जितेन्द्र कुमार सिन्हा(फाइल फोटो)
05.06.2024 (पटना) : इंसान भौतिक सुखों की प्राप्ति और अपना विकास करने की चाहत को लेकर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे हैं। मनुष्य चंद लालच के चलते पेड़-पौधे को काट कर प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जिसका बुरा असर हमारे पर्यावरण पर पड़ रहा है। हम सभी लोग जानते है कि हमारा जीवन पूरी तरह से पर्यावरण पर निर्भर है और एक स्वच्छ वातावरण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण होता है, जबकि जीवन जीने के लिए पर्यावरण उपयोगी है और उपहार के रूप में वो सारी चीजें हमें उपलब्ध करवाता है।
पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने और प्राकृतिक पर्यावरण के महत्व को समझने के लिए प्रत्येक वर्ष 5 जून को “विश्व पर्यावरण दिवस” (World Environment Day) के रूप में मनाया जाता है। हमारे देश के कुछ राज्यों में आमतौर पर इंसानी बस्तियों एवं सुदूर जंगलों में बरगद-पीपल जैसे बड़े-बड़े पेड़ो पर आशियाना बनाने वाले कौओं सहित अन्य पक्षियों की हो रही सिलसिलेवार मौत हमलोगों को सकते में ला दिया है। वहीं कई राज्यों में प्रवासी पक्षियों की तादात बहुत कम देखी जा रही है। पेड़ के कटने से पक्षियों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं और पक्षियों को अब मानव निर्मित कृत्रिम आवासों पर निर्भर होना पड़ रहा है। शहरीकरण की बढती रफ्तार और बड़े वृक्षों की तेजी से कम होती संख्या का पक्षियों के साथ-साथ सभी जीवों पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। खेती-बाड़ी में रासायनिक खादों और कीटनाशकों का दिनोदिन अत्यधिक इस्तेमाल होने के कारण जीवों की कई प्रजातियाँ या तो नष्ट हो गया है, नहीं तो, इसका असर बड़े जीव-जन्तुओं पर पड़ने लगा है। वर्तमान समय में इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक सामानों का दायरा भी बढ़ता जा रहा है, ऐसी स्थिति में जीवों के साथ-साथ इंसानों के लिए घातक सिद्ध होने लगा है।
यदि समस्या का समाधान समय रहते प्रभावी ढंग से नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में पूरी जैव- विविधता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। पर्यावरण से ही हमें शुद्ध जल, शुद्ध वायु, शुद्ध भोजन, प्राकृतिक वनस्पतियां आदि मिलती है, लेकिन इसके विपरीत आज लोग अपने स्वार्थ और चंद लालच के लिए जंगलों का दोहन कर रहे हैं, पेड़-पौधे की कटाई कर रहे हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा हैं, जिसका असर हमारे और पशु पंछियों पर पड़ा रहा है। सर्वविदित है कि जंगल मानव सहित सभी जीवों को जीवन देता है। लेकिन जंगलों से बड़े एवं फलदार पेड़ों के नष्ट होने से वन्यजीवों व पक्षियों पर इसका स्पष्ट दिखाई देने लगा है। जंगलों से बरगद, पीपल, गूलर, रेणी, आम, सहजन, गुरजन, तेंदू, बीजा, महुआ, इमली, केंत, गूंदी, नीम, कटहल, खजूर, पलाश, पारस पीपल, जामुन, अर्जुन, जंगल जलेबी, अमलतास, देशी बबूल व बिल्व-पत्र जैसे महत्वपूर्ण पेड़ों की अवैध कटाई होने के कारण अब यह लुप्त प्राय हो रहे है।
इसका असर राष्ट्रीय पक्षी मोर, कौआ, उल्लू, तौते, मैना सहित कई प्रजातियों पर दिखाई पड़ने लगा है।शांतिपूर्ण और स्वस्थ जीवन जीने के लिए एक स्वच्छ वातावरण बहुत जरूरी है, लेकिन हमारे पर्यावरण मनुष्यों की कुछ लापरवाही के कारण दिनों दिन गंदे हो रहा है। पर्यावरण जीवन को विकसित और पोषित करने में मद्द करता है। पर्यावरण, जलवायु के संतुलन में भी मदद करता है और मौसम चक्र को ठीक रखता है। सीधे तौर पर कहें तो मानव और पर्यावरण एक–दूसरे के पूरक है। पर्यावरण प्रदूषण की वजह से जलवायु और मौसम चक्र में परिवर्तन, मानव जीवन को कई रूप में प्रभावित कर रहा है और तो और यह परिवर्तन मानव जीवन के अस्तित्व पर भी गहरा खतरा पैदा करता दिख रहा है। पर्यावरण को बचाने के लिए हम सभी लोगों को मिलकर उचित कदम उठाना चाहिए।
हम लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए और पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए। अगर हम लोग इन बातों पर गौर करेंगे और पर्यावरण को साफ-सुथरा बनाने में अपना सहयोग करेंगे तभी एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकेगा। पर्यावरण का संधि विच्छेद “परि+ आवरण” होता है और परि का अर्थ होता है चारो ओर और आवरण का अर्थ होता है ढका हुआ अर्थात जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है, पर्यावरण कहलाता है।
जबकि मनुष्य अपने स्वार्थ के के लिए पेड़-पौधे की कटाई कर रहा है, प्राकृतिक संसाधनों से खिलवाड़ कर रहा है, जिसके कारण पर्यावरण को काफी क्षति पहुंच रही है, जिससे वायुमंडल, जलमंडल आदि प्रभावित हो रहे हैं, धरती का तापमान बढ़ रहा है और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या उत्पन्न हो रही है, जो कि मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है। इसलिए भी पर्यावरण को बचाने में सहयोग करना चाहिए। वायु, जल, अग्नि, आकाश, थल ऐसे पांच तत्व हैं, जिस पर मानव जीवन टिका हुआ है और यह सब हमलोगों को पर्यावरण से मिलता है।
हमलोगों को मिलकर वन क्षेत्रों के साथ-साथ चारागाह एवं सार्वजनिक भूमि पर फलदार पेड़ लगाने का अभियान शुरू करना चाहिए ताकि समय रहते स्थिति को संभाला जा सके। हमलोग जानते हैं कि प्रकृति में संतुलन के लिए हर जीव-जन्तु और वनस्पति का महत्वपूर्ण स्थान एवं अहम भूमिका होती है। छोटे जीव चींटी से लेकर बड़े जानवर हाथी तक का जीवन चक्र एक संतुलित खाद्य श्रंखला पर निर्भर रहता है और इसका सीधा असर पूरी जैव-विविधता पर पड़ती है, जिससे इससे मानव भी नहीं बच सकता है।
21.02.2025 को दरभंगा में सूचना व जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी ने प्रेस क्लब का उद्घाटन किया। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका की सराहना की और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की बात कही।
23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने
10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र
10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
बिहार पुलिस सप्ताह 2019
बिहार पुलिस सप्ताह 2019
बिहार पुलिस सप्ताह 2019
बिहार पुलिस सप्ताह 2019
बिहार पुलिस सप्ताह 2019
बिहार पुलिस सप्ताह 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
विशेष
प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
पटना एसएसपी मनु महाराज
पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान
दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष
मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी
28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन
23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन
गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।