December 19, 2024
19.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : सहायक निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग नेहा कुमारी द्वारा बताया गया कि समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र के द्वारा 20 दिसंबर 2024 को दिव्यांगजनों के लिए एक रोजगार मेला का आयोजन सीआरसी पटना में किया जाएगा। उक्त मेला में अधिक से अधिक शिक्षित और रोजगार के इच्छुक दिव्यांगजन भाग लें। रोजगार मेला में भाग लेने हेतु आवेदक की सुविधा से संबंधित पात्रता एवं पंजीकरण की विवरणी निम्न प्रकार है। अभ्यर्थियों का उम्र 18 से 35 वर्ष, शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। पंजीकरण हेतु लिंक-https//forms.gle/gvEBILinco8H46HN7 करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिले के सुपात्र लाभुक उक्त रोजगार मेला में भाग ले सकते हैं।
December 19, 2024
19.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विनोद कुमार तिवारी एवं डीएम राजीव रौशन द्वारा संयुक्त रूप से सिविल कोर्ट लिपिक के पद पर नियुक्त हेतु प्रारंभिक परीक्षा को कदाचारमुक्त और स्वच्छ वातावरण में संपन्न कराने को लेकर दंडाधिकारियों एवं केंद्राधीक्षक को ब्रीफिंग की गई। डीएम ने कहा कि सिविल कोर्ट बिहार, पटना द्वारा लिपिक के पद पर नियुक्ति हेतु प्रारंभिक परीक्षा दिनांक 22 दिसम्बर 2024 (रविवार) को दो पालियों में यथा प्रथम पाली पूर्वाह्न 10:00 बजे से मध्याह्न 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 02:00 बजे से 04:00 बजे तक जिला मुख्यालय अवस्थित पच्चीस (25) परीक्षा केन्द्रों पर निर्धारित कार्यक्रमानुसार आयोजित होगी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि सभी परीक्षा केन्द्रों पर जिला न्यायलय द्वारा ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है जो सम्पूर्ण परीक्षा प्रक्रिया का अनुश्रवण तथा पर्यवेक्षण करेंगे। सभी परीक्षा केन्द्रों पर स्टेटिक दंडाधिकारी सहित पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है, जो सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा दिवस को पूर्वाह्न 07:30 बजे तक उपस्थित होकर अपने दिए गए कार्य दायित्व का निर्वहन निर्धारित समय से प्रारंभ कर देंगे। सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा कार्य में आवश्यक सहयोग के लिए केंद्र प्रभारी तथा सहायक केंद्र प्रभारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों का रिपोर्टिंग समय 08:30 बजे पूर्वाह्न से 09:30 बजे तक प्रथम पाली के लिए तथा द्वितीय पाली के लिए अपराह्न 12:30 से 01:30 बजे तक निर्धारित है। डीएम ने कहा कि प्रथम पाली के लिए 09:30 पूर्वाह्न तथा द्वितीय पाली के लिए अपराह्न 01:30 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में अभ्यर्थियो को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जायेगा। जिला प्रशासन द्वारा सभी परीक्षा केन्द्रों पर DOOR FRAMED METAL DETECTOR / HAND HELD METAL DETECTOR उपलब्ध कराया जायेगा जिसे प्रतिनियुक्त पुलिस बल द्वारा संचालित किया जायेगा। परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियो का सघन जाँच पुलिस बल द्वारा किया जायेगा तथा परीक्षा केंद्र के कर्मी उन्हें आवश्यक सहयोग करेंगे।
परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी प्रवेश के समय प्रवेश पत्र (02 प्रति में), दो पासपोर्ट फोटो, एक पहचान पत्र तथा उसकी एक अतिरिक्त स्वभिप्रमाणित प्रति, पारदर्शी पानी की बोतल के साथ पारदर्शी बॉल पेन के अलावा किसी भी प्रकार की सामग्री यथा बैग, मोबाईल, पर्स/ वालेट, घड़ी (सामान्य/इलेक्ट्रोनिक), केलकुलेटर एवं वैसे सामग्री जो कदाचार की श्रेणी में आते हों के साथ प्रवेश नहीं करेंगे। सभी परीक्षा केंद्र पर जैमर लगाया जायेगा तथा परीक्षा केंद्र पर उपस्थित ऑब्जर्वर द्वारा उसके सही काम करने का प्रमाण पत्र दिया जायेगा। परीक्षा कक्ष में संलग्न किसी भी कर्मी / वीक्षक मोबाईल फोन / घड़ी / किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गजेट के साथ प्रवेश नहीं करेंगे। यदि वे अपने साथ परीक्षा केंद्र पर ले आते हैं तो यथा समय केन्द्राधीक्षक के पास सुरक्षित जमा करना सुनिश्चित करेंगे।
