July 18, 2024
18.07.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) :डीएम राजीव रौशन के अध्यक्षता में राजस्व से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएम ने ऑनलाइन दाखिल खारिज, परिमार्जन, अभियान बसेरा-2,आधार सीडिंग, लगान वसूली, समपरिवर्तन, सैरात, लंबित दाखिल खारिज आवेदन, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, सरजमीनी सेवाएं, ऑपरेशन भूमि दखल देहानी, लोक भूमि अतिक्रमण, भूमि विवाद से संबंधित मामले, भू-समाधान पोर्टल, जल-जीवन-हरियाली, अपर समाहर्ता न्यायालय से संबंधित, आंतरिक संसाधन आदि के बिंदुओं के संबंध में सभी अंचलाधिकारी से फीडबैक लिया गया।
डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को ऑनलाइन म्युटेशन में लंबित मामलों को जल्द से जल्द निष्पादन करने का शख्त निर्देश दिया। उन्होंने 63 दिन से अधिक वाले मामलों का समीक्षा करने का निर्देश अपर समाहर्ता को दिया तथा, जिनके लॉगिन में ज्यादा मामला लंबित है उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करें। डीएम ने भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, दरभंगा सदर/बेनीपुर/बिरौल को वैसे लंबित मामलें, जो 63 दिन की अवधि को पार कर चुके है, उसे स्वतः संज्ञान लेकर विलम्बित दिवस के लिए निर्धारित जुर्माना राशि संबंधित अंचलाधिकारी पर अधिरोपित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारी को जमाबंदी पंजी के साथ आधार सीडिंग कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने पूर्व के सभी भू-लगान रसीद को प्राप्त हेतु जिला स्तर पर रिकॉन्सिलिएशन स्टेटमेंट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता को अभिलेख सत्यापित कर लेने को कहां। बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बालेश्वर प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, बिरौल/बेनीपुर एवं सभी अंचलाधिकारीगण उपस्थित थे।
July 17, 2024
16.07.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : नियोजन पदाधिकारी, अवर प्रादेशिक नियोजनालय, दरभंगा मृणाल कुमार चौधरी ने बताया कि श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में अवर प्रादेशिक नियोजनालय, दरभंगा के माध्यम से 22 जुलाई 2024 (सोमवार) को आई.टी.आई, रामनगर के निकट संयुक्त श्रम भवन, लहेरियासराय के कार्यालय परिसर में Delhivery. Ltd. द्वारा पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 03:00 बजे तक जॉब कैम्प का आयोजन किया गया है।
उन्होंने कहा कि उक्त जॉब कैम्प में *Regular Field Excutive Last Mile Agent के लिए 43 पदों पर साक्षात्कार के बाद रोजगार दिया जाएगा, जिसमें अभ्यर्थियों की उम्र सीमा न्यूनतम 18 वर्ष से 42 वर्ष निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि नियोजक द्वारा 10वीं, उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की बहाली की जाएगी।नियोजक द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को 12,000/- रुपये से 16,000/- रुपये प्रतिमाह के साथ-साथ पीएफ एवं ईएसआई दिया जाएगा। नियोजक द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को दरभंगा में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
उप निदेशक, जन-सम्पर्क सत्येन्द्र प्रसाद ने कहा कि इच्छुक अभ्यर्थी उक्त मेला में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर रोजगार के अवसर का लाभ उठावें। उक्त जॉब कैंप में भाग लेने हेतु अभ्यर्थियों के लिए नियोजनालय निबंधन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इच्छुक अभ्यर्थी भारत सरकार के NCS Protal (www.ncs.gov.in) पर जाकर खुद से या इस नियोजनालय में आकर निबंधन करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अपना बायोडाटा, सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, 05 रंगीन फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक एवं अन्य प्रमाण पत्र के साथ जॉब कैंप में भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि बायोडाटा, सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र की छाया प्रति साथ में अवश्य लाएंगे। उन्होंने कहा कि जॉब कैम्प में भाग लेना पूर्णतः निःशुल्क है।
July 17, 2024
16.07.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : डीएम के निर्देश के आलोक में सहायक आयुक्त, मद्य निषेध श्री प्रदीप कुमार के नेतृत्व में मद्य निषेध विभाग के टीम द्वारा दरभंगा जिले में अवैध शराब के परिवहन, भंडारण एवं सेवन को नियंत्रित के लिए विभिन्न स्थलों पर सघन छापेमारी एवं लगातार गश्ती किया जा रहा है। रात्रि में मिली गुप्त सूचना के आधार पर फेकला थानान्तर्गत छपरार गाँव में ट्रक से अन-लोडिंग कर कार एवं पिक-अप पर लोडिंग करने के क्रम में मद्य निषेध टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए करीब 51 लाख रुपये मूल्य का विभिन्न ब्राण्ड के 421 कार्टून में 3,800 लीटर अवैध विदेशी शराब के साथ ट्रक, कार और पिक-अप को जप्त किया गया।
