July 01, 2018

29.06.2018 (पटना) : बिहार में लागू मद्य निषेध की नीति, उसका कार्यान्वयन एवं प्रभाव का अध्ययन करने के लिये आये हुये छत्तीसगढ़ के 11 सदस्यीय अध्ययन दल ने मुख्यमंत्री के परामर्शी, नीति एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन अंजनी कुमार सिंह से 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार में मुलाकात की। यह मुलाकात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ प्रस्तावित थी, लेकिन उनकी अस्वस्थता के कारण अंजनी कुमार सिंह ने अध्ययन दल के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री के परामर्षी अंजनी कुमार सिंह ने अध्ययन दल को विस्तार से शराबबंदी को राज्य में लागू करने के दौरान किए गए प्रयासों को बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू करना बहुत ही कठिन काम था। यहां के कुछ पढ़े लिखे वर्ग, डिफरेंट लॉबी के लोग इसके विरोध में थे। शराब से प्राप्त होने वाले बहुत बड़े राजस्व की हानि, पर्यटन पर बुरा प्रभाव जैसे कई कारण इसे बंद नहीं करने के पक्ष में बताए गए, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दृढ इच्छाशक्ति के कारण 05 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी गई। उन्होंने अध्ययन दल को बताया कि 9 जुलाई 2015 को महिलाओं के एक कार्यक्रम में कुछ महिलाओं की मांग पर मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की थी, कि अगली बार सरकार में आते ही शराबबंदी को राज्य में लागू करेंगे। चुनाव के पश्चात सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री ने इसके लिए पदाधिकारियों एवं अन्य लोगों से विचार-विमर्श किया। शिक्षा विभाग के द्वारा गाना, नाटक एवं कला जत्था के द्वारा गांव-गांव तक अभियान चलाया गया। शपथ पत्र भरवाया गया, दीवारों पर स्लोगन लिखवाए गए। इन सब चीजों से समाज में एक वातावरण शराबबंदी के खिलाफ बना। सरकार ने यह विचार किया कि शराबबंदी को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाए। 01 अप्रैल 2016 को राज्य में शराबबंदी लागू हो गयी, इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में देशी एवं विदेशी दोनों तरह के शराब की बिक्री एवं सेवन को रोक दिया गया। शहरी क्षेत्रों में भी सिर्फ विदेशी शराब बेचने की इजाजत रही, लेकिन शहरों में महिलाओं, बच्चों एवं सभी वर्ग के लोगों ने इसका विरोध किया। यह देखने के बाद 5 अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी पूरे बिहार में लागू कर दी गयी। मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री सिंह ने बताया कि पूर्ण शराबबंदी लागू करने के बाद पुराने कानून को बदलकर नया प्रोहिबिशन कानून बनाया गया। राज्य में चाहे कोई भी हो, अगर शराब पीते हुए या इसका व्यवसाय करते हुए पकड़ा गया तो उस पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाती है। कानून का कड़ाई से पालन कराने हेतु ब्रेथ एनालाईजर एवं सीमा पर जांच की कड़ी व्यवस्था की गई है। अन्य सटे किसी राज्यों में शराबबंदी न लागू होने से राज्य में इस कानून को सफल बनाने के लिए और कठिन परिश्रम करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री सिंह ने कहा कि शराब के कारोबार से राज्य को 5000 करोड़ रूपये के राजस्व की प्राप्ति होती थी, किन्तु अगर पाॅच हजार करोड़ रूपये सरकार को राजस्व के रूप में आमदनी हो रही थी तो दस से पन्द्रह हजार करोड़ रूपये लोगों का शराब में खर्च हो रहा होगा। आज लोग उन पैसों का उपयोग अच्छे कामों के लिये कर रहे हैं, इसके लिये कई सर्वे कराये गये हैं। सर्वे में यह जानकारी मिली है कि इस पैसे का सदुपयोग लोग अच्छे खान-पान, शिक्षा, रहन-सहन पर करने लगे हैं, जिससे राज्य में कारोबार बेहतर हुआ है और राज्य को इससे अच्छा राजस्व प्राप्त होने लगा है। इस कार्य से जुड़े लोगों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था भी सरकार द्वारा की जा रही है। शराबबंदी से पारिवारिक हिंसा तथा सड़क हादसों में कमी आयी है। छत्तीसगढ़ के अध्ययन दल ने बिहार में लागू शराबबंदी के अध्ययन के लिए क्षेत्रों का भी दौरा किया है। अध्ययन दल ने बताया कि हर जगह की महिलाओं ने इसकी काफी प्रशंसा की है। शराबबंदी से हो रहे फायदों के बारे में बताया है। अध्ययन दल के प्रतिनिधियों ने कहा कि हमारे राज्य के मुख्यमंत्री भी शराबबंदी के पक्ष में हैं, और इसके लिए एक वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ से आए अध्ययन दल में बस्तर के सांसद दिनेश कश्यप, जंजगीर चंपा की सांसद श्रीमती कमला देवी पटले, कवर्धा के विधायक अशोक साहू, कुनकुरी के विधायक रोहित कुमार र्साइं, छत्तीसगढ़ सरकार के उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव डी0डी0 सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल थे। अध्ययन दल से विचार-विमर्श के पश्चात मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री सिंह ने अध्ययन दल के सभी सदस्यों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उक्त बैठक में प्रधान सचिव मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अन्य पदाधिकारीगण तथा जीविका के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
July 01, 2018