डीएम ने कहा कि सभी परीक्षा कक्ष में सभी केन्द्राधीक्षक दीवाल घड़ी लगवाना सुनिश्चित करेंगे। सभी केन्द्राधीक्षक अपने स्तर पर प्रतिनियुक्त वीक्षकों को परीक्षा प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व बैठक बुलाकर परीक्षा से सम्बंधित अनुदेशों से अवगत करा देंगे। परीक्षा प्रारंभ होने के एक (01) दिन पूर्व आयोग द्वारा उपलब्ध कराये गए अनुदेश पुस्तिका के अनुसार एक बेंच पर दो परीक्षार्थी जिनके मध्य न्यूनतम 03 फीट की दुरी होगी के साथ आवासन की व्यवस्था करेंगे। बैठने की योजना (सीटिंग प्लान) उस दिन प्रदर्शित नहीं की जायेगी, प्रत्येक हॉल एवं परीक्षा कक्ष के बाहर परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व यथासमय प्रदर्शित की जायेगी। परीक्षा केंद्र पर केन्द्राधीक्षक एवं परीक्षा कार्य में प्रतिनियुक्त सभी वीक्षक एवं कर्मी पूर्वाह्न 07:00 बजे तक उपस्थित रहेंगे। सभी परीक्षा केंद्र में प्रतिनियुक्त वीक्षक परीक्षा कक्ष में 08:30 बजे पूर्वाह्न से उपस्थिति पत्रक (ATTENDANCE SHEET) के साथ उपस्थित रहकर कक्ष में प्रवेश करने वाले सभी परीक्षार्थी का एडमिट कार्ड का उपस्थिति पत्रक से मिलान कर उनकी सघन जाँच करेंगे। परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थी एडमिट कार्ड पर एक फोटो चिपका कर एवं अपने पहचान पत्र की एक स्वअभिप्रमाणित प्रति वीक्षक को हस्तगत करेंगे जिसे केन्द्राधीक्षक द्वारा शिल्ड कर पैकेट्स में जमा करना सुनिश्चित करेंगे।
केन्द्राधीक्षक प्रथम पाली की गोपनीय प्रश्न पत्र के बॉक्स को 09:20 बजे पूर्वाहन तथा द्वितीय पाली के गोपनीय प्रश्न पत्र को 01:20 बजे अपराह्न को ऑब्जर्वर की उपस्थिति में खोलेंगे बक्से की चाभी वरीय प्रेक्षक द्वारा केन्द्राधीक्षक को उपलब्ध कराया जायेगा। परीक्षा प्रारंभ होने के उपरांत किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति नहीं होगी तथा प्रारंभ होने के एक घंटा बाद परीक्षार्थी को शौचालय जाने की अनुमति दिया जा सकता है। परीक्षा कक्ष में एजेंसी द्वारा प्रत्येक परीक्षार्थी का बायोमेट्रिक एवं फोटो लेते हुए उपस्थिति (ATTENDANCE) दर्ज किया जायेगा।
परीक्षा केंद्र पर प्रायः यह देखा जाता है कि बायोमेट्रिक करने वाले कर्मी परीक्षा केंद्र परिसर तथा कक्ष में मोबाईल लेकर यत्र-तत्र घुमते रहते हैं जो कदाचार की श्रेणी में है। केन्द्राधीक्षक इस पर ध्यान देंगे तथा सभी बायोमेट्रिक कर्मी को एक सुनिश्चित स्थान पर आवासन की व्यवस्था करेंगे।केन्द्राधीक्षक कोर्ट द्वारा दिए गए अनुदेश पुस्तिका के अनुसार ही आवश्यक संख्या में परीक्षा कक्ष में वीक्षकों की प्रतिनियुक्त करेंगे। सभी केन्द्राधीक्षक सिविल कोर्ट द्वारा उपलब्ध कराये गए अनुदेश पुस्तिका में दिए आलोक में ही परीक्षा का संचालन सुनिश्चित करेंगे। ब्रीफिंग में जिला गोपनीय प्रभारी, सीजीएम, उपनिदेशक जनसंपर्क, सचिव विधिक सेवा प्राधिकार व कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
December 17, 2024
17.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : सांसद डा. गोपाल जी ठाकुर ने आज केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से मुलाकात के क्रम में मिथिला की हृदयस्थली दरभंगा शहर में अवस्थित तीन ऐतिहासिक तालाब हराही, दिग्घी, गंगासागर जो लगभग 700-800 वर्ष पुराना है का सौंदर्यीकरण कर इसे वैश्विक स्तर पर "आइकाॅनिक टूरिस्ट डेस्टीनेशन" के रूप में विकसित किए जाने के संदर्भ में आग्रह पत्र देते हुए इन तालाबों की ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक महत्ता पर मंत्री श्री शेखावत के साथ विस्तार से चर्चा की जिसपर मंत्री ने सांसद को शीघ्र इसकी औपचारिकताएं पूरी कर लेने का आश्वासन दिया।
