August 18, 2024
17.08.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : उत्तर बिहार खासकर मिथिला क्षेत्र में बाढ़ के स्थाई निदान के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र पूरी तरह से गम्भीर और संवेदनशील है। यही कारण है की पहले बाढ़ से निदान के लिए ग्यारह और अब इसके लिए उच्च स्तरीय कमिटी का गठन इसका ज्वलंत उदाहरण है। दरभंगा के सांसद सह लोकसभा में पार्टी के सचेतक डा. गोपाल जी ठाकुर ने बाढ़ के मुद्दे पर उनके द्वारा संसदीय अधिकार के तहत् 377 के आलोक में लोकसभा में उठाए गए प्रश्नों एवं मुद्दो के क्रम में केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्धारा भेजे गए उत्तर के आलोक में उपरोक्त जानकारी दी।
सांसद डा ठाकुर ने जल शक्ति मंत्रालय के 9 अगस्त 2024 एवं 13 अगस्त 2024 को उनके नाम भेजे गए उत्तर का हवाला देते हुए बताया कि विभाग के मुख्य अभियंता के नेतृत्व में 11 सदस्यों की कमिटी का विधिवत् गठन कर दिया गया है तथा अब कमिटी समग्र मुद्दो का विश्लेषण करेंगी। सांसद डा ठाकुर ने बताया की संसद की मंत्रिमंडलीय समिति, जलसंसाधन विभाग की संयुक्त समिती तथा संयुक्त तकनीकी समिती नेपाल सरकार से सप्तकोशी बांध तथा संनकोशी जल भण्डारण सहित अन्य संभावनाओं पर विचार ओर अध्ययन कर अपना रिपोर्ट भारत सरकार सरकार को सौंपेगी तथा तब सरकार अब आगे की पहल करेगी।
सासंद डा ठाकुर ने केंद्र सरकार के जल आयोग के 28 जून 2024 को बिहार खासकर के पत्र के आलोक में अब तक हुए पहल और प्रयास की जानकारी देते हुए कहा की अब तक भारत सरकार के द्वारा जितनी पहल किए गए है उससे यह साबित होता है की बाढ़ के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार ईमानदारी और गंभीरता पूर्वक संवेदनशील रूप से प्रयासरत हैं। सांसद डा ठाकुर ने कहा की उत्तर बिहार खासकर मिथिला के लिए विनाश का कारण बनने वाली बाढ़ का निदान कर यहां परंपरागत तथा वर्तमान समय के अनुरूप रोजगार श्रृजन की व्यवस्था पर फोकस किया जायेगा।