मद्य निषेध छापेमारी टीम में निरीक्षक मद्य निषेध प्रकाश राम तथा दिनेश प्रसाद साकेत, अ.नि.म.नि विश्व मोहन कुमार एवं रवि कुमार के अलावे स.अ.नि संजीत कुमार एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल रहें। सहायक आयुक्त, मद्यनिषेध ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है एवं शराब का क्रय-विक्रय, परिवहन एवं भंडारण करना बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 (यथासंशोधित) के अन्तर्गत अपराध है। उन्होंने कहा कि उपर्युक्त के संबंध में FIR दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।
July 17, 2024
16.07.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : प्रातः 06ः00 बजे पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि दरभंगा जिला के घनश्यामपुर थानान्तर्गत ग्राम जिरात में मुकेश सहनी जी के पिता जीतन सहनी उम्र करीब 70 वर्ष की अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा हत्या कर दी गई है। एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने प्रेस वार्ता कर बताया की सम्भवतः घटना को रात्रि में अंजाम दिया गया।
उन्होंने बताया की सूचना प्राप्त होते ही SHO घनश्यामपुर, SHO बिरौल, SDPO, बिरौल तत्काल घटना स्थल पर पहूॅच कर जांच शुरू की। एसपी (ग्रामीण) एवं एसएसपी सहित तमाम वरीय पदाधिकारी त्वरित रूप से घटना स्थल पर जांच पड़ताल शुरू किये। इस घटना के त्वरित उद्भेदन हेतु एसपी (ग्रामीण) के नेतृत्व में एस0आई0टी0 का गठन किया गया है, जिसमें अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, बिरौल, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, बेनीपुर, थानाध्यक्ष, घनश्यामपुर, अलीनगर, पु0अ0नि0 सुभाष कुमार मण्डल, प्रभारी, डी0आई0यू0 एवं जिला विधि-विज्ञान की पदाधिकारी को शामिल किया गया है।
एस0आई0टी0 टीम कांड के उद्भेदन में जुट गई है। घटना स्थल पर विधि-विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक और डॉग स्क्वाड ने पहूॅच कर मामले की प्रत्येक एंगल से जॉच की। एसएसपी ने बताया की घर का एक लकड़ी का बक्सा घर के पीछे स्थित छोटे से तालाब मे फेंका मिला है, और घटनास्थल वाले कमरे में टेबल पर तीन खाली गिलास मिले हैं जिनसे अनुसंधान के लिए कुछ संकेत मिल रहे हैं। कुछ अन्य महत्वपूर्ण सूचना भी मिली है। अनुसंधान टीम अन्य सभी पहलुओं को भी ध्यान में रखकर त्वरित काम कर रही है।इस घटना के संबंध में पुलिस द्वारा सभी पहलूओं को ध्यान में रखकर बारिकी से अनुसंधान किया जा रहा है।
देर शाम तक किये गए अनुसंधान के सम्बन्ध में एसएसपी ने बताया की मृतक जीतन सहनी के घर के पास लगे cctv से प्राप्त फुटेज में यह देखा गया कि रात 10.30-11:00 बजे के बीच 4 लोग घर के अंदर प्रवेश किये और कुछ देर घर के अंदर रहने के बाद बाहर निकल गए। इन लोगों को चिन्हित कर डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। इनके मोबाइल डिटेल, पूर्व की हिस्ट्री, मृतक के साथ लेनदेन, देर रात्रि में घर मे जाने का कारण आदि बिंदुओ पर इन लोगों से पूछताछ के साथ-साथ अन्य लोगों से भी इन लोगों के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।
उन्होंने बताया की अभी तक की जांच में यह पाया गया है कि इनमें दो लोगों ने मृतक से ब्याज पर पैसा उधार लिया था, तथा इनमें से एक संदिग्ध ने अपनी मोटरसाइकिल भी मृतक के पास लोन की सिक्युरिटी के रूप में रखी हुई थी जिसे छुड़ाने की बात करने ये लोग रात में गए थे। इनमें दो लोगों के साथ मृतक की दो दिन पहले कहा सुनी भी हुई थी जिसमे दोनों संदिग्ध को सबक सिखाने की धमकी दी थी। एसएसपी ने कहा की अभी कई बिंदुओं पर जांच जारी है। जल्द ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा की इस घटना के संबंध में यदि किसी व्यक्ति को कोई जानकारी हो तो कृपया निम्न नम्बरो पर सूचना देने का कष्ट करें।
वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा - 9431822992, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), दरभंगा - 6287742988, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, बिरौल - 9431800060, थानाध्यक्ष, घनश्यामपुर - 9431822449, थानाध्यक्ष, बिरौल - 9431822498, प्रभारी, डी0आई0यू0 शाखा - 9934284121, एस0टी0एफ0 टॉल फ्री नं0 - 14432.
