
18.11.2022 (पटना) : आयुक्त, पटना प्रमंडल-सह-अध्यक्ष, विमानपत्तन पर्यावरण प्रबंधन समिति, पटना, कुमार रवि ने जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर सर्वोत्तम नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता तथा उच्चतम सुरक्षात्मक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। वे आज पटना एयरपोर्ट के सभाकक्ष में विमानपत्तन पर्यावरण प्रबंधन समिति (एइएमसी) की बैठक में अध्यक्षीय संबोधन कर रहे थे।
उन्होंने कहा की सुरक्षित एयर ट्रैफिक सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इसके लिए सभी भागीदारों (स्टेकहोल्डर्स) के बीच अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। एयरपोर्ट सार्वजनिक सुविधा का अत्यंत महत्वपूर्ण केन्द्र है तथा प्रशासन के लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वाेपरि है। इसके लिए पर्यावरणीय प्रबंधन एवं सतत विकास के मूलभूत सिद्धांतों को ध्यान में रखना पड़ेगा। वैश्विक पर्यावरण प्रबंधन मानकों के अनुसार एयरपोर्ट का संचालन आवश्यक है। आयुक्त ने कहा कि विमानन सुरक्षा नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा सभी हवाई अड्डों के सुरक्षित संचालन के लिए मानक निर्धारित किया गया है। इसका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। निदेशक, नगर विमानन विभाग, पटना हवाई अड्डा अंचल प्रकाश द्वारा आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि जुलाई माह में आयोजित एइएमसी की बैठक में आयुक्त के दिए गए निदेश के आलोक में कैट-। (एप्रोच) लाईट के अधिष्ठापन हेतु सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। आयुक्त द्वारा इस पर प्रसन्नता व्यक्त की गई एवं निदेशक, नागर विमानन विभाग को संजय गाँधी जैविक उद्यान के निदेशक से समन्वय स्थापित कर सक्षम प्राधिकार से विधिवत अनुमोदन प्राप्त करते हुए कैट-। लाईट के अधिष्ठापन, डॉप्लर वेरी हाई फ्रिक्वेंसी ओम्नि डायरेक्शनल रेंज (डीवीओआर) के कमिशनिंग कार्य में सुगमता एवं ऑप्टिकल लैंडिग सिस्टम (ओएलएस) सर्वे के अनुसार पेड़ों की छंटाई हेतु अग्रेतर कार्रवाई करने का निदेश दिया गया।
उन्होंने कहा कि कैट-। (एप्रोच) लाईट एयरक्राफ्ट को लैंड करने में विजुअल सहायता प्रदान करता है। इसके अधिष्ठापन से पटना एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी आवश्यकता 1000 मीटर से घटकर 700 मीटर हो जाएगी। इससे पटना एयरपोर्ट रनवे पर वायुयानों की लैंडिंग क्षमता में वृद्धि होगी। फलस्वरूप वायुयानों के आवागमन की संख्या बढ़ेगी। जाड़े के मौसम में कुहासा आदि के कारण होने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सकता है एवं विमानों को रद्द करने की संभावना न्यूनतम की जा सकती है। आयुक्त श्री रवि ने कहा कि इससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। आयुक्त द्वारा इस बैठक में पूर्व के बैठक में लिए गए निर्णयों के आलोक में अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। निदेशक, नगर विमानन विभाग, पटना हवाई अड्डा, अंचल प्रकाश द्वारा पावर प्वाईंट प्रिजन्टेशन के माध्यम से एयरपोर्ट की सुरक्षा एवं विकास के बारे में जानकारी दी गयी। पटना एयरपोर्ट के चल रहे विस्तार एवं विकास कार्यों के मद्देनजर यातायात प्रवाह प्रबंधन एवं सुरक्षात्मक मुद्दों पर विस्तार से विमर्श किया गया। कैट-। लाईट का अधिष्ठापन, डीवीओआर का कमिशनिंग, ओएलएस सर्वे के अनुसार अतिरिक्त पेड़ों की छंटाई, बिहटा एयरफोर्स स्टेशन परिसर से नीलगायों का स्थानान्तरण, पटना एयरपोर्ट के नजदीक कूड़े का उचित निस्तारण सहित सभी सुरक्षात्मक कार्य-बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। सुगम यातायात हेतु एयरपोर्ट की व्यवस्था के बारे में निदेशक ने विस्तार से बताया।