सांसद डा ठाकुर ने इन तालाबों के बारे में विस्तार से मंत्री को बताया कि दरभंगा शहर के बीचों- बीच अवस्थित तीन ऐतिहासिक विशाल तालाब(पोखर) हराही, दिग्घी और गंगासागर है जो लगभग 700-800 वर्ष पुराना है। हराही पोखर को राजा हरिसिंह देव जी ने (1303-1324) में खुदवाया था, दिग्घी पोखर को राजा रामसिंह देव जी ने (1225-1276) में खुदवाया था वहीं गंगासागर पोखर को राजा गंगसिंह देव जी ने (1136-1148) में खुदवाया था। इन ऐतिहासिक पोखर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होते हैं और खासकर छठ पूजा में सबसे अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ दरभंगा शहर में इन्हीं तीनों पोखर पर रहती है तथा दरभंगा शहर में एक पंक्ति में ये तीन विशाल तालाब इनकी ऐतिहासिक महत्ता तथा कीर्ति की गवाही देती है।
प्रशासनिक उदासीनता और उचित देखभाल के अभाव में तीनों पोखर अत्यधिक प्रदूषित हो गई है और अतिक्रमणकारियों ने चारों ओर इसे अतिक्रमित कर लिया है। सांसद डा ठाकुर ने इन तालाबों की ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा करते हुए कहा कि 17 वीं सदी और 18 वीं सदी में इन पोखरों का सौंदर्यीकरण हुआ था लेकिन उसके बाद कोई पहल नहीं हुआ और आज इन पोखरों की परिस्थिति यह है कि इनका अस्तित्व ही खतरे में जान पड़ता है।
सांसद डा ठाकुर ने मंत्री श्री शेखावत से आग्रह करते हुए कहा है कि इन ऐतिहासिक पोखर के ऐतिहासिकता की रक्षा हेतु अतिक्रमणमुक्ति, उड़ाहीकरण, प्रदूषणमुक्ति के साथ-साथ सौंदर्यीकरण किया जाय एवं लाइटिंग, पक्की सीढ़ी घाट, पैदल यात्रियों के लिए पाथ-वे निर्माण और वोटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाय तथा आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन में शामिल कर इसकी प्राचीन गरिमा को फिर से जीवंत करना आवश्यक है।
December 17, 2024
17.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : जिला स्थापना दिवस समारोह का सफल आयोजन को लेकर डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों से विचार विमर्श के पश्चात उनके द्वारा यह निर्णय लिया गया की जिला स्थापना दिवस समारोह धूमधाम और उल्लास के वातावरण में 31 दिसंबर 2024 से 01 जनवरी 2025 तक मनाया जाएगा, जिसमें 31 दिसंबर 2024 को प्रातः 8:00 बजे पूर्वाह्न से विभिन्न खेल प्रतियोगिता यथा वॉलीबॉल, हैंडबॉल, 1600 मीटर रेस, जैवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जम्प नेहरू स्टेडियम लहेरियासराय दरभंगा में आयोजित होंगे।
जिला स्थापना दिवस के अवसर पर Tug of war खेल का आयोजन कराए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसका आयोजन 31 दिसंबर 2024 को पूर्वाह्न 9:00 बजे नेहरू स्टेडियम लहेरियासराय प्रांगण में किया जाएगा। सांस्कृतिक/ प्राकृतिक विरासत पर डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी कंपटीशन कराने का निर्णय लिया गया। इस प्रतियोगिता में सम्मिलित होने वाले इच्छुक प्रतिभागी 28 दिसंबर 2024 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। लहेरियासराय ऑडिटोरियम में अपराह्न 4:00 से संध्या 7:30 बजे तक स्थानीय कलाकारों/हास्य कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उत्कृष्ट कलाकारों के द्वारा सरकार के कल्याणकारी एवं जनोपयोगी योजनाओं पर आधारित गीत, संगीत, नृत्य और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किए जाएंगे।
जीविका दीदी के द्वारा व्यंजन मेला लगाने और विभिन्न विभाग यथा-बाल विकास परियोजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि मत्स्य, ग्रामीण विकास विभाग, पीएचईडी एवं अन्य विभाग द्वारा स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शनी आयोजित होंगे। दरभंगा जिला के 151वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर जिले के सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालयों की साफ सफाई एवं स्वच्छता पर कार्यशाला का आयोजन प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी के नेतृत्व में प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी एवं पर्यवेक्षक कर्मी के द्वारा श्रमदान कर किया जाएगा, साथ ही प्रखंड के जनप्रतिनिधियों प्रमुख, मुखिया, वार्ड सदस्य एवं पंचायत समिति सदस्य का भी सहयोग प्राप्त किया जाएगा।
