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22.03.2023 (दरभंगा) : सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने नई दिल्ली में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन संजीव कुमार से मुलाकात कर दरभंगा एयरपोर्ट के विकास एवं विस्तार पर चर्चा किए। बैठक के पश्चात सांसद डॉ ठाकुर ने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा मिथिला के करोड़ों लोगों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की महत्त्वाकांक्षी उड़ान योजना के अंतर्गत दरभंगा एयरपोर्ट को प्रारंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रथम फेज में इस एयरपोर्ट के विकास के लिए स्वीकृत 119.40 करोड़ में से 104 करोड़ रुपया खर्च किया जा चूका है। जिसमे रनवे, टैक्सी ट्रैक, एप्रन सहित अन्य संबद्ध कार्यों के सुदृढ़ीकरण पर 64.61 करोड़, ग्राउंड लाइटिंग पर 5.50 करोड़, आरडबल्यूवाई शोल्डर्स, रेसा और वीएफआर से आईएफआर एवं ब्लास्ट पैड पर 13.35 करोड़, सीसीआर भवन निर्माण पर पौने एक करोड़, आईटीबी के विस्तार पर 34.34 करोड़, डिस्पर्सल एरिया से टर्मिनल बिल्डिंग तक कनेक्टिंग रोड पर 5.76 करोड़,टर्मिनल भवन निर्माण पर 7.62 करोड़, विविध सिविल कार्य पर 1.92 करोड़, कूलिंग पिट निर्माण पर 26 लाख, वीआईपी कक्ष एवं एएआई कार्यालय पर 14 लाख, विविध विद्युत कार्य पर 3.8 करोड़ शामिल है।

सांसद ने कहा कि आने वाले दिनों में दरभंगा हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के अनुरूप सिविल एनक्लेव को विकसित करने हेतु मोदी सरकार 916.85 करोड़ रूपया खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने भारतीय वायु सेना से लीज पर प्राप्त 2.3 एकड़ भूमि पर सिविल एनक्लेव का निर्माण किया है वहीं 2.42 एकड़ भूमि पर 36 करोड़ की लागत से नए टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण भी जारी है। कम दृश्यता में उड़ानों की रद्दीकरण कम करने हेतु नव हस्तांतरित 23.75 एकड़ भूमि पर कैट II लाइटिंग प्रणाली लगाया जाना है वहीं 54.65 एकड़ भूमि पर स्थाई टर्मिनल बिल्डिंग, 6 बे एप्रन , आवासीय क्वार्टर, कार पार्किंग, सड़क इत्यादि प्रस्तावित सभी कार्यों का योजना तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष खराब मौसम के कारण कुछ उड़ान रद्द हुआ है, परंतु इस दौरान सभी यात्रियों को उचित घोषणाओं के साथ सहायता प्रदान की गई, जिसमे रद्दीकरण रिफंड, पुनर्निर्धारण और होटल आवास शामिल है।

सांसद ने कहा कि वर्तमान में 45 वर्गमीटर क्षेत्रफल में सात लाख रुपया से कार्गो ढांचा का निर्माण किया गया है, जिससे वर्ष 2021-22 में 36 टन एवं 2022-23 में 220 टन लीची का निर्यात किया गया जा चुका है। बिहार सरकार द्वारा दरभंगा एयरपोर्ट के विकास और विस्तार हेतु जमीन नहीं उपलब्ध कराने के कारण आज तक इसका विकास और विस्तार बाधित था, जिस कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, वहीं एयर टरबाइन फ्यूल पर बिहार सरकार द्वारा अधिक वैट वसूलने के कारण उड़ान कंपनी यात्रियों को सस्ते दर पर टिकट उपलब्ध नही करा पा रही है। परंतु बीते दिनों राज्य द्वारा जमीन उपलब्ध करा देने बाद इस एयरपोर्ट का विकास अब तेज गति से होगा। उन्होंने कहा की वह दरभंगा एयरपोर्ट के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को लेकर कई बार केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित एएआई के सभी वरिष्ठ अधिकारी से मिल चुके हैं। सांसद ने कहा कि आने वाले दिनों में इस एयरपोर्ट पर सभी निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यहां के लोगों को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसा सुविधा प्राप्त होगा।