June 20, 2018
08.06.2018 (दरभंगा) : आधुनिक लाईट से जगमग होगा दरभंगा शहर। नगर विधायक सह बिहार विधानसभा के प्राक्कलन समिति के सभापति संजय सरावगी ने कहा कि भारत सरकार के नेशनल एसएलएनपी एलईडी प्रोग्राम के तहत दरभंगा शहर एलईडी रौशनी से चकाचौंध होगा। दरभंगा शहर के प्रत्येक पोल पर 8872 एलईडी लाईट लगेगी, जिसमें 110 वाट के दो हजार, 70 वाट की पैंतीस सौ, 45 वाट की पच्चीस सौ एवं 190 वाट की चार सौ आधुनिक एलईडी वैपर लाईट लगेगी। आवश्यकतानुसार इसे बढ़ाया भी जाएगा। प्रत्येक 50 लाईट पर सेन्ट्ल कन्ट्रोल मोनेटरिंग सिस्टम लगेगा, जहां बिजली का मिटर एवं वहां से इसको कन्ट्रोल किया जाएगा। विधायक श्री सरावगी ने कहा की भारत सरकार की कम्पनी ईसीसीएल ने इसका निविदा निकाल कर काम भी आवंटन तूल्स्यान इन्टरप्राईजेज, रांची को कर दिया है। जून के अन्तिम सप्ताह में काम प्रारंभ भी हो जाएगा। काम प्रारंभ होने के चार माह के अंदर सभी काम सम्पन्न भी हो जाएगा। राज्य के नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा इस योजना का प्रांरंभ जून के अन्तिम सप्ताह में दरभंगा आकर करेंगे। एजेन्सी को सात साल तक मैंन्टीनेन्स का भी काम करना है। अर्थात सात साल तक इन लाईटों को जलाए रखना एजेन्सी के ज़िम्मे है। नगर विधायक ने बताया कि देश के सभी शहरों को एलईडी लाईट से जगमगाना नरेन्द्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है एवं इस कार्यक्रम के तहत ज्यादा से ज्यादा रौशनी हो एवं कम से कम बिजली की खपत हो, अर्थात बिजली का बिल कम आये इसके लिए नेशनल एसएलएनपी एलईडी प्रोग्राम प्रारंभ किया गया है।
June 20, 2018
02.06.2018 (दरभंगा) : ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी के वी.सी. प्रोo एसo केo सिंह के द्वारा पूर्व से अधिसूचित पत्र को पुनर्जीवित किया गया है, जिसमे शिक्षक, छात्र एवं कर्मचारियों के हित में शिकायत निवारण कोषांग का गठन किया गया है। पीआरओ एनo केo अग्रवाल ने बताया की 2015 से यह नोटिफाई है जिसका इम्प्लीमेंट अब हुआ है। प्रतिकुलपति प्रोफेसर जयगोपाल की अध्यक्षता में कोषांग बना है जिसमे अध्यक्ष, छात्र कल्याण प्रोफेसर भोला चौरसिया, परीक्षा नियंत्रक डॉ कुलानन्द यादव, विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर अरुणिमा सिंह, सदस्य तथा कुलानुशासक प्रोफेसर अजयनाथ झा संयोजक बनाये गए हैं। पीआरओ श्री अग्रवाल ने बताया की सभी शिक्षक, छात्र एवं कर्मचारी अपनी शिकायत / मांगे कोषांग में रखेंगे तथा प्रत्येक दिन 11 बजे से 1 बजे तक प्रतिकुलपति के कार्यालय में समस्याओं की सूनवाई होगी और तदनुसार कार्य होंगे। नियमानुसार सभी कार्य हो, तथा त्वरित गति से शिकायत का निवारण हो, इसके लिए वीoसी प्रोo एसo केo सिंह ने आये दिन होनेवाले समस्याओं के निदान हेतु आवश्यक कदम उठाया है।
June 14, 2018

