September 09, 2024
08.09.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : पुलिस महानिरीक्षक, मिथिला क्षेत्र, दरभंगा के द्वारा अपने कार्यालय में एसएसपी, दरभंगा / एसपी, समस्तीपुर/ मधुबनी समेत मिथिला क्षेत्र के तीनों जिलों के सभी पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, यातायात डीएसपी, साईबर डीएसपी, लाईन डीएसपी एवं प्रशिक्षु डीएसपी के साथ विधि-व्यवस्था एवं अनुसंधान की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक किया गया।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक के द्वारा जिलों के टॉप-20 अपराधियों की गिरफ्तारी, गुण्डा पंजी में उपद्रवियों का नाम प्रविष्ट करने और उपद्रवी तत्वों के विरूद्ध सीसीए के तहत कार्रवाई करने को लेकर दिशा निर्देश दिया गया। पुलिस पर हमला और साम्द्रायिक काण्डों में शामिल लोगों की त्वरित गिरफ्तारी और सख्ती से कुर्की करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावे सभी तरह के लंबित काण्डों का निष्पादन विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निष्पादन करने का निदेश दिया।
सभी पदाधिकारियों को यह निदेश दिया की अपराध पीड़ित व्यक्तियों के प्रति पीड़ित केंद्रित दृष्टिकोण (Victim Centered approach) अपना कर पुलिसिंग करें ताकि पीड़ितों के अधिकार, सुरक्षा और हितों का ध्यान रखा जा सके। पुलिस महानिरीक्षक के द्वारा सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया की किसी भी घटना के होने पर पुलिस के गश्ती वाहन और डायल 112 के वाहन त्वरित गति से घटनास्थल पर पहुंचे और यदि आवश्यक हो तो पुलिस के वरीय पदाधिकारी भी वहां पहुंच जाए ताकि किसी भी बड़ी घटना को होने से पहले ही रोका जा सके।
पुलिस वाहनों की मॉनिटरिंग के लिए यह निदेशित किया गया की सभी वाहनों में जीपीएस और वायरलेस सेट लगा हो और यह सही तरीके से काम कर रहा हो। नेशनल हाईवे पर विशेष ध्यान देते हुए हाईवे पेट्रोलिंग को लेकर भी कई निदेश दिए गए। पुलिस महानिरीक्षक ने थाना में जब्त शराब का अवलिंब विनष्टीकरण करने का निदेश दिया। इसके अलावे सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक को यातायात थानों में पुलिस कर्मियों और वाहनों की संख्या बढ़ाने को लेकर, साईबर थानों को सशक्त करने का निदेश देते हुए वरीय पदाधिकारियों को निदेश दिया की सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स, इंस्टाग्राम आदि की सतत निगरानी करते रहें और आम जनता को पुलिस से जोड़ें।
सभी पुलिस अधीक्षक और उपाधीक्षक को निदेशित किया की प्रत्येक थाना में लगे सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम कर रहे हों इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने क्षेत्र के सभी पुलिस अधीक्षकों, पुलिस उपाधीक्षकों, पुलिस निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है की सभी पदाधिकारी प्रत्येक दिन कम से कम एक घंटा निर्धारित कर अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे और इस दौरान आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनें और उसका प्रभावी तरीके से निपटारा करें।