15.08.2026 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : 80वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर ऐतिहासिक नेहरू स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य समारोह का भव्य आयोजन किया गया। आयोजित स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में कुमार शैलेन्द्र मंत्री पथ निर्माण विभाग बिहार सह प्रभारी मंत्री दरभंगा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों, सामाजिक संगठनों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने हिस्सा लिया। मुख्य समारोह में बी0एम0पी0 13-एक प्लाटुन,जिला सशस्त्र पुलिस (पुरुष) - दो प्लाटुन,जिला सशस्त्र पुलिस (महिला)- एक प्लाटुन,गृह रक्षा बटालियन-एक प्लाटून,एन०सी०सी०, दरभंगा (बालक एवं बालिका)-दो प्लाटुन,भारत स्काउट एवं गाईड-एक प्लाटुन, प्रथम परेड समादेशक प्र०अ०नि० (परिचारी)- प्रिया राज,द्वितीय परेड समादेशक प्र0अ0नि0 (परिचारी)-रूपक कुमार द्वारा परेड किया गया। इस अवसर पर विधायक बेनीपुर विनय कुमार चौधरी, विधायक केवटी मुरारी मोहन झा, विधायक दरभंगा ग्रामीण राजेश कुमार मंडल, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेणु, आयुक्त दरभंगा प्रमंडल दरभंगा हिमांशु कुमार राय, पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार तिवारी, डीएम दरभंगा कौशल कुमार, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी, सिटी एसपी अशोक कुमार चौधरी सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी आदि मंच पर उपस्थित थे। मंत्री श्री कुमार शैलेन्द्र ने जिलावासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज 80वाँ स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर दरभंगा के सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी, माननीय जनप्रतिनिधिगण, पदाधिकारीगण, मीडिया के प्रतिनिधिगण, जिला के सम्मानित नागरिकगण, भाईयों, बहनों तथा प्यारे बच्चों। सर्वप्रथम मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ, साथ ही देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देता हूँ। इस पावन अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, सभी स्वतंत्रता सेनानी एवं उन सभी वीर सपूतों का शत-शत नमन करते हैं, जिनकी कुर्बानी ने हमें स्वतंत्रता दिलायी। स्वतंत्रता संग्राम में मिथिलावासियों का योगदान भी उल्लेखनीय रहा है। आज जब मैं इस ऐतिहासिक धरती दरभंगा पर तिरंगे को सलामी दे रहा हूँ, तो मेरे मन में गर्व की एक विशेष अनुभूति हो रही है। क्योंकि दरभंगा केवल एक प्रशासनिक जिला नहीं है, बल्कि मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक विरासत का महत्वपूर्ण केन्द्र है। दरभंगा मिथिला की आत्मा है। यह वह भूमि है, जिसका इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। यह राजा जनक की विदेह परंपरा और माता सीता की जन्मभूमि है। याज्ञवल्क्य, गार्गी और मैत्रेयी जैसे विद्वानों ने यह साबित किया है कि मिथिला की पहचान सिर्फ प्राचीनता से नहीं, बल्कि ज्ञान, तर्क और विचार की स्वतंत्रता से है। महाकवि विद्यापति के गीतों की मिठास आज भी हमारे गाँव-गाँव में गूँजती है। इसीलिए, जब हम दरभंगा की बात करते हैं, तो हम सिर्फ एक जगह की नहीं, बल्कि भारत को समृद्ध करने वाली एक महान सभ्यता की बात कर रहे होते हैं। दरभंगा राज ने शिक्षा, कला और संस्कृति को जो संरक्षण दिया, उसकी गवाही यहाँ की ऐतिहासिक इमारतें आज भी देती हैं। हम चाहते हैं कि जो भी व्यक्ति दरभंगा आए, वह यहाँ के शानदार इतिहास, हमारी कला और हमारे सत्कार को अपने दिल में बसाकर जाए। साथियों, मिथिला ने हमेशा सिखाया है कि आधुनिक होकर भी अपनी जड़ों से कैसे जुड़ा जाता है। हमारी माताओं और बहनों ने अपनी उंगलियों से जिस मधुबनी चित्रकला को उकेरा है, वह आज पूरी दुनिया में हमारी पहचान बन चुकी है। हमारी मैथिली भाषा, हमारा पाग, मखाना और पान-ये सिर्फ प्रतीक नहीं, हमारी आत्मा हैं। अब हमारी जिम्मेदारी है कि ये परंपराएं सिर्फ कला दीर्घाओं तक सीमित न रहें, बल्कि इन्हें पर्यटन, रोजगार और आर्थिक विकास से जोड़ा जाए। दरभंगा और मिथिला की पहचान हमारे आस्था के केंद्रों-जैसे श्यामा मंदिर, अहिल्या स्थान और कुशेश्वरस्थान-से भी है। इन पवित्र स्थानों तक बेहतर सड़कें बनाना सिर्फ श्रद्धालुओं की सुविधा का काम नहीं है। यह हमारे पर्यटन, व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने का एक बड़ा कदम है। हमारे लिए सड़कें सिर्फ ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा