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(फाइल फोटो)

15.05.2022 (दरभंगा) : केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दरभंगा में 4 आरओबी के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बात की जानकारी देते हुए सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कहा 80 करोड़ की लागत दोनार गुमती, 36 करोड़ की लागत से पंडासराय गुमती, 101 करोड़ की लागत से दिल्ली मोड़ एवं बेला गुमती पर आरओबी निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। दरभंगा में आरओबी के निर्माण को लेकर वह केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन जी से इस विषय को लेकर कई बार मिल चुके थे।

सांसद ने इस आरओबी निर्माण को स्वीकृति देने हेतु केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद एवं बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन को साधुवाद दिया।सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में ट्रैफिक जाम की समस्या के कारण आम नागरिकों को आए दिन काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दरभंगा में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण आरओबी की उपयोगिता काफी बढ़ गई थी। उन्होंने कहा कि दरभंगा में इस चारों आरओबी के बन जाने से यातायात सुगम होगा और लोगों को शहर में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। उन्होंने ने कहा कि शेष बचे आरओबी के निर्माण हेतु भी वह प्रयासरत है और जल्द उसके निर्माण को भी अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार के भारत माला परियोजना के तहत मिथिला में नेशनल हाइवे सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार में 7500 करोड़ की लागत 200 किलोमीटर लंबा बन रहे बिहार के पहले एक्सप्रेस वे सड़क का सौगात भी आमस - दरभंगा के जरिए दरभंगा को दिया गया। केंद्र सरकार द्वारा भारत माला धार्मिक संपर्क योजना के तहत उमगांव (उच्चैठ भगवती) से महिषी (तारास्थान) तक बनने वाली सड़क को भी स्वीकृति दे दिया है। इस परियोजना का कुल लागत लगभग तीन हजार करोड़ रूपए है। और इस परियोजना के तहत देश का सबसे लंबा पुल का निर्माण किया जाएगा। सांसद ने कहा कि दरभंगा में लोगों को परेशानियों एवं बढ़ते जनसंख्या को देखते हुए यहां रिंग रोड का निर्माण अति आवश्यक हो गया था। पिछले दिनों इसके निर्माण को भी मोदी सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की लहेरियासराय से रोसड़ा पथ को भी एनएच सड़क में परिवर्तित करने का स्वीकृति मिल चुका है। यह सड़क अब एनएच 527E के नाम से जाना जायेगा और इस सड़क का निर्माण लगभग 500 करोड़ रूपए से होगा।

सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि दरभंगा हवाई अड्डा से जयनगर सड़क को भी एनएच फोर लेन सड़क में परिवर्तित करने हेतु स्वीकृति मिल चुका है। उन्होंने कहा कि मझौली से चिरौत 400 करोड़ की लागत से 60 किमी लंबे फोर लेन सड़क का निर्माण प्रगति पर है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने गोरखपुर सिल्लीगुड़ी 6 लेन सड़क निर्माण को भी स्वीकृति दे दी है। उन्होंने कहा की भारतमाला परियोजना के तहत राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे मिथिला सहित बिहार के तमाम जिलों में बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। बिहार में इस परियोजना की शुरुआती लागत 50- 60 हजार करोड़ रुपए होगा। इसके तहत भारत-नेपाल बॉर्डर सड़क (552 किमी) को फोरलेन में परिवर्तित करने सहित राज्य के कई सड़क शामिल हैं। सांसद ठाकुर ने कहा कि वह दरभंगा सहित मिथिला में एनएच एवं एनएचएआई सड़कों के अधिक से अधिक निर्माण हेतु प्रारंभ से ही प्रयासरत रहे हैं और इसको लेकर कई बार केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा एवं मांग भी कर चुके हैं।