Dbg

21.12.2025 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : मैथिली अधिकार दिवस के रुप में दो दिवसीय 23वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन की शुरुआत सोमवार की सुबह जानकी प्राकट्य स्थली पुनौराधाम स्थित विश्व प्रसिद्ध जानकी मंदिर में मिथिला की धिया माता सिया के दर्शन के बाद मैथिल परिधान में शोभायात्रा के साथ होगी। अपराह्न एक बजे में मंगलाचरण के साथ उद्घाटन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी करेंगे।

इस मौके पर दरभंगा के लोकप्रिय सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर, देवेश चंद्र ठाकुर, सांसद सीतामढ़ी, सुनील कुमार पिंटू विधायक, सीतामढ़ी, बैद्यनाथ प्रसाद, विधायक, रीगा, डॉ श्वेता गुप्ता, विधायक शिवहर, गायत्री देवी, विधायक, परिहार, पंकज मिश्रा, विधायक, रुन्नीसैदपुर, रामेश्वर महतो, विधायक बाजपट्टी, नागेंद्र रावत, विधायक सुरसंड, अनिल राम, विधायक बथनाहा, प्रो. उमेश चंद्र झा, समाजसेवी आदि की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। अपराह्न तीन बजे से शंभुनाथ मिश्र के संयोजन में आयोजित होने वाले कवि सम्मेलन में डॉ. जय प्रकाश चौधरी जनक, लेखक रमेश, मणिकांत झा, डॉ महेंद्र नारायण राम, डॉ बुचरू पासवान, गणपति झा, नीलम झा, डॉ सुषमा झा, प्रवीण कुमार झा, शारदानंद सिंह आदि भाग लेंगे।

सर्वभाषा कवि सम्मेलन के बाद विद्यापति संगीत दर्शकों के विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। दूसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ मणिकांत झा के संचालन में मिथिला मैथिली के उत्कर्ष विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी से होगा। दूसरे दिन के कार्यक्रम का समापन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगा। मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमला कांत झा ने बताया कि रामसेवक ठाकुर के संचालन में मैथिली मंच के शीर्षस्थ कलाकार कुंज बिहारी मिश्र, माधव राय, रचना झा, डॉ ममता ठाकुर, डॉ सुषमा झा, कृष्ण कुमार कन्हैया, केदारनाथ कुमर, डॉली सिंह आदि अपनी गायकी का जादू बिखेरेंगे।

वहीं नटराज डांस एकेडमी के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नयनाभिराम नृत्य दर्शकों के विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में हीरा कुमार झा, कौशिक, राम बहादुर यादव आदि संगत कलाकार रहेंगे।

सीता प्रेक्षा गृह में हो रही मुख्य कार्यक्रम के आयोजन की तैयारी की अंतिम चरण में है। उद्घाटन समारोह में 'पुनौरा' नाम से डॉ. महेंद्र नारायण राम एवं प्रवीण कुमार झा के संयुक्त संपादन में प्रकाशित स्मारिका के साथ मिथिला मैथिली आंदोलन पर केंद्रित डॉ. बैद्यनाथ चौधरी की पुस्तक मैथिली आंदोलन : दशा व दिशा का लोकार्पण भी किया जाएगा।