June 25, 2024
22.06.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन ने सभी लोक प्राधिकार को पत्र निर्गत करते हुए कहा है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसमें आमजनों को एक निर्धारित अवधि में उनके द्वारा दायर वादों का सार्थक निराकरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के अंतर्गत दायर वादों का निराकरण 60 कार्य दिवस की अवधि के अंतर्गत करने का प्रावधान है। योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी लोक प्राधिकारों की ओर से निर्धारित अवधि में परिवाद/अपीलवादी के अनुरूप अग्रेतर कार्रवाई कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराए जाने के उपरांत ही निराकरण/निष्पादन किया जाता है। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दायर मामलों की सुनवाई के क्रम में यह ज्ञात हो रहा है कि लोक प्राधिकार परिवादों/अपीलवादों की सुनवाई में स्वयं उपस्थित न होकर अत्यंत न्यूनतम सोपान के कर्मी अथवा वैसे कर्मी जिन्हें विषय वस्तु की जानकारी नहीं हो, को उपस्थित होने हेतु बिना प्राधिकृत किए सुनवाई में भेज देते हैं जिसके कारण परिवादियों/अपीलकर्ताओं के द्वारा भी रोष व्यक्त किया जाता है।
साथ ही कुछ लोग प्राधिकार ऐसे भी है, जो सुनवाई में कभी उपस्थिति ही नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम में यह स्पष्ट निदेश है कि लोक प्राधिकार सुनवाई में स्वयं उपस्थित हो, यदि अपरिहार्य कारण से लोक प्राधिकार स्वयं उपस्थित नहीं होते हैं तो वैसी स्थिति में अपने किसी अधीनस्थ पदाधिकारी, जो परिवाद के विषय वस्तु से भलीभांति अवगत हो, को सुनवाई में भाग लेने हेतु प्राधिकृत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में जो लोग प्राधिकार काफी दूर एवं आने में असमर्थ होते हैं उनके लिए गूगल मीट के लिंक-meet.google.com/rrp-hbcu-azq के माध्यम से भी सुनवाई की व्यवस्था की गई है परंतु कुछ लोक प्राधिकार उक्त लिंक के माध्यम से जुड़ने में असमर्थता व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि उपरोक्त स्थिति के कारण परिवाद की सुनवाई लंबी अवधि तक चलती रहती है और परिवादों/अपीलवादों में सार्थक निराकरण कर कार्रवाई प्रतिवेदन स-समय उपलब्ध नहीं कराया जाता है, फलस्वरुप मामले में विस्तारित होते हैं, जिसके कारण जिला की रैंकिंग पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी लोग प्राधिकारों को निर्देश दिया जाता है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम से संबंधित मामलों में परिवादों/ अपीलवादों की सुनवाई में विभाग निदेशों का अक्षरश: अनुपालन करते हुए स्वयं अथवा अपरिहार्य कारण/विशेष परिस्थिति में उपस्थित नहीं होने की स्थिति में अधीनस्थ पदाधिकारी जो परिवाद के विषय वस्तु से भली-भांति अवगत हो, को सुनवाई में भाग लेने हेतु प्राधिकार पत्र के साथ प्राधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से स-समय सार्थक कार्रवाई प्रतिवेदन के साथ सुनवाई में उपस्थिति सुनिश्चित करायें। अन्यथा संबंधित लोक प्राधिकार के विरुद्ध बिहार लोक शिकायत निवारण के प्रावधानों के तहत अर्थ दंड एवं विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा विभाग से की जाएगी।
June 22, 2024
21.06.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना के दिए गए आदेश के आलोक में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी द्वारा अभियोजन कोषांग से संबन्धित कार्यों का त्वरित गति से निष्पादन हेतु अभियोजन कोषांग प्रभारी एवं दरभंगा जिला के सभी थानों में गठित अभियोजन कोषांग प्रभारी के साथ बैठक का आयोजन किया गया |इस बैठक में समन/जमानतीय वारंट/गैर जमानतीय वारंट/इस्तेहार/कुर्की/कांड दैनिकी का निस्पादन समयानुसार करने हेतु निर्देशित किया गया एवम् सभी सम्बन्धित पंजी को त्रुटिरहित अद्यतन रूप से संधारित करने हेतु निर्देशित किया गया।
June 22, 2024
21.06.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में प्रदेश के अन्य तीन प्रमुख शहरों के साथ दरभंगा में भी मेट्रो ट्रेन चलाये जाने को लेकर सैद्धांतिक सहमति बनने का विद्यापति सेवा संस्थान ने स्वागत किया है। संस्थान की ओर से उद्गार व्यक्त करते हुए महासचिव डा बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने शुक्रवार को प्रेस बयान जारी कर कहा कि इससे दरभंगा के लोगों में खुशी का माहौल है। क्योंकि इससे जिले के विकास को द्रूत गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले वर्ष 2020 में दरभंगा एयरपोर्ट की शुरुआत की गई थी, जिसे देशभर में सफलतम एयरपोर्ट माना जा रहा है।
