January 13, 2023

12.01.2023 (दरभंगा) : बिहार के सीएम नितीश कुमार समाधान यात्रा के क्रम में दरभंगा पहुंचे। यहाँ पहुंचकर उन्होंने तारामंडल-सह-विज्ञान संग्रहालय, दरभंगा का लोकार्पण किया तथा कई विकास योजनाओं का निरीक्षण कर समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा की तारामंडल में ब्रह्मांड से संबंधित जो जानकारी दिखाई जा रही है। यदि वह हिंदी भाषा में एक्सप्लेन हो, तो लोग उसे भलीभांति जान और समझ सकेंगे। यहां काफी बेहतर ढंग से तारामंडल का निर्माण हुआ है, इसे देखकर मुझे काफी खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि यहां एयरपोर्ट भी बन गया है। बाहर से आनेवाले लोग भी अब तारामंडल देख सकेंगे। यहां बिहार के विभिन्न हिस्सों से भी लोग आएंगे। मुख्यमंत्री ने पटना के तारामंडल को भी आधुनिकतम बनाने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री की प्रेरणा से आम जन विशेषकर बच्चों के बीच विज्ञान के प्रति जागरूकता एवं रूझान बढ़ाने के दूरगामी लक्ष्य के अनुरूप दरभंगा शहर के कैदराबाद में तारामंडल-सह- विज्ञान संग्रहालय, दरभंगा का निर्माण कराया गया है। यह 164.31 करोड़ रुपये की लागत से 3.88 एकड़ भूमि में निर्मित किया गया है। प्रथम चरण में 20922 वर्ग मीटर के परिसर में तारामंडल-सह-विज्ञान संग्रहालय का निर्माण 92 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से किया गया है, जिसका कुल निर्मित क्षेत्रफल 5000 वर्ग मीटर है। इस तारामंडल में सौर मंडल के ग्रहों, नक्षत्रों की स्थिति एवं खगोलीय घटनाओं की जानकारी 2-डी एवं 3-डी फिल्मों के माध्यम से प्रदर्शित की जाएगी, जो डिजीटल दीर्घवृत्ताकार प्लेनेटोरियम ब्रह्मांड में स्थित अपने गैलेक्सी के दर्शन का अनुभूति कराएगा। इसमें 150 लोगों के बैठने की क्षमता है। भवन में एक 300 क्षमता का प्रेक्षागृह भी निर्मित है, जिसमें विज्ञान से संबंधित फिल्मों का प्रदर्शन एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। 50 लोगों की क्षमता वाला ऑरिएन्टेशन हॉल है, जिसमें आगंतुकों को तारामंडल में उपलब्ध प्रदर्शों एवं प्रदर्शित किए जा रहे फिल्मों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही इस भवन में पारदर्शी ग्लास के भीतर लिफ्ट अधिष्ठापित किया गया है जिससे लिफ्ट की पूरी कार्यप्रणाली बच्चे देख और समझ सकेंगे। सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए एक माह तक रोस्टर बनाकर तारामंडल का निःशुल्क शो दिखाया जायेगा। पुस्तकालय, कैफे एवं गिफ्ट शॉप की सुविधा के साथ-साथ यहां वैज्ञानिक प्रदर्शनी की सुविधा है। यहां 550 वर्ग मीटर में आंतरिक प्रदर्शनी की क्षमता है। तारामंडल के ऊपरी तल पर पार्क का निर्माण किया गया है, जिसमें विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाये गये हैं, जो आगन्तुकों को वनस्पति विज्ञान से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक करेंगे। भवन के फसाड पर पर्यावरण के अनुकूल वेदर रेसिसटेंट मैग्नीज डाईऑक्साईड मिश्रित ईट का प्रयोग किया गया है। इसके भवन में आगंतुकों के सम्पूर्ण मनोरंजन एवं ज्ञान हेतु प्लेनेटोरियम के अतिरिक्त द्वितीय चरण में एक विज्ञान संग्रहालय का निर्माण किया जाना है, जिसमें विज्ञान से जुड़े प्रदर्श अधिष्ठापित किये जाएंगे। तारामंडल-सह-विज्ञान संग्रहालय एक संपूर्ण शैक्षणिक एवं मनोरंजक केन्द्र साबित होगा। सचिव, भवन निर्माण कुमार रवि ने पुष्प-गुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं ने मुख्यमंत्री को पाग, अंगवस्त्र एवं मखाना की बड़ी माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
सीएम श्री कुमार ने दरभंगा जिले में विभिन्न विभागों के अंतर्गत चलायी जा रही विकास योजनाओं का निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मनीगाछी प्रखंड अंतर्गत ब्रह्मपुरा-भटपुरा पंचायत के वार्ड संख्या-2 के दलित बस्ती का भ्रमण कर विकास योजनाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण स्ट्रीट सोलर लाइट, पोखर में हो रही मखाना की खेती, आंगनबाड़ी केंद्र भटपुरा, साईं बाबा जीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा दी गयी आर्थिक मदद से खोली गई किराना दूकान, हर घर नल जल योजना इत्यादि सहित अन्य विकास कार्यों का जायजा लिया।स्टार्ट अप के रूप में एम.बी.ए. मखाना वाला द्वारा किये जा रहे मखाना प्रोसेसिंग एवं मखाना से बने लड्डू, बर्फी, 9 फ्लेवरयुक्त सुपर फूड की मार्केटिंग आदि के संबंध में फूड टेक्नोलॉजिस्ट श्री इंदुशेखर सिंह ने मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने मखाना विकास योजना के लाभार्थी को किट प्रदान किया। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना, मुस्लिम परित्यक्ता/तलाकशुदा महिला सहायता योजना, मुख्यमंत्री दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना आदि के संबंध में मुख्यमंत्री ने लोगों से जानकारी ली, साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभुकों के बीच मुख्यमंत्री ने सांकेतिक चेक वितरित किया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना अंतर्गत प्रशिक्षित युवाओं को सर्टिफिकेट तथा मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन एम्बुलेंस योजना के लाभुकों को चाबी प्रदान की। ब्रह्मपुरा-भटपुरा के वार्ड संख्या-2 में मुख्यमंत्री ने सामुदायिक बैठका का उद्घाटन शिलापट्ट का अनावरण कर किया तथा उसका निरीक्षण भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका समूह की दीदियों, ग्रामीणों एवं बिहार महादलित विकास मिशन के तहत संचालित उमा किशोरी समूह की बालिकाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी एवं उनके समाधान हेतु जिलाधिकारी को निर्देश दिया।
इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि हर हिंदुस्तानी की थाली में एक बिहारी व्यंजन जरुर हो, यहां का प्रोडक्ट राज्य के बाहर भी जा रहा है। मखाना का उत्पादन तो इसी इलाके में होता है, किस प्रकार मखाना के लिए यहां काम किए जा रहे हैं, उसको मैंने देखा, बेहतर काम हो रहा है। वर्ष 2006-07 में भी हमने घूम घूमकर देखा था। श्रद्धेय अटल जी की सरकार में मैं कृषि मंत्री था, उस समय हम इन कामों को देखते थे। दरभंगा में भी उस दौरान हम आए थे। हम चाहते हैं कि मखाना का और विकास हो। मखाना बहुत पौष्टिक आहार है। देश और देश के बाहर के लोग मखाना खाएंगे तो तारीफ करेंगे, कहेंगे कि बिहार का कितना बढ़िया प्रोडक्ट है। कृषि के विकास के लिए कृषि रोडमैप बनाकर हमलोग अभियान चला रहे हैं। हम जब समीक्षा बैठक करते हैं तो सारी बातों को रखते हैं। हमारा मकसद है कि इसका उत्पादन बढ़े, जिससे लोगों के आमदनी का जरिया बढ़े। इसको बढ़ावा देने से इसका उत्पादन काफी बढ़ा है। इसका लाभ लोगों को मिल रहा है। हमने मखाना के सारे प्रॉशेस को देखा है।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने कादिराबाद, दरभंगा में जल-जीवन-हरियाली योजना अंतर्गत स्थापित 1.6 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव संजीव हंस ने मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलर प्लेट के बीच थोड़ा गैप रखें और जल के सतह से सोलर प्लेट को और अधिक ऊंचा रखने का प्रबंध करें। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा असली अक्षय ऊर्जा है, इसको अधिक से अधिक बढ़ावा दें। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि इस प्लांट में नीचे मछली और ऊपर बिजली का उत्पादन हो रहा है।
हमलोग चाहते हैं कि बिहार में ज्यादा से ज्यादा सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन हो। चौर इलाके में भी नीचे मछली और ऊपर सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन शुरु कर दिया गया है। सौर ऊर्जा बहुत महत्वपूर्ण चीज है। आज जो बिजली मिल रही है वह कोयला से बनाई जाती है। वह सब दिन रहनेवाली चीज नहीं है, जबकि सौर ऊर्जा सब दिन रहनेवाली चीज है। जब तक सूर्य है तब तक सौर ऊर्जा मिलती रहेगी। हमलोग सौर ऊर्जा को काफी बढ़ावा दे रहे हैं। इसको लेकर शुरु में लोगों को जानकारी नहीं थी, लेकिन अब सबको इसका महत्व पता चल गया है। सौर ऊर्जा सब दिन रहनेवाली ऊर्जा है। गांव में स्ट्रीट लाईट लगाया जा रहा है ताकि रात में भी रोशनी रहे।
दरभंगा में एम्स के निर्माण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग चाहते थे कि डी.एम.सी.एच. को दरभंगा एम्स में कन्वर्ट कर दिया जाये। पहले वे लोग इसको मान लिए थे लेकिन बाद में बोले कि एम्स को अलग से बनायेंगे। अब हमलोगों ने तय कर दिया है कि डी0एम0सी0एच0 से अलग दूसरे जगह पर एम्स का निर्माण कराया जायेगा। दरभंगा में एम्स के निर्माण को लेकर सरकार के द्वारा जमीन उपलब्ध करायी जा रही है। रामचरितमानस ग्रंथ को लेकर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के विवादित बयान को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पता नहीं है। हम उनसे पूछ लेंगे।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने हायाघाट प्रखंड अंतर्गत मझौलिया पंचायत के ग्राम होरलपट्टी में विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र, होरलपट्टी, जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत सौन्दर्यीकृत गंगा सागर सरोवर, जीविका समूह द्वारा लगाए गए स्टॉल, उत्क्रमित मध्य विद्यालय होरलपट्टी सहित अन्य विकास योजनाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के बारे में भी लोगों से मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत आदर्श जीविका ग्राम संगठन होरलपट्टी के 201 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने सांकेतिक चेक प्रदान किया। भ्रमण के दौरान जगह-जगह स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नेताओं एवं ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, पाग एवं फूलों की माला भेंटकर उनका स्वागत किया। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से संबंधित रंगोली बनाकर मुख्यमंत्री के प्रति ‘समाधान यात्रा‘ हेतु आभार प्रकट किया।