हैं। साथियों, आज का दरभंगा अपने गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ विकास की नई कहानी भी लिख रहा है। आज हम एक ऐसे दरभंगा का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जहाँ बेहतर सड़कें हों, बेहतर पुल हों, बेहतर शिक्षा हो, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं हों, बेहतर परिवहन व्यवस्था हो, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर हों, किसानों की आय बढ़े, महिलाओं को आत्मनिर्भरता मिले और हर गाँव तक विकास की रोशनी पहुँचे। दरभंगा एयरपोर्ट ने इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। दरभंगा एयरपोर्ट का अत्याधुनिक अपना नया टर्मिनल जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा, निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क के माध्यम से दरभंगा को बिहार के अन्य जिलों, नेपाल सीमा क्षेत्र और राज्य के प्रमुख आर्थिक एवं शैक्षणिक केन्द्रों से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। दरभंगा शहर में लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए दरभंगा रेलवे स्टेशन से आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे भाया दोनार चौक, कर्पूरी चौक एवं कर्पूरी चौक से एकमी चौक भाया लहेरियासराय चौक, लोहिया चौक तक अपग्रेडेशन/उन्नयन तथा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण कार्य 18 अरब 68 करोड़ 87 लाख रुपये से करायी जा रही है। आप देख रहे होंगे कि एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा हैं। इसके साथ ही जिले में 08 आर.ओ.बी. का भी निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस अवसर पर हमें यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं को दरभंगा जिला में शत-प्रतिशत सरजमीं पर उतारा जा रहा है। साथियों, हमारे माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में हमारी नई सरकार की प्राथमिकताओं में रोजगार, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, महिला एवं युवा सशक्तिकरण प्रमुख है।
सहयोग शिविर एवं पंचायत विकास दिवस माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में, हमारी सरकार ने आपकी समस्याओं और शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है- 'सहयोग शिविर'। "सबका सम्मान-जीवन आसान" के हमारे संकल्प के तहत, 19 मई 2026 से हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर ये शिविर लगाए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य साफ है: प्रशासन को आपके दरवाजे तक लाना, ताकि आपकी समस्याओं का समाधान आपके ही गाँव-मोहल्ले में, समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। आपकी आवाज़ सीधे शीर्ष तक पहुँचे, इसके लिए हर महीने के दूसरे मंगलवार को माननीय मुख्यमंत्री जी स्वयं राज्य स्तर पर सहयोग शिविर की अध्यक्षता कर रहे हैं। मुझे यह बताते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है कि हमारे दरभंगा जिले के सभी 18 प्रखंडों की 197 पंचायतों और नगर निकाय के 46 वार्डों में इन शिविरों का सफल आयोजन हुआ है। इन शिविरों में जनता के 17,834 आवेदन आए, जिनमें से 16,012 समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जा चुका है। छात्रों कि शिकायतों के समाधान के लिए भी हमारी सरकार विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का जल्द ही शुभारंभ करेगी। साथियों, हमारी सरकार का लक्ष्य सिर्फ वादे करना या योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचे। अब किसी भी व्यक्ति या आम नागरिक को अपने हक के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस कड़ी को और मजबूत करने के लिए, हर महीने के अंतिम रविवार को प्रखंड स्तर पर 'पंचायत विकास दिवस' मनाया जा रहा है।
शिक्षा : उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य। "उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य" के संकल्प को साकार करते हुए, माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने राज्य में 551 'सरस्वती विद्या निकेतन' (आदर्श विद्यालय) का उद्घाटन किया है। मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमारे दरभंगा जिले में ऐसे 23 अत्याधुनिक विद्यालय शुरू हुए हैं, जहाँ बच्चों को स्मार्ट क्लास, ई-लाइब्रेरी, आधुनिक लैब और मेडिकल-इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की बेहतरीन सुविधाएँ मिल रही हैं। शिक्षा को और आधुनिक बनाने के लिए जिले