December 07, 2025
07.12.2025 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मेडिकल डायग्नोसिस और मैनेजमेंट को आसान और सटीक कर रहा है। अगर आज के चिकित्सकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपने प्रैक्टिस में नहीं अपनाया तो जल्दी ही वे बेमानी हो जाएंगे। चीन में दुनिया का पहला मानव रहित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोट वाला अस्पताल कार्यरत हो चुका है, जहां पर सारी सुविधा रोबोट और कंप्यूटर के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से दी जाती है और वह अभी के अस्पतालों से ज्यादा अच्छे ढंग से कार्य कर रहा है।
यह विचार जम्मू से आए डॉक्टर अरुण अरोरा ने एक स्थानीय होटल में आयोजित दरभंगा ऑब्सट्रेटिक्स एंड गाइनेकोलॉजिस्ट सोसायटी के सीएमइ में व्यक्त किया। डॉक्टर अरुण अरोरा के सत्र के अध्यक्षता डॉक्टर उषा झा एवं डॉक्टर पूजा महासेठ ने की। डॉ अरोरा ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार विभिन्न प्रसूति एवं स्त्री रोगों के पहचान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम कर रहा है। यहां न सिर्फ बांझपन एवं कठिन गर्भ के विषयों को सरल बना रहा है बल्कि महिलाओं में भविष्य में होने वाली बीमारियों की कई दशक पहले सटीक भविष्यवाणी करने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि इससे थ्री डी इफेक्ट सुपर इंपोजिट इमेज के कारण बिल्कुल सटीक सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी करने में बहुत सुविधा हो जाएगी, वैसे ही आईभीएफ में सही स्पर्म और भ्रूण चुनाव में सटीकता होगी, पर इसके कारण भविष्य में एथिकल प्रश्न भी उठेंगे। डॉ ओम प्रकाश ने कहा कि इन सब कार्यों में डाटा और कुशल इंजीनियरिंग उपकरणों की जरूरत होगी जिसमें अभी पश्चिम हमसे बहुत आगे है। एक अन्य सत्र में डॉक्टर कुमुदनी झा ने प्रीटर्म लेबर पर व्याख्यान दिया और इसके इलाज में योनि मार्ग से प्रोजेस्टरॉन के इस्तेमाल पर बल दिया।
इस सत्र की अध्यक्षता डॉ अलका झा और डॉक्टर नूतन राय ने की। डॉक्टर कुमुदिनी झा की अध्यक्षता में आयोजित इस सीएमइ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरीय चिकित्सक डॉक्टर भरत प्रसाद उपस्थित थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर राजश्री पूर्वे ने किया।