आयुक्त ने कहा कि पथ निर्माण विभाग, पटना नगर निगम, वन एवं पर्यावरण विभाग, नगर विकास विभाग, पटना पुलिस, यातायात, जैविक उद्यान, विद्युत विभाग सहित सभी विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए पटना हवाई अड्डा पर सुरक्षित एयर ट्रैफिक हेतु अपेक्षित कार्यों का ससमय सम्पादन करना चाहिए। निदेशक, नगर विमानन विभाग, पटना हवाई अड्डा, श्री प्रकाश ने बताया कि फ्लाईट सुरक्षा हेतु नियमित अंतरालों पर पेड़ों की छंटाई किया जाना आवश्यक है। इसके लिए संजय गाँधी जैविक उद्यान के निदेशक के साथ नियमित तौर पर समन्वय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाती है।आयुक्त ने नगर विकास एवं आवास विभाग के पदाधिकारियों को पटना एयरपोर्ट के आस-पास के क्षेत्र में साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान नियमित तौर पर संचालित करने तथा ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ रखने का निदेश दिया।
विमानों एवं यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह आवश्यक है कि पटना एयरपोर्ट के आस-पास के क्षेत्रों में पक्षियों के आकर्षण के स्रोत को कम किया जाए। उन्होंने कहा कि पक्षियों के अधिकतम जमावड़े वाले स्थान को हटाना जीवन-सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के नियम 91 के प्रावधान के अनुसार हवाई अड्डा के निर्धारित त्रिज्या क्षेत्र में कूड़े का समुचित निस्तारण करने एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया ताकि बर्ड-हीट की घटना पर नियंत्रण पाया जा सके। विदित हो कि आयुक्त श्री रवि द्वारा इस उद्देश्य हेतु विगत बैठक में नगर परिषद, फुलवारीशरीफ एवं नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी, एजीएम नागर विमानन विभाग, पटना हवाई अड्डा तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी, फुलवारीशरीफ की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया था। निदेशक, नगर विमानन विभाग, पटना हवाई अड्डा द्वारा आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि नूतन राजधानी अंचल अंतर्गत ग्यारह स्थानों पर से अतिक्रमण हटाया गया है।
नूतन राजधानी अंचल एवं फुलवारीशरीफ नगर परिषद द्वारा नियमित एवं सतत तौर पर अभियान चलाया जा रहा है तथा कूड़ा निस्तारण किया जा रहा है। आयुक्त ने इस टीम को सक्रिय एवं तत्पर रहने का निदेश दिया। आयुक्त ने पटना एयरपोर्ट परिसर से आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कुत्ता पकड़ने वाली टीम सप्ताह में कम से कम एक बार पटना हवाई अड्डा क्षेत्र का भ्रमण करेगी एवं आवारा कुत्ता को पकड़ेगी। यह ट्रैफिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है। बिहटा एयरफोर्स स्टेशन परिसर से नीलगायों की समस्या को दूर करने के लिए वायुसेना, वन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को इनके स्थानान्तरण पर नियमानुसार अपेक्षित कार्रवाई करने का निदेश दिया। उन्होंने जिला वन पदाधिकारी को 30 नवम्बर, 2022 तक सर्वे रिपोर्ट एवं कार्य योजना प्रस्तुत करने का निदेश दिया। हवाई अड्डा पर्यावरण प्रबंधन समिति के दिशा-निदेशों के अनुरूप सभी पदाधिकारियों को सुरक्षित यातायात प्रबंधन एवं एयर ट्रैफिक सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।
इस बैठक में डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो, जिला वन पदाधिकारी, निदेशक, नगर विमानन विभाग, पटना विमानपत्तन अंचल प्रकाश, कमान्डिंग ऑफिसर भारतीय वायुसेना, बिहटा, अपर समाहर्ता, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी, पटना प्रमंडल, अपर नगर आयुक्त, पटना नगर निगम, संजय गाँधी जैविक उद्यान के उप निदेशक, समादेष्टा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, पटना हवाई अड्डा, मंडल रेल प्रबंधक, दानापुर के प्रतिनिधि, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी एवं अन्य भी उपस्थित थे।