में 25 'पीएम श्री विद्यालय' विकसित किए गए हैं और उन्नयन बिहार के तहत सैकड़ों स्कूलों में डिजिटल शिक्षा दी जा रही है। उच्च शिक्षा को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के लिए 8 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों में भी पढ़ाई शुरू हो चुकी है। साथियों, हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास और शिक्षा का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे। हमने 4,170 विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों की पहचान कर उन्हें जरूरी उपकरण दिए हैं, ताकि वे भी शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसके साथ ही, कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों के लिए 'पीएम पोषण योजना' के तहत शत-प्रतिशत मध्याह्न भोजन सुनिश्चित किया जा रहा है। पैसों की कमी हमारे युवाओं के सपनों के बीच न आए, इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत दरभंगा के करीब 12,870 युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए 290 करोड़ रुपये से अधिक का शिक्षा ऋण दिया जा चुका है। इसके अलावा, 'मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना' के तहत 15,000 से अधिक युवाओं को 18 करोड़ 84 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। हमारा संकल्प स्पष्ट है—जिले का हर बच्चा बेहतरीन शिक्षा पाए और हमारे युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार स्वास्थ्य के क्षेत्र में दरभंगा जिले में सम्पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य 96 प्रतिशत तक पहुँच गया है और कुपोषण को जड़ से मिटाने का हमारा अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। जन-जन तक बेहतरीन चिकित्सा पहुँचाने के लिए सैकड़ों स्वास्थ्य केंद्र मुस्तैदी से काम कर रहे हैं और 05 मुफ्त औषधि वाहनों के द्वारा दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके साथ ही, "टीबी मुक्त भारत" अभियान के तहत 5.5 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हुई है। 'निक्षय पोषण योजना' के जरिए 12 हजार मरीजों को आर्थिक मदद और 'फूड बास्केट' दिए गए हैं, जिसका परिणाम है कि हमारी 308 पंचायतों में से 10 पंचायतें पूरी तरह टीबी मुक्त हो चुकी हैं। डीएमसीएच, दरभंगा में 'बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी' का अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर शुरू हो गया है। अब दरभंगा सहित पूरे उत्तर बिहार के मरीजों को गंभीर स्थितियों में बेहतरीन इलाज यहीं मिल सकेगा। 'न्यूरो सर्जरी' विभाग का ओ०टी० और एडवांसड आई०सी०यू० भी बहुत जल्द शुरू होने जा रहा है। हमारी सरकार आपको स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए संकल्पित है। साथियों, 'आयुष्मान भारत' और 'मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना' के तहत 20 लाख से अधिक कार्ड बनाकर हमारा जिला पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है। मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए डीएमसीएच सहित 71 सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया जा चुका है। चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए डीएमसीएच का लगभग 1,768 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। यहाँ 1,700 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल और 250 मेडिकल छात्रों के नामांकन की नई व्यवस्था होगी।
हर घर तिरंगा अभियान हमारे लिए स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का पावन अवसर है, जिनके संघर्ष से हमें स्वतंत्र भारत मिला। इसी राष्ट्रीय भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से 09 अगस्त से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन किया जा रहा है। दरभंगा जिला में 12 अगस्त को हमारे नेतृत्व में जिले के कर्पूरी चौक से लोहिया चौक तक तिरंगा यात्रा रैली का आयोजन किया गया, जिसमें जिलेवासियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
