June 12, 2024

10.06.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र सभी लाभुकों का लाभार्थी सत्यापन (ई-केवाईसी) शत-प्रतिशत करना अनिवार्य है। डीएम ने कहा कि सभी जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के दुकानों पर लाभार्थी सत्यापन (ई-केवाईसी) नि:शुल्क किया जाना है। उन्होंने कहा कि कई जगह से यह शिकायत प्राप्त हो रही है कि जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के द्वारा (ई-केवाईसी) के नाम पर लाभुकों का अंगूठा लगा कर खाद्यान्न की निकासी कर ली जाती है एवं लाभुकों को खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया जाता है। डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी दरभंगा एवं सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी दरभंगा को निर्देश दिया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरश: अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी जन वितरण प्रणाली विक्रेता द्वारा (ई-केवाईसी) के नाम पर पॉश मशीन में अंगूठा लगाकर लाभुकों को खाद्यान्न की आपूर्ति नहीं कर खाद्यान्न गबन की जाती है तो उनके विरुद्ध तत्क्षण नियमानुसार कार्रवाई करना संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करेंगे।
June 08, 2024

07.06.2024 (दरभंगा) : SSP, CITY SP, RULAR SP के द्वारा प्रत्येक कार्य दिवस पर लगातार की जा रही है जनसुनबाई। आम लोगों की समस्या के समाधान को लेकर तत्पर है दरभंगा पुलिस। इसी क्रम SSP ने कुल 06 फरियादी के समस्या की सुनवाई की एवं उनके निराकरण हेतू संबंधित को आदेशित किये जिसमे बहेड़ा थाना - 01, बहेड़ी थाना - 02, मब्बी थाना - 01, साइबर थाना - 02।

CITY SP ने कुल 33 फरियादी के समस्या की सुनवाई की एवं उनके निराकरण हेतू संबंधित को आदेशित किये जिसमे जाले थाना - 05, लहेरियासराय थाना - 04, बहादुरपुर थाना - 04, नगर थाना - 02, कमतौल थाना - 02, केवटी थाना - 02, सिंहवाड़ा थाना - 04, विश्वविद्यालय थाना - 04, अशोक पेपर मिल थाना - 02, हायाघाट थाना - 02, मब्बी थाना - 01, सिमरी थाना - 01।

RULAR SP ने कुल 05 फरियादी के समस्या की सुनवाई की एवं उनके निराकरण हेतू संबंधित को आदेशित किये जिसमे बहेड़ा थाना - 01, घनश्यामपुर थाना - 01, कुशेश्वर स्थान थाना - 01, अलीनगर थाना - 02।
June 08, 2024

