14.09.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : वरिष्ठ पत्रकार विजय जी चले गए। विजय कुमार श्रीवास्तव का निधन पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और वेब मीडिया के पत्रकारिता में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। आने वाली पीढ़ी पत्रकारिता क्षेत्र में उनके योगदानों के लिए याद रखेगी। विभिन्न मीडिया हाउस में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार श्रीवास्तव का पिछले दिनों इलाज के दौरान निधन हो गया।
इस मौके पर दरभंगा के पत्रकारों ने उनके व्यक्तित्व और पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए उनके उल्लेखनीय योगदानों को याद किया। उनके याद में दरभंगा के पत्रकारों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस मौके पर सभी पत्रकारों ने दिवंगत आत्मा के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी।
उप निदेशक सह प्रभारी जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सत्येन्द्र प्रसाद ने दिवंगत पत्रकार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा की विजय श्रीवास्तव ने पत्रकारिता को बहुत कुछ दिये। वे प्रखर व ईमानदार थे, ऐसे लोग हमेशा याद किए जाएंगे।
वरिष्ठ पत्रकार अमरेश्वसरी चरण सिन्हा ने कहा की विजय श्रीवास्तव अपनी निडर और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने पत्रकारिता में न केवल जोश और समर्पण दिखाया, बल्कि अपने अनुभवों से क्षेत्र के अन्य पत्रकारों का मार्गदर्शन भी किया।
वरिष्ठ पत्रकार संजीव कुमार ने उनके कार्यों को स्मरण करते हुए कहा, "विजय जी ने पत्रकारिता में सटीकता और गहराई का जो स्तर स्थापित किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा।
वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार ने विजय श्रीवास्तव के कार्यों की सराहना करते हुए कहा की दरभंगा में पत्रकारिता को उन्होंने एक नई दिशा दी। "उनकी लेखनी ने हमेशा लोगों को प्रभावित किया और समाज के विभिन्न अनछुए मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
पत्रकार शशि भूषण चौधरी ने कहा, "विजय श्रीवास्तव का असमय जाना पत्रकारिता के क्षेत्र में एक ऐसी कमी छोड़ गया है, जिसकी भरपाई करना संभव नहीं है। उन्होंने इस पेशे को एक नई परिभाषा दी।
वरिष्ठ पत्रकार शशि मोहन भारद्वाज ने विजय श्रीवास्तव को एक 'चलती-फिरती संस्था' की संज्ञा देते हुए कहा की उन्होंने हमेशा अपने सहयोगियों को कुछ नया सिखाया और उन्हें प्रोत्साहित किया।
वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्र ने कहा की विजय श्रीवास्तव, ईटीवी के समय से ही मुझे अभिभावक के भाव से देखते थे। जब भी मैं दरभंगा आता तो वे मुझे खोजकर मिलते और समय बिताते। विजय समाचार लेखन में काफी तेज थे।
मौके पर वरिष्ठ पत्रकार बिपिन कुमार ने कहा की विजय जी जब पहली बार दरभंगा आये थे, तो उसी समय से ही साथ काम करते थे। वे काफी दबाव में भी मीडिया हाउस में काम करते रहे। उनकी लेखनी काफी अच्छी थी। एक समय ऐसा था जब उनकी खबर दरभंगा पत्रकारिता के इर्द-गिर्द घूमता रहा। मगर आज उनके जाने के बाद उन्हें क्या मिला। बेहतर पत्रकारिता करके गए हैं, उन्हें लंबे दिनों तक याद रखा जाएगा।
वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार ने कहा की परिवार के बाद ही पत्रकारिता है। विजय जी ने पत्रकारिता के सामने परिवार को नहीं समझा। इसके बावजूद भी पारिवारिक जिम्मेदारी संभालते रहे। खबर की जानकारी मिलते ही वे खाना पीना छोड़कर खबर के लिए निकल पड़ते थे।
वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार 'नीरज' ने कहा की पत्रकारिता में हम सभी अकेला हैं। यहां कोई किसी का साथी नहीं है। पत्रकारिता को जीवन यापन का साधन नहीं बना सकते। विजय जी ने पत्रकारिता ईमानदारी से किया।
वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक कुमार ने कहा कि पत्रकारों की आर्थिक स्थिति हमेशा कमजोर होती है। विजय भैया ने पत्रकारिता को व्यवसाय के अपेक्षा सेवा की भावना से करने की बात सिखाई। पत्रकारों के जीते जी अगर कोई समस्या हो तो सभी को मिलकर उसका साथ देना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार शशि नाथ सिंह ने कहा की पत्रकारिता के साथ-साथ घर परिवार के लिए एक नई व्यवसाय करने की जरूरत है।
पत्रकार अभिनव सिंह ने कहा की विकट परिस्थिति में भी जब सभी साथ छोड़ दिये तो विजय भैया हमेशा साथ रहते थे।
पत्रकार पंकज महासेठ ने कहा की पिछले कुछ दिनों में ही कई साथियों के अचानक चले जाने से मन दुखी है।
पत्रकार सुनील भारती ने कहा की विजय भैया के साथ वर्ष 2007 से ही सीखने का मौका मिला। वे हमेशा अभिभावक के समान सहयोग करते थे।
पत्रकार इम्तियाज अहमद ने कहा की विजय जी अपने और अपने परिवार से पहले खबरों को प्राथमिकता देते थे।
मौके पर पत्रकार मुकेश कुमार, राकेश कुमार नीरज, कौशल किशोर कर्ण, संजय मिश्र,अमित सिंह, गिरीश कुमार,अभिषेक कुमार, अभिनव सिंह, राहुल कुमार गुप्ता, विपिन कुमार 'पप्पू', सुनील भारती, पंकज महादेव, संजय मंडल उर्फ गुड्डू, रविंद्र कुमार, इम्तियाज अहमद, तुलसी झा, सौरभ झा, अब्दुल कलाम उर्फ गुड्डू, राकेश झा, दीपक झा, जी.एम.फिरोज, मो.सरफराज आलम, अमर कुमार मिश्रा, रोहित गुप्ता, राजकुमार रंजन, राजीव कुमार राजू, रमेश शर्मा, सूरज कुमार, राहुल जगजीत, धीरेंद्र मिश्रा, बैजनाथ झा उर्फ बैजू, चंद्रप्रकाश कर्ण, अशोक लाल देव, नवीन कुमार, नीरज कुमार राय, चिंटू चौधरी, विवेकानंद सिंह, प्रकाश झा, मनोज कुमार झा, राकेश कुमार, दीपक कुमार झा, संतोष चौधरी, रवि प्रकाश, मनोज झा सहित अन्य पत्रकारों ने विजय श्रीवास्तव की स्मृतियों को नमन किया।