28.06.2018 (दरभंगा) : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के त्रैमासिक बुलेटिन "विश्वविद्यालय दर्पण" का लोकार्पण प्रशासनिक भवन के सभा कक्ष में कुलपति प्रोo सुरेंद्र कुमार सिंह ने किया। लोकार्पण के उपरांत कुलपति ने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र संघ की सहभागिता में विश्वविद्यालय दर्पण का प्रकाशन एक नयी परंपरा की शुरुआत है। हम महामहिम कुलाधिपति के आभारी हैं जिनके निर्देशन में बुलेटिन के प्रकाशन के बहाने हमारी सर्जनात्मक सक्रियता मुखर हुई है। कुलपति प्रोo सुरेंद्र कुमार सिंह ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा की राज्य भवन के निर्देश पर छात्र संघ की सहभागिता में इस विश्वविद्यालय ने बिहार में सबसे पहले बुलेटिन का प्रकाशन प्रारंभ किया है। उन्होंने विगत वर्षों की उपलब्धियों को टेबुल बुक के रूप में प्रकाशित करने की उद्घोषणा की। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रोo जय गोपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय दर्पण का प्रकाशन वस्तुतः उपलब्धियों का अभिलेखीकरण है। यह एक अच्छी पहल है। कुलसचिव मुस्तफा कमाल अंसारी ने विश्वविद्यालय दर्पण के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संपादक मंडल ने इसे ससमय प्रकाशित कर जबर्दस्त काम किया है। यह वास्तव में विश्वविद्यालय का आईना है, जिसमें हम अपना अक्स बखूबी देख सकते हैं। प्रधान संपादक प्रोo चन्द्रभानु प्रसाद सिंह ने संकुचित किया कि फिलहाल यह जून सितंबर, दिसंबर एवं मार्च में प्रकाशित होगा। इसकी गुणवत्ता में परिष्कार हेतु निरंतर संवाद बना रहेगा। इस अवसर पर संपादक मंडल के सदस्यों में प्रोo रतन कुमार चौधरी, प्रोo हरेकृष्ण सिंह एवं सूरज कुमार, संकायाध्यक्ष डॉo मनोज कुमार झा सहित विश्वविद्यालय के तमाम पदाधिकारी उपस्थित थे।
July 01, 2018

27.06.2018 (दरभंगा) : सांसद कीर्ति आजाद की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक समाहरणालय स्थित सभागार में की गयी। बैठक की कार्रवाई उप विकास आयुक्त के द्वारा पूर्व में आहूत दिशा की बैठक में दिये गए निर्देश व कार्यवाही के आलोक में अनुपालन प्रतिवेदन पढ़ने से प्रारंभ हुई। सर्वप्रथम राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत प्राप्त शिकायतों की जाँच उच्च स्तरीय टीम से करवाए जाने की जानकारी दी गई। कुछेक मामलों में कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई करने एवं राशि वसूलने की भी बात बतायी गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद के द्वारा दरभंगा रेलवे स्टेशन के सामने हमेशा जाम की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए जाम के स्थायी निराकरण हेतु सिटी मैनेजर, नगर निगम, दरभंगा से ठोस कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने अब तक के की गई कार्रवाई से अप्रसन्नता भी व्यक्त की। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत चलाए जा रहे प्रशिक्षण केन्द्रों को नियमित ढ़ंग से चलवाने का निर्देश जीविका के जिला समन्वयक को दिया । ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, बेनीपुर के कार्यपालक अभियंता के बैठक से अनुपस्थित रहने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों से भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होनें जिला पदाधिकारी से अलग से ग्रामीण कार्य विभाग के सभी कार्य प्रमण्डल के कार्यपालक अभियंताओं के साथ बैठक कर गहन अनुश्रवण करने को कहा। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत दिये जा रहे सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अन्तर्गत ऑनलाइन भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस योजना में आ रही शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। दरभंगा नगर निगम के द्वारा बनवाये गए सार्वजनिक शौचालयों को कार्यरत करने का निर्देश दिया गया। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत अब तक बच गए ग्रामीण टोलों में विधुत कनेक्शन अविलम्ब पहुँचाने का निर्देश विधुत कार्यपालक अभियंता को दिया गया। उक्त बैठक में जिला परिषद् अध्यक्षा, मुख्य पार्षद, नगर परिषद्, बेनीपुर, विभिन्न प्रखण्डों के प्रमुखगण, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारीगण व अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
June 20, 2018