जिला स्थापना दिवस समारोह 31 दिसंबर 2024 से 01 जनवरी 2025 तक मनाए जाने के कारण इस अवधि में सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों का सभी प्रकार का अवकाश रद्द किया गया है। सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि उक्त समारोह में उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे।
December 17, 2024
17.12.2024 (DarbhangaOnline) (दरभंगा) : नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू की अध्यक्षता में नागर विमानन मंत्रालय परामर्शदात्री समिति की प्रथम बैठक दरभंगा सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डा गोपाल जी ठाकुर ने सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में भाग लिया तथा दरभंगा एयरपोर्ट एवं मिथिला क्षेत्र व बिहार के अन्य प्रस्तावित तथा निर्माणाधीन हवाई अड्डों से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव दिए। बैठक में सांसद डा ठाकुर ने सर्वप्रथम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हृदयतल से अभिनंदन और आभार प्रकट करते हुए कहा कि मिथिला की हृदयस्थली दरभंगा को उड़ान स्कीम अन्तर्गत जोड़ा गया और आज दरभंगा एयरपोर्ट उड़ान स्कीम से देश में संचालित अन्य सभी एयरपोर्ट से यदि तुलनात्मक अध्ययन किया जाय तो सफलता के क्रम में सबसे ऊपर है और अनवरत सफलता की नई ऊँचाईयों को प्राप्त कर रहा है।
सांसद डा ठाकुर ने दरभंगा एयरपोर्ट के आयामों पर चर्चा करते हुए कहा कि 8 नवम्बर 2020 को दरभंगा एयरपोर्ट से नागरिक विमानन का परिचालन शुभारम्भ हुआ और वर्तमान समय में लगभग 25 लाख से अधिक लोगों ने इस एयरपोर्ट से हवाई यात्रा कर लिया है जो ऐतिहासिक उपलब्धि है। सांसद डा ठाकुर ने इस एयरपोर्ट के लिए किए गए अपने पहल और प्रयासों पर चर्चा करते हुए कहा कि मिथिला की हृदयस्थली दरभंगा से हवाई सेवा प्रारंभ हो इसके लिए 2010-2015 में अपने विधायक काल से ही प्रयत्नशील रहा और बिहार विधानसभा में कई बार इसको लेकर विषयों को रखा। मुझे अत्यंत खुशी है कि विगत 20 अक्टूबर 2024 को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से 78 एकड़ भूमि पर 912 करोड़ की लागत से बनने वाले दरभंगा एयरपोर्ट के नए सिविल एन्क्लेव कार्य का शिलान्यास किया और यह एयरपोर्ट दो वर्षों में दिव्य एवं भव्य स्वरूप में जनता-जनार्दन को समर्पित किया जाएगा।
सांसद डा ठाकुर ने इस एयरपोर्ट के नामकरण तथा अन्य मौलिक सुविधाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट का नामकरण कवि कोकिल बाबा विद्यापति जी के नाम से हो यह सम्पूर्ण मिथिलावासी की भावना है।इसको लेकर बिहार राज्य के दोनों सदन के माध्यम से बिहार सरकार ने प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया है। सांसद डा ठाकुर ने अपने सुझाव में इस एयरपोर्ट की सुरक्षा सीआईएसएफ के हाथों में देने, यहां नाइट लैंडिंग सिस्टम को चालू करने, कैट - 2 के तहत 24 एकड़ अधिगृहित जमीन पर आधारभूत संरचना का निर्माण करने, इस हवाई अड्डे के लिए स्थाई निदेशक, स्थाई वाणिज्यिक प्रबंधक कि नियुक्ति करने, दरभंगा से अयोध्या रांची सहित देश के सभी महानगरों के लिए विमान सेवा शूरू करने, नए टर्मिनल निर्माण के लिए अधिगृहित जमीन मालिकों को उसका उचित मुआवजे का भुगतान करने तथा दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के लिए हर मानक को पूरा करने जैसे दो दर्जन से उपर अपना सुझाव देते हुए कहा कि आने वाले समय में उड़ान सेवा में भी मैथिली की पहचान देश ही नहीं विदेशों तक स्थापित की जाएगी।