November 30, 2023

28.11.2023 (दरभंगा) : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सम्राट चौधरी द्वारा दरभंगा में जिला कार्यालय में प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि डी.एम.सी.एच सर्जिकल भवन का लोकार्पण कर जनता को आंख में धूल झोंकने का कार्य किया है चाचा भतीजा के सरकार ने, जबकि यह भवन भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा स्वीकृत किया हुआ है। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि एक ओर आधे अधूरे भवन का लोकार्पण हो रहा है वही दूसरी ओर दो वर्षो से तैयार सुपर स्पेशलिटी जहां करोड़ों की मशीन और उपकरण में जंग लग रहा है पानी के अभाव के कारण एव वाहन पड़ाव के कारण लोकार्पण अटका पड़ा है, जबकि पानी की भी व्यवस्था दरभंगा सांसद के ऐच्छिक कोष से उच्च स्तरीय पंप लगाकर करवा दिया गया है।
डॉक्टर की नियुक्ति भी हो चुकी है जहां हार्ट, कैंसर विभाग में प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों की जान बच सकती है। सरकार उदासीन है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 15-16 के बजट में एम्स की स्वीकृति हुई, सरकार को 200 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया, उस समय चाचा भतीजा की सरकार थी। चार वर्ष तक एम्स नहीं बनने को लेकर सभी हथकंडा अपनाते हुए कोई पत्र का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा और आज मुख्यमंत्री जी एम्स बनने के पहले इसका श्रेय लेने को बेताब है। स्वास्थ मंत्री का ब्यान जो एम्स को लेकर दिया गया है वह घमंडिया गठबंधन के सोच और मानसिकता को दर्शाता है कि आखिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्यों आठ वर्षो से दरभंगा एम्स को लटकाए हुए है वह नहीं चाहते की विकास का पर्याय बन चुके यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों इसका शिलान्यास हो। उपमुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि देश के किस राज्य में 500 करोड़ में एम्स बना है, किसी भी एम्स के सिर्फ ढांचागत निर्माण और उपकरण पर हजारों करोड़ रुपया खर्च करती है और बाद में डॉक्टर, स्टाफ, दवाई, मशीन, रिचर्च, सहित दैनिक रख रखाव पर हजारों करोड़ सलाना खर्च करती है।
सरकार अगर आज जमीन मुहैया करवा दे तो हमलोग प्रधानमंत्री से मिलकर शिलान्यास भी करवा देंगे। 2020 में 1264 करोड़ के स्वीकृत के साथ डायरेक्टर भी नियुक्ति हो चुका है। जनता देख चुकी है की 300 एकड़ जमीन राज्य कैबिनेट के माध्यम से सरकार को हस्तांतरित किया था और स्थल पर मिट्ठी भराई, पूर्व से अवस्थित भवन को तोड़कर समतलीकरण किया गया और जब एम्स निर्माण प्रारंभ होना था तो जमीन वापस ले लिया। एम्स के अतिक्रमित भूमि को मुक्त करवाने का क्या प्रयास किया जनता जानना चाह रही है। बिहार सरकार की दरभंगा एम्स को लटकाने अटकाने और भटकाने वाली नीति के विरुद्ध 02 अक्टूबर को सांसद गोपाल जी ठाकुर द्वारा बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित नए 30 फीट गड्डे वाले स्थल पर अनशन भी किया गया था।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल ने राज्य सरकार से 200 एकड़ अविवादित और उपयुक्त जमीन देने का अनुरोध किया था लेकिन राज्य सरकार उसी जमीन देने को लेकर अड़ी हुई है। मैं राज्य सरकार से अनुरोध करता हूं कि एम्स को राजनीति का अड्डा न बनाएं। एम्स का लाभ कई पीढ़ी को मिलता है मिथिला को यह सौभाग्य आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिया गया है। बिहार सरकार इसमें रोड़ा नहीं अटकाए और जल्द से जल्द एम्स के मानक के अनुरूप 200 एकड़ अविवादित और उपयुक्त जमीन, बिजली, पानी, फोरलेन सड़क सहित अन्य सुविधा सहित भारत सरकार को हस्तांतरित करे ताकि दरभंगा एम्स का निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो सकें।
नरेंद्र मोदी शब्दो से बने नेता नहीं है वह कर्मो से बने एक नेता है जो कहते है अवश्य करते है। 40 में 40 सीट भाजपा गठबंधन की जीत सुनिश्चित है तब तक जो करना है कर लें दरभंगा में ही एम्स बनेगा । हमारी लोकतांत्रिक पद्धति को नष्ट होने से बचाना है। शिक्षक जो हिंदू है उनके पर्व त्योहार में कटौती और एक वर्ग के छुट्टी में बढ़ोतरी आखिर सरकार क्या साबित करना चाह रहा है भाजपा इसका विरोध करेगी यह जनभावना के साथ छल है।
इस प्रेस वार्ता में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष हरि सहनी, पूर्व मंत्री सह जाले विधायक जीवेश मिश्रा, नगर विधायक संजय सरावगी, केवटी विधायक डॉ मुरारी मोहन झा, हायाघाट विधायक रामचंद्र प्रसाद, विधान पार्षद सुनील चौधरी , जिलाध्यक्ष जीवछ सहनी, जिला प्रभारी अरुण कुशवाहा आदि उपस्थित थे।