01.06.2018 (पटना) : स्थानीय कला एवं शिल्प महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस महाविद्यालय के ‘‘प्रथम पूर्ववर्ती विद्यार्थी सम्मेलन" (सी॰ए॰सी॰ एलूमिनि मीट-2018) का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक ने कहा की बिहार में कला एवं शिल्प की विरासत काफी गौरवपूर्ण एवं समृद्ध रही है। पाटलिपुत्र प्राचीन महानगरों के रूप में पूरी दुनियाँ में विख्यात रहा है। ‘पटना कलम’ शैली की भी ख्याति पूरी दुनियाँ में रही है। राज्यपाल श्री मलिक ने कहा कि पटना ‘सुलेख कला’ का भी प्रमुख केन्द्र रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की कला का इतिहास यह बताता है कि सन् 1790 में चित्रकारों का एक दल मुर्शीदाबाद से आकर तत्कालीन बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में बसा। ये चित्रकार यूरोपीय और भारतीय दोनों कला की बारीकियों को समझते थे। मुगल शैली और कंपनी शैली के समन्वय से बनी बिहार की प्रान्तीय कला शैली की शुरूआत बिहार में हुई। कालान्तर में यहाँ ‘पटना कलम’ शैली विकसित हुई, जिसने पूरी दुनियाँ में ख्याति अर्जित की। उन्होंने कहा कि मुखाकृति चित्रण और मुक्त चित्रण दोनों शैलियाँ यहाँ विकसित हुईं। बिहार में यह पहला अवसर था, जब कला दरबारी संस्कृति से मुक्त होकर धीरे-धीरे आम जन-जीवन की ओर भी मुड़ने लगी। राज्यपाल ने कहा कि बिहार की मधुबनी पेंटिंग और मिथिलांचल की भित्ति चित्रण की कला भी काफी आकर्षक एवं विश्वविख्यात है। राज्यपाल श्री मल्लिक ने कहा कि सन् 1939 में स्थापित बिहार एवं झारखंड के एकमात्र इस कला एवं शिल्प महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों ने बिहार एवं भारत को पूरे विश्व में कला की दुनियाँ में काफी प्रतिष्ठा दिलायी है। पूर्ववर्ती छात्रों को इस महाविद्यालय के विकास हेतु बराबर अपने सुझाव देते रहना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों को आदमी कभी नहीं भूलता और इन्हें आजीवन याद रखता है। कॉलेज के दिन दरअसल अविस्मरणीय होते हैं, जिनके आगे आदमी सारी खुशियाँ वार देता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो॰ रासबिहारी प्रसाद सिंह ने कहा कि 70 के दशक में पटना विश्वविद्यालय में शामिल इस महाविद्यालय की कला की दुनियाँ में काफी प्रतिष्ठा है। राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आधुनिक बिहार की ऐतिहासिक विरासतों को प्रदर्शित करने के लिए बिहार संग्रहालय एवं पटना संग्रहालय में विशेष दीर्घाएँ तैयार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कला एवं संस्कृति के विकास हेतु राज्य में बेहतर माहौल बना है और कलाकारों को इससे लाभान्वित होना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुप्रसिद्ध समीक्षक प्रयाग शुक्ल ने कहा कि यह युग छवियों का युग है और इन सभी प्रकार की छवियों को बारीकी से चिन्हित करने की जिम्मेवारी कलाकारों पर आ पड़ी है। कार्यक्रम में स्वागत-भाषण महाविद्यालय के प्राचार्य अजय पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद-ज्ञापन पटना विश्वविद्यालय की प्रतिकुलपति श्रीमती प्रो॰ डॉली सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध कलाकार श्याम शर्मा एवं बिहार संग्रहालय के निदेशक भी उपस्थित थे।
