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24.11.2022 (दरभंगा) : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो० प्रेम मोहन मिश्रा सहित दो को जान से मारने की धमकी मिलना काफी दुर्भाग्यपूर्ण घटना और राज्य सरकार की नाकामी का एक उदाहरण मात्र है। उक्त बातें सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि प्रो० मिश्रा को रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से एक लिफाफा प्राप्त हुआ है जिसके अंदर धमकी भरा पत्र था लिखा है। जिससे प्रो० मिश्रा सहित उनका पूरा परिवार सदमे में है। सांसद ने कहा कि सभ्य समाज में इस तरह के कुकृत्य का कोई जगह नही है। घटना में त्वरित कारवाई को लेकर सांसद डॉ ठाकुर ने जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर बात कर दोषियों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए मिश्रा एवं उनके परिवार को जिला प्रशासन उचित सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराए। सांसद डॉ ठाकुर ने चंदौना कॉलेज के प्रोफेसर और कलीगांव निवासी प्रो० आनंद ठाकुर के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि विगत दुर्गा पूजा में अपराधियों ने उन्हें घर से बुलाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट कर बुरी तरह घायल कर दिया, और लंबे इलाज के बाद उनका दुखद निधन हो गया।

सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि दरभंगा आतंकी का पनाहगार बनता जा रहा है। वर्ष 2006 में मुम्बई की लोकल ट्रेन बम विस्फोट में सिमी का हाथ था और संगठन के कई लोग दरभंगा से भी गिरफ्तार हुए थे। इसी प्रकार हैदराबाद में हुए सीरियल ब्लास्ट में इंडियन मुजाहिदीन संगठन का नाम आया और समस्तीपुर का रहने वाला तहसीन गिरफ्तार हुआ था। देश के विभिन्न जगहों में हुए बम विस्फोट में भी कथित संलिप्तता के आरोप में एक दर्जन लोग जो इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े हुए पाए गए, जिनकी दरभंगा से गिरफ्तारी हुई थी। उस वक्त एनआईए की जांच में भी यह बात सामने आई थी कि इंडियन मुजाहिदीन का संस्थापक सदस्य कफील अहमद,आंतकवादी यासीन भटकल आतंकवाद का प्रशिक्षण देने के लिए दरभंगा को ही चुना था।