07.06.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन के तहत संभावित बाढ़ से निपटने को लेकर समीक्षा की गई एवं उपस्थित अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए गए।
आज बैठक में वर्षा मापक यंत्र, तटबंधों के संरक्षण, क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल पुलियों,बाढ़ आश्रय स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, शुद्ध पेयजल, शौचालय व्यवस्था एवं औसत भू-गर्भ जल स्तर, मानव दवा एवं स्वास्थ्य, बाढ़ आश्रय स्थल निर्माण, पशु चारा एवं पशुओं,आकस्मिक फसल योजना, आपदा सम्पूर्ति पोर्टल, सरकारी एवं निजी नाव का निबंधन, प्रखंड अनुश्रवण समिति की बैठक, आपदा सम्पूर्ति सूची का अनुमोदन, नाव का भौतिक सत्यापन,सैंड बैग का सत्यापन,राहत शिविर का सत्यापन, तटबंध की सुरक्षा, नहरों की स्थिति, पटवन की स्थिति एवं एसडीआरएफ भवन का निर्माण इत्यादि संबंधित बिंदुओं पर बारी-बारी से चर्चा की गई।
डीएम श्री रौशन ने कहा कि तटबंध सुरक्षा से संबंधित सभी बाढ़ नियंत्रण डिवीजन के कार्यपालक अभियंता को तटबंध की निगरानी करवाने एवं कटाव निरोधक कार्य संपन्न करा लेने तथा आकस्मिक स्थिति के लिए बालू भरे बैग चिन्हित स्थलों पर रखने के लिए सख्त निर्देश दिए।डीएम ने संबंधित पदाधिकारी को बालू भरे बैग का सत्यापन करा लेने का निर्देश दिए। उन्होंने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को सभी पंचायतों में वर्षा मापक यंत्र कार्यरत है या नहीं जाँच कराने की निर्देश दिया गया। डीएम ने कार्यपालक अभियंता पीएचईडी से भूगर्भ स्तर के संबंध में जानकारी लिया तथा उन्हें लगातार वाटर लेवल जाँच करते रहने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी अंचलाधिकारी को चापाकल हेतु जगह चिन्हित करते हुए प्रतिवेदन 03 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने को कहा। सभी संबंधित पदाधिकारी को तटबंधों का मुआयना कर लेने तथा पुल-पुलिया कि साफ-सफाई कर लेने को कहा।उन्होंने कहा की सभी अंचलाधिकारियों को अपने क्षेत्र में स्टोर किए गए बालू की मात्रा, गुणवत्ता जाँच कर प्रतिवेदन उपलब्ध करावे। कंट्रोल रूम का गठन करा लेने का निर्देश दिया गया तथा संवेदनशील स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर लेने को कहा। उन्होंने कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग को फोटो सहित एक एलबम बनाकर आपदा विभाग में जमा करने का निर्देश दिया।डीपीएम हेल्थ द्वारा बताया गया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 23 प्रकार की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि चलंत चिकित्सा दल का गठन कर लिया गया है। डीएम ने बाढ़ आश्रय स्थल हेतु चिकित्सा दल का गठन करने का निर्देश दिया। जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि पशु शिविर स्थल का चिन्हित कर लिया गया है एवं 38 प्रकार की दवा उपलब्ध है। पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि सभी पशुओं का टीकाकरण कर लिया गया है। डीएम ने सभी अंचलाधिकारी को निजी नाव मालिक से एकरारनामा करने से पहले उनके नाव सत्यापन करने तथा सभी नाव का रजिस्ट्रेशन भी करवाने का निर्देश दिया। उन्होंने नाविकों के लंबित भुगतान के संबंध में जानकारी लिया तथा लंबित भुगतान को जल्द से जल्द भुगतान करने को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी नाविक का भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाभुकों का डाटा का सत्यापन कराकर सभी अंचलाधिकारी अपने अंचल के डाटा को जिला आपदा शाखा में भेजना सुनिश्चित करेंगे। कार्यपालक अभियंता भवन बृजेश कुमार के द्वारा बताया गया कि तेरह स्थलों पर बाढ़ आश्रय का निर्माण किया जाना था जिसमें से आठ पर पूर्ण हो गया है । एक माह के अंदर शेष आश्रय स्थल भवन बनाने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ के समय किसी भी नागरिक को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो, इसलिए सभी आवश्यक तैयारी यथाशीघ्र अधिकारी पूर्ण कर लें। डीएम ने अपर समाहर्ता आपदा को निर्देश दिया कि जिन अंचल के द्वारा डाटा अद्यतन नहीं है, उन अंचलाधिकारी से कारणपृच्छा की जाए, साथ ही चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द अपने डाटा शत प्रतिशत अद्यतन कर लें। बेनीपुर, बहादुरपुर, बहेड़ी और दरभंगा अंचल अधिकारी के कार्यकलापों पर नाराजगी व्यक्त की गई।
इन अंचल अधिकारियों को वेतन बंद करने का चेतावनी भी दिया गया। बैठक में अपर समाहर्ता आपदा सलीम अख्तर, उप निदेशक जन संपर्क सत्येंद्र प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल उमेश कुमार भारती, जिला कृषि पदाधिकारी विपिन कुमार बिहारी, वरीय उप समाहर्ता भानु चंद्रा एवं संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
June 08, 2024