June 14, 2018

31.05.2018 (दरभंगा) : प्रमंडलीय सुचना एवं जन-सम्पर्क कार्यालय में कार्यरत कृष्ण कुमार मल्लिक आज सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर कार्यालयकर्मी द्वारा उन्हें विदाई दी गयी, जिसमे डीपीआरओ कन्हैया कुमार, रमेश कुमार झा, मनीष कुमार आनंद आदि उपस्थित थे। डीपीआरओ कन्हैया कुमार ने बताया की श्री मल्लिक के द्वारा अवकाशोप्रांत कार्यालय में किये गए सकारात्मक कार्य-कलाप, व्यवहार, कुशलता को हमेशा याद किया जायेगा।
June 03, 2018

29.05.2018 (दरभंगा) : आईपीएस मनु महाराज के बाद जिला मुख्यालय के अंतिम छोड़ पर कोशी दियारा क्षेत्र स्थित तिलकेश्वर ओपी का निरिक्षण अगर किसी पुलिस अफसर ने किया तो वो हैं एसएसपी मनोज कुमार। जी हाँ ये वही दियारा क्षेत्र है जहाँ के बारे में एसएसपी मनोज कुमार को सुचना मिली की कुछ किसान डरे-सहमे हुए हैं, मात्र एक सुचना के आधार पर एसएसपी मनोज कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने दल-बल के साथ करीब 25 बाइक पर सवार एक अलग लुक में पुलिस के जवानों के साथ चल पड़े दियारा। एसएसपी श्री कुमार ने बताया की काफी मुश्किल था दियारा पहुंचना। गूगल मैप पर रास्ते को देखा समझा और चल दिए। वहां पहुँच कर प्रखंड प्रमुख, मुखिया तथा फरियादियों से मिले, उनके हरेक बातों को ध्यान से सुना। पहले से क्या बेहतर व्यवस्था हो सकता है इसके लिए ऑन स्पॉट फैसला लिया। एसएसपी श्री मनोज कुमार ने बताया की वहां के थानेदार ने उनको जर्जर मकान स्थित तिलकेश्वर ओपी से अवगत कराया। थानेदार ने बताया की लगभग 1974 से यहाँ पुलिसिंग हो रही है लेकिन समय के हिसाब से सुविधा काफी काम है। एसएसपी ने बताया की नए ओपी के लिए जगह भी चिन्हित कर लिया गया है, बहुत जल्द ही कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा की इसके बाद कुशेश्वरस्थान गए। वहां के लोगों ने एसएसपी को बताया की किसी विशेष दिन को छोड़कर रविवार को अमूमन भीड़ होता है। एसएसपी ने बताया की वहां दूकान थोड़ा अव्यवस्थित है जिसे अतिक्रमण हटाकर व्यवस्थित किया जायेगा। उन्होंने कहा की बिरौल एसएचओ व डीएसपी को ट्रैफिक ट्राली बनवाने को कहा है जिससे भीड़ वाले दिनों में बेहतर पुलिसिंग करने में मदद मिलेगा। किसी पत्रकार ने पूछा की चार जिलों का बॉर्डर है.. जवाब में एसएसपी ने कहा ये और अच्छी बात है अपराधियों को चारों तरफ से घेरकर पकड़ने में सहूलियत होगी। श्री कुमार ने बताया की निरिक्षण के दौरान तिलकेश्वर व कुशेश्वरस्थान में दोनों जगह पूजा अर्चना भी किया। कोशी नदी में पार करते समय जब नाव की रस्सी छूट गयी..इसपर एसएसपी ने कहा की ये एक सबक भी मिला की अगले बार से लाइफ सेविंग जैकेट लेकर जायेंगे। उन्होंने कहा की वहां से लौटने के बाद डीएम साहब को फीड बैक भी दिया है।

आईपीएस मनु महाराज ने बताया की दियारा क्षेत्र का निरिक्षण काफी मुश्किल था। अपराधी को घोड़े से पीछा कर पकड़ा था। एसएसपी श्री महाराज बताते हैं की उस क्षेत्र के लिए घोडा सबसे बेहतर सवारी है।