बिहार में बढ़ रहे आपराधिक घटना चिंता का विषय है। अपराधियों में पुलिस का खौफ ख़त्म हो गया है। जिस तरह से पुलिसिंग सिस्टम को लगातार Hitech बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है उस तरह से क्राइम ग्राफ बिकुल निचे होना चाहिए था, कुछ कमी तो जरूर है।
July 17, 2024
16.07.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर सभागार में कार्बन न्यूट्रल स्टेट बनाने की दिशा में ‘Climate-Resilient and Low-Carbon Development Pathway for Bihar’ प्रोजेक्ट के तहत वर्कशॉप कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित अपर समाहर्ता शिविल सर्जन, निदेशक डीआरडीए, उप निदेशक आईपीआरडी के द्वारा किया गया। कार्यशाला की विस्तृत जानकारी संचार प्रबंधक पियूष त्रिपाठी, प्रबंधक क्लाइमेट शशिधर कुमार झा एवं प्रोग्राम प्रबंधक मणि भूषण कुमार झा द्वारा दिया गया।
जलवायु परिवर्तन द्वारा पेश की जा रही चुनौतियों और अवसरों को बिहार राज्य के निवासियों को बताना है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा तैयार की गई 'द *क्लाइमेट वलनरेबिलिटी एसेसमेंट रिपोर्ट फॉर अडाप्टेशन प्लैनिंग इन इंडिया' से ज्ञात होता है कि भारत में जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से सबसे ज्यादा संवेदनशील 50 जिलों में से 14 ज़िले बिहार में स्थित है। बिहार राज्य अनेक प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से घिरा है, ऐसे में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि यह राज्य अपने आर्थिक विकास की कार्ययोजना में जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन के पहलू को भी शामिल किया जाय। साथ ही साथ बिहार की वर्तमान स्थिति और उसके आर्थिक विकास की दिशा राज्य के सामने रोजगार और समृद्धि का एक न्यून कार्बनयुक्त मॉडल बनाने का अवसर भी प्रदान करती है। एक ऐसा अवसर जिसमें नई प्रौद्योगिकी और नये आर्थिक प्रतिमान का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो।
साथ ही बिहार के पर्यावरण और राज्य में रहने वाले लोगों के कल्याण के लिए सह लाभ भी प्राप्त हो। उपरोक्त सन्दर्भ में वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन वाला देश बनने के भारत के लक्ष्य में योगदान के प्रति बिहार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। पिछले ढाई वर्षों के दौरान बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद (बीएसपीसीबी) ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) और डब्यूके दआरआई इंडिया तथा अन्य संबंधित संगठनों की तकनीकी सहायता से 20 से अधिक विभागों से जानकारी एकत्रित की है, साथ ही इस दौरान सभी 38 जिलों का दौरा किया एवं सम्पूर्ण प्रदेश में 350 से अधिक बैठकें आयोजित की तथा हितधारकों के साथ 30 परामर्श कार्यक्रमों का आयोजन किया।
बिहार के लिए एक दीर्घकालिक राज्य स्तरीय रणनीति दस्तावेज तैयार किया गया। 'क्लाइमेट रेसिलियंट एंड लो कार्बन डेवलपमेंट पाथ वे फॉर बिहार' (बिहार राज्य की जलवायु अनुकूलन एवं न्यून कार्बन उत्सर्जन विकास रणनीति) शीर्षक वाले इस दस्तावेज में अनुकूलन और शमन दोनों ही उपायों को जोड़कर राज्य में जलवायु संरक्षण से संबंधित प्रयास प्रस्तावित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 04 मार्च 2024 को यह रिपोर्ट का विमोचन किया। इसके अलावा डब्ल्यू आर आई इंडिया विभिन्न क्षेत्रों के लिए इस रिपोर्ट में चिह्नित की गई रणनीतियों को लागू करने में राज्य सरकार का सहयोग है। पहले प्रयास के तौर पर दरभंगा प्रमंडल स्तरीय प्रसार कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, ताकि स्थानीय हितधारकों को रणनीति के बारे में संवेदित किया जाए, क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों की पहचान की जाए तथा उनके समाधान के रास्तों पर विचार विमर्श किया जा सके।