खाद्य सुरक्षा एवं राशन व्यवस्था हमारी सरकार 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा' के तहत जिले के हर पात्र परिवार तक राशन पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज दरभंगा में 'अंत्योदय अन्न योजना' के अंतर्गत 86 हजार से अधिक परिवारों को हर महीने 35 किलो मुफ्त खाद्यान्न (गेहूँ और चावल) दिया जा रहा है, जबकि 32 लाख 86 हजार से अधिक लाभुकों को प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज मिल रहा है। यह पूरा वितरण जिले के 1,927 राशन विक्रेताओं द्वारा ई-पॉस (e-PoS) मशीन और आधार सत्यापन के जरिए पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। व्यवस्था को और सुचारु बनाने के लिए इस वर्ष 147 नए और 8 अनुकंपा आधारित विक्रेताओं की नियुक्ति भी की गई है। साथियों, 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' योजना ने हमारे प्रवासी मजदूरों की जिंदगी बेहद आसान कर दी है, क्योंकि अब वे देश के किसी भी कोने से अपने हिस्से का राशन ले सकते हैं। नई सरकार के गठन के बाद से जिले में 17,713 नए राशन कार्ड बनाने हेतु ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। नए कार्ड बनवाने या उनमें सुधार की प्रक्रिया अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लगातार चल रही है, जिसमें आवेदन के 30 दिनों के भीतर कार्ड बना दिया जाता है। इसके साथ ही, हर पात्र परिवार को उचित मूल्य पर 1 लीटर केरोसिन तेल भी दिया जा रहा है। मुझे यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि दरभंगा में 99.35 प्रतिशत लाभुकों का आधार सीडिंग का काम पूरा हो चुका है। हमारा अटूट संकल्प है कि जिले का कोई भी पात्र परिवार राशन से वंचित न रहे।
ग्रामीण विकास एवं रोजगार : VB-GRAMG 1 जुलाई 2026 से हमारे दरभंगा जिले में ग्रामीण विकास और रोजगार का एक नया और ऐतिहासिक अध्याय शुरू हुआ है। मनरेगा का स्थान अब 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' (VB-GRAMG) ने ले लिया है। वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प से जुड़ी इस योजना में अब आपको 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। जिले के सभी 18 प्रखंडों और 308 पंचायतों में लागू इस मिशन के तहत दैनिक मजदूरी 245 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। खेती के मुख्य समय में किसानों को मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए दो महीने के अंतराल का भी विशेष ध्यान रखा गया है। आप सभी की सहूलियत के लिए, ई-केवाईसी कराने पर आपके पुराने मनरेगा जॉब कार्ड ही इस नई योजना में मान्य होंगे। मजदूरों के हित में अब सात दिनों का मस्टर चक्र लागू किया गया है, जिसमें एक दिन का अवकाश भी शामिल है। इसके अलावा, मनरेगा के पुराने बकाए के शीघ्र भुगतान की व्यवस्था भी कर दी गई है। साथियों, इस मिशन का लक्ष्य सिर्फ मजदूरी देना नहीं, बल्कि हमारे गाँवों की बुनियाद को मजबूत बनाना है। इसके तहत जल एवं पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और आधारभूत संरचनाओं का विकास कर उन्हें एक 'राष्ट्रीय ग्रिड' से जोड़ा जाएगा। मुझे यह बताते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि सितंबर 2026 तक दरभंगा में 10 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। पर्यावरण सुरक्षा के लिए जिले में 7 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। साथ ही, हर पंचायत में एक खेल मैदान, ग्रामीण हाट का निर्माण, तालाबों की उड़ाही और किसानों की निजी जमीन पर खेत पोखर बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
सड़क, पुल, परिवहन एवं पर्यटन विकास सुगम यातायात और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए कई बड़ी सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण तेजी से हो रहा है। दरभंगा में पथ निर्माण विभाग द्वारा 05 अरब 94 करोड़ रुपये की लागत से 18 सड़क एवं कई पुल परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। एम्स तक पहुँच आसान करने हेतु शोभन से एकमी घाट तक 4-लेन सड़क बनाई जा रही है। इसके अलावा, बेनीपुर में 114 करोड़ रुपये की लागत से 7 किलोमीटर लंबा नया बाईपास भी बनाया जा रहा है। शहरी सुविधाओं का विस्तार करते हुए, दिल्ली मोड़ बस स्टैंड को करीब 84 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक 'अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। साथियों, आधुनिक विकास के साथ-साथ अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजना भी हमारी प्राथमिकता है। दरभंगा की पहचान माने जाने वाले गंगासागर, हराही और दिघी तालाबों के शानदार कायाकल्प के लिए लगभग 76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कुशेश्वरस्थान और अहिल्या स्थान के सौंदर्यीकरण के लिए 67 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी और पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, मिथिला संस्कृत शोध संस्थान के नवनिर्माण और हमारी प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए करीब 57 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अल्पकाल में धरातल पर उतर रही ये सभी महत्वाकांक्षी योजनाएं दरभंगा के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।
