July 28, 2024
27.07.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : भारत सरकार के द्वारा 2024 के बजट विकसित भारत के सपनो को साकार करने वाला अमृत काल का बजट है। उक्त बातें लहेरियासराय परिसदन में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री भारत सरकार कामलेश पासवान ने भारत सरकार के बजट पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा की यह बजट युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों को समर्पित है। अमृतकाल का यह बजट हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शिता विजन और प्रकाश विकसित भारत को दर्शाता है जिसमें उन्होंने विकसित भारत की दिशा में नौ प्राथमिकताएं निर्धारित की है जिसके लिए पिछले 10 साल में बजट साइज को लगभग तीन गुना बढ़ाया गया है।
48 लाख 21 हजार करोड़ का यह बजट स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे बड़ा है जो अमृत काल में विकसित भारत के सपनों को उड़ान प्रदान करेगा। 2. 66 लाख करोड़ के बजट के साथ ग्रामीण विकास सरकार के लिए रक्षा क्षेत्र के बाद सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यह बजट किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। आर्थिक विकास में महिलाओं की बढ़ी हुई भूमिका की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता है। उनके लाभ के लिए 3 लाख करोड रुपए से अधिक आवंटित किए गए है। सरकार ने लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को 2 करोड़ से बढ़कर 3 करोड़ किया। उन्होंने कहा की अगले 5 वर्षों के लिए 80 करोड लोगों को गरीब कल्याण संकल्प के तहत कोई भी भूखा ना रहे इसका लाभ मिलेगा।
युवक के रोजगार के अवसर विकसित करने का संकल्प प्रधानमंत्री पैकेज के भाग के रूप में रोजगार से संबंधित प्रोत्साहन के लिए तीन योजना के अलावा कई योजनाएं लागू की जाएगी। 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सरकार अगले 5 वर्षों में 2 लाख करोड़ रूपया निवेश करेगी जिसमें से 1.48 लाख करोड़ रूपया 2024 —2025 में ही निवेश किए जाएंगे। एक करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। नवनियुक्त व्यक्तियों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। इस बजट में अव्यस्क बच्चों के लिए नई पेंशन योजना वात्सल्य की घोषणा की गई है। नई आयकर व्यवस्था लागू की जाएगी जिसमें वेतन भोगी कर्मचारियों को आयकर में 17,500 की बचत होगी। विकसित भारत का संकल्प ग्रामीण विकास के बिना अधूरा है इसलिए सरकार ने 2024 के बजट में ग्रामीण विकास पर फोकस किया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चलाई आ रही मनरेगा योजना के लिए सरकार ने 86 हजार करोड रुपए का प्रावधान किया है जो अब तक का सबसे अधिक है। सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना का चौथा चरण शुरू करने का फैसला किया है, जिसमें 12000 करोड खर्च के साथ 25 हजार बस्तियों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा की वर्ष 2014 में हमारा देश जीडीपी के मामले में 10 में नंबर पर था माननीय प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार ने देश को जीडीपी के मामले में पांचवें नंबर पर ला दिया है।
अर्थव्यवस्था में सुधार व तेजी राज्य सरकारों के सहयोग के बिना संभव नहीं है बिहार राज्य में विकास की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बजट में सामान्य योजनाओं के साथ-साथ लगभग 59000 करोड रुपए का विशेष योजना की घोषणा की जिसमें क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सुधार और आर्थिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए 26000 करोड रुपए की लागत से कई तरह के संपर्क परियोजना शुरू की जाएगी। 21, 400 करोड रुपए के मेधा पावर पॉइंट, बाढ़ नियंत्रण के लिए 11,500 करोड़ रूपया मेडिकल कॉलेज महाबोधि कोडिडोर एयरपोर्ट तथा एयरपोर्ट परिसर सहायक शामिल है।
इस बजट से न सिर्फ बिहार बल्कि मिथिलांचल का विकास तीव्र गति से होगा। बाढ़ की समस्या का निदान से मिथिला खुशहाली आएगी। व्यापार बढ़ेगा,रोजगार मिलेगा। प्रेस वार्ता में सांसद गोपाल जी ठाकुर, नगर विधायक सह संचेतक संजय सरावगी, जिलाध्यक्ष जीवछ सहनी सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे।