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डॉ. गोपाल जी ठाकुर (सांसद)
(फाइल फोटो)

09.08.2023 (दरभंगा) : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे परियोजना के तहत दरभंगा में 152.71 करोड़ की लागत से बनने वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पिछले चार वर्षों से अधिक से बिहार सरकार द्वारा जमीन नहीं दिए जाने के कारण लंबित पड़ा हुआ है। उक्त बात की जानकारी दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने दिया। इसके लिए उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाये।

सांसद ने कहा कि अधिकतर केंद्र प्रायोजित परियोजना के धरातल पर क्रियान्वन हेतु जमीन राज्य सरकार को उपलब्ध कराना होता है। जहां अन्य राज्यों में आमलोगों के हित को देखते हुए केंद्रीय परियोजना के लिए आसानी से जमीन उपलब्ध करा दिया जाता है। वहीं बिहार सरकार इसको राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करते हुए भारत सरकार की सभी परियोजना के धरातल पर क्रियान्वन के लिए जानबूझकर जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना के तहत बिहार में हजारों करोड़ की लागत से कई दर्जन परियोजना पर कार्य चल रहा है। वहीं दरभंगा में भी इस परियोजना के तहत प्रथम चरण में नगर निगम से आने वाले कचरे की समस्या को हल करने के उद्देश्य से 06 एकड़ भूमि पर 152.71 करोड़ की लागत से 25 एमएलडी क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होना था।

इसको लेकर आईआईटी रुड़की एवं संबंधित केंद्रीय टीम कई बार दरभंगा का दौरा कर चुकी है परंतु बिहार सरकार इस प्लांट के निर्माण हेतु जमीन नही मुहैया करा रही है, जिस कारण इसका निर्माण अधर में लटका हुआ है। सांसद ने कहा कि जब तक किसी परियोजना के लिए जमीन नही दिया जाएगा, तब तक वह योजना धरातल पर कैसे क्रियान्वन हो सकता है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के मंत्री आम जनमानस में बिहार सरकार की साजिश और नाकामी को छुपाते हुए भ्रम फैलाने की कोशिश में लगे है कि नमामि गंगे के तहत दरभंगा में कोई कार्य नही हुआ, जबकि असलियत यह है कि बिहार सरकार के जमीन उपलब्ध नही कराए जाने के कारण 152 करोड़ का परियोजना चार वर्षों से अधिक समय से लटका पड़ा है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इस ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण हेतु बीएमपी के निकट स्थल चिन्हित कर बिहार सरकार के पास एनओसी हेतु प्रस्ताव भेजा गया था परंतु महागठबंधन सरकार द्वारा मिथिला विरोधी मानसिकता दर्शाते हुए इस जमीन का एनओसी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा इसी प्रकार की साजिश केंद्र सरकार की सभी परियोजना के साथ किया जा रहा है।

केंद्र प्रायोजित योजना दरभंगा एम्स की बात करें या फिर कचरा निस्तारण प्लांट, केंद्रीय विद्यालय,आयुष अस्पताल, खेलो इंडिया के तहत स्टेडियम निर्माण की बात करें सभी परियोजना बिहार सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध नही कराए जाने के कारण लंबित पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को जनता को हो रही असुविधा से कोई सरोकार नहीं है। आज अगर दरभंगा में यह सभी केंद्रीय परियोजना बन कर तैयार हो जाता तो मिथिला के करोड़ों लोग इससे लाभान्वित होते।