अभियान बसेरा-2 एवं भूमिहीन परिवारों को वास भूमि हमारी सरकार का विकास केवल सड़कों, भवनों और आधारभूत संरचनाओं तक सीमित नहीं है। विकास का वास्तविक अर्थ तब है, जब समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिले। इसी सोच के साथ अभियान बसेरा - 2 तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से दरभंगा जिले में भूमिहीन एवं वासविहीन परिवारों को गृहस्थल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। हमें आज इस अवसर पर बताते हुए हर्ष हो रहा है कि हमारी सरकार 'अभियान बसेरा-2' के तहत दरभंगा के भूमिहीन परिवारों को उनका अपना घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करा रही है। मुझे यह बताते हुए असीम संतोष हो रहा है कि हाल ही में दरभंगा सदर में 733, बेनीपुर में 153, बिरौल में 434 कुल 1,320 परिवारों को वास हेतु भूमि का पर्चा दिया गया है। साथियों, यह पर्चा सिर्फ जमीन का कोई साधारण कागज नहीं है; यह एक व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और बेहतर भविष्य का अधिकार-पत्र है। जमीन देने के साथ-साथ हमारी सरकार इन परिवारों को पक्के आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी पूरी मुस्तैदी से जोड़ रही है। हमारा एकमात्र लक्ष्य है कि दरभंगा का कोई भी पात्र परिवार भूमिहीन न रहे और हर व्यक्ति अपना सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके।
ग्रामीण विकास एवं जनसुविधाएं आज हमारा दरभंगा जिला ग्रामीण विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। 'मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना' से जिले के सभी वार्ड पूरी तरह रोशन हो चुके हैं। गाँवों की सूरत बदलने के लिए 545 कुओं का ऐतिहासिक जीर्णोद्धार, तालाबों के घाटों की मरम्मत और युवाओं के लिए 49 नए पुस्तकालय बनाए गए हैं। प्रशासन को सीधे आपके दरवाजे तक लाने के लिए 98 'पंचायत सरकार भवन' सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं और बाकी पंचायतों में भी निर्माण तेजी से जारी है। साथियों, हमारी सरकार आपके हर सुख-दुख में आपके साथ खड़ी है। "सबका सम्मान-जीवन आसान" संकल्प के तहत, अब किसी परिजन के निधन जैसी दुखद घड़ी में आपको दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब पंचायत सचिव द्वारा मात्र 24 घंटे के अन्दर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जा रहा है। हमारा एकमात्र लक्ष्य आपके जीवन को हर स्तर पर आसान, सुरक्षित और सुगम बनाना है।
कृषि, किसान एवं चीनी मिलों का पुनरुद्धार कृषि के क्षेत्र में हमारा दरभंगा नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। विश्व प्रसिद्ध मखाना की खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों और मशरूम किट पर 75% से 90% तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है। 'पीएम किसान सम्मान निधि' से 1.85 लाख से अधिक किसानों को जोड़ा गया है। इसके साथ ही, खेतों में ड्रोन तकनीक और जैविक खेती को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। साथियों, 20 नवंबर 2026 को किसानों के हित में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रैयाम और सकरी चीनी मिलों के पुनरुद्धार की आधारशिला रखी जाएगी। सहकारिता मॉडल पर आधारित इन मिलों से जुड़ने के लिए अब तक करीब 24 हजार किसान आवेदन कर चुके हैं। गन्ने की खेती को विस्तार देने के लिए किसानों को 5 एकड़ तक मुफ्त बीज, 5 नई नर्सरियां और उपकरणों पर 50% तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है। यह पहल दरभंगा के ग्रामीण अर्थतंत्र को पूरी तरह बदल कर रख देगी। इसके अलावा, 'एग्री स्टैक' पहल के तहत 1.66 लाख से अधिक किसानों की डिजिटल 'फार्मर आईडी' बनाई जा चुकी है, ताकि उन्हें हर सरकारी योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता से मिले। हमारा सपना है कि दरभंगा का किसान केवल उपज पैदा करने वाला न रहे, बल्कि वह खेत से लेकर उद्योग तक का मालिक बने। आइए, किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर 'विकसित बिहार, विकसित भारत' के संकल्प को साकार करें।
