August 28, 2023

27.08.2023 (DarbhangaOnline Buero) : इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन (आईजेयू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 26.08.2023 को पटना में बिहार विधान परिषद के उप भवन के सभागार में शुरू हुई। बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के तत्वाधान में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता आईजेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के श्रीनीवास रेड्डी ने की। बैठक का उद्घाटन बिहार विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर किया जबकि कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के तौर पर कांग्रेस विधायक दल के नेता डा. शकील अहमद खान और राज्य के श्रम मंत्री सुरेन्द्र राम मौजूद थे।
प्रथम सत्र के मौके पर देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि पत्रकारिता पर खतरे बढ़े है, लेकिन लोकतंत्र की जड़े मजबूत है।उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों और केन्द्र शाषित प्रदेशों से यहां आए पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि आज पत्रकारिता पर चुनौतियां जरूर बढ गई है। लेकिन देश के पत्रकार इन चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और देश की आजादी को कोई भी सरकार कुछ समय के लिए दबा सकती है, लेकिन इसे खत्म नही किया जा सकता है।
वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता डा. शकील अहमद खान ने कहा कि इन दिनों पत्रकारिता पर बाजारवाद हावी है। फिर भी अनुभवी पत्रकार किसी ना किसी रूप में सही समाचार को प्रकाशित कर ही देते हैं। उन्होंने कहा कि सूचनाक्रांति के इस युग में समाचार को छुपाया नही जा सकता है। श्रम मंत्री सुरेन्द्र राम ने स्वतंत्रता आंदोलन और देश की आजादी में पत्रकारों की अहम भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी उन्हें उसी जज्बे का परिचय देना होगा। यह सही है कि उनकी कुछ समस्याएं है और उसके समाधान के लिए उन्हें संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि आपमें जज्बा भी है, आपका संगठन भी है। ऐसे में आप दो दिन तक आपस में विचार विमर्ष कर अपनी समस्याओं को दूर करने का कोई रास्ता जरूर निकाल पाएंगे।
उन्होंने लोकतंत्र की खुबशुरती की चर्चा करते हुए कहा कि संघर्ष करते हुए ही वह एक श्रमिक से श्रम मंत्री तक पहुंचे हैं। भाकपा विधायक सूर्यकांत पासवान और भाकपा-माले विधायक संजीव सौरव ने भी इस मौके पर अपने विचार व्यक्त किए। बिहार श्रमजीवी यूनियन के महासचिव कमलकांत सहाय ने मौजूदा वक्त में पत्रकारिता की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। स्वागत भाषण यूनियन की बिहार प्रदेश अध्यक्ष निवेदिता झा और धन्यवाद ज्ञापन आईजेयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर मोहन प्रसाद ने किया। सत्र का संचालन सीटू तिवारी ने किया।

दो दिवसीय बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि किसी भी सूरत में सच्चे और अच्छे पत्रकारों, जो देशहित में काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ देशद्रोह कानून की धाराएं नही लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देशहित में काम करने वाले पत्रकारों के खिलाफ अगर देशद्रोह का मामला दर्ज होता है तो वह स्वयं पूरी ताकत से इसका विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक महत्वपूर्ण और सम्मानित पेशा है। इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। इसमें लोकतंत्र के बाकी तीन स्तंभों को नियंत्रित करने की क्षमता है। लोकतंत्र का यह एक मजबूत स्तंभ है। किसी गुनाह की सजा कानून बाद में देता है, लेकिन मीडिया ट्रायल के जरिए जो सजा समाज पलभर में दे देता है, वह किसी फांसी से कम नही होता। नित्यानंद राय ने कहा कि पत्रकारिता हमारी प्राथमिकता जरूर है, लेकिन देश सबसे ऊपर है।
कोई भी पत्रकार यदि देशहित के विपरीत काम करे, इसे बर्दास्त नही किया जा सकता है। हालांकि, एक लाख में मात्र एक ही पत्रकार ऐसा करते हैं और ऐसा करने वाले मूल रूप से पत्रकार नही होते हैं, फिर भी उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को जोर शोर से प्रचारित-प्रसारित किया जाता है। उन्होंने कहा कि देशहित की रक्षा के लिए एक मजबूत कानून होना ही चाहिए। मीडिया कमीशन बनाए जाने की आईजेयू की मांग पर गृह राज्य मंत्री ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को हल करने और उनकी मांगों की पूर्ति के लिए एक आयोग का गठन होना चाहिए। सरकार इसके लिए पत्रकारों से वार्ता करने के लिए तैयार है।
बैठक में देश के विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित क्षेत्रों के करीब डेढ सौ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर मणिपुर में हिंसा की घटनाओं खासकर महिलाओं के साथ किए गए दुर्व्यहार की घोर निंदा की गई। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों में पत्रकारों की समस्याओं और उनके निदान के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। आईजेयू के पूर्व अध्यक्ष एस एन सिन्हा ने यूनियन की गतिविधियों और भावी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
इस बैठक के सफल आयोजन के लिए बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की अध्यक्ष निवेदिता झा, महासचिव कमलकांत सहाय राष्ट्रीय परिषद के सदस्य शिवेन्द्र नारायण सिंह और रवि उपाध्याय के प्रयासों की सराहना की गई। देशभर से आए पत्रकारों ने आईजेयू के उपाध्यक्ष अमर मोहन प्रसाद के योगदान की विशेष रूप से चर्चा की। अमर मोहन प्रसाद के प्रयासों से ही एक लंबे अर्से के बाद बिहार में आईजेयू की सफल बैठक संपन्न हो सकी। उनके अथक प्रयासों के बगैर यह संभव नही था।