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19.03.2024 (दरभंगा) : जिला.सूचना भवन स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में नोडल पदाधिकारी मीडिया कोषांग के द्वारा आज मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मीडिया मॉनिटरिंग (एम सी एम सी) के बारे में प्रतिनियुक्ति सभी कर्मियों और अधिकारियों को बताया गया। इस कमेटी के द्वारा 24 घंटे इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी दरभंगा के नेतृत्व में एमसीएमसी टीम सक्रिय है।

राजनीतिक विज्ञापनो का प्रसारण पूर्व कराना होगा प्रमाणीकरण। चुनाव लड़ने वाले सभी अभ्यर्थियों को नामांकन के समय अपना ईमेल आईडी के साथ अपने सोशल मीडिया अकाउंट की विस्तृत जानकारी और शपथ पत्र दाखिल करते समय उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। मीडिया कक्ष में चार टीवी सेट डिश कनेक्शन के साथ लगाए गए है, जिसपर चलने वाले राजनीतिक विज्ञापनो एवं खबरों पर 24 घण्टे नजर रखी जायेगी। सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग के लिए लैपटॉप एवं इंटरनेट की सुविधा के साथ मॉनिटरिंग हेतू टीम अलग-अलग शिफ्ट में कार्य किया जा रहा है। खबरो, विज्ञापनों, पेड न्यूज आदि पर नजर रखेगी एवं आवश्यकता पड़ने पर उसकी रिकॉर्डिंग कर वरीय अधिकारी को आवश्यक करवाई हेतू सूचित करेगी। जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि लोकसभा आम निर्वाचन 2024 में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया /सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों के पूर्व प्रमाणीकरण और सोशल मीडिया यथा व्हाटएप्स न्यूज़ ग्रुप, फेसबुक पेज, न्यूज़ पोर्टल, केबल टीवी, यूट्यूब चैनल पर नजर रखने के लिए एमसीएमसी कमेटी मुस्तैदी से कार्य करना प्रारंभ है।

एसएसपी दरभंगा के साइबर क्राइम से इस कोषांग को जोड़ने का निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा दिया गया है। जिला एमसीएमसी कमिटी के सदस्य सह सचिव जिला जनसंपर्क अधिकारी है। निर्वाचनों की अवधि के दौरान पेड न्यूज़, फेक न्यूज़, गलत सूचना और मिथ्या सूचना के लिए दुरुपयोग करने पर विधि सम्मत कार्रवाई भी की जाएगी। निर्वाचन प्रचार अभियान से संबंधित विधिक उपबंध सोशल मीडिया पर भी उसी तरह से लागू होते हैं जैसे मीडिया के अन्य रूपों पर लागू होते हैं। गलत सूचना, हेट स्पीच एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप, जाति, धर्म, वर्ग, भाषा के आधार पर प्रचार - प्रसार कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करना आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन माना जाएगा। एमसीएमसी कमिटी इन बिंदुओं के आलोक में फेक और पेड न्यूज़ के प्रसारण /प्रकाशन पर गहरी नजर है।

साथ ही इलेक्ट्रॉनिक/ सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्ण प्रमाणीकरण एमसीएमसी के माध्यम से कराना भी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा। यह स्पष्ट है कि कोई न्यूज़ यदि पेड़ न्यूज़ साबित होता है तो कमेटी की अनुशंसा पर आर०ओ द्वारा अग्रेतर करवाई हेतु संबंधित को नोटिस किया जाएगा। साथ ही पेड न्यूज़ साबित होने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 171 (ज) के उल्लंघन के लिए संबंधित पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

पोस्टर, पंपलेट, हैंडविल उक्त प्रचार सामग्रियों पर "प्रकाशित प्रति की संख्या" एवं मुद्रक का नाम स्पष्टत अंकित होना चाहिए जो कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127(क) के अंतर्गत अपेक्षित है। बैठक में पंकज कुमार बाल संरक्षण अधिकारी, उपनिदेशक बाल संरक्षण अधिकारी, मनीष आनंद, माया मलिक, राजेश कुमार सभी महिला सुपरवाइजर आदि उपस्थित थे।