07.06.2024 (दरभंगा) : अपर समाहर्ता जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार द्वारा 09 जून 2024 (रविवार) को जिला में आयोजित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा के लिए चिन्हित 20 परीक्षा केन्द्रों के केन्द्राधीक्षक, स्टैटिक दण्डाधिकारी, गश्ती दण्डाधिकारी, ऑब्जर्वर, उड़नदस्ता दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ सभी संबंधित पदाधिकारी को ब्रीफिंग किया गया।
उन्होंने कहा कि बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद द्वारा रविवार को बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (ITICAT-2024) पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 1:15 बजे तक जिला मुख्यालय के 20 परीक्षा केन्द्रों पर निर्धारित कार्यक्रमानुसार आयोजित की जाएगी। परीक्षा केन्द्र पर अभ्यर्थियों को पूर्वाह्न 8:00 से पूर्वाह्न 10:30 तक प्रवेश की अनुमति होगी। निर्धारित समय के उपरान्त किसी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं होगा। परीक्षार्थी को ब्लू/काला बॉल पॉइंट पेन, फोटो युक्त मैट्रिक प्रवेश पत्र, विद्यालय पहचान पत्र तथा ITICAT-2024 का प्रवेश पत्र के साथ ही परीक्षा केन्द्र में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने परीक्षा केन्द्र पर सभी केन्द्राधीक्षक एवं परीक्षा कार्य में प्रतिनियुक्त वीक्षक एवं कर्मी को ससमय उपस्थित होने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी को हवाई चप्पल तथा हाफ शर्ट / कुर्ती में ही प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रारंभ होने के एक दिन पूर्व पर्षद द्वारा उपलब्ध कराए गए दिशा-निर्देश के अनुरूप उम्मीदवारों के बैठने की योजना एवं अन्य सारी व्यवस्था पूरी कर लें। प्रत्येक हॉल एवं परीक्षा कक्ष के बाहर तथा परीक्षा केन्द्र परिसर में यथोचित स्थान पर परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व यथासमय प्रदर्शित करायें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थी के बैठने की व्यवस्था 08 के गुणक में की जाएगी। एक बेंच पर दो से अधिक उम्मीदवार नहीं बैठेंगे तथा उनके बीच कम से कम 02 वर्ग मीटर की दूरी रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केन्द्र पर यथासमय सील्ड प्रश्न पत्र पहुंचा दिया जाएगा तथा परीक्षा प्रारंभ होने के आधा घंटा पूर्व बॉक्स को केन्द्राधीक्षक, केन्द्र पर्यवेक्षक पदाधिकारी एवं कम से कम 02 वीक्षक की उपस्थिति में खोलेंगे।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट उपरान्त अनुपस्थित परीक्षार्थी का प्रश्न पुस्तिका-सह-उत्तर पुस्तिका संग्रह कर लेंगे तथा उपस्थिति पत्रक में लाल बॉल पेन से अब्सेंट अंकित कर वीक्षक अपना हस्ताक्षर करेंगे। परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा अवधि में परीक्षा कार्य में संलग्न कर्मी के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रति 25 या उससे कम परीक्षार्थियों पर दो वीक्षक प्रतिनियुक्त किया गया है और प्रत्येक अतिरिक्त 25 परीक्षार्थियों पर एक अतिरिक्त वीक्षक प्रतिनियुक्त किया गया है, वरिय वीक्षक मुख्य वीक्षक और शेष सह-वीक्षक होंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों का परीक्षा केन्द्र, हॉल, कक्ष में मोबाइल फोन एवं किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ प्रवेश वर्जित होगा, जिसको कदाचार की श्रेणी में रखा जाएगा। परीक्षा अवधि में वीक्षक एवं कर्मी भी अपने पास मोबाइल फोन एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं रखेंगे।
उन्होंने बताया कि पर्षद के वेबसाइट पर जिस अभ्यर्थियों को जो परीक्षा केन्द्र आवंटित किया गया है, उन्हें उसी परीक्षा केन्द्र पर सम्मिलित होने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा समाप्ति के उपरान्त परीक्षार्थी से प्रश्न पुस्तिका-सह- उत्तर पुस्तिका संग्रह कर गणना के उपरान्त ही कक्ष से जाने की अनुमति होगी।
उन्होंने कहा कि केन्द्राधीक्षक परीक्षा केन्द्र पर बिजली की निर्बाध आपूर्ति हेतु जनरेटर की व्यवस्था करेंगे, जिस हेतु राशि का उपबंध पर्षद द्वारा कर दिया गया है। सभी संबंधित दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया कि बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुदेश पुस्तिका का अक्षरस: अनुपालन करते हुए ही परीक्षा का संचालन कराना सुनिश्चित करेगें।
June 08, 2024

