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23.07.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : भारत की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज भारतीय संसद में केंद्रीय बजट पेश किया। बजट के अंतर्गत उन्होंने बताया की ग्लोबल इकॉनमी कितने मुश्किल दौर से गुजर रही है और इसके बावजूद भारत ने अपनी जीडीपी दर को न सिर्फ बरकरार रखा है बल्कि उसमें सुधार किया है और साथ ही महंगाई दर में भी पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई है। बजट की समीक्षा के लिए आज दरभंगा डिविजनल चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारीगण एक जगह एकत्रित हुए।

उन्होंने बजट के एक-एक मुद्दे पर आपस में वाद विवाद किया। इस समीक्षा बैठक में चेंबर के अध्यक्ष अजय कुमार पोद्दार, पूर्व अध्यक्ष पवन कुमार सुरेका, प्रधान सचिव सुशील कुमार जैन, कोषाध्यक्ष मुकेश कुमार खेतान, उपाध्यक्ष कृष्ण देव शाह, सचिव अभिषेक चौधरी, सदस्य नीरज कुमार चौधरी आदि उपस्थित थे। बजट पर बोलते हुए चेंबर के अध्यक्ष अजय कुमार पोद्दार ने बताया की इस बजट को राष्ट्र के विकास के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है और इस हेतु गरीब, किसान, महिला और युवा के उत्थान के क्षेत्र पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है और उनके लिए पर्याप्त फंड की व्यवस्था भी बजट में की गई है।

शहरों में एक करोड़ नए घर बनाने की योजना, युवाओं को देश की प्रमुख 500 कंपनियों में इंटर्नशिप देने की योजना, 25000 गांव तक नई सड़क बनाने की योजना, 1000 ITI को विकसित करने का लक्ष्य, बिहार आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाना, 12 नए इंडस्ट्रियल हब बनाने की योजना, वॉटर ट्रीटमेंट के प्रोजेक्ट, गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के विकास, किसानों के लिए नए-नए साधनों का विकास आदि बजट की ऐसी महत्वपूर्ण बातें हैं जो निश्चित रूप से भारत के विकास को एक गति देगी।

मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़कर 20 लाख किया जाना, लघु तथा मध्यम(MSME) उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए प्रयाप्त राशि की व्यवस्था और महाबोधि मंदिर गया के लिए नए कॉरिडोर की स्थापना भी बजट में एक स्वागत योग्य कदम है। हालांकि लोगों को यह उम्मीद थी कि निजी कर स्लैब में परिवर्तन कर उन्हें राहत दी जाएगी लेकिन ऐसा बजट में नहीं हुआ। मात्र नौकरी पेशा लोगों के स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50000 से बढ़कर 75000 किया गया है और टैक्स स्लैब में टैक्स की दर में थोड़ी राहत दी गई है। इन सारी अच्छाइयों के बावजूद शेयर मार्केट में शॉर्ट टर्म कैपिटल गैन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन पर टैक्स दर में बढ़ोतरी एवं फ्यूचर और ऑप्शन की ट्रेडिंग पर भी एसटीटी की दर वृद्धि काफी निराश करनेवाले कदम है।

चेंबर पदाधिकारी के अनुसार इतने सारे विकास के कार्य का बजट में समायोजन करने के बाद भी वित्तीय घाटा गत वर्ष के 5.9 %से घटकर 4.9% दिखलाया जाना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और एक स्वागत योग्य कदम है। मिला जुलाकर चैंबर के पदाधिकारी ने इस बजट का जोरदार स्वागत किया है और इसे निश्चित रूप से देश के विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देने वाला बजट बताया है।