महिला सशक्तिकरण एवं जीविका ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में हमारा दरभंगा जिला आज एक नई मिसाल पेश कर रहा है। जिले में 44 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर 5 लाख से ज्यादा परिवार सशक्त हुए हैं। हमारी 'जीविका दीदियों' ने 144 ग्राहक सेवा केंद्र खोलकर बैंकिंग सुविधाओं को सीधे आपके दरवाजे तक पहुँचा दिया है। आज अस्पतालों से लेकर पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों तक, 'दीदी की रसोई' के जरिए वे सबको किफायती और उत्तम भोजन परोस रही हैं। वहीं, बहादुरपुर में 500 से अधिक दीदियां 'शिल्पग्राम उत्पादक कंपनी' के माध्यम से मधुबनी पेंटिंग और सिक्की कला जैसे स्वदेशी हस्तशिल्प बनाकर हमारी सांस्कृतिक विरासत और व्यापार दोनों को नई उड़ान दे रही हैं। पर्यावरण संरक्षण में भी हमारी दीदियों ने 11 लाख से अधिक पौधे लगाकर नया कीर्तिमान रचा है और 12 हजार युवाओं को हुनरमंद बनाया गया है। महिलाओं को सीधा आर्थिक संबल देने के लिए सरकार ने 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत 5 लाख 79 हजार से अधिक दीदियों को 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त का लाभ पहुँचाया है। इसके साथ ही 'सतत जीविकोपार्जन योजना' से भी हजारों परिवारों को जोड़ा गया है।
रोजगार, उद्योग एवं निवेश माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार 'सात निश्चय-3' के तहत "दोगुना रोजगार-दोगुनी आय" और "समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार" के संकल्प पर तेजी से काम कर रही है। हमारा ऐतिहासिक लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में राज्य के एक करोड़ युवाओं को रोजगार देना और बिहार को पूर्वी भारत का 'टेक्नोलॉजी हब' (Technology Hub) बनाकर 50 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाना है। साथियों, इस औद्योगिक क्रांति का सीधा असर हमारे दरभंगा में भी दिख रहा है। जिले में उद्योगों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तारालाही (बहादुरपुर) में 458 एकड़ भूमि पर एक नया विशाल औद्योगिक क्षेत्र बनाया जा रहा है। स्वरोजगार को जमीनी स्तर पर उतारते हुए 'मुख्यमंत्री उद्यमी योजना' के तहत 424 और 'बिहार लघु उद्यमी योजना' से 2,000 से अधिक युवाओं को सीधा लाभ दिया गया है। साथ ही, केंद्र सरकार की रोजगार सृजन योजनाओं से भी सैकड़ों लोग लाभान्वित हुए हैं। हमारी सरकार दरभंगा के युवाओं को आत्मनिर्भर और जिले को पूरी तरह सशक्त बनाने के लिए कटिबद्ध है।
कला, संस्कृति एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए 'ज्ञान भारतम् मिशन' के तहत दरभंगा की 41 हजार से अधिक प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन हो रहा है। साथ ही, कला-साधकों के सम्मान में 22 कलाकारों को 'कलाकार पेंशन योजना' से जोड़ा जा रहा है।साथियों, युवाओं और खिलाड़ियों के लिए हमारी सरकार की 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' एक ऐतिहासिक पहल है। इसी के तहत हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आकाश दीप और मुकेश कुमार को डीएसपी (DSP) जैसे प्रतिष्ठित पदों सहित 19 खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी दी गई है। हमारा लक्ष्य हर पंचायत से खेल प्रतिभाओं को निकालकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना है। मेरी युवाओं से अपील है-अनुशासन के साथ मैदान में उतरें और पदक जीतें; आपके सम्मान व रोजगार की पूरी गारंटी हमारी सरकार की है। आइए, हम सब मिलकर बिहार को विश्व के खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएं।
सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाएं समाज कल्याण विभाग बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को निरंतर सहायता प्रदान कर रहा है। सभी छह सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है, जिससे सहायता राशि जून 2025 से ₹400 से बढ़कर ₹1,100 प्रतिमाह हो गई है। दिव्यांगजनों के स्वावलंबन हेतु जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, दरभंगा द्वारा अब तक 1,700 से अधिक लाभार्थियों के बीच बैटरी चालित ट्राईसाईकिल का वितरण सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत बेटियों को जन्म से स्नातक तक आर्थिक लाभ मिल रहा है, और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में इस वित्तीय वर्ष में 11,000 से अधिक नए लाभार्थी पंजीकृत किए गए हैं। जिले में बाल विकास एवं पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 35 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा है, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर एवं सुदृढ़ आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
अल्पसंख्यक कल्याण अल्पसंख्यक कल्याण के तहत केवटी के असराहा में 560 शय्याओं वाला आवासीय विद्यालय संचालित है, जहाँ कक्षा 9-12 के छात्रों हेतु निःशुल्क सुविधाओं के साथ बालिकाओं के लिए 50% सीटें आरक्षित हैं। मिल्लत कॉलेज के पास 100-100 शय्याओं वाले बालक-बालिका छात्रावासों में 1,000 रुपये मासिक अनुदान एवं खाद्यान्न सहायता दी जा रही है। हायाघाट के मानू (MANUU) परिसर में 200 शय्याओं वाले छात्रावास का निर्माण पूर्ण हो चुका है। साथ ही, वक्फ विकास, विद्यार्थी प्रोत्साहन और कौशल विकास जैसी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू हैं।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इसी कड़ी में, इस वर्ष दरभंगा में अत्याचार निवारण के तहत 300 से अधिक पीड़ितों और पेंशनभोगियों के खातों में 1.77 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता सीधे भेजी गई है। सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुँचाने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में 365 'विकास मित्र' प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं। साथियों, शिक्षा के जरिए समाज को सशक्त बनाने के लिए जिले में एक आधुनिक आवासीय विद्यालय सफलतापूर्वक चल रहा है, और बहादुरपुर व बिरौल में दो नए विद्यालयों के निर्माण को भी मंजूरी मिल चुकी है। जिले के 7 कल्याण छात्रावासों में रहकर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को सरकार हर महीने 2,000 रुपये का अनुदान और 15 किलो मुफ्त राशन दे रही है। मुझे यह बताते हुए भी बेहद खुशी है कि हमारे होनहार SC/ST बच्चों को BPSC और SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ़्त कोचिंग के साथ-साथ 1,500 से 3,000 रुपये तक की मासिक छात्रवृत्ति भी दी जा रही है।
नशामुक्ति एवं डिजिटल निबंधन व्यवस्था* नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए हमारी सरकार पूरी तरह कटिबद्ध है। 5 अप्रैल 2016 को लागू पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से अमल में लाते हुए, दरभंगा में अब तक शराब के अवैध कारोबार में 30 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार और 2 हजार से ज्यादा वाहन जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही, भटके हुए लोगों को सुधार का मौका देते हुए उनके इलाज और पुनर्वास के लिए डीएमसीएच (DMCH) में 10 बेड का अत्याधुनिक 'नशामुक्ति केंद्र' भी सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। हमारा संकल्प एक सुरक्षित और नशामुक्त दरभंगा का निर्माण करना है। साथियों, हमारी सरकार का लक्ष्य आपको सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति दिलाना है। इसी दिशा में दरभंगा की निबंधन (रजिस्ट्री) व्यवस्था को आधुनिक, डिजिटल और पेपरलेस बनाया जा रहा है। अब ऑनलाइन जाँच और GIS तकनीक आधारित स्थल निरीक्षण से पूरी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है। हमारी संवेदनशील प्रशासनिक सोच का ही परिणाम है कि 75 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब घर बैठे निबंधन की सुविधा दी जा रही है। तकनीक के जरिए आपके जीवन को आसान बनाना, नागरिकों का विश्वास जीतना और सुशासन स्थापित करना ही हमारा परम लक्ष्य है।
क्षेत्रीय विकास एवं जन-उपयोगी योजनाएं दरभंगा के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार पूरी गति से काम कर रही है। 'मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना' के तहत 196 करोड़ रुपये और 'सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना' के जरिए लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से 5,600 से अधिक जन-उपयोगी विकास कार्यों को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा गया है। साथियों, भौतिक विकास के साथ-साथ अपनी आस्था के केंद्रों का संरक्षण भी हमारी प्राथमिकता है; इसी कड़ी में 8 करोड़ 35 लाख रुपये से 28 मंदिरों की चहारदीवारी का निर्माण कराया गया है। इसके अतिरिक्त, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने और सशक्त बनाने के लिए 'बिहार महादलित विकास मिशन' के जरिए 9 करोड़ 24 लाख रुपये की 32 विशेष कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं।