यह कार्यशालाएं बिहार के सभी 09 प्रमंडल में आयोजित की जाएंगी और इनमें सार्वजनिक सत्र भी शामिल हुए। शासकीय अधिकारियों, अर्द्ध शासकीय संस्थाएं, शोध संस्थानों, सिविल सोसाइटी संगठनों, स्थानीय गैर शासकीय संगठनों, विषय से जुड़े प्रसिद्ध विशेषज्ञों और जन सामान्य समेत विभिन्न हितधारकों को इससे जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि प्रसार कार्यशालाओं के उद्देश्य सूचनाओं का प्रसार: बिहार में जलवायु के प्रति अनुकूल और न्यून कार्बन उत्सडर्जन वाले विकास से सम्बकन्धित अंतर्दृष्टि, शोध के निष्कसर्ष और सर्वश्रेष्ठल पद्धतियों को साझा करना।हितधारक / समुदाय को जोड़ना: नीतिनिर्धारकों,शासकीय अधिकारियों और निजी क्षेत्र समेत विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वषय और साझेदारी को बढ़ावा देना और जलवायु सम्बकन्धीा कार्य और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भाग लेने के लिये स्थालनीय समुदायों को सक्षम बनाना।
उन्होंने कहा जागरूकता निर्माण: हेतु जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, अनुकूलन और शमन की रणनीतियों और उनके महत्वा के बारे में प्रतिभागियों को सूचित कर उनकी क्षमता विकसित करना है। प्रतिपुष्टि और जानकारी: बिहार की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप स्थानीय विकास योजनाओं को बेहतर बनाने और अनुकूलित करने के लिए हितधारकों से उनकी प्रतिपुष्टि प्राप्त करना। स्था नीयकृत कार्य योजनाएं: बिहार की क्षेत्रीय विविधताओं को देखते हुए प्रमंडल और जिलों के लिये स्थाीनीय स्तार पर जलवायु संरक्षण योजनाएं बनाने में सहयोग प्रदान करना।
मूल्यांकन एवं पर्यवेक्षण: बिहार में जलवायु संरक्षण सम्ब न्धित किए जा रहे कार्यों की प्रगति और उनके प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु आवश्यक रूपरेखा पर चर्चा करना।नेटवर्किंग और समन्ववय: हितधारकों को जुड़ने, अनुभव साझा करने और जलवायु के प्रति अनुकूलन तथा न्यून कार्बन उत्सचर्जन वाले विकास से संबंधित संयुक्त पहलों की तलाश करने के अवसर प्रदान करना। साझेदारी और वित्तनपोषण: बिहार में जलवायु परियोजनाओं के लिये वित्तकपोषण के सम्भातवित स्रोतों और साझेदारी के अवसरों के बारे में सूचना उपलब्धण कराना। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बिहार में हितधारकों को जलवायु परिवर्तन संबन्धित जानकारी देना, उनसे जुड़ना, सशक्त करना और संगठित करना है। एमएलएसएम कॉलेज के पुर्व प्राचार्य विद्यनाथ झा द्वारा बताया गया कि मखाना की खेती दरभंगा, मधुबनी, सहरसा,पूर्णिया, सुपौल,किशनगंज आदि जिलों में की जाती है। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन उप निदेशक जन-संपर्क सत्येंद्र प्रसाद द्वारा किया गया।
उन्होंने आगत अतिथियों का समय देने और कार्बन उत्सर्जन के बारे में जागरूक करने के लिए टीम को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के पश्चात समाहरणालय परिसर में पौधारोपण किया गया। कार्यशाला में डीआरडीए निदेशक पवन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रकाश, सिविल सर्जन दरभंगा एवं समस्तीपुर, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी , प्रशिक्षु सहायक निदेशक जिला जन-संपर्क पदाधिकारी संजय कुमार एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।