January 22, 2026
22.01.2026 (DarbhangaOnline) (पटना) : साढ़े आठ करोड़ मिथिलावासियों की आत्मा आकाशवाणी केंद्र दरभंगा में बसती है। 1976 में स्थापित इस आकाशवाणी केंद्र से मिथिला क्षेत्र की लोककला, लोकगीत, मिथिला पेंटिंग, मिथिला मखान जैसे मुद्दों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर मिथिला की सभ्यता संस्कृति तथा विरासत को देश स्तर पर संवाद के केंद्रबिंदु बनाए जाने की आवश्यकता है ताकि स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों तथा युवाओं को रोज़गार के साथ एक मजबूत प्लेटफार्म मिले जिसके लिए साढ़े पंद्रह करोड़ रुपए की लागत से शीघ्र ही एफएम चैनल की शुरुआत की जाएगी तथा दरभंगा आकाशवाणी केंद्र के प्रसारण अवसंरचना तथा नेटवर्क सिस्टम को मजबूत बनाया जाएगा। स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डा गोपाल जी ठाकुर ने गुरुवार को लहेरियासराय स्थित संसदीय कार्यालय कक्ष में आकाशवाणी केंद्र के अधिकारियों तथा अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक के क्रम में उपरोक्त बातें कही है।
सांसद डा ठाकुर ने बैठक में एफ. एम. चैनल की यथाशीघ्र शुरुआत करने के लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि अभी वर्तमान समय में सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाल देश द्वारा एफएम रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण किया जा रहा है जो सुरक्षा दृष्टिकोण से भी उपयुक्त नहीं है जिसके लिए 2021 में लोकसभा में जीरो आवर में तत्कालीन केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर तथा 2023 में तत्कालीन केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर जी से भेंट कर एवं लोकसभा में शून्यकाल व तारांकित प्रश्न के माध्यम से अपनी बातें रखी थी जिसका सकारात्मक परिणाम अब साकार हो रहा है।
सांसद डा ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दरभंगा रेडियो स्टेशन का हाई पावर ट्रांसमीटर, डिजिटल सिस्टम, नए ब्रॉडकास्ट सिस्टम का उपयोग किया जाय ताकि इस रेडियो स्टेशन का सिग्नल सुदूरवर्ती देहाती क्षेत्रों में भी कार्य करे। इस आकाशवाणी केंद्र में 20 किलोवाट की 100 किलोवाट का ट्रांसमीटर लगाने के साथ साथ इस आकाशवाणी केंद्र के लिए प्रोग्राम ऑफिसर, टेक्निकल स्टाफ , उद्घोषक, तथा इंजीनियर के रिक्त परे पदों पर नियुक्ति के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि पटना से प्रसारित होने वाले समाचार बुलेटिन का प्रसारण दरभंगा केंद्र से ही शुरू हो सके। सांसद डा ठाकुर ने आकाशवाणी केंद्र दरभंगा के संबंध में नकारात्मक सोच रखने वाले कुछ अधिकारियों को बैठक के माध्यम से नसीहत देते हुए कहा कि कुछ अधिकारी साजिश के तहत् 2024 में इस आकाशवाणी केंद्र के वजूद को समाप्त करने का षड्यंत्र किया था जिसके लिए मैने तत्कालीन केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था तथा इस केंद्र को यथावत रखने एवं मैथिली भाषा का केंद्र घोषित करने की मांग की थी।
सांसद डा ठाकुर ने इस आकाशवाणी केंद्र में एफ.एम. ट्रांसमीटर स्थापित किए जाने की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके चालू होने से मैथिली भाषा में अधिक से अधिक कार्यक्रम का प्रसारण सुनिश्चित हो सकेगा।