07.06.2024 (दरभंगा) : राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग,नई दिल्ली तथा जिला पदाधिकारी, दरभंगा के द्वारा 01 जून से 30 जून 2024 तक बाल श्रम के विरूद्ध विरुद्ध लगातार आम जनमानस के बीच जन जागरूकता एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को बाल श्रम के विरुद्ध सजगता एवं धावा दल के द्वारा बाल श्रमिकों की विमुक्ति हेतु विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में सघन निरीक्षण एवं व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाने का निर्देश दिया गया है।
बाल श्रमिकों की विमुक्ति हेतु सदर अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत सिंहवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में श्रम अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देशानुसार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सिंहवाड़ा लक्ष्मण कुमार झा के नेतृत्व में धावा दल की टीम के द्वारा सघन जाँच अभियान चलाया गया। जाँच के क्रम में राधा गोविंद स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट, सिंहवाड़ा दरभंगा से एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। विमुक्त बाल श्रमिको को बाल कल्याण समिति, दरभंगा के समक्ष उपस्थापित कर निर्देशानुसार उन्हें बाल गृह में रखा गया है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986) के तहत नियोजक के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत गैरकानूनी है तथा बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को 20 हजार रुपये से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना और दो वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के द्वारा एम सी मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार 1996 में दिए गए आदेश के आलोक में नियोजकों से 20 हजार रुपये प्रति बाल श्रमिक की दर से अलग से राशि की वसूली की जाएगी, जो जिलाधिकारी के पदनाम से संधारित जिला बाल श्रमिक पुनर्वास सह कल्याण कोष में जमा किया जाएगा। राशि को जमा नहीं कराने वाले नियोजक के विरुद्ध एक सर्टिफिकेट केस या नीलाम पत्र वाद अलग से दायर किया जाएगा।
धावा दल टीम के संयोजक के रूप में लक्ष्मण कुमार झा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सिंहवाड़ा, मनीष कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी जाले, प्रयास संस्था से संदीप कुमार झा,नारद मंडल, अजय कुमार, कार्ड्स संस्था से नारायण कुमार मजमूदार और पुलिस केंद्र दरभंगा से ऐंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से पुलिसकर्मी शामिल थे। धावा दल की टीम के द्वारा आज सिंहवाड़ा प्रखंड स्थित सभी दुकान एवं प्रतिष्ठान में सघन जाँच की गई तथा सभी नियोजको से किसी भी बाल श्रमिक को नियोजित नहीं करने हेतु एक शपथ पत्र भरवाया गया।
श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि धावा दल नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह संचालित होगा तथा दरभंगा शहर के साथ-साथ सभी अनुमंडल मुख्यालय एवं प्रखंड मुख्यालयों में भी धावा दल संचालित किया जाएगा तथा बाल श्रमिकों को नियोजित करने वाले नियोजकों के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।