परिवहन, सड़क सुरक्षा एवं पिंक बस सेवा परिवहन विभाग द्वारा नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए निरंतर अहम कदम उठाए जा रहे हैं। 'सड़क सुरक्षा माह' के जरिए जहाँ लोगों को यातायात नियमों और हेलमेट के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया, वहीं हिट-एंड-रन हादसों के 184 से अधिक मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद सीधे उनके बैंक खातों में दी गई है। इसके साथ ही, 'मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना' के 11वें चरण में अनुसूचित जाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 61 लाभार्थियों को वाहन खरीद के लिए अनुदान दिया गया है और जिले के सभी 18 प्रखंडों में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक बस स्टॉप बनाए गए हैं। साथियों, महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए शुरू की गई 'पिंक बस सेवा' हमारी सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है। दरभंगा में CCTV, पैनिक बटन, GPS और सैनिटरी पैड जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 11 बसें सफलतापूर्वक चल रही हैं। यह सेवा महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है; आज महिलाएं इनमें कंडक्टर की भूमिका में हैं और जल्द ही वे बसें चलाती भी नजर आएंगी। भविष्य में 22 नई बसों के साथ इस सेवा का विस्तार दिल्ली और गुरुग्राम जैसे लंबे मार्गों तक किया जाएगा। "नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है"—इसी संकल्प के साथ हमारी सरकार एक सुरक्षित और विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
विद्युत सहायता एवं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा जुलाई माह से मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली निःशुल्क उपलब्ध करायी जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत दरभंगा जिले में अब तक 600 घरों पर रूफटॉप सोलर प्लांट का अधिष्ठापन किया जा चुका है तथा अन्य घरों में भी सोलर प्लांट लगाने का कार्य जारी है। माननीय मुख्यमंत्री जी का यह ऐतिहासिक निर्णय हमारे राज्य के विकास में एक मील का पत्थर है। अपने देश और प्रदेश को सशक्त बनाने के लिए हमें एकजुट होकर शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना होगा। लेकिन, हमारा यह विकास तभी सार्थक होगा जब हम समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए पूरी ईमानदारी से आगे आएं। आइए, आज इस पुनीत अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि एक जागरूक नागरिक के रूप में मिलजुलकर एक समृद्ध, सशक्त और विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना शत-प्रतिशत योगदान देंगे। इस अवसर पर माननीय मंत्री महोदय द्वारा देहदानी से संबंधित उनके परिजन श्रीमती वर्षा जोशी (पुत्री)को प्रशस्ति पत्र दिया गया। नेत्र दानियों से संबंधित प्रशस्ति पत्र नेत्रदानियों के परिजन) दिलीप जाजोदिया (पुत्र), अभिषेक सराफ (पुत्र), उदित लिल्हा पुत्र, शंभु लुहारुका पुत्र प्रदान किया गया। मंत्री के द्वारा करदाताओं को प्रशस्ति पत्र डमी चेक पाग,चादर प्रदान कर सम्मानित किया गया जिनमें राज कर संयुक्त आयुक्त दरभंगा आंचल 1 के करदाता में प्रथम कृष्णा ऑटोमोबाइल्स, द्वितीय श्री बजाज , तृतीय कृष्णाकांत ठाकुर। वहीं राज्य कर संयुक्त आयुक्त दरभंगा अंचल 2 राज कृष्णा मोटर्स एलएलपी को प्रथम स्थान, विक्की मोटर्स एलएलपी को द्वितीय स्थान एवं राघव इंटरप्राइजेज को तृतीय स्थान के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी कार्यक्रम दरभंगा के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया जिनमें आशीष कुमार, कौशल कुमार, श्यामलाल केवट शामिल है। परेड में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस 13 दरभंगा प्रथम स्थान, गृह राक्षावाहनी दरभंगा द्वितीय स्थान तथा एनसीसी दरभंगा तृतीय स्थान प्राप्त किया। उक्त कार्यक्रम में होली क्रॉस स्कूल दरभंगा के बच्चों ने भाग लिया,उन्हें भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंत्री के द्वारा जीविका स्वयं सहायता समूह के जीविका दीदी को बैंक से क्रेडिट लिंकेज के रूप में 51 करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया गया। समारोह के अंत में मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने जिलेवासियों से शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, सामाजिक समरसता और विकास के क्षेत्र में मिलकर योगदान देने का आह्वान किया और विकसित, समृद्ध एवं सशक्त दरभंगा के निर्माण का संकल्प दोहराया।