अब मिथिला की हृदय स्थली दरभंगा में मेट्रो रेल का परिचालन होना जिले के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमलाकांत झा ने नीतीश सरकार को साधुवाद देते कहा कि दरभंगा में मेट्रो रेल के परिचालन होने से लोगों को यातायात की बुनियादी सुविधाएं मिलने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कारोबार सभी क्षेत्रों में यथोचित विकास होगा। प्रो जीवकांत मिश्र ने कहा कि दरभंगा में मेट्रो रेल का परिचालन होने से पड़ोसी जिले के लोगों को भी काफी सुविधाएं होंगी।
वरिष्ठ साहित्यकार मणिकांत झा ने कहा कि इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को सर्वाधिक राहत मिलेगी। संस्थान के मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि हालांकि इस परियोजना को अभी कैबिनेट की सिर्फ सैद्धांतिक सहमति मिली है। इसे पूरी प्रक्रिया से गुजरने में अभी काफी वक्त लगेगा। लेकिन दरभंगा में मेट्रो रेल सेवा शुरू होने से शहर में सड़क यातायात पर पड़ने वाले भारी दवाब में काफी कमी आएगी। अभी यात्रियों और वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण लोग जाम की समस्या से जिस तरह कराहते रहते हैं। इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी।
सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय का दुर्गानंद झा, प्रो विजय कांत झा, विनोद कुमार झा, चंद्रशेखर झा बूढ़ाभाई, आशीष चौधरी, पुरुषोत्तम वत्स, नवल किशोर झा, मनीष झा रघु, संतोष कुमार झा आदि ने भी स्वागत किया है।
June 22, 2024
21.06.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : आगामी 13 जुलाई 2024 को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार तिवारी ने जिले के सभी थानाध्यक्षों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। उन्होंने थानाध्यक्षों से कहा कि लोक अदालत में उपस्थिति के लिए न्यायालयों से हजारों की संख्या में नोटिस निर्गत किया गया है। परंतु नोटिस के तामिले की गति धीमी है इसलिए तामिले के संदर्भ में सभी थानाध्यक्ष को गंभीर होना होगा।
उन्होंने कहा कि सभी नोटिसों को चौकीदारों के माध्यम से तामिला करायें। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि जितना अधिक नोटिस पक्षकारों तक पहुंचेगा उतना अधिक मामलों का निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत में होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रंजन देव ने कहा कि न्यायालय के अलावा विभिन्न विभागों से प्राप्त मुकदमा पूर्व मामलों से संबंधित नोटिसों का भी तामिला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय में होने वाले विशेष लोक अदालत से संबंधित नोटिसों को भी तामिल किया जा रहा है, जिस पर खास ध्यान रखें। बैठक में जिले के सभी थानाध्यक्ष मौजूद थे।
June 22, 2024
21.06.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में न्यायालय परिसर में योगाभ्यास कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि मानव स्वास्थ्य के लिए योग परम आवश्यक है। योगाभ्यास से मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है, योग करने से शरीर में होने वाली गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि योग को अपने दैनिक जीवनचर्या में शामिल करना चाहिए। यह मानसिक, शारिरिक, नैतिक, आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रंजन देव ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में मानव मशीन बनता जा रहा है और अस्वस्थ एवं तनावपूर्ण जीवन जीने के लिए मजबूर है। प्रदूषित भोजन-पानी, दूषित हवा, कार्य का अतिरिक्त दबाव, कंप्यूटर आदि का उपयोग हमारे मन मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में योगासन अतिआवश्यक होता है। कार्यक्रम में राहुल उपाध्याय ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों एवं पारा विधिक स्वयंसेवकों को विभिन्न आसन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया।