यह दिन ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद खास होता है। साथ ही प्रभु यीशु की याद में लोग शाम पूजन विधि समाप्त होने तक उपवास करते हैं और शरबत एवं मीठी रोटी (Bun) खाकर उपवास तोड़ते हैं।
पवित्र बाइबल के अनुसार घटना के तीन दिन बाद यानी ईस्टर संडे के दिन ही वे पुनः जीवित हो उठे थे। इस संडे को ईस्टर संडे के रूप में मानते है। कैथोलिक ईसाइयों का यह सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा त्यौहार है।सभी ईसाई इस पर्व को हर्षोलाश के साथ खुशियां मनाते हैं। ईस्टर एग और मिठाइयां बांटते हैं।
इस अवसर पर होली क्रॉस के सिस्टर नीली, सिस्टर जेंसी. सी.आई.सी सिस्टर, एम.सी ब्रदर्स, स्टीवन सरपिस, एस.एम माइकल, संजीवन इक्का, दिलीप, रफाइल गुड़िया, गब्रिल दास, रेमी, रज्जी चाको, सुधा, फ्रांसी सहित कई लोगों ने भाग लिया।