19.06.2018 (दरभंगा) : बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के दहेज़ मुक्त विवाह अभियान को सफल बनाने के लिए हायाघाट विधायक अमरनाथ गामी ने अपने भतीजे का विवाह दहेज़ मुक्त, आडम्बर मुक्त सादगीपूर्ण तरीके से करने का मन बना लिया है। श्री गामी ने आज अपने निजी आवास पर प्रेस वार्ता करते हुए बताया की उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने पुत्र का विवाह दहेज़ मुक्त, आडम्बर मुक्त, सादगीपूर्ण तरीके से किया था जिससे मुझे प्रेरणा मिली और मैंने भी मन बना लिया की अपने भतीजे का शादी इसी तरह से करूँगा। उन्होंने बताया की विवाह दिनांक 22.06.2018 को दिन के चार बजे लक्ष्मेश्वर पब्लिक लाइब्रेरी हसन चौक, पोस्ट ऑफिस के सामने होना निश्चित हुआ है। श्री गामी ने बताया की उक्त अवसर पर मेहमानों के लिए केवल अल्पहार की व्यवस्था की गयी है। इस विवाह में किसी प्रकार का उपहार स्वीकार नहीं होगा। मेहमानों की उपस्थिति ही वर-वधु के लिए आशीर्वाद होगा। उन्होंने बताया की दहेज़ से ज्यादा मध्यम परिवार आडम्बर से परेशान होते हैं। बड़े लोगों के उच्च शौक का अनुकरण कर सामान्य लोग उस प्रथा निर्वहन में पीस रहें हैं। जैसे लड़का पक्ष अपने पुत्र के विवाह में, बैंड पार्टी, लाइट, डेकोरेशन, पटाखा, घोडा, हाथी जैसे शौक में अधिक खर्च करते हैं, वहीँ लड़की पक्ष के द्वारा अधिक लोगों को खाना खिलाना, बड़ा पंडाल, लाइट, डेकोरेशन में अत्यधिक खर्च किया जाता है, जिसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग उस मंहगा शौक के कारण कर्ज लेकर या जमीन बेच कर पैसे की व्यवस्था करते हैं। विधायक अमरनाथ गामी ने कहा की मेरा यह प्रयास है की बिना दहेज़ और बिना आडम्बर के शादी विवाह संपन्न हो , ताकि समाज में एक गरीब वर्ग भी बिना कर्ज में डूबे शादी विवाह संपंन्न कर पाए।
June 20, 2018

13.06.2018 (दरभंगा) : दरभंगा पुलिस द्वारा रोको टोको अभियान का असर दिखने लगा है। एसएसपी मनोज कुमार ने Crpc की धारा 42 के कठोर अनुपालन का आदेश सभी थाना को दिया है। इस धारा के तहत पुलिस किसी भी ब्यक्ति, जो अपना नाम पता बदलता है या पहचान छुपाता है, पुलिस को उसे अरेस्ट करने का पावर है। एसएसपी ने बताया की पिछले दिनों मुजफ्फरपुर के दो लड़कों को कानूनी कारवाई करते हुए जेल भेजा गया है जो की अकारण दरभंगा में संदिग्ध हालात में घूम रहा था। उसके बारे में पुलिस द्वारा जांच में ये पाया गया की वह मुजफरपुर में बदनाम चरित्र का था। दिनांक 13.06.2018 के क्राइम मीटिंग में एसएसपी श्री कुमार ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि रात्रि में हरेक गस्ती पदाधिकारी एक डायरी रखेंगे। जो भी संदिग्ध व्यक्ति अकारण संदिग्ध हालात में मुहल्लों में घूमता पाया जाए उसे पुलिस स्टेशन लाकर जांच करें। अगर उचित पहचान होती है तो मुक्त करें अथवा गड़बड़ चरित्र का हो तो कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजें। एसएसपी ने बताया की वस्तुतः यह करवाई रात्रि में चोरी, सेंधमारी, नशाखुरानी, और अन्य रात्रि अपराध के रोकथाम के लिए आवश्यक माना गया है। एसएसपी श्री कुमार ने बताया की रात्रि में टास्क एवं टारगेट नही रहने के कारण गस्ती पदाधिकारी गाड़ी में ही सोते रहते है। इसलिए प्रत्येक गस्ती पदाधिकारी के लिए सुबह में यह रिपोर्ट देना आवश्यक है कि उन्होंने रात्रि गस्ती के दौरान कितने संदिग्धों के चरित्र की जांच की। उन्होंने कहा की शिथिल गस्ती पदाधिकारी को विभागीय करवाई और स्पस्टीकरण का सामना करना होगा। उन्होंने बताया की रोको टोको तथा बाइक पेट्रोलिंग का भी असर दिखने लगा है। बाइक सवार चुस्त जवानों ने परसो कई बाइक सवार संदिग्ध लड़कों को खदेड़ कर पकड़ा है।