March 23, 2024

23.03.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन एवं एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेडी द्वारा जिला संयुक्त आदेश जारी किया गया है कि 24 मार्च को होलिका दहन, 25 एवं 26 मार्च को होली पर्व मनाया जाएगा। होली पर्व के दूसरे दिन कुछ स्थलों पर परम्परागत झुमटा, बसिऔरा जुलूस निकाले जाने की परम्परा रही है। उन्होंने कहा है कि इस वर्ष होली पर्व 25 एवं 26 मार्च को मनाया जाएगा।
उक्त पर्व के अवसर पर दोनों साम्प्रदाय की मिली-जुली आबादी को ध्यान में रखते हुए इस त्योहार के अवसर पर कड़ी निगरानी एवं सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा आम निर्वाचन 2024 की घोषणा हो चुकी है। उक्त अवसर पर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने इत्यादि हेतु दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। रमजान का महीना चल रहा है, मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखे हुए हैं, प्रत्येक शुक्रवार को रोजा के दिन मस्जिदों में सामूहिक नमाज अदा की जाती हैं। अंतिम शुक्रवार को अलविदा होने के कारण मस्जिदों के अतिरिक्त कहीं-कहीं सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक नवाज अदा की जाती है, ऐसी स्थिति में खासकर नमाज एवं इफ्तार के समय सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
संयुक्तादेश में जिले में पूर्व में घटित संप्रदायिक घटनाओं के मद्देनजर कड़ी निगरानी रखने का निदेश सभी संबंधित दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी को दिया गया। उन्होंने कहा की मिथ्या अफवाह के कारण भ्रम एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने पर आवश्यकतानुसार अफवाह का खंडन हेतु तत्काल यथोचित कार्रवाई भी करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने प्रभारी यातायात को निर्देश दिया है कि दरभंगा शहरी क्षेत्र में होली पर्व के अवसर पर सभी चौक-चौराहों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस को प्रतिनियुक्त करेंगे तथा ट्रैफिक एवं विधि व्यवस्था का संधारण करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही यातायात प्रभारी इस दौरान स्वयं भी भ्रमणशील रहते हुए यातायात व्यवस्था संचालित कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने जिला संयुक्त आदेश में कहा है कि होली पर्व के अवसर पर सभी प्रकार के अवकाश अगले आदेश तक के लिए स्थगित किया जाता है, विशेष परिस्थिति पर जिला दण्डाधिकारी द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
इसके साथ ही उक्त पर्व के अवसर पर विधि-व्यवस्था एवं शांति-व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रत्येक अनुमण्डल में दंगा निरोधक बलों की क्यू.आर.टी टीम का गठन सदर/बेनीपुर/बिरौल एवं कमतौल अंचल में किया गया है। क्यू.आर.टी टीम का उपयोग आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि शांति समिति के सदस्यों से समन्वय स्थापित कर भीड़ की गतिविधि क्रियाकलाप पर निगरानी रखने हेतु संवेदनशील चौक-चौराहों पर सी.सी.टी.वी/वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी की व्यवस्था करना सुनिश्चित करेंगे। उक्त पर्व के अवसर पर भीड़ के मद्देनजर शहरी क्षेत्र में विधि-व्यवस्था संधारण करने/रहजनी/छेड़छाड़ की घटनाओं की रोकथाम हेतु विशेष गश्ती हेतु सी.आई.ए.टी.बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है, जो फ्लोरीसेट जैकेट, कालापट्टी एवं आवश्यक संसाधनों से लैस रहेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय/नगर/लहेरियासराय/सदर के थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि वे प्रभारी सी.आई.ए.टी. को उन्हें अपने कर्तव्य की जवाबदेही को समझाकर इसका अनुपालन दृढ़ता के साथ कराना सुनिश्चित करेंगे। इस पर्व के अवसर पर विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने सभी थानाध्यक्ष/ओ.पी अध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि उक्त बिन्दुओं के आलोक में विशेष सतर्कता बरतते हुए सतत निगरानी रखना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सभी स्थानीय थानाध्यक्ष/ओ.पी अध्यक्ष/पुलिस निरीक्षक/प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी एवं प्रतिनियुक्त पदाधिकारी एवं दण्डाधिकारी को निर्देश दिया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु किसी भी योजनाओं के पूर्व आसूचना एकत्र करते हुए,उस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को देना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष को थाना स्तर पर विधि व्यवस्था/शांति व्यवस्था की बैठक शीघ्र कर लेने को कहा गया। इसके साथ ही शांति-व्यवस्था कायम रखने हेतु सभी असामाजिक तत्वों एवं अशांति फैलाने वाले के विरुद्ध सूचनाओं का संकलन करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत तत्काल निरोधात्मक एवं अन्य कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के कोई भी व्यक्ति लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे सभी डी.जे वालों से लिखित शपथ ले लेंगे कि वे डी.जे का उपयोग नहीं करेंगे/अश्लील गाने नहीं बजाएंगे। उन्होंने सभी भूमि सुधार उप समाहर्त्ता एवं अंचलाधिकारी को भूमि विवाद एवं ईदगाह/कब्रिस्तान संबंधित विवादों के मामलों पर भी निगरानी रखते हुए यथासंभव समाधान करने को कहा गया, ताकि उसकी आड़ में उक्त पर्व के अवसर पर कोई विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हो सके। उन्होंने सभी थानाध्यक्ष/ओ.पी अध्यक्ष/अंचल पुलिस निरीक्षक/अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी/अनुमण्डल पदाधिकारी/प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र में, जो संवेदनशील गाँव है, वहाँ शांति समिति की बैठक आयोजित कर शांति समिति का गठन कर लेने को कहा गया।